1मतलब
RBI के निर्देशों के मुताबिक credit card एक physical या virtual payment instrument है, जो पहले से मंज़ूर revolving credit limit के साथ जारी होता है। इससे सामान और सेवाएँ ख़रीदी जा सकती हैं, या cash advance लिया जा सकता है।[1]
Credit limit वह सबसे बड़ी रकम है, जो bank तय करके cardholder को बताता है। Debit card इससे अलग है: वह आपके Savings या Current खाते से जुड़ा होता है।[1]
इस पन्ने की बातें RBI के उन निर्देशों से हैं, जो commercial banks पर लागू होते हैं।[1]
2इसका मतलब आपके लिए क्या है
- बिना माँगे card नहीं: बिना माँगे card जारी करना, या आपकी सहमति के बिना card upgrade करना सख़्त मना है। ऐसा card आपकी साफ़ सहमति के बिना activate हो जाए और उसका bill आए, तो bank को charge तुरंत वापस करना है, और वापस की गई रकम का दोगुना जुर्माना आपको देना है।[1]
- चुकाने के लिए कम से कम एक पखवाड़ा: bank को bill भेजने में देरी नहीं करनी है, और ब्याज शुरू होने से पहले आपको भुगतान के लिए कम से कम एक पखवाड़ा मिलना चाहिए।[1]
- 3 दिन के बाद ही late fee: bank late payment charge तभी लगा सकता है, और खाते को CIC के पास 'past due' तभी report कर सकता है, जब खाता 3 दिन से ज़्यादा 'past due' रहे। ऐसा होने पर देरी के दिन और late payment charge, bill में लिखी payment due date से गिने जाते हैं।[1]
- Limit से ज़्यादा ख़र्च सिर्फ़ आपकी सहमति से: आपकी साफ़ सहमति के बिना bank न overlimit सुविधा दे सकता है, न overlimit charge लगा सकता है।[1]
- Charge बदलने से पहले एक महीने की सूचना: charges में बदलाव आगे की तारीख़ से ही लागू होगा, और कम से कम एक महीने पहले बताना होगा। बदलाव आपके नुक़सान का हो, तो आप बकाया चुकाकर, बिना किसी अतिरिक्त charge के, card लौटा सकते हैं।[1]
3Bill कैसे बनता है
पूरा बकाया due date तक चुकाने पर ही interest-free period मिलता है।
- Billing cycle: दो लगातार bills की closing dates के बीच का तय समय।[1]
- Total Amount Due: billing cycle के अंत में बने statement के मुताबिक चुकाई जाने वाली कुल रकम।[1]
- Minimum Amount Due: कुल bill का वह कम से कम हिस्सा, जो चुकाने पर bill overdue नहीं माना जाता।[1]
- सिर्फ़ minimum चुकाने का नतीजा: हर bill पर यह चेतावनी होनी चाहिए कि हर महीने सिर्फ़ minimum चुकाने से भुगतान महीनों या बरसों तक खिंचता है, और बकाया पर compound ब्याज लगता है।[1]
- अधूरा भुगतान: पूरा बकाया due date तक न चुकाया जाए, तो interest-free period ख़त्म हो जाता है, और बकाया रकम पर transaction की तारीख़ से ब्याज लग सकता है।[1]
- ब्याज सिर्फ़ बकाया रकम पर: ब्याज और late fee बकाया रकम पर ही लगते हैं, पूरे Total Amount Due पर नहीं।[1]
- Billing cycle बदलना: आपको कम से कम एक बार billing cycle बदलने का विकल्प मिलना चाहिए।[1]
4Card बंद करना
- सारा बकाया चुका दिया हो, तो bank को card बंद करने की अर्ज़ी 7 working दिन में पूरी करनी है।[1]
- अर्ज़ी के लिए कई रास्ते मिलने चाहिए, जैसे helpline, email, IVR, website पर साफ़ दिखता link, internet banking और mobile app। Bank डाक से अर्ज़ी भेजने पर ज़ोर नहीं दे सकता।[1]
- Card एक साल से ज़्यादा इस्तेमाल न हो, तो bank आपको सूचना देकर उसे बंद करने की प्रक्रिया शुरू करता है। 30 दिन में जवाब न आए, तो card खाता बंद कर दिया जाता है, बशर्ते सारा बकाया चुका दिया गया हो।[1]
- Card बंद होने के बाद खाते में कोई रकम जमा बची हो, तो वह आपके bank खाते में भेजी जाती है।[1]
5आम ग़लतफ़हमी
6आपका अधिकार
- ग़लत bill: आप किसी bill पर आपत्ति करें, तो bank को 30 दिन के भीतर सफ़ाई और, जहाँ लागू हो, दस्तावेज़ी सबूत देना है।[1]
- Fraud का विवाद: जिस transaction को आपने 'fraud' कहकर विवादित किया है, उस पर विवाद सुलझने तक कोई charge नहीं लगेगा।[1]
- वसूली में धमकी नहीं: bank या उसके agent वसूली के लिए किसी को डरा-धमका या परेशान नहीं कर सकते, सबके सामने अपमानित नहीं कर सकते, और आपके परिवार या दोस्तों की निजता में दख़ल नहीं दे सकते।[1]
- संपर्क का समय: bank के प्रतिनिधि ग्राहकों से सिर्फ़ सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे के बीच संपर्क कर सकते हैं।[1]
- RBI Ombudsman: bank 30 दिन में जवाब न दे, शिकायत ख़ारिज कर दे, या आप उसके जवाब से संतुष्ट न हों, तो आप cms.rbi.org.in पर RBI Ombudsman के पास शिकायत कर सकते हैं।[1]
7अभी क्या करें
- बिना माँगे card आए, तो उसे activate मत कीजिए, और OTP या किसी और तरीक़े से activation की सहमति मत दीजिए। सहमति न मिलने पर bank को 7 working दिन में card खाता बिना किसी ख़र्च के बंद करना है।[1]
- Card खो जाए, तो तुरंत bank को बताइए। Bank को बताते ही card block करना है, और block की पुष्टि आपको भेजनी है। इसके लिए bank को 24x7 रास्ते देने हैं।[1]
- Bill सिर्फ़ उन्हीं तरीक़ों से चुकाइए, जो bank ने अपनी website और bill में बताए हैं।[1]
- PIN कहीं ऐसे मत लिखिए कि कोई और उसे पढ़ या समझ सके।[1]
- Refund की रकम card खाते में जमा पड़ी हो और आप उसे अपने bank खाते में चाहते हों, तो bank से कहिए; उसे यह रकम 3 working दिन में भेजनी है।[1]
8सवाल-जवाब
9जुड़े शब्द
10स्रोत
- RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Credit Cards and Debit Cards: Issuance and Conduct) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/155; Updated as on October 1, 2026) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 3ये निर्देश commercial banks पर लागू हैं
- पैरा 5credit card, credit limit, debit card, billing cycle, interest-free period, Minimum Amount Due और Total Amount Due की परिभाषाएँ
- पैरा 11(4) और 11(9)बिना माँगे card मना; दोगुना जुर्माना; activate न करें, 7 working दिन में बंद; संपर्क सुबह 10 से शाम 7 बजे के बीच
- पैरा 12(3) और 12(5)EMI में ब्याज और छूट साफ़ बताना; limit से ज़्यादा ख़र्च सिर्फ़ सहमति से
- पैरा 18add-on card के बकाये की ज़िम्मेदारी
- पैरा 19, 20 और 21card बंद करने के 7 working दिन; ₹500 रोज़; एक साल इस्तेमाल न हो, तो; बची हुई जमा रकम
- पैरा 23(3), (5), (6), (7)minimum चुकाने की चेतावनी; interest-free period का रुकना; 3 दिन से ज़्यादा 'past due'; ब्याज सिर्फ़ बकाया रकम पर; charge बदलने की एक महीने की सूचना
- पैरा 24, 25, 26, 27, 29 और 31चुकाने के लिए एक पखवाड़ा; ग़लत bill पर 30 दिन; भुगतान के तरीक़े; fraud विवाद पर charge नहीं; billing cycle बदलना; refund 3 working दिन में
- पैरा 34 और 36limit अपनी तरफ़ से नहीं बढ़ेगी; default report करने से पहले सूचना; 30 दिन में update
- पैरा 39वसूली में धमकी और उत्पीड़न मना
- पैरा 68, 69, 70 और 80खोया card तुरंत block; 24x7 रास्ते; block की पुष्टि; PIN न लिखना
- पैरा 8530 दिन बाद RBI Ombudsman
11सुधार का इतिहास
- पन्ना बना। RBI के Commercial Banks – Credit Cards and Debit Cards: Issuance and Conduct Directions, 2025 से जाँचा; ये 1 अक्टूबर 2026 तक update हैं।
पन्ना बना: 07 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 07 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।