1मतलब
Affidavit वह लिखित बयान है, जिस पर दस्तख़त करके बयान देने वाला शपथ लेता है, या सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञा (solemn affirmation) करता है, कि यह उसका नाम और दस्तख़त है और उसमें लिखी बातें सच हैं। Oaths Act, 1969 में affidavit का यही form दिया गया है।[1]
General Clauses Act, 1897 के मुताबिक "affidavit" में affirmation और declaration भी शामिल हैं, उन लोगों के मामले में, जिन्हें क़ानून शपथ लेने की जगह affirm या declare करने की इजाज़त देता है।[2]
2Affidavit किसके सामने बनता है
General Clauses Act के मुताबिक "affidavit" में affirmation और declaration भी शामिल हैं, उन लोगों के मामले में, जिन्हें क़ानून शपथ की जगह इसकी इजाज़त देता है।
- Notary: notary किसी व्यक्ति को शपथ दिला सकता है और उससे affidavit ले सकता है। उसका काम तभी notarial act माना जाता है, जब वह उसके दस्तख़त और official seal के साथ हो।[3]
- अधिकृत court या व्यक्ति: कोई court, Judge, Magistrate या व्यक्ति affidavit के लिए शपथ दिला सकता है, अगर उसे इसका अधिकार High Court ने (अदालती कार्यवाही के affidavit के लिए) या राज्य सरकार ने (बाक़ी affidavit के लिए) दिया हो।[1]
- फ़ौजदारी अदालत का affidavit: यह किसी Judge, Judicial या Executive Magistrate के सामने; High Court या Court of Session के नियुक्त किए Commissioner of Oaths के सामने; या notary के सामने बनता है।[4]
3Affidavit में क्या लिखा जाता है
- सिर्फ़ तथ्य: अदालत में देने वाले affidavit में वे तथ्य लिखे जाते हैं, जिन्हें बयान देने वाला अपनी जानकारी से साबित कर सकता है।[4]
- भरोसे वाली बातें अलग: जिन तथ्यों को सच मानने का उसके पास उचित आधार है, वे अलग लिखे जाते हैं, और उसे अपने भरोसे का आधार साफ़ लिखना होता है।[4]
- बेमतलब बातें हट सकती हैं: अदालत affidavit की अपमानजनक और बेमतलब (scandalous and irrelevant) बातें हटवा या बदलवा सकती है।[4]
- शपथ या affirmation: form में दो रास्ते हैं: "swear in the name of God" या "solemnly affirm"।[1]
4झूठा affidavit
- False evidence: शपथ से, या क़ानून से, सच बोलने के लिए बँधा व्यक्ति ऐसा बयान दे, जो झूठा हो और जिसे वह झूठा जानता या मानता हो, या सच न मानता हो, तो वह false evidence देता है। बयान ज़बानी हो या किसी और रूप में, दोनों इसमें आते हैं।[5]
- सज़ा: जान-बूझकर false evidence देने पर अदालती कार्यवाही में सात साल तक की जेल और ₹10,000 तक जुर्माना हो सकता है; बाक़ी मामलों में तीन साल तक की जेल और ₹5,000 तक जुर्माना।[5]
- Declaration में झूठ: जिस declaration को कोई अदालत, सरकारी सेवक या दूसरा व्यक्ति क़ानूनन सबूत के तौर पर लेने के लिए बँधा या अधिकृत है, उसमें किसी अहम बात पर जान-बूझकर झूठा बयान देने वाले को वैसी ही सज़ा होती है, जैसी false evidence देने पर।[5]
5Bank के दावे में affidavit
- Nominee या survivor हो: bank सिर्फ़ तीन काग़ज़ लेता है: claim form, Death Certificate और पहचान का काग़ज़। Affidavit नहीं लगता।[6]
- ₹15 लाख की सीमा तक: यह सीमा ₹15 लाख है, या उससे ऊँची, जो bank तय करे। Nominee न हो और जमा का दावा क़ानूनी वारिस करें, तो Legal Heir Certificate, या उसकी जगह एक स्वतंत्र व्यक्ति का declaration लगता है। इस declaration को affidavit के रूप में शपथ लेकर देना ज़रूरी नहीं है।[6]
- सीमा से ऊपर: Succession Certificate न दिया जाए, तो Legal Heir Certificate, या स्वतंत्र व्यक्ति का affidavit लगता है, जो Notary Public, Judge या Judicial Magistrate के सामने शपथ लेकर दिया गया हो।[6]
- कौन दे सकता है: वह व्यक्ति, जो मृतक के परिवार को अच्छी तरह जानता हो, दावे का पक्ष न हो और bank को मंज़ूर हो।[6]
- क्या लिखा होता है: मृतक की मृत्यु बिना वसीयत के कब और कहाँ हुई; बयान देने वाला परिवार को कितने साल से जानता है; क़ानूनी वारिसों के नाम, उम्र और रिश्ता; और यह कि उसका मृतक या वारिसों से कोई रिश्ता नहीं, और संपत्ति में कोई दावा या हित नहीं।[6]
- Stamp: RBI के format पर लिखा है कि इस पर राज्य में लागू Stamp Act के मुताबिक stamp लगना है।[6]
- Locker: सरल प्रक्रिया वाले दावे में Legal Heir Certificate, या Notary Public, Judge या Judicial Magistrate के सामने शपथ लेकर दिया गया स्वतंत्र व्यक्ति का affidavit लगता है।[6]
6आम ग़लतफ़हमी
7आपका अधिकार
- शपथ या affirmation: affidavit के form में "swear in the name of God" की जगह "solemnly affirm" का रास्ता भी है।[1]
- Nominee हो, तो affidavit नहीं: nominee या survivor से bank सिर्फ़ claim form, death certificate और पहचान का काग़ज़ लेता है।[6]
8अभी क्या करें
- Affidavit पर दस्तख़त से पहले उसे पूरा पढ़िए; शपथ लेकर जान-बूझकर झूठा बयान देने पर जेल हो सकती है।[5]
- अदालत के affidavit में वही तथ्य लिखिए, जिन्हें आप अपनी जानकारी से साबित कर सकें; भरोसे वाली बातें अलग लिखिए, आधार के साथ।[4]
- जमा खाते का दावा ₹15 लाख की सीमा तक हो और bank शपथ वाला affidavit माँगे, तो बताइए कि RBI के format के मुताबिक शपथ सीमा से ऊपर के दावे में ही ज़रूरी है।[6]
- Bank वाले affidavit के लिए ऐसा व्यक्ति चुनिए, जो परिवार को अच्छी तरह जानता हो, दावे का पक्ष न हो और bank को मंज़ूर हो।[6]
- पुलिस FIR दर्ज न करे और आप Magistrate को application दें, तो उसके साथ affidavit लगता है।[4]
9सवाल-जवाब
10जुड़े शब्द
11स्रोत
- India Code — The Oaths Act, 1969 (Act No. 44 of 1969), पाठ "As on the 6th Oct, 2025" ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- धारा 3affidavit के लिए शपथ कौन दिला सकता है
- ScheduleForm No. 4 (Affidavits): शपथ या solemn affirmation
- India Code — The General Clauses Act, 1897 (Act No. 10 of 1897) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- धारा 3(3)"affidavit" में affirmation और declaration शामिल
- India Code — The Notaries Act, 1952 (Act No. 53 of 1952), पाठ "As on the 15th January, 2026" ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- धारा 8(1)notary शपथ दिला सकता है और affidavit ले सकता है
- धारा 8(2)दस्तख़त और official seal के साथ ही notarial act
- India Code — The Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023 (Act No. 46 of 2023), पाठ "As on the 6th October, 2025" ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- धारा 175Magistrate को दी जाने वाली application के साथ affidavit
- धारा 333(1)अदालती affidavit किसके सामने
- धारा 333(2)affidavit में कौन-से तथ्य, और कैसे लिखे जाएँ
- धारा 333(3)अदालत कौन-सी बातें हटवा सकती है
- India Code — The Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 (Act No. 45 of 2023), पाठ "As on the 6th October, 2025" ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- धारा 227false evidence देना क्या है
- धारा 229सज़ा: सात साल तक; तीन साल तक
- धारा 236declaration में झूठा बयान
- RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Responsible Business Conduct) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/170; Updated as on October 1, 2026) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 3ये निर्देश किन banks पर लागू हैं
- पैरा 283threshold limit: ₹15 लाख, या bank की तय की हुई ऊँची सीमा
- पैरा 286nominee या survivor से सिर्फ़ तीन काग़ज़
- पैरा 288सीमा तक: Legal Heir Certificate या स्वतंत्र व्यक्ति का declaration
- पैरा 290सीमा से ऊपर: शपथ लेकर दिया गया affidavit; कौन दे सकता है
- पैरा 309locker के दावे में affidavit
- Annex IXDeclaration / Affidavit का format; stamp; शपथ कब ज़रूरी
12सुधार का इतिहास
- पन्ना बना। Oaths Act, 1969; General Clauses Act, 1897; Notaries Act, 1952; Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023; Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 (सब India Code से) और RBI के Commercial Banks – Responsible Business Conduct Directions, 2025 से जाँचा।
पन्ना बना: 07 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 07 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।