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सीधा मतलब | Seedha Matlab

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शब्द · बैंकिंग✓ स्रोत से जाँचा · 7 Oct 2026

Indemnity Bond

वह लिखित वादा, जिसमें दावा करने वाला bank को बाद में आने वाले दावे या नुकसान से बचाने की ज़िम्मेदारी लेता है

एक लाइन में

Indemnity bond वह लिखित वादा है, जिसमें दावा करने वाला कहता है: bank ने मुझे जो रकम या सामान दिया है, उसकी वजह से बाद में bank पर कोई दावा आए या उसे नुकसान हो, तो उसकी भरपाई मैं करूँगा। Nominee से bank इसे नहीं माँग सकता।

Nominee या survivor सेनहीं माँगा जा सकतारकम चाहे जितनी हो
Nominee न हो, तोदावा करने वाले देते हैंRBI के तय किए हुए format में
तीसरे व्यक्ति का surety₹15 लाख तक नहींसीमा से ऊपर bank माँग सकता है
Stampराज्य के Stamp Act के मुताबिकbond के format पर यही लिखा है

मतलब

Indian Contract Act, 1872 की धारा 124 के मुताबिक "contract of indemnity" वह contract है, जिसमें एक पक्ष दूसरे को उस नुकसान से बचाने का वादा करता है, जो वादा करने वाले के अपने काम से, या किसी और व्यक्ति के काम से उसे हो।[2]

RBI के निर्देशों में दिया गया 'Bond of Indemnity' ऐसा ही लिखित वादा है। इसमें दावा करने वाले लिखते हैं कि bank के उन्हें रकम देने की वजह से bank पर जो भी दावे, माँगें, कार्यवाही, नुकसान, charges और ख़र्च आएँ, उनकी भरपाई वे करेंगे।[1]

इसका मतलब आपके लिए क्या है

  • Nominee हो, तो नहीं: nominee या survivor को भुगतान करते समय bank उनसे या किसी तीसरे व्यक्ति से indemnity bond या surety नहीं माँग सकता, रकम चाहे जितनी हो।[1]
  • ₹15 लाख की सीमा तक, nominee के बिना: दावा क़ानूनी वारिस करते हैं, और दावा करने वालों का indemnity bond लगता है। तीसरे व्यक्ति का surety bond bank नहीं ले सकता।[1]
  • सीमा से ऊपर, पहला रास्ता: Succession Certificate के साथ सिर्फ़ claim form, death certificate और पहचान का काग़ज़ लगता है; bond नहीं।[1]
  • सीमा से ऊपर, दूसरा रास्ता: Legal Heir Certificate या शपथ लेकर दिए गए affidavit के साथ indemnity bond लगता है, और bank तीसरे व्यक्ति का surety bond भी माँग सकता है।[1]
  • वसीयत वाला दावा: Probate of Will या Letter of Administration पर निपटे, तो bond नहीं लगता। Bank probate के बिना वसीयत के मुताबिक चले, तो indemnity bond और बाक़ी वारिसों का no-objection लगता है।[1]
  • Locker: nominee या survivor से bond नहीं लगता, जब तक nomination में कोई discrepancy न हो। Nominee न हो, तो bond देने के बाद सामान निकाला जा सकता है; दावा Probate of Will, Succession Certificate, Letter of Administration या अदालत के आदेश पर निपटे, तो bond नहीं लगता।[1]

Bond में क्या लिखा होता है

RBI के format के ऊपर लिखा है कि यह bond मृतक ग्राहक के जमा खातों का दावा 'without production of Legal Documents' निपटाने के लिए है।

  • किसके नाम: bond bank के Branch Manager के नाम होता है।[1]
  • ब्योरा: दावा करने वालों के नाम, और मृतक के जमा खातों का ब्योरा: खाते की क़िस्म, खाता number, रकम, और term deposit हो, तो maturity की तारीख़।[1]
  • वादा: दस्तख़त करने वाले bank को, उसके अधिकारियों और Directors को, और उसके successors और assignees को, इस भुगतान की वजह से आने वाले सभी दावों, माँगों, कार्यवाही, नुकसान, charges और ख़र्च से indemnify करने का वादा करते हैं।[1]
  • किन पर लागू: दस्तख़त करने वालों पर, और उनके वारिसों, legal representatives, executors और administrators पर भी; सब पर jointly and severally।[1]
  • Stamp: format पर लिखा है कि bond पर राज्य में लागू Stamp Act के मुताबिक stamp लगना चाहिए।[1]
  • Surety: format में sureties के दस्तख़त की जगह भी है, पर वह सिर्फ़ सीमा से ऊपर के दावों के लिए है। Surety से bank नाम, पता, काम, आय और संपत्ति जैसी जानकारी लेता है।[1]
  • Locker का bond: उसमें locker के सामान का ब्योरा, description, वज़न और valuation लिखा जाता है; valuation bank भरता है।[1]

Indemnity और surety, क़ानून में

  • Indemnity पाने वाले के अधिकार: धारा 125 के मुताबिक जिसे indemnity दी गई है, उस पर मुक़दमा हो, तो वह अपने अधिकार के दायरे में काम करते हुए वादा करने वाले से वह हर्जाना वसूल सकता है, जो उसे उस मामले में देना पड़े।[2]
  • ख़र्च और समझौता: धारा 125 में लिखी शर्तों पर वह मुक़दमे का ख़र्च, और मुक़दमे के समझौते में दी गई रकम भी वसूल सकता है।[2]
  • Surety कौन है: धारा 126 के मुताबिक "contract of guarantee" किसी तीसरे व्यक्ति के चूकने पर उसका वादा निभाने, या उसकी देनदारी चुकाने का contract है; guarantee देने वाले को "surety" कहते हैं।[2]
  • Surety की देनदारी: धारा 128 के मुताबिक surety की देनदारी उतनी ही होती है, जितनी principal debtor की, जब तक contract में कुछ और न लिखा हो।[2]

आम ग़लतफ़हमी

✕ ग़लतफ़हमी"Nominee को भी indemnity bond देना पड़ता है।"
✓ सचनहीं। RBI के निर्देशों के मुताबिक nominee या survivor को भुगतान करते समय bank उनसे या किसी तीसरे व्यक्ति से indemnity bond या surety नहीं माँग सकता, रकम चाहे जितनी हो।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"Bank हर दावे में तीसरे व्यक्ति की guarantee माँग सकता है।"
✓ सचनहीं। ₹15 लाख की सीमा तक के दावे में, और वसीयत या विवाद वाले दावों में, bank तीसरे व्यक्ति का surety bond नहीं ले सकता। सीमा से ऊपर के दावे के दूसरे रास्ते में ही bank यह माँग सकता है।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"Bond दे दिया, तो आगे कोई ज़िम्मेदारी नहीं रही।"
✓ सचउलटा है। Bond में दावा करने वाले वादा करते हैं कि इस भुगतान की वजह से bank पर जो भी दावे, नुकसान या ख़र्च आएँगे, उनकी भरपाई वे करेंगे। यह वादा उनके वारिसों पर भी लागू रहता है, और सभी दस्तख़त करने वालों पर jointly and severally।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"Indemnity bond सादे काग़ज़ पर चल जाता है।"
✓ सचRBI के format पर साफ़ लिखा है कि bond पर राज्य में लागू Stamp Act के मुताबिक stamp लगना चाहिए।[1]

आपका अधिकार

Nominee या survivor को भुगतान करते समय bank उनसे या किसी तीसरे व्यक्ति से indemnity bond या surety नहीं माँग सकता, रकम चाहे जितनी हो।[1]
  • ₹15 लाख की सीमा तक: तीसरे व्यक्ति का surety bond नहीं लिया जा सकता।[1]
  • वसीयत या विवाद वाले दावे: इनमें भी तीसरे व्यक्ति का surety bond नहीं लिया जा सकता।[1]
  • Standard forms: bank को दावे के standard forms अपनी सभी शाखाओं और website पर रखने हैं।[1]

अभी क्या करें

  • Bond का format bank की शाखा या website से लीजिए; bank को RBI के तय किए हुए standard forms ही इस्तेमाल करने हैं।[1]
  • दस्तख़त से पहले पढ़ लीजिए कि आप क्या वादा कर रहे हैं: बाद में bank पर इस भुगतान को लेकर दावा आया, तो भरपाई आपको करनी होगी।[1]
  • Bond पर अपने राज्य के Stamp Act के मुताबिक stamp लगवाइए।[1]
  • जो वारिस दावा नहीं कर रहे, उनका disclaimer या no-objection letter भी साथ लगाइए, जहाँ लागू हो।[1]
  • दावा ₹15 लाख की सीमा के भीतर हो और bank तीसरे व्यक्ति का surety माँगे, तो बताइए कि RBI के निर्देशों में इसकी मनाही है।[1]

सवाल-जवाब

Indemnity Bond का मतलब क्या है?यह वह लिखित वादा है, जिसमें दावा करने वाला bank को बाद में आने वाले दावों, नुकसान और ख़र्च से बचाने की ज़िम्मेदारी लेता है। Indian Contract Act, 1872 की धारा 124 के मुताबिक 'contract of indemnity' वह contract है, जिसमें एक पक्ष दूसरे को उस नुकसान से बचाने का वादा करता है, जो वादा करने वाले के, या किसी और व्यक्ति के काम से उसे हो।
Bank indemnity bond कब लेता है?RBI के निर्देशों के मुताबिक तब, जब nominee न हो और दावा Probate, Letter of Administration, Succession Certificate या अदालत के आदेश जैसे काग़ज़ के बिना निपटाया जा रहा हो: ₹15 लाख की सीमा तक के दावे में; सीमा से ऊपर के दावे के दूसरे रास्ते में; और तब, जब bank probate के बिना वसीयत के मुताबिक दावा निपटाए।
क्या nominee को indemnity bond देना होता है?नहीं। पैरा 286 के मुताबिक nominee या survivor को भुगतान करते समय bank उनसे या किसी तीसरे व्यक्ति से indemnity bond या surety नहीं माँग सकता, रकम चाहे जितनी हो।
Surety bond क्या है, और bank इसे कब माँग सकता है?Surety वह तीसरा व्यक्ति है, जो bond पर दावा करने वालों के साथ ज़िम्मेदारी लेता है। पैरा 289 के मुताबिक ₹15 लाख की सीमा तक के दावे में bank यह नहीं ले सकता। पैरा 290 के मुताबिक सीमा से ऊपर के दावे के दूसरे रास्ते में bank ऐसे व्यक्तियों का surety bond माँग सकता है, जो उसे मंज़ूर हों और दावे की रकम के लिए सक्षम हों; इनमें वे वारिस भी हो सकते हैं, जो दावा नहीं कर रहे।
Succession Certificate हो, तो क्या bond लगता है?नहीं। सीमा से ऊपर के दावे के पहले रास्ते में Succession Certificate के साथ सिर्फ़ claim form, death certificate और पहचान का काग़ज़ लगता है। वसीयत वाले दावे Probate या Letter of Administration पर निपटें, या विवाद वाले दावे अदालती काग़ज़ों पर, तब भी यही तीन काग़ज़ लगते हैं।
Bond में क्या लिखा होता है?RBI के format में: दावा करने वालों के नाम; मृतक के जमा खातों का ब्योरा; और यह वादा कि bank के भुगतान करने की वजह से bank, उसके अधिकारियों या उसके successors पर जो भी दावे, माँगें, कार्यवाही, नुकसान, charges और ख़र्च आएँ, उनकी भरपाई दस्तख़त करने वाले करेंगे।
Bond पर stamp कितने का लगता है?RBI के format पर इतना लिखा है कि bond पर राज्य में लागू Stamp Act के मुताबिक stamp लगना चाहिए। रकम उस राज्य के क़ानून से तय होती है; यह इस पन्ने के स्रोतों में नहीं है।
Locker के दावे में indemnity bond कब लगता है?पैरा 306 के मुताबिक nominee या survivor से नहीं, जब तक nomination में कोई discrepancy न हो। Nominee न हो, तो पैरा 313 के मुताबिक स्वतंत्र valuer सामान की क़ीमत आँकता है, जो bond में लिखी जाती है, और bond देने के बाद सामान निकाला जा सकता है। दावा Probate of Will, Succession Certificate, Letter of Administration या अदालत के आदेश पर निपटे, तो bond नहीं लगता।
Bank पर बाद में दावा आ जाए, तो क्या होगा?Bond के मुताबिक उसकी भरपाई दस्तख़त करने वालों को करनी होगी। Indian Contract Act की धारा 125 के मुताबिक जिसे indemnity दी गई है, वह अपने अधिकार के दायरे में काम करते हुए वादा करने वाले से वह हर्जाना वसूल सकता है, जो उसे उस मामले के मुक़दमे में देना पड़े; और धारा में लिखी शर्तों पर मुक़दमे का ख़र्च और समझौते में दी गई रकम भी।
Bond का format कहाँ मिलेगा?RBI के निर्देशों के मुताबिक bank को दावे के standard forms अपनी सभी शाखाओं और website पर रखने हैं। Deposit खातों के bond का format निर्देशों के Annex VII में है, और locker के bond का Annex XII में।

जुड़े शब्द

स्रोत

  1. RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Responsible Business Conduct) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/170; Updated as on October 1, 2026) ↗जारी: 28 नव 2025किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 286nominee या survivor से indemnity bond या surety नहीं
    • पैरा 288 और 289₹15 लाख की सीमा तक: दावा करने वालों का bond; तीसरे व्यक्ति का surety नहीं
    • पैरा 290सीमा से ऊपर के दो रास्ते; surety bond कब
    • पैरा 291, 292, 293 और 294वसीयत और विवाद वाले दावे; probate के बिना वसीयत पर bond; surety नहीं
    • पैरा 306 और 313locker के दावे में bond कब लगता है और कब नहीं
    • पैरा 315 और 316standard forms; शाखाओं और website पर
    • Annex VIIdeposit खातों के bond का format; stamp; surety की जानकारी
    • Annex XIIlocker के सामान के bond का format
  2. India Code — The Indian Contract Act, 1872 (Act No. 9 of 1872) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • धारा 124 और 125contract of indemnity की परिभाषा; indemnity पाने वाले के अधिकार
    • धारा 126 और 128surety कौन है; surety की देनदारी

सुधार का इतिहास

  • पन्ना बना। RBI के Commercial Banks – Responsible Business Conduct Directions, 2025 (1 अक्टूबर 2026 तक update) और India Code पर Indian Contract Act, 1872 के पाठ से जाँचा।

पन्ना बना: 07 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 07 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।