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सीधा मतलब | Seedha Matlab

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शब्द · क़र्ज़✓ स्रोत से जाँचा · 7 Oct 2026

Credit Card

पहले से मंज़ूर credit limit वाला payment card · क्रेडिट कार्ड

एक लाइन में

Credit card एक payment card है, जिसके साथ bank पहले से एक credit limit मंज़ूर करता है। इस limit के भीतर आप सामान और सेवाएँ ख़रीद सकते हैं या नक़द निकाल सकते हैं, और रकम bill आने पर चुकाते हैं।

Bill चुकाने के लिएकम से कम 1 पखवाड़ाब्याज शुरू होने से पहले
Late fee कब3 दिन के बाद हीdue date के बाद 3 दिन से ज़्यादा बकाया रहे, तब
Card बंद करने की अर्ज़ी7 working दिनदेरी पर ₹500 रोज़ आपको
बिना माँगे cardसख़्त मनाबिना सहमति चालू होकर bill आए, तो दोगुना जुर्माना

मतलब

RBI के निर्देशों के मुताबिक credit card एक physical या virtual payment instrument है, जो पहले से मंज़ूर revolving credit limit के साथ जारी होता है। इससे सामान और सेवाएँ ख़रीदी जा सकती हैं, या cash advance लिया जा सकता है।[1]

Credit limit वह सबसे बड़ी रकम है, जो bank तय करके cardholder को बताता है। Debit card इससे अलग है: वह आपके Savings या Current खाते से जुड़ा होता है।[1]

इस पन्ने की बातें RBI के उन निर्देशों से हैं, जो commercial banks पर लागू होते हैं।[1]

इसका मतलब आपके लिए क्या है

  • बिना माँगे card नहीं: बिना माँगे card जारी करना, या आपकी सहमति के बिना card upgrade करना सख़्त मना है। ऐसा card आपकी साफ़ सहमति के बिना activate हो जाए और उसका bill आए, तो bank को charge तुरंत वापस करना है, और वापस की गई रकम का दोगुना जुर्माना आपको देना है।[1]
  • चुकाने के लिए कम से कम एक पखवाड़ा: bank को bill भेजने में देरी नहीं करनी है, और ब्याज शुरू होने से पहले आपको भुगतान के लिए कम से कम एक पखवाड़ा मिलना चाहिए।[1]
  • 3 दिन के बाद ही late fee: bank late payment charge तभी लगा सकता है, और खाते को CIC के पास 'past due' तभी report कर सकता है, जब खाता 3 दिन से ज़्यादा 'past due' रहे। ऐसा होने पर देरी के दिन और late payment charge, bill में लिखी payment due date से गिने जाते हैं।[1]
  • Limit से ज़्यादा ख़र्च सिर्फ़ आपकी सहमति से: आपकी साफ़ सहमति के बिना bank न overlimit सुविधा दे सकता है, न overlimit charge लगा सकता है।[1]
  • Charge बदलने से पहले एक महीने की सूचना: charges में बदलाव आगे की तारीख़ से ही लागू होगा, और कम से कम एक महीने पहले बताना होगा। बदलाव आपके नुक़सान का हो, तो आप बकाया चुकाकर, बिना किसी अतिरिक्त charge के, card लौटा सकते हैं।[1]

Bill कैसे बनता है

पूरा बकाया due date तक चुकाने पर ही interest-free period मिलता है।

  • Billing cycle: दो लगातार bills की closing dates के बीच का तय समय।[1]
  • Total Amount Due: billing cycle के अंत में बने statement के मुताबिक चुकाई जाने वाली कुल रकम।[1]
  • Minimum Amount Due: कुल bill का वह कम से कम हिस्सा, जो चुकाने पर bill overdue नहीं माना जाता।[1]
  • सिर्फ़ minimum चुकाने का नतीजा: हर bill पर यह चेतावनी होनी चाहिए कि हर महीने सिर्फ़ minimum चुकाने से भुगतान महीनों या बरसों तक खिंचता है, और बकाया पर compound ब्याज लगता है।[1]
  • अधूरा भुगतान: पूरा बकाया due date तक न चुकाया जाए, तो interest-free period ख़त्म हो जाता है, और बकाया रकम पर transaction की तारीख़ से ब्याज लग सकता है।[1]
  • ब्याज सिर्फ़ बकाया रकम पर: ब्याज और late fee बकाया रकम पर ही लगते हैं, पूरे Total Amount Due पर नहीं।[1]
  • Billing cycle बदलना: आपको कम से कम एक बार billing cycle बदलने का विकल्प मिलना चाहिए।[1]

Card बंद करना

  • सारा बकाया चुका दिया हो, तो bank को card बंद करने की अर्ज़ी 7 working दिन में पूरी करनी है।[1]
  • अर्ज़ी के लिए कई रास्ते मिलने चाहिए, जैसे helpline, email, IVR, website पर साफ़ दिखता link, internet banking और mobile app। Bank डाक से अर्ज़ी भेजने पर ज़ोर नहीं दे सकता।[1]
  • Card एक साल से ज़्यादा इस्तेमाल न हो, तो bank आपको सूचना देकर उसे बंद करने की प्रक्रिया शुरू करता है। 30 दिन में जवाब न आए, तो card खाता बंद कर दिया जाता है, बशर्ते सारा बकाया चुका दिया गया हो।[1]
  • Card बंद होने के बाद खाते में कोई रकम जमा बची हो, तो वह आपके bank खाते में भेजी जाती है।[1]

आम ग़लतफ़हमी

✕ ग़लतफ़हमी"हर महीने minimum amount चुका दिया, तो ब्याज नहीं लगेगा।"
✓ सचनहीं। Minimum Amount Due चुकाने से bill सिर्फ़ overdue नहीं माना जाता। पूरा बकाया due date तक न चुकाया जाए, तो interest-free period ख़त्म हो जाता है, और बकाया रकम पर transaction की तारीख़ से ब्याज लग सकता है।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"'No-cost EMI' में ब्याज होता ही नहीं।"
✓ सचRBI के निर्देशों के मुताबिक bank को EMI में बदलने से पहले मूल रकम, ब्याज और merchant या bank की दी हुई upfront छूट साफ़ बतानी है, और इन्हें bill में अलग दिखाना है। ब्याज वाली EMI को zero-interest या no-cost EMI का रूप नहीं दिया जा सकता।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"Due date के अगले ही दिन late fee लगेगी और report ख़राब होगी।"
✓ सचBank late payment charge तभी लगा सकता है, और खाते को CIC के पास 'past due' तभी report कर सकता है, जब खाता 3 दिन से ज़्यादा 'past due' रहे।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"Bank जब चाहे मेरी credit limit बढ़ा सकता है।"
✓ सचनहीं। Bank अपनी तरफ़ से card upgrade नहीं कर सकता और credit limit नहीं बढ़ा सकता; इसके लिए आपकी साफ़ सहमति ज़रूरी है। Limit घटाई जाए, तो bank को आपको बताना है।[1]

आपका अधिकार

Card बंद करने की अर्ज़ी 7 working दिन में पूरी न हो, और खाते में कोई बकाया न हो, तो bank को देरी के हर calendar दिन के ₹500 आपको देने हैं।[1]
  • ग़लत bill: आप किसी bill पर आपत्ति करें, तो bank को 30 दिन के भीतर सफ़ाई और, जहाँ लागू हो, दस्तावेज़ी सबूत देना है।[1]
  • Fraud का विवाद: जिस transaction को आपने 'fraud' कहकर विवादित किया है, उस पर विवाद सुलझने तक कोई charge नहीं लगेगा।[1]
  • वसूली में धमकी नहीं: bank या उसके agent वसूली के लिए किसी को डरा-धमका या परेशान नहीं कर सकते, सबके सामने अपमानित नहीं कर सकते, और आपके परिवार या दोस्तों की निजता में दख़ल नहीं दे सकते।[1]
  • संपर्क का समय: bank के प्रतिनिधि ग्राहकों से सिर्फ़ सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे के बीच संपर्क कर सकते हैं।[1]
  • RBI Ombudsman: bank 30 दिन में जवाब न दे, शिकायत ख़ारिज कर दे, या आप उसके जवाब से संतुष्ट न हों, तो आप cms.rbi.org.in पर RBI Ombudsman के पास शिकायत कर सकते हैं।[1]

अभी क्या करें

  • बिना माँगे card आए, तो उसे activate मत कीजिए, और OTP या किसी और तरीक़े से activation की सहमति मत दीजिए। सहमति न मिलने पर bank को 7 working दिन में card खाता बिना किसी ख़र्च के बंद करना है।[1]
  • Card खो जाए, तो तुरंत bank को बताइए। Bank को बताते ही card block करना है, और block की पुष्टि आपको भेजनी है। इसके लिए bank को 24x7 रास्ते देने हैं।[1]
  • Bill सिर्फ़ उन्हीं तरीक़ों से चुकाइए, जो bank ने अपनी website और bill में बताए हैं।[1]
  • PIN कहीं ऐसे मत लिखिए कि कोई और उसे पढ़ या समझ सके।[1]
  • Refund की रकम card खाते में जमा पड़ी हो और आप उसे अपने bank खाते में चाहते हों, तो bank से कहिए; उसे यह रकम 3 working दिन में भेजनी है।[1]

सवाल-जवाब

Credit card और debit card में क्या फ़र्क़ है?RBI के निर्देशों के मुताबिक credit card पहले से मंज़ूर revolving credit limit के साथ जारी होता है। Debit card आपके Savings या Current खाते से जुड़ा होता है।
Minimum Amount Due क्या है?यह कुल bill का वह कम से कम हिस्सा है, जो चुकाने पर bill overdue नहीं माना जाता। RBI के निर्देशों के मुताबिक हर bill पर यह चेतावनी होनी चाहिए कि हर महीने सिर्फ़ minimum चुकाने से भुगतान महीनों या बरसों तक खिंचता है, और बकाया पर compound ब्याज लगता है।
Interest-free period कब मिलता है?यह transaction की तारीख़ से payment due date तक का समय है, और तभी मिलता है, जब पूरा बकाया due date तक चुका दिया जाए। पिछले महीने के bill की कोई रकम बाक़ी हो, तो interest-free period रुक जाता है।
Credit card बंद कराने में कितना समय लगता है?सारा बकाया चुका दिया हो, तो bank को अर्ज़ी 7 working दिन में पूरी करनी है। इसमें देरी हो और खाते में कोई बकाया न हो, तो bank को देरी के हर calendar दिन के ₹500 आपको देने हैं।
बिना माँगे credit card आ जाए, तो क्या करूँ?उसे activate मत कीजिए, और OTP या किसी और तरीक़े से activation की सहमति मत दीजिए। सहमति न मिलने पर bank को 7 working दिन में card खाता बिना किसी ख़र्च के बंद करना है, और आपको इसकी सूचना देनी है।
Card एक साल तक इस्तेमाल न करूँ, तो क्या होगा?Card एक साल से ज़्यादा इस्तेमाल न हो, तो bank आपको सूचना देकर उसे बंद करने की प्रक्रिया शुरू करता है। 30 दिन में आपका जवाब न आए, तो card खाता बंद कर दिया जाता है, बशर्ते सारा बकाया चुका दिया गया हो।
Add-on card का बकाया कौन चुकाएगा?RBI के निर्देशों के मुताबिक बकाये की ज़िम्मेदारी सिर्फ़ principal cardholder की है, add-on cardholder की नहीं।
क्या default की जानकारी CIC को भेजने से पहले मुझे बताया जाएगा?हाँ। Bank को default की स्थिति CIC को report करने से पहले cardholder को सूचना देनी है। Report होने के बाद आप बकाया चुका दें, तो bank को 30 दिन के भीतर CIC के पास स्थिति update करनी है।

जुड़े शब्द

स्रोत

  1. RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Credit Cards and Debit Cards: Issuance and Conduct) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/155; Updated as on October 1, 2026) ↗जारी: 28 नव 2025किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 3ये निर्देश commercial banks पर लागू हैं
    • पैरा 5credit card, credit limit, debit card, billing cycle, interest-free period, Minimum Amount Due और Total Amount Due की परिभाषाएँ
    • पैरा 11(4) और 11(9)बिना माँगे card मना; दोगुना जुर्माना; activate न करें, 7 working दिन में बंद; संपर्क सुबह 10 से शाम 7 बजे के बीच
    • पैरा 12(3) और 12(5)EMI में ब्याज और छूट साफ़ बताना; limit से ज़्यादा ख़र्च सिर्फ़ सहमति से
    • पैरा 18add-on card के बकाये की ज़िम्मेदारी
    • पैरा 19, 20 और 21card बंद करने के 7 working दिन; ₹500 रोज़; एक साल इस्तेमाल न हो, तो; बची हुई जमा रकम
    • पैरा 23(3), (5), (6), (7)minimum चुकाने की चेतावनी; interest-free period का रुकना; 3 दिन से ज़्यादा 'past due'; ब्याज सिर्फ़ बकाया रकम पर; charge बदलने की एक महीने की सूचना
    • पैरा 24, 25, 26, 27, 29 और 31चुकाने के लिए एक पखवाड़ा; ग़लत bill पर 30 दिन; भुगतान के तरीक़े; fraud विवाद पर charge नहीं; billing cycle बदलना; refund 3 working दिन में
    • पैरा 34 और 36limit अपनी तरफ़ से नहीं बढ़ेगी; default report करने से पहले सूचना; 30 दिन में update
    • पैरा 39वसूली में धमकी और उत्पीड़न मना
    • पैरा 68, 69, 70 और 80खोया card तुरंत block; 24x7 रास्ते; block की पुष्टि; PIN न लिखना
    • पैरा 8530 दिन बाद RBI Ombudsman

सुधार का इतिहास

  • पन्ना बना। RBI के Commercial Banks – Credit Cards and Debit Cards: Issuance and Conduct Directions, 2025 से जाँचा; ये 1 अक्टूबर 2026 तक update हैं।

पन्ना बना: 07 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 07 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।