1मतलब
RBI के निर्देशों के मुताबिक inoperative account वह savings या current खाता है, जिसमें दो साल से ज़्यादा समय तक कोई "customer induced transaction" नहीं हुआ।[1]
Customer induced transaction में तीन तरह की चीज़ें आती हैं: ग्राहक का किया हुआ या उसके कहने पर हुआ पैसों का लेनदेन, बिना पैसों वाला (non-financial) लेनदेन, और KYC update।[1] Bank के लगाए charge और savings खाते के balance पर दिया गया ब्याज "bank induced transaction" हैं, और खाता inoperative है या नहीं, यह तय करने में नहीं गिने जाते।[1]
2इसका मतलब आपके लिए क्या है
- चालू कराने का कोई charge नहीं: inoperative खाता चालू कराने पर bank कोई charge नहीं ले सकता।[1]
- Minimum balance का जुर्माना नहीं: inoperative खाते में minimum balance न रखने पर bank penal charge नहीं लगा सकता।[1]
- ब्याज चलता रहता है: savings खाते का ब्याज नियमित रूप से जमा होता है, खाता चल रहा हो या नहीं।[1]
- किसी भी शाखा से: खाता चालू कराने के लिए KYC update की सुविधा bank को अपनी सभी शाखाओं में देनी है, home branch के अलावा भी।[1]
- चालू होने तक debit नहीं: bank inoperative खाते में कोई debit लेनदेन तब तक नहीं होने देता, जब तक ग्राहक तय प्रक्रिया से खाता चालू न करा ले।[1]
3खाता inoperative कैसे बनता है और चालू कैसे होता है
आप जवाब देकर वजह बता दें, तो bank खाते को एक साल और operative मानता है।
- खाते में एक साल से ज़्यादा कोई customer induced transaction न हो, तो bank को चिट्ठी, email या SMS से बताना है कि अगले एक साल में भी लेनदेन न हुआ, तो खाता inoperative हो जाएगा।[1]
- आप जवाब देकर खाता न चलाने की वजह बता दें, तो bank खाते को एक साल और operative मानता है, और आपको उस एक साल के भीतर खाता चलाने को कहता है।[1]
- यह वर्गीकरण खाते का होता है, ग्राहक का नहीं। एक ग्राहक के कई खाते हों, तो हर खाते को अलग से परखा जाता है।[1]
- सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों और scholarship पाने वाले छात्रों के लिए खुले zero balance खातों पर 'inoperative' वाली शर्त लागू नहीं होती।[1]
- खाता KYC के निर्देश पूरे होने के बाद ही चालू होता है, और चालू होते ही bank SMS और registered email से बताता है कि inoperative status हट गया है।[1]
4कौन-सा लेनदेन गिना जाता है
- पैसों का लेनदेन: ATM से या नक़द निकासी और जमा; RTGS, NEFT, IMPS और UPI के लेनदेन; internet banking; Debit Card के लेनदेन; cheque clearing; आपका दिया standing instruction; NACH के debit और credit।[1]
- खाते में आने वाली ये रकमें भी: term deposit का ब्याज या रकम, shares का dividend, Direct Benefit Transfer (DBT) की रकम, और e-commerce या income tax के refund।[1] RBI की FAME पुस्तिका में भी लिखा है कि FD के ब्याज या dividend को खाते में जमा करने का mandate customer induced transaction माना जाता है।[2]
- बिना पैसों वाला लेनदेन: ATM, internet banking या mobile banking app से की गई ऐसी enquiry या request, जिसमें two-factor authentication लगता है; या internet banking / mobile banking app में सफल log-in। जैसे balance enquiry, cheque book की request, या nomination में बदलाव।[1]
- KYC update: शाखा में जाकर, या bank की internet banking या mobile banking app से।[1]
- जो नहीं गिना जाता: bank के लगाए हर तरह के charge, काटा गया tax, और savings खाते के balance पर दिया गया ब्याज।[1]
5आम ग़लतफ़हमी
6आपका अधिकार
- चालू होने की सूचना: bank को SMS और registered email से बताना है कि inoperative status हट गया है, और यह भी कि बिना इजाज़त खाते तक पहुँच की report कैसे की जाए।[1]
- Video से KYC: bank को KYC update की सुविधा V-CIP, यानी video से पहचान, के ज़रिए भी देने की कोशिश करनी है।[1]
- प्रक्रिया की जानकारी: bank को अपनी website और शाखाओं में बताना है कि inoperative खाता चालू कैसे कराया जाता है।[1]
7अभी क्या करें
- जिन खातों का इस्तेमाल कम है, उनमें दो साल के भीतर ख़ुद कोई लेनदेन कर दीजिए।[1]
- Bank की चिट्ठी, email या SMS आए कि खाते में एक साल से लेनदेन नहीं हुआ, तो जवाब दीजिए या खाता चला दीजिए।[1]
- खाता inoperative हो चुका हो, तो KYC के काग़ज़ लेकर bank की किसी भी शाखा में जाइए।[1]
- अपना मुख्य खाता किसी और bank में ले गए हों, तो पुराने bank को नए खाते का ब्योरा और authorisation देकर बची हुई रकम transfer कराई जा सकती है।[1]
8सवाल-जवाब
9जुड़े शब्द
पूरा लेख: पुरानी passbook या FD पड़ी है? बैंक का पैसा 10 साल बाद भी आपका ही रहता है
10स्रोत
- RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Responsible Business Conduct) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/170; Updated as on October 1, 2026) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 4(4), 4(10), 4(16) और 4(21)bank induced transaction, customer induced transaction, inoperative account और non-financial transaction की परिभाषाएँ
- पैरा 4(27)unclaimed deposit की परिभाषा
- पैरा 192, 194, 195 और 196एक साल बाद सूचना; जवाब देने पर एक साल और; सिर्फ़ customer induced transaction गिने जाते हैं; हर खाता अलग से
- पैरा 197 और 198दूसरे bank में shift होने पर बची रकम; सरकारी लाभ और scholarship के खाते
- पैरा 204, 205 और 207सभी शाखाओं में KYC; V-CIP; KYC के बाद ही चालू; चालू होने की सूचना; 3 working दिन
- पैरा 208, 209 और 210savings खाते का ब्याज; penal charge नहीं; चालू कराने का charge नहीं
- पैरा 212चालू होने तक debit नहीं; चालू होने के बाद की पाबंदी
- पैरा 214चालू कराने की प्रक्रिया की जानकारी website और शाखाओं में
- RBI — Financial Awareness Messages (FAME), Fourth Edition, February 2024 — Message 5: Inoperative Accounts ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- Message 5, पन्ना 9FD के ब्याज या dividend का mandate customer induced transaction माना जाता है
11सुधार का इतिहास
- पन्ना बना। RBI के Commercial Banks – Responsible Business Conduct Directions, 2025 (1 अक्टूबर 2026 तक update) और RBI की FAME पुस्तिका से जाँचा।
पन्ना बना: 07 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 07 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।