1मतलब
इस site के लेखों में जिसे credit bureau या bureau लिखा गया है, RBI के निर्देशों में उसका नाम Credit Information Company (CIC) है। निर्देशों के मुताबिक CIC वह कंपनी है, जिसे Credit Information Companies (Regulation) Act, 2005 की धारा 5 के तहत registration का certificate मिला है।[1]
RBI के पास चार CIC पंजीकृत हैं: Experian Credit Information Company of India (certificate 17 फ़रवरी 2010 का), Equifax Credit Information Services (26 मार्च 2010), CRIF Credit Information Services (25 नवंबर 2010) और TransUnion CIBIL (5 मार्च 2012)।[1]
2इसका मतलब आपके लिए क्या है
- आपका record चारों के पास जाता है: हर bank को सभी CIC का सदस्य बनना है, और अपने borrowers की credit information सभी CIC को भेजनी है।[2]
- साल में एक मुफ़्त पूरी report: माँगने पर और पहचान की पुष्टि के बाद, हर CIC साल में एक बार पूरी Credit Report, credit score समेत, मुफ़्त देगी। यह उन लोगों के लिए है, जिनका credit score उस CIC के पास है।[1]
- Report देखी जाए, तो आपको ख़बर: जब कोई Specified User आपकी report देखे, तो CIC आपको SMS या email से alert भेजेगी, अगर आपका mobile number या email उसके पास है।[1]
- Loan का फ़ैसला bank करता है: bank को अपनी loan policy में CIC से report लेने का इंतज़ाम रखना है, ताकि उसके फ़ैसले credit information के आधार पर हों।[2]
3जानकारी कैसे चलती है
Bank को अपनी loan policy में CIC से report लेने का इंतज़ाम रखना है।
- Bank, NBFC और ऐसी दूसरी संस्थाएँ अपने borrowers की credit information CIC को भेजती हैं।[1]
- यह जानकारी महीने की 9, 16, 23 तारीख़ और आख़िरी दिन की स्थिति के हिसाब से भेजी जाती है। यह नियम 1 जुलाई 2026 से लागू है।[1]
- CIC एक borrower की एक ही report देती है, चाहे उसके पते एक से ज़्यादा हों।[1]
- CIC credit score को 300 से 900 के पैमाने पर रखती है।[1]
4आपकी जानकारी किसे मिल सकती है
- Specified User: RBI के निर्देशों में report देखने वाली संस्था को Specified User कहा गया है। वह आपकी report देखे, तो CIC आपको alert भेजती है।[1]
- दूसरी संस्थाएँ, सिर्फ़ आपकी सहमति से: जो संस्था Specified User नहीं है, उसे CIC किसी व्यक्ति की credit information उस व्यक्ति की सहमति के आधार पर ही देती है। निर्देशों में सहमति का मतलब पहले से दी गई लिखित सहमति है।[1]
- सिर्फ़ तय काम के लिए: ऐसी संस्था report को सिर्फ़ उसी काम के लिए इस्तेमाल कर सकती है, जिस पर सहमति बनी है। वह उसे किसी और को बेच या दे नहीं सकती।[1]
- छह महीने से ज़्यादा नहीं: ऐसी संस्था आपकी जानकारी ज़्यादा से ज़्यादा छह महीने रख सकती है। काम पहले पूरा हो जाए, या आप सहमति वापस ले लें, तो उसे जानकारी पहले ही मिटानी होती है।[1]
- भारत में ही: ऐसी संस्था को मिली credit information भारत में ही रखी और process की जाएगी।[1]
5आम ग़लतफ़हमी
6आपका अधिकार
- CIC को आपको बताना है कि शिकायत पर क्या किया गया। शिकायत ख़ारिज हो, तो उसकी वजह भी बतानी है।[1]
- आप चाहें, तो CIC आपको यह भी बताएगी कि उसने आपकी शिकायत पर संस्थाओं से क्या पत्राचार किया और उनका क्या जवाब आया।[1]
- मुआवज़ा शिकायत सुलझने के 5 working दिन के भीतर आपके bank खाते में आना चाहिए।[1]
- CIC मुआवज़ा ग़लत तरीक़े से न दे, तो आप RBI Ombudsman के पास जा सकते हैं।[1]
7अभी क्या करें
- साल में एक बार हर CIC की अपनी website से मुफ़्त report लीजिए। CIC को इसका link अपने homepage पर ही दिखाना है।[1]
- Report में ग़लती एक से ज़्यादा संस्थाओं की जानकारी में हो, तो शिकायत CIC के पास दर्ज कीजिए।[2]
- शिकायत में अपना contact, email और bank खाते या UPI ID का ब्योरा सही भरिए; मुआवज़ा उसी में आता है।[1]
- किसी संस्था को अपनी credit information के लिए सहमति देने से पहले देखिए कि वह किस काम के लिए माँगी जा रही है।[1]
8सवाल-जवाब
9जुड़े शब्द
पूरा लेख: Credit report की शिकायत किसके पास करें — bank, bureau या RBI? सही क्रम यह है
10स्रोत
- RBI — Reserve Bank of India (Credit Information Companies) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/378; Updated as on July 01, 2026) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 4(2)CIC की परिभाषा; चार CIC के नाम और certificate की तारीख़ें
- पैरा 4(3) और 15(1)bank, NBFC जैसी संस्थाएँ जानकारी भेजती हैं; 9, 16, 23 और आख़िरी दिन; 4 calendar दिन; 5 तारीख़; 1 जुलाई 2026 से
- पैरा 18licence रद्द हुई संस्था के record पर टिप्पणी और "Licence Cancelled Entities"
- पैरा 21(1), 21(5), 21(7)एक borrower की एक report; ठुकराए गए loan की जानकारी नहीं; score 300 से 900; साल में एक मुफ़्त पूरी report; homepage पर link
- पैरा 24Specified User के अलावा किसी संस्था को जानकारी सिर्फ़ सहमति से; तय काम; आगे देना मना; ज़्यादा से ज़्यादा छह महीने; भारत में ही
- पैरा 25(2)ग़लत data वही संस्था ठीक करती है, जिसने भेजा था
- पैरा 37(i)report देखे जाने पर SMS / email alert
- पैरा 41(1), (3), (5), (6), (7), (8)30 दिन बाद ₹100 रोज़; क्या किया गया, यह बताना; शिकायत में खाते का ब्योरा; 5 working दिन; RBI Ombudsman; score की शिकायत पर लागू नहीं
- पैरा 42शिकायत पर हुई कार्रवाई और पत्राचार का ब्योरा
- RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Credit Information Reporting) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/156; Updated as on July 01, 2026) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 6 और 10(1)bank सभी CIC का सदस्य; सभी CIC को जानकारी भेजना
- पैरा 20bank की loan policy में CIC से report लेने का इंतज़ाम
- पैरा 36(5)एक से ज़्यादा संस्थाओं वाली शिकायत CIC के पास
11सुधार का इतिहास
- पन्ना बना। RBI के Credit Information Companies Directions, 2025 और Commercial Banks – Credit Information Reporting Directions, 2025 से जाँचा; दोनों 1 जुलाई 2026 तक update हैं।
पन्ना बना: 07 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 07 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।