1मतलब
RBI Ombudsman वह अधिकारी है, जिसे RBI नियुक्त करता है, ताकि वह RBI के नियमों में आने वाली संस्थाओं के ग्राहकों की "सेवा में कमी" की शिकायतें जाँचे और निपटाए।[1]
यह व्यवस्था Reserve Bank – Integrated Ombudsman Scheme, 2026 (RB-IOS, 2026) के तहत चलती है। यह scheme 1 जुलाई 2026 से लागू है और 2021 वाली scheme की जगह आई है।[1]
"सेवा में कमी" का मतलब है किसी ऐसी सेवा में कमी या ख़ामी, जो संस्था को क़ानून के तहत या वैसे देनी होती है। इससे पैसों का नुकसान हुआ हो, यह ज़रूरी नहीं।[1]
2इसका मतलब आपके लिए क्या है
- पहले अपने bank से शिकायत कीजिए: 30 दिन में जवाब न मिले, या जवाब से आप संतुष्ट न हों, तब RBI Ombudsman के पास जा सकते हैं। RBI, NPCI या card network के नियमों में उस मामले के लिए 30 दिन से ज़्यादा समय तय हो, तो वही समय लागू होगा।[1]
- शिकायत मुफ़्त है: न शिकायत करने का शुल्क है, न उसे सुलझाने का। किसी agency के पास जाने या fees देने की ज़रूरत नहीं।[1]
- किसी ख़ास दफ़्तर के पास जाने की ज़रूरत नहीं: शिकायत किस दफ़्तर को जाएगी, यह RBI की अंदरूनी व्यवस्था तय करती है।[1]
3शिकायत कैसे करें
Bank से पहले शिकायत किए बिना, या उसके सबूत के बिना की गई शिकायत नहीं सुनी जाती।
- शिकायत के तीन तरीक़े हैं: online cms.rbi.org.in पर; e-mail से [email protected] पर; या दस्तख़त किया हुआ complaint form और दस्तावेज़ इस पते पर भेजकर: Centralised Receipt and Processing Centre, Reserve Bank of India, Central Vista, Sector 17, Chandigarh - 160017।[1]
- शिकायत 90 दिन के अंदर करनी होती है। ये 90 दिन ऊपर की समय-सीमा पूरी होने से, या bank के आख़िरी जवाब से गिने जाते हैं, जो भी बाद में हो।[1]
- शिकायत में ये देने होते हैं: आपका नाम, mobile number और पूरा पता; bank का नाम और शाखा; bank को की गई शिकायत का number, तारीख़ और copy; खाते, card, loan या transaction का ब्योरा; bank का जवाब, अगर मिला हो; पूरा घटनाक्रम, नुकसान और आप क्या राहत चाहते हैं; और सबूत के दस्तावेज़।[1]
- शिकायत दर्ज होने पर complaint number मिलता है। उस number और mobile number से CMS portal पर status देखा जा सकता है।[1]
4शिकायत के बाद क्या होता है
- पहले देखा जाता है कि शिकायत scheme के तहत ली जा सकती है या नहीं। ली जा सकती है, तो वह bank को जवाब के लिए भेजी जाती है।[1]
- Bank को 15 दिन के अंदर लिखित जवाब और दस्तावेज़ देने होते हैं। Bank लिखकर माँगे, तो Ombudsman का दफ़्तर और समय दे सकता है।[2]
- Bank जवाब न दे, तो RBI Ombudsman उपलब्ध दस्तावेज़ों के आधार पर एकतरफ़ा कार्यवाही करके Award दे सकता है।[2]
- नतीजा तीन तरह का हो सकता है: समझौता (दोनों पक्षों की सहमति से हल); Award (सेवा में कमी मिले, तो bank को कोई कदम उठाने या मुआवज़ा देने का निर्देश); या शिकायत ख़ारिज, कारण बताकर।[1]
- ज़रूरी लगे, तो समझौते की बैठक (conciliation meeting) होती है। इसमें पक्ष ख़ुद जाकर या online शामिल हो सकते हैं; तरीक़ा Ombudsman का दफ़्तर तय करता है।[1]
- Award से पहले दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का मौक़ा मिलता है, बोलकर या लिखकर।[2]
5Award मिले तो
- 30 दिन के अंदर स्वीकार कीजिए: Award की copy मिलने के 30 दिन के अंदर आपको bank को लिखकर देना होता है कि आप Award को अपने दावे के पूरे और आख़िरी निपटारे के तौर पर स्वीकार करते हैं। ऐसा न करने पर Award ख़त्म हो जाता है। Appeal की हो, तो यह पत्र नहीं देना होता।[2]
- Bank के पास भी 30 दिन: आपकी स्वीकृति का पत्र मिलने के 30 दिन के अंदर bank को Award का पालन करना होता है, या appeal करनी होती है।[2]
- Appeal: Award से असंतुष्ट हों, तो Award मिलने के 30 दिन के अंदर Appellate Authority के पास appeal कर सकते हैं। देर की पर्याप्त वजह हो, तो Appellate Authority 30 दिन तक और दे सकता है।[2]
6कौन-सी शिकायतें नहीं सुनी जातीं
RBI के मुताबिक ऐसी शिकायतें शुरू में ही, या जाँच के किसी भी मोड़ पर ख़ारिज की जा सकती हैं। सूची लंबी है; उसमें से कुछ:[1]
- Bank से पहले शिकायत नहीं की, या उसका सबूत नहीं है।
- शिकायत सीधे RBI Ombudsman को नहीं लिखी; RBI को सिर्फ़ copy में रखा।
- शिकायत वकील के ज़रिए की गई, जबकि वकील ख़ुद पीड़ित नहीं है।
- वही शिकायत किसी अदालत, tribunal या arbitrator के पास चल रही है, या वहाँ गुण-दोष पर निपट चुकी है। आपराधिक मुक़दमा या पुलिस जाँच चल रही हो, तो उसे "वही शिकायत" नहीं माना जाता।
- Bank ने वह कदम किसी न्यायिक या अर्ध-न्यायिक संस्था, वैधानिक संस्था या क़ानून लागू करने वाली एजेंसी के आदेश का पालन करते हुए उठाया।
- मामला bank के कारोबारी फ़ैसले (commercial judgment or decision) का है।
- शिकायत bank के management या अफ़सरों के ख़िलाफ़ है।
- शिकायत ऐसी है, जिसका उपाय Credit Information Companies (Regulation) Act, 2005 की धारा 18 में दिया गया है।
- शिकायत अपमानजनक, फ़िज़ूल या तंग करने वाली है।
7आम ग़लतफ़हमी
8आपका अधिकार
- विवाद की रक़म की कोई सीमा नहीं है। शिकायत से जुड़े नुकसान (consequential loss) के लिए ₹30 लाख तक, और आपके समय, ख़र्च और मानसिक परेशानी के लिए ₹3 लाख तक मुआवज़ा दिया जा सकता है।[2]
- शिकायत आप किसी भी समय वापस ले सकते हैं।[1]
9अभी क्या करें
- Bank से शिकायत करते ही उसका number और तारीख़ लिख लीजिए, और शिकायत की copy रख लीजिए।[1]
- तारीख़ों पर नज़र रखिए: 90 दिन के बाद की गई शिकायत नहीं सुनी जाती।[1]
- शिकायत का तरीक़ा या status पूछना हो, तो toll-free 14448 पर call कर सकते हैं। शिकायत phone पर दर्ज नहीं होती।[1]
- कोई Ombudsman के नाम पर fees माँगे, तो मत दीजिए। शिकायत मुफ़्त है।[1]
10सवाल-जवाब
11जुड़े शब्द
पूरा लेख: Credit report की शिकायत किसके पास करें — bank, bureau या RBI? सही क्रम यह है
12स्रोत
- RBI — Frequently Asked Questions: Reserve Bank - Integrated Ombudsman Scheme, 2026 (37 सवाल) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- Q1scheme 1 जुलाई 2026 से लागू; 2021 वाली scheme की जगह; पुरानी शिकायतें 2021 वाली scheme से
- Q4, Q5RBI Ombudsman कौन है; 'सेवा में कमी' का मतलब
- Q9, Q12शिकायत के तीन तरीक़े; किसी ख़ास दफ़्तर के पास जाने की ज़रूरत नहीं
- Q10, Q11, Q1914448; phone पर शिकायत दर्ज नहीं होती; complaint number और mobile number से status
- Q13किन संस्थाओं की शिकायत हो सकती है
- Q16कौन-सी शिकायतें नहीं सुनी जातीं (पूरी सूची)
- Q17पहले bank से शिकायत; 30 दिन, या RBI, NPCI, card network का तय समय, जो ज़्यादा हो; फिर 90 दिन के अंदर
- Q18शिकायत में क्या-क्या देना होता है
- Q20, Q21प्रतिनिधि लिखित में अधिकृत, वकील नहीं; कोई शुल्क नहीं, agency की ज़रूरत नहीं
- Q24, Q25शिकायत के बाद का क्रम; नतीजे के तीन रूप; conciliation meeting ख़ुद जाकर या online
- Q31appeal सिर्फ़ Award के ख़िलाफ़
- Q34शिकायत किसी भी समय वापस ली जा सकती है
- RBI — Reserve Bank – Integrated Ombudsman Scheme, 2026 (scheme का पूरा पाठ; 1 जुलाई 2026 से लागू) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- खंड 3(1)(a)Appellate Authority: Consumer Education and Protection Department के प्रभारी Executive Director
- खंड 8(3)विवाद की रक़म की सीमा नहीं; consequential loss के लिए ₹30 लाख तक; समय, ख़र्च, मानसिक परेशानी के लिए ₹3 लाख तक
- खंड 14(2), 14(3)bank 15 दिन में लिखित जवाब दे; न दे तो एकतरफ़ा कार्यवाही और Award
- खंड 15(1)Award से पहले दोनों पक्षों को सुनवाई का मौक़ा, बोलकर या लिखकर
- खंड 15(4), 15(5)30 दिन में स्वीकृति का पत्र न देने पर Award ख़त्म; bank 30 दिन में पालन करे या appeal
- खंड 17(1), 17(3), 17(5)जवाब न देने पर बने Award पर bank की appeal नहीं; शिकायतकर्ता की appeal 30 दिन में, 30 दिन और मिल सकते हैं; Appellate Authority के विकल्प
13सुधार का इतिहास
- पन्ना बना। RBI के FAQ (RB-IOS, 2026; 37 सवाल) और Reserve Bank – Integrated Ombudsman Scheme, 2026 के पूरे पाठ से जाँचा।
पन्ना बना: 07 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 07 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।