Banking Regulation Act, 1949 (Act No. 10 of 1949) वह क़ानून है, जिसके तहत भारत में banking companies चलती हैं। इसके मुताबिक कोई company RBI के licence के बिना भारत में banking का कारोबार नहीं कर सकती, RBI banks को बाध्यकारी निर्देश दे सकता है, और जमा पर nomination और 10 साल पुरानी unclaimed रक़म के DEA Fund जैसे नियम भी इसी क़ानून में हैं।
Act No.10 of 1949India Code
लागू16 मार्च 1949धारा 1(3) का फ़ुटनोट
LicenceRBI से ज़रूरीधारा 22(1)
Nomineeचार तकधारा 45ZA, 1 नवंबर 2025 से
1मतलब
Banking Regulation Act, 1949 वह क़ानून है, जिसके तहत भारत में banking companies चलती हैं।[1] इसकी धारा 5(b) में 'banking' और 5(c) में 'banking company' की परिभाषा है, और धारा 22(1) के मुताबिक RBI के licence के बिना कोई company भारत में banking का कारोबार नहीं कर सकती।[1]
RBI के निर्देश: धारा 35A के तहत, banks के लिए बाध्यकारी।[1]
Nomination: धारा 45ZA, 1 नवंबर 2025 से चार तक nominee।[1]
Banking Regulation Act के मुताबिक banking का मतलब है उधार देने या निवेश के लिए जनता से जमा लेना, जो माँगने पर या दूसरी तरह लौटाई जाए और cheque, draft, order वग़ैरह से निकाली जा सके। ऐसा कारोबार करने के लिए RBI का licence ज़रूरी है, और RBI के दिए निर्देश banks पर बाध्यकारी हैं।
3आम ग़लतफ़हमी
✕ ग़लतफ़हमी"कोई भी company जनता से जमा लेकर banking कर सकती है।"
✓ सचनहीं। Banking Regulation Act की धारा 22(1) के मुताबिक कोई company RBI से मिले licence के बिना भारत में banking का कारोबार नहीं कर सकती।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"Bank खाते में सिर्फ़ एक ही nominee हो सकता है।"
✓ सचअब नहीं। धारा 45ZA(1) में 1 नवंबर 2025 से बदलाव के बाद जमाकर्ता चार तक लोगों को nominee बना सकता है, एक साथ (simultaneously) या एक के बाद एक (successively)।[1]
4सवाल-जवाब
Banking Regulation Act में 'banking' का मतलब क्या है?धारा 5(b) के मुताबिक उधार देने या निवेश के लिए जनता से पैसे की जमा लेना, जो माँगने पर या किसी और तरह लौटाई जाए और cheque, draft, order या किसी और तरीक़े से निकाली जा सके।[1]
'Banking company' किसे कहते हैं?धारा 5(c) के मुताबिक वह company, जो भारत में banking का कारोबार करती है। कोई कारख़ाना या व्यापार चलाने वाली company, जो सिर्फ़ अपने कारोबार के लिए जनता से जमा लेती है, banking company नहीं मानी जाती।[1]
यह क़ानून कब से लागू है?India Code के पाठ में धारा 1(3) के फ़ुटनोट के मुताबिक 16 मार्च 1949 से।[1]
RBI banks को निर्देश किस अधिकार से देता है?धारा 35A(1) के मुताबिक जनहित में, banking policy के हित में, जमाकर्ताओं के हितों को नुक़सान से बचाने के लिए, या किसी bank का सही प्रबंधन पक्का करने के लिए RBI सभी banks को या किसी एक bank को निर्देश दे सकता है, और banks को उन्हें मानना होता है।[1]
10 साल से पड़ी जमा का क्या होता है?धारा 26A(2) के मुताबिक दस साल से न चले खाते की रक़म, या दस साल से ज़्यादा से बिना दावे की जमा, दस साल पूरे होने के तीन महीने के अंदर RBI के Depositor Education and Awareness Fund में जाती है; फिर भी जमाकर्ता उसी bank से अपनी रक़म का दावा कर सकता है।[1]
Nominee कितने हो सकते हैं?धारा 45ZA(1) के मुताबिक जमाकर्ता चार तक लोगों को nominee बना सकता है। एक साथ (simultaneous) nomination में हर nominee का हिस्सा प्रतिशत में लिखना होता है और nomination पूरी जमा के लिए होना चाहिए (धारा 45ZA(1B))।[1]
धारा 5(b), 5(c)'banking' और 'banking company' की परिभाषा
धारा 22(1)RBI के licence के बिना banking नहीं
धारा 26A(2)दस साल वाली रक़म DEA Fund में; फिर भी दावा
धारा 35A(1)RBI के बाध्यकारी निर्देश
धारा 45ZA(1), (1B)चार तक nominee (1 नवंबर 2025 से); simultaneous की शर्तें
7सुधार का इतिहास
पन्ना बना। India Code पर The Banking Regulation Act, 1949 के पाठ ("As on the 20th December, 2025") की धारा 1, 5(b), 5(c), 22(1), 26A, 35A और 45ZA से जाँचा।