1मतलब
DEA Fund, यानी Depositor Education and Awareness Fund। RBI ने यह fund Banking Regulation Act, 1949 की धारा 26A के तहत बनाया है, और इसके लिए 'The Depositor Education and Awareness Fund (DEA Fund) Scheme, 2014' तैयार की है।[1] RBI के निर्देशों में 10 साल या उससे ज़्यादा पुरानी ऐसी रक़म को unclaimed deposit कहा गया है, और यही इस fund में जाती है।[2]
यह Scheme 24 मई 2014 से लागू है, जिस दिन यह भारत के Official Gazette में अधिसूचित हुई।[1]
2कौन-सी रक़म जाती है
Commercial और co-operative banks के किसी भी deposit खाते का वह balance, जो 10 साल या उससे ज़्यादा से चलाया नहीं गया, या कोई भी रक़म, जो 10 साल या उससे ज़्यादा से बिना दावे के पड़ी है। RBI के FAQ में ये गिनाए गए हैं:[1]
- savings, fixed या term, cumulative या recurring, और current deposit खाते, और किसी भी नाम के दूसरे deposit खाते
- cash credit खाते, और bank के हिसाब बैठाने के बाद loan खाते
- letter of credit या guarantee का margin money, या कोई security deposit
- बिना लिए गए demand draft, pay order, bankers cheque, telegraphic और mail transfer, NEFT के बिना मिलान वाले credit balance, और ATM लेनदेन के बिना मिलान वाले credit balance
- bank के जारी prepaid card का बिना निकाला balance (बिना maturity वाले travellers cheque जैसे instrument की रक़म नहीं)
- विदेशी मुद्रा जमा को रुपये में बदलने के बाद की रक़म, और RBI की बताई कोई दूसरी रक़म
3कब और कितनी जाती है
Bank पहले आपको भुगतान करता है, फिर उतनी रक़म DEA Fund से वापस माँगता है। ब्याज वाले खाते में रक़म ब्याज के साथ लौटती है।
- कब: लगातार 10 साल पूरे होने वाले महीने के अगले महीने के आख़िरी working दिन। जैसे, जो जमा अप्रैल में 10 साल पूरे करे, वह मई के आख़िरी working दिन fund में जाती है।[1]
- कितनी: भेजने की तारीख़ तक के ब्याज समेत पूरी रक़म।[1]
- UDRN: DEA Fund में भेजी गई हर जमा को bank के system से एक अलग Unclaimed Deposit Reference Number (UDRN) दिया जाता है।[2]
4पैसा वापस कैसे मिलता है
- दावा bank से: ग्राहक, या मृत ग्राहक के क़ानूनी वारिस, अपने bank से दावा करते हैं।[1] Nominee भी दावा कर सकता है।[2]
- पहले bank चुकाता है: bank ग्राहक को रक़म चुकाता है, ब्याज वाले खाते में ब्याज के साथ, और फिर उतनी रक़म के लिए RBI के DEA Fund से दावा करता है।[1]
- कोई समय-सीमा नहीं: Scheme में दावे की कोई तय समय-सीमा नहीं है; फिर भी RBI की सलाह है कि पता चलते ही दावा कर दें।[1]
- Bank की सूची: हर bank को DEA Fund में भेजी गई जमा की सूची अपनी website पर, खोजने की सुविधा के साथ, रखनी है और उसे कम से कम हर महीने update करना है। सूची में नाम, पता (PIN code के बिना) और UDRN दिखता है; खाता number, रक़म और शाखा का नाम नहीं।[2]
5Bank बंद हो जाए
Liquidation में गए bank का ग्राहक Liquidator के पास दावा करता है।[1]
- DICGC के बीमे वाली जमा: जमा DEA Fund में जाते समय DICGC के बीमे में थी, तो Liquidator बीमे जितनी रक़म (अभी ₹5 लाख तक, ब्याज समेत) DEA Fund से लेकर ग्राहक को देता है।[1]
- ₹5 लाख से ऊपर: उससे ऊपर की रक़म Liquidator शर्तें पूरी होने पर पहले ख़ुद चुकाता है, और फिर DEA Fund से वापस लेता है।[1]
- उदाहरण: DICGC के बीमे वाली ₹6 लाख की जमा में DEA Fund से Liquidator को ₹5 लाख मिलते हैं; बचे ₹1 लाख वह पहले चुकाकर fund से वापस लेता है।[1]
- बीमे के बाहर की जमा: उसमें भी Liquidator पहले भुगतान करता है, और फिर fund से वापस लेता है।[1]
6आम ग़लतफ़हमी
7आपका अधिकार
- ब्याज के साथ: ब्याज वाले खाते की रक़म ब्याज के साथ लौटती है।[1]
- खोजने की सुविधा: bank को अपनी website पर ऐसी जमा की खोजने लायक सूची रखनी है।[2]
8अभी क्या करें
- पुराने खाते, FD या बिना लिए demand draft याद हों, तो उस bank की website पर DEA Fund में भेजी गई जमा की सूची में अपना नाम खोजिए।[2]
- नाम मिले, तो UDRN लिख लीजिए और उसी bank में दावा कीजिए।[1][2]
- परिवार में किसी की मृत्यु हो चुकी हो, तो nominee या क़ानूनी वारिस के तौर पर उनके खातों की भी जाँच कीजिए।[2]
- दावा टालिए मत; RBI की सलाह है कि पता चलते ही दावा करें।[1]
9सवाल-जवाब
10जुड़े शब्द
11स्रोत
- RBI — Frequently Asked Questions: Depositor Education and Awareness (DEA) Fund Scheme, 2014 (7 सवाल) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- सवाल 1धारा 26A, Banking Regulation Act, 1949; RBI का fund; 24 मई 2014 से
- सवाल 2कौन-सी रक़म: 10 साल; commercial और co-operative bank; पूरी सूची
- सवाल 310 साल पूरे होने के अगले महीने का आख़िरी working दिन; उदाहरण
- सवाल 4ब्याज समेत पूरी रक़म
- सवाल 5दावा bank से; ब्याज के साथ भुगतान; bank fund से वापस लेता है
- सवाल 6कोई तय समय-सीमा नहीं; जल्दी दावा करने की सलाह
- सवाल 7bank liquidation में: Liquidator; DICGC के बीमे वाली और बाक़ी रक़म
- RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Responsible Business Conduct) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/170; Updated as on October 1, 2026) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 4(27), 4(28)unclaimed deposit की परिभाषा; UDRN
- पैरा 211bank की website पर सूची; खोज; हर महीने update; क्या दिखता है और क्या नहीं
- पैरा 215nominee या क़ानूनी वारिस का दावा
12सुधार का इतिहास
- पन्ना बना। RBI के FAQ 'Depositor Education and Awareness (DEA) Fund Scheme, 2014' (5 मार्च 2024) और Commercial Banks – Responsible Business Conduct Directions, 2025 से जाँचा।
पन्ना बना: 08 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 08 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।