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सीधा मतलब

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सवाल-जवाब

जो सवाल सबसे ज़्यादा आते हैं, उनके सीधे जवाब। हर जवाब उसी पोस्ट से जुड़ा है जहाँ स्रोत दर्ज है।

फ़ोन पर कोई कहे कि आप “डिजिटल अरेस्ट” में हैं — क्या करूँ?
कॉल काट दीजिए। भारत के किसी भी कानून में “डिजिटल अरेस्ट” नाम की कोई चीज़ नहीं है, और कोई भी जाँच एजेंसी वीडियो कॉल पर गिरफ़्तार नहीं करती। पैसा भेज चुके हों तो तुरंत 1930 पर कॉल कीजिए और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कीजिए। पूरा तरीका इस पोस्ट में है।
खाते से बिना बताए पैसा कट गया — कितनी देर में बैंक को बताना चाहिए?
जितनी जल्दी हो सके — देरी का सीधा असर आपकी देनदारी पर पड़ता है। RBI के ग्राहक-देनदारी नियम में समय-सीमा के हिसाब से देनदारी तय होती है, और कुछ स्थितियों में तीन कार्यदिवस के भीतर सूचित करने पर ग्राहक की देनदारी शून्य होती है। बैंक को लिखित में सूचित कीजिए और पावती लीजिए। शर्तें और अपवाद इस पोस्ट में दर्ज हैं।
बीमा पॉलिसी गलत बताकर बेच दी गई — वापस हो सकती है?
एक साल या उससे लंबी जीवन बीमा पॉलिसी पर दस्तावेज़ मिलने के बाद 30 दिन का फ्री-लुक समय है। शर्तें मंज़ूर न हों तो रद्द करने का अनुरोध किया जा सकता है; तय कटौतियाँ लागू होती हैं। विस्तार से
EPF में नॉमिनेशन नहीं भरा है तो क्या होगा?
पैसा डूबता नहीं, पर परिवार के दावे में अतिरिक्त कागज़ और देरी लग सकती है — उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जैसी माँग आ सकती है। e-nomination सदस्य पोर्टल पर खुद लगभग 10 मिनट में हो जाता है। तरीका यहाँ
सामान या सेवा खराब निकली — शिकायत कहाँ करूँ?
पहले राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 पर। बात न बने तो उपभोक्ता आयोग में ऑनलाइन — अब यह e-Jagriti पोर्टल से होता है, जो उपभोक्ता मामले मंत्रालय का मंच है। वकील और अदालत के चक्कर ज़रूरी नहीं। पूरा तरीका
WhatsApp पर आया कोई मैसेज या लिंक असली है या नकली — कैसे पहचानूँ?
तीन बातें लगभग हमेशा काम करती हैं: जल्दबाज़ी (“24 घंटे में खाता बंद”), डर या लालच, और लिंक पर जाकर जानकारी माँगना। कोई भी सरकारी विभाग या बैंक OTP, PIN या पूरा कार्ड नंबर नहीं माँगता। शक हो तो मैसेज के लिंक पर मत जाइए — संस्था का आधिकारिक पता खुद टाइप करके खोलिए।
यह डेस्क कौन चलाता है?
यह डेस्क बिना नाम के चलता है — ताकि आप बात को उसके स्रोत से परखें, लिखने वाले के नाम से नहीं। इसीलिए हर पोस्ट के नीचे सरकारी लिंक रहता है। वजह और तरीका हमारे बारे में और स्रोत नीति में लिखा है।
मेरा सवाल यहाँ नहीं है — कहाँ पूछूँ?
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