बैंक, UPI, क़र्ज़, साइबर ठगी और क़ानून के 310 ज़रूरी शब्द, सीधी भाषा में। हर शब्द के नीचे उसका सरकारी या आधिकारिक स्रोत।
कोई शब्द समझ नहीं आया? यहाँ उसका सीधा मतलब मिलेगा।इस समय लोग यही पूछ रहे हैं
- Bank को तुरंत बताएं
- 1930 पर report करें
- UTR और proof रखें
Online fraud हो गया, पैसा कट गया? अभी क्या करें
पैसा कटते ही अपने bank को आधिकारिक नंबर या app से बताएं और शिकायत नंबर लें। साइबर financial fraud में 1930 पर तुरंत call करें या cybercrime.gov.in पर report करें। Transaction ID/UTR और सबूत संभालें।
- Call काटें
- पैसे या OTP न दें
- 1930 पर report करें
"डिजिटल अरेस्ट" नाम की कोई चीज़ कानून में है ही नहीं
वीडियो कॉल पर वर्दी, पीछे थाने जैसा कमरा, और "आपके नाम पर पार्सल पकड़ा गया है" — यही पूरा खेल है। भारत में किसी को वीडियो कॉल पर गिरफ़्तार करने का कोई प्रावधान नहीं है।
- OTP न बताएं
- Call काटें
- Official number पर पुष्टि
“Bank से बोल रहा हूँ, OTP बताइए” — call पर OTP माँगा जाए तो क्या करें?
RBI के मुताबिक bank और payment कंपनियाँ password, PIN, OTP या CVV कभी नहीं माँगतीं — bank अधिकारी बनकर भी कोई माँगे तो न दें। Call काटें और bank के official number पर खुद पुष्टि करें।
- Bureau की अपनी site से लें
- साल में 1 बार, चारों से
- PDF संभालकर रखें
अपनी पूरी credit report मुफ़्त में कैसे देखें — साल में एक बार, हर bureau से
RBI के निर्देश के मुताबिक हर credit bureau को साल में एक बार आपको आपकी पूरी credit report, score समेत, मुफ़्त देनी है — और उसका लिंक अपने homepage पर ही दिखाना है। चार bureau हैं, यानी साल में चार मुफ़्त report।
- Bank या bureau से शिकायत
- तारीख़ और number लिखें
- फिर RBI Ombudsman
Credit report की शिकायत किसके पास करें — bank, bureau या RBI? सही क्रम यह है
शिकायत bank के पास भी हो सकती है और bureau के पास भी — bank को 21 दिन, bureau को 30 दिन। 30 दिन से ऊपर गया तो ₹100 रोज़। RBI Ombudsman तक तभी, जब पहले उसी संस्था से शिकायत हो चुकी हो।
- तारीख़ों से हिसाब लगाएं
- रसीद और NOC रखें
- देर हो तो शिकायत करें
Loan चुका दिया, report में कब दिखेगा? bank अब महीने में 4 बार data भेजते हैं
1 जुलाई 2026 से bank महीने की 9, 16, 23 तारीख़ और आख़िरी दिन की स्थिति bureau को भेजते हैं। 9, 16 और 23 वाला data 4 दिन में जाता है, और महीने के आख़िरी दिन वाला अगले महीने की 5 तारीख़ तक। इसीलिए चुकाया हुआ loan report में उसी दिन नहीं दिखता।
- ग्राहक से शुल्क नहीं
- ग़लत forward न भेजें
- अलग fee माँगें तो मना करें
15 अक्टूबर से UPI महँगा हो जाएगा? नहीं — ग्राहक से एक पैसा नहीं लगेगा
₹2,000 से ऊपर के कुछ दुकानदार-भुगतान पर 0.4% MDR लगेगा। NPCI ने 13 अक्टूबर 2026 को बताया कि यह 15 अक्टूबर से नहीं, दिवाली के तुरंत बाद लागू होगा; तारीख़ अलग से बताई जाएगी। MDR दुकानदार की तरफ़ लगने वाला शुल्क है। NPCI के अपने FAQ में साफ़ लिखा है कि ग्राहक से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा — न QR स्कैन पर, न app की तरफ़ से।
- UDGAM पर नाम से खोजें
- उसी bank की शाखा जाएं
- शुल्क माँगें तो मना करें
पुरानी passbook या FD पड़ी है? बैंक का पैसा 10 साल बाद भी आपका ही रहता है
दो साल से ज़्यादा लेनदेन न हो तो खाता inoperative, और दस साल तक दावा न हो तो रक़म unclaimed मानी जाती है। पर वह आपकी ही रहती है। RBI का UDGAM पोर्टल बताता है कि किस बैंक में पड़ी है — और खाता चालू कराने पर बैंक कोई शुल्क नहीं ले सकता।
- Bank से लिखित ब्योरा माँगें
- उसी पुलिस इकाई से संपर्क
- अपने कागज़ संभालें
साइबर शिकायत में खाता freeze हो गया? जो तय है, और जो अब तक तय नहीं
किसी और की धोखाधड़ी का पैसा आपके खाते में आ जाए तो खाता रुक सकता है। इस विषय पर कई बातें अब भी तय नहीं हैं — हाईकोर्ट आपस में बँटे हैं, और RBI Ombudsman इस मामले में काम नहीं आता। पर गृह मंत्रालय के SOP में hold हटाने की शिकायत का तरीक़ा दर्ज है। यह पन्ना वही बताता है जो वाक़ई दर्ज है।
- 30 दिन में निपटारा
- देरी पर ₹100 रोज़
- फिर RBI Ombudsman
CIBIL रिपोर्ट में गलत entry? शिकायत 30 दिन में न निपटे तो ₹100 रोज़ मुआवज़ा
RBI के Credit Information Reporting निर्देश, 2025 के मुताबिक credit report की शिकायत 30 कैलेंडर दिन में निपटनी चाहिए। न निपटे तो हर बीते दिन का ₹100 मुआवज़ा बनता है — और वह रकम निपटारे के 5 कार्यदिवस के अंदर आपके बैंक खाते में आनी चाहिए।
- Ad number पर भरोसा नहीं
- Official site से number
- Screen share कभी नहीं
Search में मिला customer-care number असली है? पहले ये check करें
Search result या ad में दिखा नंबर official होने का सबूत नहीं। CERT-In कहता है: customer-care number कंपनी की अपनी website से लें और किसी अनजान व्यक्ति को screen-sharing access न दें।
- APK install न करें
- Bill official route से check
- Suspicious message report
“बिजली KYC update” वाला WhatsApp APK मिला? Install रोकें
DoT ने बिजली KYC के नाम पर SMS/WhatsApp और malicious APK का scam pattern दर्ज किया है। Bill या connection की स्थिति message के link से नहीं, अपने provider के official channel से check करें।
- Receive ≠ PIN
- QR scan से payment
- App में amount देखें
“Refund receive करने के लिए UPI PIN डालें” — सच क्या है?
NPCI के मुताबिक QR scan और UPI PIN डालना payment के लिए है, पैसा receive करने के लिए नहीं। Refund के बहाने PIN माँगा जाए तो रुकें और app में amount व payee देखें।
- अलग से call करें
- Attachment न चलाएं
- Linked devices check
Boss के WhatsApp से urgent payment message? अलग call पर confirm करें
I4C ने boss/CEO impersonation में compromised WhatsApp account से payment instruction भेजे जाने का pattern बताया है। परिचित account से आए message को भी अलग call पर confirm करें।
- Job offer verify
- Top-up न करें
- Chat proof रखें
“Video like करो, commission लो”—job या task scam कैसे पहचानें?
I4C ने ऐसे task-based job fraud का तरीका बताया है: शुरू में थोड़ा commission, फिर ज़्यादा कमाई खोलने के नाम पर जमा रकम। Job के लिए अपना पैसा लगाना पड़े तो रुकें।
- Call काटें
- Operator से check
- Chakshu report
“TRAI आपकी SIM बंद करेगा”—ऐसी call आए तो क्या करें?
TRAI ने साफ किया है कि उसके नाम से number disconnect करने की धमकी वाले call/message पर भरोसा न करें। अपने mobile operator से अलग official route पर जाँचें।
- Link पर न जाएं
- Official portal खोलें
- Payment से पहले verify
WhatsApp पर “traffic e-challan” link आया? पहले खुद check करें
Fake e-challan के नाम पर आए link से भुगतान शुरू न करें। Ministry का official eChallan portal खुद खोलकर challan details देखें; अनजान APK या payment link से बचें।
- URL / number note
- I4C Report Suspect
- पैसा गया तो 1930
Suspect WhatsApp number का मतलब क्या है — और उसे कहाँ report करें?
Suspect का मतलब है संदिग्ध: वह WhatsApp number, link या phone number जिससे ठगी की कोशिश हुई हो। पैसा नहीं गया तो उसे I4C के Report Suspect में दर्ज करें; पैसा गया हो तो bank और 1930।
- Session बंद करें
- Bank को बताएं
- Access हटाकर जांचें
Screen sharing कैसे बंद करें? ठग को access दे दी हो तो अभी क्या करें
WhatsApp video call में “Stop Sharing” दबाएं और अनजान screen-sharing app को Play Store से uninstall करें। ठग के कहने पर access दी थी तो bank को तुरंत बताएं; पैसा गया हो तो 1930।
- Sanchar Saathi खोलें
- Connections देखें
- Unknown number report
आपके नाम पर कितनी SIM हैं? Sanchar Saathi से check करें
DoT का Sanchar Saathi आपके नाम पर जारी mobile connections देखने और अनजान/अनावश्यक connection report करने की सुविधा देता है। किसी SMS link की जगह official portal खुद खोलें।
- Bank को तुरंत बताएं
- Complaint number रखें
- Cyber fraud: 1930
अनधिकृत लेनदेन? कुछ हालात में 3 कार्यदिवस में बताने पर देनदारी शून्य
RBI के ग्राहक-देनदारी नियम में नुकसान किसका होगा, यह दो बातों से तय होता है — चूक किसकी थी, और आपने कितनी जल्दी बताया। कुछ स्थितियों में 3 कार्यदिवस के भीतर सूचित करने पर ग्राहक की देनदारी शून्य होती है। यह नियम 31 दिसंबर 2026 तक के लेनदेन पर है; 1 जनवरी 2027 से नए नियम में यह समय लेनदेन की तारीख़ से 5 calendar दिन होगा।
- 1 साल+ की policy
- Document मिलने से गिनें
- Company को लिखित request
एक साल या उससे लंबी जीवन बीमा पॉलिसी? 30 दिन का फ्री-लुक समय जाँचें
IRDAI के 2024 मास्टर सर्कुलर के अनुसार एक साल या उससे लंबी जीवन बीमा पॉलिसी के दस्तावेज़ मिलने के बाद 30 दिन का फ्री-लुक समय मिलता है। शर्तें मंज़ूर न हों तो रद्द करने का अनुरोध कर सकते हैं; तय कटौतियाँ लागू होती हैं।
- Official member portal
- Details verify करें
- e-nomination पूरा करें
EPF में e-nomination नहीं है? परिवार के दावे में अतिरिक्त कागज़ और देरी लग सकती है
e-nomination सदस्य पोर्टल पर खुद लगभग 10 मिनट में हो जाता है। न होने पर PF, पेंशन और EDLI बीमा का दावा उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जैसे कागज़ों पर अटक सकता है।
- Seller से लिखित बात
- Proof संभालकर रखें
- NCH: 1915
सामान खराब निकला और दुकानदार टाल रहा है? शिकायत ऑनलाइन दर्ज होती है
पहले राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 पर शिकायत, और बात न बने तो उपभोक्ता आयोग में ऑनलाइन — अब यह e-Jagriti पोर्टल से होता है। वकील और अदालत के चक्कर के बिना।
