1मतलब
Credit report का पूरा नाम Credit Information Report (CIR) है। इसे Credit Information Company (CIC) बनाती है। RBI के निर्देशों के मुताबिक CIR में उन loans का ब्योरा होता है, जो ग्राहक ने borrower, co-borrower या guarantor की हैसियत से लिए हैं।[1]
RBI के पास चार CIC पंजीकृत हैं: CRIF Credit Information Services, Equifax Credit Information Services, Experian Credit Information Company of India और TransUnion CIBIL।[1] हर bank अपने borrowers की credit information इन सभी CIC को भेजता है।[2]
2इसका मतलब आपके लिए क्या है
- Loan के फ़ैसले में यही देखी जाती है: banks को अपनी loan policy में CIC से CIR लेने का इंतज़ाम रखना है, ताकि loan के फ़ैसले credit information के आधार पर हों।[2]
- साल में एक मुफ़्त report: माँगने पर और पहचान की पुष्टि के बाद, हर CIC साल में एक बार (जनवरी से दिसंबर के बीच, कभी भी) पूरी credit report, credit score समेत, मुफ़्त देगी। यह उन लोगों के लिए है, जिनका credit score उस CIC के पास है।[1]
- Report देखी जाए, तो आपको ख़बर: जब कोई संस्था आपकी CIR देखे, तो CIC आपको SMS या email से alert भेजेगी, अगर आपका mobile number या email उसके पास है।[1]
- Default की जानकारी जाए, तो भी ख़बर: bank जब आपके default या days past due (DPD) की जानकारी CIC को भेजे, तो उसे आपको SMS या email से alert भेजना है, अगर number या email उसके पास है।[2]
3Report में क्या होता है
- एक borrower, एक report: CIC एक borrower की एक ही CIR देती है, चाहे उसके पते एक से ज़्यादा हों। इसके लिए PAN, Voter ID, Passport या Driving Licence number जैसी पहचान इस्तेमाल होती है।[1]
- खातों का क्रम: एक ग्राहक के कई loan हों, तो पहले चालू खाते, फिर बंद खाते, और फिर NPA, wilful default या suit filed की स्थिति दी जाती है।[1]
- विवाद का ज़िक्र: कोई जानकारी विवाद में हो और मामला सुलझा न हो, तो report में यह बताया जाता है। ग्राहक चाहे, तो उसकी टिप्पणी भी जोड़ी जा सकती है।[1]
- ठुकराया गया loan नहीं: CIC पहले ठुकराए गए loan की जानकारी report नहीं करेगी।[1]
- Credit score: हर CIC score को 300 से 900 के पैमाने पर रखती है।[1]
4जानकारी CIC तक कैसे पहुँचती है
9, 16, 23 और आख़िरी दिन वाला नियम 1 जुलाई 2026 से लागू है।
- जानकारी महीने की 9, 16, 23 तारीख़ और आख़िरी दिन की स्थिति के हिसाब से CIC को भेजी जाती है। यह नियम 1 जुलाई 2026 से लागू है।[1]
- 9, 16 और 23 तारीख़ वाली जानकारी उस तारीख़ से 4 calendar दिन के भीतर भेजनी होती है। इसमें वे खाते आते हैं, जिनमें पिछली बार के बाद कुछ बदला है, जैसे भुगतान या बकाया रकम में बदलाव।[1]
- महीने के आख़िरी दिन की पूरी file अगले महीने की 5 तारीख़ तक भेजनी होती है।[1]
- Bank को यह पक्का करना है कि कोई भी भुगतान, आख़िरी किस्त समेत, बिना report हुए न रह जाए।[2]
5आम ग़लतफ़हमी
6आपका अधिकार
- शिकायत पर क्या किया गया, यह आपको हर हाल में बताया जाएगा। शिकायत ख़ारिज हो, तो उसकी वजह भी बताई जाएगी।[2]
- मुआवज़ा शिकायत सुलझने के 5 working दिन के भीतर आपके bank खाते में आना चाहिए।[2]
- मुआवज़ा ग़लत तरीक़े से न दिया जाए, तो आप RBI Ombudsman के पास जा सकते हैं।[2]
7अभी क्या करें
- साल में एक बार हर CIC की अपनी website से मुफ़्त report लीजिए। CIC को इसका link अपने homepage पर ही दिखाना है।[1]
- Alert तभी आता है, जब आपका mobile number या email दर्ज हो; इसलिए bank के पास इन्हें सही रखिए।[2]
- Report में ग़लती दिखे, तो उस bank से या CIC से शिकायत कीजिए। Bank को ऐसी अर्ज़ी लेने का इंतज़ाम रखना है।[2]
- ग़लती एक से ज़्यादा संस्थाओं की जानकारी में हो, तो शिकायत CIC के पास दर्ज कीजिए। CIC सभी संस्थाओं से तालमेल करके पूरा समाधान देगी।[2]
- शिकायत में अपना contact, email और bank खाते या UPI ID का ब्योरा सही भरिए; मुआवज़ा उसी में आता है, और सही ब्योरा देने की ज़िम्मेदारी आपकी है।[2]
8सवाल-जवाब
9जुड़े शब्द
पूरा लेख: अपनी पूरी credit report मुफ़्त में कैसे देखें — साल में एक बार, हर bureau से
10स्रोत
- RBI — Reserve Bank of India (Credit Information Companies) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/378; Updated as on July 01, 2026) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 4(2)RBI के पास पंजीकृत चार CIC के नाम
- पैरा 15(1)9, 16, 23 और आख़िरी दिन की स्थिति; 4 calendar दिन; पूरी file अगले महीने की 5 तारीख़ तक; 1 जुलाई 2026 से
- पैरा 21(1) से 21(5)एक borrower की एक CIR; borrower / co-borrower / guarantor; खातों का क्रम; विवाद का ज़िक्र; ठुकराए गए loan की जानकारी नहीं
- पैरा 21(7)credit score 300 से 900; साल में एक मुफ़्त पूरी report; homepage पर link
- पैरा 25(2)ग़लत data वही संस्था ठीक करती है, जिसने भेजा था
- पैरा 37(i)report देखे जाने पर SMS / email alert
- पैरा 41(1) और 41(8)30 दिन बाद ₹100 रोज़ मुआवज़ा; किन शिकायतों पर लागू नहीं
- RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Credit Information Reporting) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/156; Updated as on July 01, 2026) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 10(1) और 10(3)bank सभी CIC को जानकारी भेजता है; कोई भुगतान बिना report हुए न रहे
- पैरा 19 और 20ग़लती सुधारने की अर्ज़ी लेने का इंतज़ाम; loan के फ़ैसले में CIR
- पैरा 35(1)default या DPD की जानकारी भेजने पर ग्राहक को alert
- पैरा 36(1), (3), (5), (8), (9), (10)शिकायत bank या CIC के पास; क्या किया गया, यह बताना; कई संस्थाओं वाली शिकायत CIC के पास; शिकायत में खाते का ब्योरा; 5 working दिन में मुआवज़ा; RBI Ombudsman
- पैरा 39(5)पहली बार loan लेने वालों की अर्ज़ी
11सुधार का इतिहास
- पन्ना बना। RBI के Credit Information Companies Directions, 2025 और Commercial Banks – Credit Information Reporting Directions, 2025 से जाँचा; दोनों 1 जुलाई 2026 तक update हैं।
पन्ना बना: 07 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 07 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।