1मतलब
NITI Aayog के discussion paper के मुताबिक National Multidimensional Poverty Index, Alkire-Foster पद्धति पर 12 संकेतकों से बना है (Global MPI में 10)। इसके अनुमान के मुताबिक भारत में बहुआयामी ग़रीबी 2013-14 के 29.17% से घटकर 2022-23 में 11.28% रही, और लगभग 24.82 करोड़ लोग इससे बाहर निकले; ये दोनों आँकड़े रुझान से निकाले गए अनुमान (projected) हैं।[1]
2तीन क्षेत्र
NITI Aayog के मुताबिक Global MPI तीन क्षेत्रों — स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर — के 10 संकेतकों पर है; National MPI में 12 संकेतक हैं (इनमें maternal health और bank account भी)।
3रोज़ की ज़िंदगी का उदाहरण
4आम ग़लतफ़हमी
5परीक्षा के लिए
6सवाल-जवाब
7जुड़े शब्द
8स्रोत
- NITI Aayog — Discussion Paper: Multidimensional Poverty in India since 2005-06 (दस्तावेज़ पर तारीख़ नहीं; NITI की site पर 2024-01 फ़ोल्डर में) (18 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- Abstract (पन्ना 1)National MPI में 12, Global MPI में 10 संकेतक; 29.17% (2013-14) से 11.28% (2022-23); लगभग 24.82 करोड़ लोग बाहर; UP 5.94, बिहार 3.77, MP 2.30 करोड़
- Introduction (पन्ना 2), पन्ना 4आमदनी वाले माप की सीमाएँ; Global MPI के 3 क्षेत्र; 2013-14 और 2022-23 के आँकड़े रुझान से निकाले अनुमान
9सुधार का इतिहास
- पन्ना बना। NITI Aayog के discussion paper 'Multidimensional Poverty in India since 2005-06' से जाँचा।
पन्ना बना: 18 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 18 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।
यह पन्ना: https://seedhamatlab.com/shabdkosh/multidimensional-poverty/ · आख़िरी जाँच: 18 अक्तू 2026
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