सूचना डेस्क · भारत

सीधा मतलब | Seedha Matlab

Contact
शब्दकोश | Shabdkoshपैसे के ज़रूरी शब्दों का सीधा मतलबखोलिए →
शब्द · भुगतान✓ स्रोत से जाँचा · 11 Oct 2026

RTGS

Real Time Gross Settlement · बड़ी रक़म तुरंत भेजने का RBI का system

एक लाइन में

RTGS RBI का चलाया हुआ payment system है, जिसमें हर भुगतान अलग-अलग और उसी समय settle होता है। ग्राहक RTGS से कम से कम ₹2 लाख भेज सकता है, और यह चौबीसों घंटे चलता है।

कम से कम रक़म₹2 लाखग्राहक के लेनदेन के लिए
कब चलता है24x714 दिसंबर 2020 से, साल के हर दिन
पाने वाले bank को credit देना है30 मिनटसंदेश मिलने के बाद, इसके भीतर
आने वाला RTGSFreeपाने वाले से charge नहीं

मतलब

RTGS यानी Real Time Gross Settlement। इसमें हर लेनदेन अलग-अलग, उसी समय settle होता है, कई लेनदेन को आपस में जोड़-घटाकर (netting) नहीं।[2] RTGS को Reserve Bank of India (RBI) चलाता है, और यह 26 मार्च 2004 से चल रहा है।[1]

  • कब: 14 दिसंबर 2020 से साल के हर दिन, चौबीसों घंटे।[1]
  • कितना: ग्राहक के लेनदेन के लिए कम से कम ₹2 लाख।[1] RBI के FAQ के मुताबिक कोई ऊपरी सीमा नहीं है।[2]

इसका मतलब आपके लिए क्या है

  • बड़ी रक़म, जल्दी: पाने वाले bank को संदेश मिलने के 30 मिनट के भीतर पैसा खाते में डालना है।[1]
  • वापस नहीं होता: settlement के बाद भुगतान final है।[1] इसलिए account number और नाम ध्यान से जाँचिए।
  • चुनने का हक़: bank को आपको RTGS और NEFT में से चुनने का विकल्प देना है, शाखा पर भी और online भी।[1]

RTGS कैसे काम करता है

Credit न हो सके, जैसे खाता न हो या frozen हो, तो पैसा 1 घंटे के भीतर भेजने वाले bank को लौटाना होता है (RTGS उपलब्ध रहने की शर्त पर)।

  • भेजने वाला bank: आपके खाते से पैसा कटने के 30 मिनट के भीतर भुगतान का संदेश RTGS को भेजना है।[1]
  • पाने वाला bank: संदेश मिलते ही credit देना है, किसी भी हाल में 30 मिनट के भीतर।[1]
  • Credit न हो सके, तो: 1 घंटे के भीतर पैसा भेजने वाले bank को लौटाना है, RTGS उपलब्ध रहने की शर्त पर।[1]
  • सिर्फ़ account number: credit सिर्फ़ account number के आधार पर होता है, नाम के आधार पर नहीं।[1]

Charge कितना

  • पैसा आने पर: कोई charge नहीं।[1]
  • पैसा भेजने पर, ज़्यादा से ज़्यादा: ₹2 लाख से ₹5 लाख तक ₹25; ₹5 लाख से ऊपर ₹50।[1]
  • RBI की fees: RBI ने 1 जुलाई 2019 से हर लेनदेन पर लगने वाली अपनी RTGS fees छोड़ दी हैं, और banks को कहा है कि यह फ़ायदा ग्राहकों तक पहुँचाएँ।[1]

भेजने से पहले नाम जाँचिए

  • RTGS और NEFT में अब पैसा भेजने से पहले पाने वाले के खाते का नाम देखा जा सकता है। Banks को यह सुविधा 1 अप्रैल 2025 तक देनी थी।[3]
  • यह internet banking, mobile banking और शाखा पर मिलनी है, बिना charge।[1][3]

आम ग़लतफ़हमी

✕ ग़लतफ़हमी"RTGS सिर्फ़ bank के कामकाजी घंटों में चलता है।"
✓ सचनहीं। 14 दिसंबर 2020 से RTGS साल के हर दिन, चौबीसों घंटे उपलब्ध है।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"RTGS से कोई भी छोटी रक़म भेज सकते हैं।"
✓ सचनहीं। ग्राहक के लेनदेन के लिए कम से कम रक़म ₹2 लाख है।[1] Bank को आपको RTGS और NEFT में से चुनने का विकल्प देना होता है।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"RTGS से भेजा पैसा बाद में वापस मँगवा सकते हैं।"
✓ सचनहीं। RTGS में settlement RBI की किताबों में होता है, इसलिए भुगतान final और irrevocable है, यानी वापस नहीं लिया जा सकता।[1][2] इसलिए account number ध्यान से भरिए।
✕ ग़लतफ़हमी"देर हो जाए, तो bank कुछ नहीं देता।"
✓ सचदेता है। Credit में देरी हो, तो पाने वाले bank को ग्राहक को हर दिन की देरी के लिए मौजूदा repo rate + 2% की दर से हर्जाना देना है, और यह बिना माँगे अपने आप खाते में आना चाहिए।[1]

आपका अधिकार

RTGS में credit की देरी पर पाने वाले bank को हर दिन की देरी के लिए मौजूदा repo rate + 2% की दर से हर्जाना देना है, जो बिना माँगे अपने आप आपके खाते में आना चाहिए।[1]
  • वापसी में देरी: पैसा लौटाने में देर हो, तो भी repo rate + 2% की दर से हर्जाना है, जो आख़िर में भेजने वाले ग्राहक के खाते में जाता है।[1]
  • शिकायत: पहले अपने bank से।[2] 30 दिन में जवाब न मिले, या आप संतुष्ट न हों, तो RBI Ombudsman के पास।[4]

अभी क्या करें

  • ₹2 लाख से कम भेजना है, तो RTGS नहीं चलेगा; NEFT या दूसरा तरीक़ा चुनिए।[1]
  • भेजने से पहले नाम जाँचिए और account number दो बार मिलाइए; भेजा हुआ पैसा वापस नहीं लिया जा सकता।[1][3]
  • अपने लेनदेन का UTR number संभालकर रखिए।[2]
  • पैसा न पहुँचे, तो bank से बात कीजिए; हल न हो, तो cms.rbi.org.in पर शिकायत, या जानकारी के लिए 14448।[4]

सवाल-जवाब

RTGS का charge कितना है?RTGS से पैसा आने पर कोई charge नहीं है। भेजने पर bank ज़्यादा से ज़्यादा इतना ले सकता है: ₹2 लाख से ₹5 लाख तक ₹25, और ₹5 लाख से ऊपर ₹50। RBI ने 1 जुलाई 2019 से banks से हर लेनदेन पर लगने वाली अपनी fees लेना बंद कर दिया है, और banks को कहा है कि यह फ़ायदा ग्राहकों तक पहुँचाएँ।
क्या RTGS में कोई ऊपरी सीमा है?RBI के RTGS FAQ के मुताबिक कम से कम ₹2 लाख भेजने होते हैं, और कोई ऊपरी सीमा नहीं है।
क्या RTGS आगे की किसी तारीख़ के लिए लगा सकते हैं?नहीं। RTGS system आगे की तारीख़ वाले लेनदेन नहीं लेता।
UTR number क्या है?Unique Transaction Reference (UTR) 22 अक्षरों का code है, जिससे RTGS में हर लेनदेन की अलग पहचान होती है। शिकायत करते समय यह काम आता है।
RTGS की शिकायत कहाँ करें?पहले अपने bank की शिकायत शाखा (grievance redressal cell) से। Bank 30 दिन में जवाब न दे, या आप संतुष्ट न हों, तो RBI Ombudsman के पास cms.rbi.org.in पर शिकायत कर सकते हैं; जानकारी के लिए toll-free 14448।

जुड़े शब्द

स्रोत

  1. RBI — RTGS System Regulations, Version 1.1 (PDF; Version Control में तारीख़ 13 मई 2026; इसने RTGS System Regulations, 2013 की जगह ली) ↗जारी: 13 मई 2026किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 1.1, 1.4RTGS 26 मार्च 2004 से; 14 दिसंबर 2020 से साल के हर दिन, चौबीसों घंटे
    • पैरा 3.1; अध्याय 2 (xvii)RTGS RBI चलाता है; online real time settlement
    • पैरा 6.7settlement होने पर भुगतान final और irrevocable
    • पैरा 11.1, 11.4credit सिर्फ़ account number पर; RTGS और NEFT में से चुनने का विकल्प
    • पैरा 11.2, 11.5पैसा कटने के 30 मिनट में संदेश; पाने वाला bank 30 मिनट में credit
    • पैरा 11.7, 11.8, 11.9credit में देरी पर हर दिन repo rate + 2%, अपने आप; 1 घंटे में वापसी; वापसी में देरी पर repo rate + 2%
    • पैरा 11.20नाम जाँचने की सुविधा, बिना charge
    • पैरा 13.12; Annex 9RBI ने 1 जुलाई 2019 से transaction fee और time-varying charge छोड़े (banks की monthly membership fee बनी हुई है); फ़ायदा ग्राहकों तक
    • Annex 6 (छपा नंबर)ग्राहक के लिए कम से कम ₹2 लाख; आने वाला free; ₹2–5 लाख पर अधिकतम ₹25, ₹5 लाख से ऊपर अधिकतम ₹50
  2. RBI — Frequently Asked Questions: Real Time Gross Settlement System (RTGS) System ("Updated as on October 31, 2022"; इसके सवाल 22, 23 में पुरानी RB-IOS, 2021 का ज़िक्र है) ↗जारी: 31 अक्तू 2022किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • सवाल 1, 2हर लेनदेन अलग से, बिना netting; RBI की किताबों में settlement, इसलिए final और irrevocable
    • सवाल 6कम से कम ₹2,00,000; कोई ऊपरी सीमा नहीं
    • सवाल 14आगे की तारीख़ वाले लेनदेन नहीं
    • सवाल 20UTR 22 अक्षरों का code
    • सवाल 22शिकायत पहले bank की grievance redressal cell में
  3. RBI — Introduction of beneficiary bank account name look-up facility for RTGS and NEFT Systems (RBI/2024-25/99; CO.DPSS.RPPD.No.S987/04.03.001/2024-25) ↗जारी: 30 दिस 2024 · लागू: 01 अप्रैल 2025किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 2, 3, 4भेजने से पहले खाते का नाम जाँचने की सुविधा; internet banking, mobile banking और शाखा पर; 1 अप्रैल 2025 तक
    • Annex बिंदु 7सुविधा बिना charge
  4. RBI — Frequently Asked Questions: Reserve Bank - Integrated Ombudsman Scheme, 2026 (PDF; दस्तावेज़ पर तारीख़ नहीं है; scheme 1 जुलाई 2026 से लागू) ↗लागू: 01 जुल 2026किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • सवाल 1RB-IOS, 2026 ने 1 जुलाई 2026 से RB-IOS, 2021 की जगह ली
    • सवाल 9, 10, 17cms.rbi.org.in; toll-free 14448; 30 दिन में जवाब नहीं, तो Ombudsman

सुधार का इतिहास

  • पन्ना बना। RBI की RTGS System Regulations, Version 1.1 (13 मई 2026), RBI के RTGS FAQ (31 अक्टूबर 2022 तक अपडेट), नाम जाँचने की सुविधा वाले RBI circular (30 दिसंबर 2024) और RB-IOS, 2026 के RBI FAQ से जाँचा।

पन्ना बना: 11 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 11 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।

यह पन्ना: https://seedhamatlab.com/shabdkosh/rtgs/ · आख़िरी जाँच: 11 अक्तू 2026
छपी हुई प्रति पुरानी हो सकती है। ताज़ा पन्ना site पर देख लीजिए।