1मतलब
Demand Draft (DD) पैसा देने का ऐसा आदेश है, जो bank का एक office उसी bank के दूसरे office पर लिखता है, और जिसकी रक़म माँगने पर दी जाती है। Negotiable Instruments Act, 1881 की धारा 85A में draft का यही मतलब लिखा है।[1]
- कहाँ लागू: नीचे लिखे RBI के निर्देश commercial banks पर लागू हैं; small finance, payments और local area banks इनमें शामिल नहीं।[2][3]
2इसका मतलब आपके लिए क्या है
- 3 महीने: DD 3 महीने तक valid रहता है। इसके बाद bank भुगतान नहीं करता, revalidation कराना होता है।[2][3]
- बड़ी रक़म: ₹50,000 या ज़्यादा का DD नक़द देकर नहीं बनता; खाते से debit या cheque से बनता है।[3]
- सुरक्षा: ₹20,000 या ज़्यादा का DD account payee crossing के साथ ही बनता है।[2] DD पर ख़रीदने वाले का नाम भी छपता है।[3]
3DD कैसे काम करता है
जिस शाखा पर DD लिखा है, उसे भुगतान तुरंत करना है; सिर्फ़ इस वजह से मना नहीं कर सकती कि उसके पास जारी करने वाली शाखा की सूचना (advice) नहीं आई।
- खाता न हो, तब भी: छोटी रक़म के DD bank को सभी लोगों को नक़द लेकर बनाने हैं, उनका उस bank में खाता हो या न हो।[2]
- भुगतान में देरी नहीं: जिस शाखा पर DD लिखा है, वह भुगतान तुरंत करे; advice न आने के बहाने मना न करे।[2]
4DD खो जाए तो
- Bank को माँग मिलने के एक पखवाड़े (2 हफ़्ते) में duplicate DD देना है। देरी हो, तो उतनी ही अवधि की FD की दर से ब्याज देना है।[2]
- ₹5,000 तक के DD का duplicate, indemnity लेकर, दूसरी शाखा की पुष्टि का इंतज़ार किए बिना दिया जा सकता है।[2]
- यह नियम ख़रीदने वाले या पाने वाले की माँग पर है; किसी तीसरे को endorse किए गए DD पर नहीं।[2]
5आम ग़लतफ़हमी
6आपका अधिकार
7अभी क्या करें
- DD लेते ही नाम, रक़म और तारीख़ मिलाइए, और 3 महीने के भीतर bank में दीजिए।[2][3]
- ₹50,000 या ज़्यादा का DD बनवाना हो, तो खाते या cheque से भुगतान की तैयारी रखिए।[3]
- Charge जानने के लिए bank की website पर 'Rates at a quick glance' देखिए।[2]
8सवाल-जवाब
9जुड़े शब्द
10स्रोत
- India Code — The Negotiable Instruments Act, 1881 (Act No. 26 of 1881); पाठ पर 'As on' तारीख़ नहीं है ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- धारा 85Adraft: bank के एक office का उसी bank के दूसरे office पर लिखा, माँगने पर देय भुगतान का आदेश
- RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Responsible Business Conduct) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/170; DOR.MCS.REC.No.89/01-01-032/2025-26; Updated as on October 1, 2026; small finance, payments और local area banks पर लागू नहीं), PDF ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 11(3)duplicate draft में देरी पर ब्याज, bank की Customer Compensation Policy में
- पैरा 52; Annex II बिंदु 4ब्याज दर और सेवा charges website पर; सूची में Draft बनाने और रद्द करने का charge
- पैरा 122₹20,000 या ज़्यादा के DD account payee crossing के साथ
- पैरा 125draft 3 महीने valid; उसके बाद revalidation आसान हो
- पैरा 126छोटी रक़म के DD नक़द से सबको, खाता हो या न हो; छोटे नोट लेने से मना नहीं
- पैरा 127DD का भुगतान तुरंत; advice न आने पर मना नहीं
- पैरा 128₹5,000 तक का duplicate, indemnity पर, non-payment advice के बिना
- पैरा 129, 130duplicate एक पखवाड़े में; देरी पर FD की दर से ब्याज; सिर्फ़ ख़रीदने या पाने वाले की माँग पर
- RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Know Your Customer) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/169; DOR.AML.REC.No.88/14.01.002/2025-26; Updated as on October 1, 2026; small finance, payments और local area banks पर लागू नहीं), PDF ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 673 महीने बाद पेश cheque, draft, pay order का भुगतान नहीं
- पैरा 75(1)₹50,000 या ज़्यादा का DD खाते से debit या cheque से, नक़द से नहीं
- पैरा 75(2)15 सितंबर 2018 से DD पर ख़रीदने वाले का नाम
11सुधार का इतिहास
- पन्ना बना। Negotiable Instruments Act, 1881 (India Code), RBI के Responsible Business Conduct Directions, 2025 और Know Your Customer Directions, 2025 (दोनों 1 अक्टूबर 2026 तक updated) से जाँचा।
पन्ना बना: 11 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 11 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।
यह पन्ना: https://seedhamatlab.com/shabdkosh/demand-draft/ · आख़िरी जाँच: 11 अक्तू 2026
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