1मतलब
RBI के Commercial Banks – Miscellaneous Directions, 2025 के मुताबिक 'Commercial Banks' का मतलब है:[1]
- Banking companies: Small Finance Banks, Payments Banks और Local Area Banks को छोड़कर।
- Corresponding new banks.
- State Bank of India.
ये तीनों शब्द Banking Regulation Act, 1949 की धारा 5 में परिभाषित हैं।[1] इस क़ानून के मुताबिक 'banking company' वह company है, जो भारत में banking का कारोबार करती है।[2]
2इसका मतलब आपके लिए क्या है
- RBI के 'Commercial Banks – …' नाम वाले निर्देश इन्हीं banks पर लागू होते हैं।[1] Banking Regulation Act की धारा 35A के तहत RBI के निर्देश मानना banking companies के लिए ज़रूरी है।[2]
- आपका bank Small Finance Bank, Payments Bank या Local Area Bank है, तो वह RBI के 'Commercial Banks' वाले निर्देशों की परिभाषा में नहीं आता।[1] उसके बारे में उसका अपना पन्ना देखिए।
3कैसे काम करता है
यह परिभाषा RBI के Commercial Banks – Miscellaneous Directions, 2025 के पैरा 3 से है।
- Banking: क़ानून के मुताबिक उधार देने या निवेश के लिए जनता से पैसा जमा लेना, जो माँगने पर या दूसरी तरह वापस होता है, और cheque, draft, order आदि से निकाला जा सकता है।[2]
- Company: Banking Regulation Act में 'company' की परिभाषा में foreign company भी शामिल है।[2]
- Corresponding new bank: Banking Companies (Acquisition and Transfer of Undertakings) Act, 1970 या 1980 की धारा 3 के तहत बना bank।[2]
4आम ग़लतफ़हमी
5आपका अधिकार
- RBI के निर्देशों के मुताबिक ऐसी रक़म माँगने की कोई समय-सीमा तय नहीं है, लेकिन पता चलते ही दावा करने की सलाह दी गई है।[1]
6अभी क्या करें
- किसी RBI निर्देश को पढ़ते समय उसका 'Applicability' वाला हिस्सा देखिए कि वह आपके bank की श्रेणी पर लागू है या नहीं।[1]
- किसी पुराने खाते में पैसा पड़ा हो, तो bank से संपर्क करके दावा कीजिए।[1]
7सवाल-जवाब
8जुड़े शब्द
9स्रोत
- RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Miscellaneous) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/174; DOR.SOG(SPE).REC.No.93/13-04-001/2025-26; Updated as on October 01, 2026), PDF ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- शुरुआती पैराBR Act की धारा 26A और 35A के तहत जारी
- पैरा 3'Commercial Banks': banking companies (SFB, Payment Banks, LAB छोड़कर), corresponding new banks, SBI
- पैरा 1110 साल या ज़्यादा से बिना लेनदेन वाले खाते की रक़म DEA Fund में
- पैरा 15माँगने पर bank ब्याज (अगर लागू) के साथ लौटाता है; कोई समय-सीमा तय नहीं
- पैरा 64, 65branch के रूप में काम करने वाले foreign banks; कुछ प्रावधान सिर्फ़ Private Sector Banks पर
- India Code — The Banking Regulation Act, 1949 (Act No. 10 of 1949), पाठ "As on the 20th December, 2025" ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- धारा 5(b), 5(c)'banking' और 'banking company' की परिभाषा
- धारा 5(d)'company' में foreign company भी शामिल
- धारा 5(da), 5(nc)'corresponding new bank' और 'State Bank of India' की परिभाषा
- धारा 35A(1)RBI के निर्देश; banking companies पर उनका पालन ज़रूरी
10सुधार का इतिहास
- पन्ना बना। RBI के Commercial Banks – Miscellaneous Directions, 2025 (1 अक्टूबर 2026 तक updated) और Banking Regulation Act, 1949 (India Code, 20 दिसंबर 2025 तक का पाठ) से जाँचा।
पन्ना बना: 10 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 10 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।

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