1नियम क्या कहता है
देनदारी अपने आप शून्य नहीं होती — वह इस पर टिकी है कि चूक किसकी थी और सूचना कितनी जल्दी दी गई।
31 दिसंबर 2026 तक के लेनदेन पर: अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन (जैसे internet banking, mobile banking, card और ATM के लेनदेन) में ग्राहक की देनदारी RBI ने सीमित कर रखी है:
- चूक बैंक की है — तो ग्राहक की देनदारी शून्य, चाहे ग्राहक ने लेनदेन की सूचना दी हो या नहीं।
- चूक न बैंक की है, न ग्राहक की, बल्कि सिस्टम में कहीं और (थर्ड पार्टी) की है — तो बैंक का संदेश मिलने के 3 कार्यदिवस के अंदर सूचना देने पर ग्राहक की देनदारी शून्य।
- ऐसे ही मामले में 4 से 7 कार्यदिवस के बीच सूचना दी — तो खाते के प्रकार के हिसाब से एक सीमित रकम तक देनदारी बनती है।
- 7 कार्यदिवस के बाद बताया — तो बैंक की अपनी मंज़ूर की हुई नीति लागू होगी।
- ग्राहक ने खुद OTP/PIN/पासवर्ड साझा किया — तो रिपोर्ट करने तक का नुकसान ग्राहक का; रिपोर्ट करने के बाद का नुकसान बैंक का।
- शून्य या सीमित देनदारी वाले मामलों में बैंक को, आपके बताने के 10 कार्यदिवस के अंदर, रकम आपके खाते में वापस डालनी है (shadow reversal)।
- ग्राहक की देनदारी साबित करने का ज़िम्मा बैंक पर है।
21 जनवरी 2027 से नए नियम
RBI ने 24 जून 2026 को Responsible Business Conduct Third Amendment Directions, 2026 जारी किए। ये 1 जनवरी 2027 या उसके बाद के electronic बैंकिंग लेनदेन पर लागू होंगे, और ऊपर वाले पुराने पैरा (64 से 76) की जगह लेंगे:
- चूक बैंक की — देनदारी शून्य, चाहे सूचना दी हो या नहीं।
- चूक थर्ड पार्टी की (जैसे payment app, payment aggregator, payment gateway या telecom कंपनी) — लेनदेन की तारीख़ से 5 calendar दिन के अंदर बताने पर देनदारी शून्य; उसके बाद बैंक की नीति से।
- ग्राहक की लापरवाही (जैसे OTP/PIN/पासवर्ड बताना, malicious app download करना, mobile number या email बदलने पर बैंक में update न कराना) — रिपोर्ट करने तक का नुकसान ग्राहक का; रिपोर्ट करने के बाद का बैंक का।
- 4 से 7 कार्यदिवस वाली सीमित देनदारी की तालिका, 10 कार्यदिवस में shadow reversal और 90 दिन वाले नियम हट जाएँगे। बैंक को शिकायत की जाँच करके जवाब घरेलू लेनदेन में 45 और विदेशी (cross-border) लेनदेन में 60 calendar दिन में देना है; रकम मूल तारीख़ से लौटेगी, ब्याज के नुकसान के बिना। Credit card में 5 calendar दिन में shadow reversal।
- छोटी ठगी पर मुआवज़ा: लापरवाही वाली ठगी में कुल नुकसान ₹50,000 तक हो, मामला सच्चा (bona fide) पाया जाए, और आपने 5 calendar दिन के भीतर बैंक और 1930 / cybercrime.gov.in, दोनों पर बताया हो, तो शुद्ध नुकसान का 85% या ₹25,000, जो कम हो। यह व्यक्ति (sole proprietor समेत) को जीवन में एक बार मिलेगा, और 1 जनवरी 2027 से एक साल तक के लेनदेन पर लागू है।
- बैंक ₹500 से ज़्यादा के हर लेनदेन पर तुरंत SMS भेजेगा, और email दिया हो, तो हर लेनदेन पर email। देनदारी साबित करने का ज़िम्मा अब भी बैंक पर है।
3सीधा मतलब
31 दिसंबर 2026 तक के लेनदेन में कार्यदिवस की गिनती बैंक का संदेश मिलने से जुड़ी है। कार्यदिवस आपकी home branch के हिसाब से गिने जाते हैं, और संदेश मिलने का दिन नहीं गिना जाता। 1 जनवरी 2027 से थर्ड पार्टी वाले मामले में 5 calendar दिन लेनदेन की तारीख़ से गिने जाएँगे। दोनों हालात में देर मत कीजिए; बैंक को तुरंत सूचित कीजिए।
4अभी क्या करें
- बैंक के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कीजिए और शिकायत नंबर लिखकर रखिए।
- कार्ड/नेट बैंकिंग ब्लॉक कराइए।
- 1930 पर साइबर शिकायत भी दर्ज कीजिए — दोनों अलग-अलग रास्ते हैं। 1 जनवरी 2027 से मुआवज़े के लिए दोनों जगह 5 calendar दिन के भीतर बताना ज़रूरी है।
- बैंक का जवाब असंतोषजनक हो, या शिकायत के 30 दिन बाद भी जवाब न मिले, तो RBI Ombudsman के CMS पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
5सुधार · 23 सितम्बर 2026
पहले इस लेख में RBI Ombudsman के पास जाने से पहले 90 दिन इंतज़ार करने को कहा गया था। सही प्रक्रिया: बैंक का जवाब असंतोषजनक हो, या शिकायत के 30 दिन में जवाब न मिले, तो CMS पोर्टल पर शिकायत की जा सकती है। 90 दिन का संदर्भ अनधिकृत लेनदेन के निपटारे की अवधि से है।
6सुधार · 7 अक्टूबर 2026
स्रोत बदला गया: पहले यहाँ 2017 के मूल circular का हवाला था। अब यह नियम Reserve Bank of India (Commercial Banks – Responsible Business Conduct) Directions, 2025 (28 November 2025) में है, और लेख की हर बात उसी से दोबारा मिलाई गई है। तीन बातें ठीक की गईं: (1) बैंक की चूक वाले मामले को third party वाले मामले से अलग लिखा; (2) पहले लिखा था कि घड़ी संदेश मिलने के "उसी मिनट" से चलती है, जबकि Directions के मुताबिक संदेश मिलने का दिन गिनती में नहीं आता; (3) उदाहरणों में अब वही नाम हैं, जो Directions में लिखे हैं; UPI का नाम वहाँ अलग से नहीं लिखा है।
7सुधार · 16 अक्टूबर 2026
1 जनवरी 2027 से लागू RBI के नए नियम (Responsible Business Conduct Third Amendment Directions, 2026; RBI/2026-27/167; 24 जून 2026) का हिस्सा जोड़ा गया। पुराने नियम हटाए नहीं गए, उन्हें 31 दिसंबर 2026 तक के लेनदेन के लिए चिह्नित किया गया।
Source check: Reserve Bank of India (Commercial Banks – Responsible Business Conduct) Directions, 2025 — 28 November 2025 के, "Updated as on October 1, 2026" (पैरा 64 से 75); RBI — Integrated Ombudsman Scheme, 2026 (FAQ); 7 Oct 2026. RBI — Responsible Business Conduct Third Amendment Directions, 2026 (24 June 2026; पैरा 3(2), 4(8), नए पैरा 4(20C), 4(26.1A), 76D, 76E, 76K से 76U); 16 Oct 2026. ये Directions commercial banks के लिए हैं। Small Finance Bank, Payments Bank, Regional Rural Bank और Local Area Bank इनमें नहीं आते; उनके लिए RBI के अलग Directions हमने इस लेख के लिए नहीं पढ़े हैं।
8स्रोत — खुद जाँचिए
- RBI — (Commercial Banks – Responsible Business Conduct) Directions, 2025 (Updated as on October 1, 2026) — 31 दिसंबर 2026 तक के लेनदेन के लिए ↗
- RBI — (Commercial Banks – Responsible Business Conduct) Third Amendment Directions, 2026 (RBI/2026-27/167; 24 जून 2026; 1 जनवरी 2027 से) ↗
- RBI शिकायत पोर्टल (CMS) ↗
- RBI — Integrated Ombudsman Scheme, 2026 (FAQ) ↗
- साइबर अपराध शिकायत (1930) ↗
9सुधार का इतिहास
- स्रोत से आख़िरी जाँच
- प्रकाशित
प्रकाशित: 14 सित 2026 · आख़िरी जाँच: 16 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।
यह पन्ना: https://seedhamatlab.com/p/golden-hour-3-din/ · आख़िरी जाँच: 16 अक्तू 2026
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