1मतलब
Locker, यानी bank का safe deposit locker, जो ग्राहक किराये पर लेता है। RBI के निर्देशों में locker लेने वाले को 'locker-hirer' कहा गया है।[1]
Bank locker के सामान का, या उसमें रखी और निकाली गई चीज़ों का, record नहीं रखता।[1]
RBI के ये निर्देश commercial banks के लिए हैं, और नए-पुराने, दोनों तरह के lockers पर 1 जनवरी 2022 से लागू हैं (जहाँ अलग तारीख़ न लिखी हो)।[1]
2इसका मतलब आपके लिए क्या है
- Bank की ज़िम्मेदारी: आग, चोरी, सेंध, डकैती, इमारत गिरने जैसी घटना से, या bank के कर्मचारी के fraud से locker के सामान का नुकसान हो, तो bank की ज़िम्मेदारी locker के उस समय के सालाना किराये के 100 गुना के बराबर रकम की होती है।[1]
- प्राकृतिक आपदा या अपनी ग़लती: भूकंप, बाढ़, बिजली गिरने और आँधी-तूफ़ान जैसी प्राकृतिक आपदा से, या सिर्फ़ ग्राहक की अपनी ग़लती या लापरवाही से हुए नुकसान के लिए bank ज़िम्मेदार नहीं है।[1]
- बीमा: सामान का बीमा कराने की ज़िम्मेदारी bank की नहीं है। Bank locker के सामान के बीमे का कोई insurance product अपने locker-hirers को offer भी नहीं कर सकता।[1]
- FD की शर्त: locker देते समय bank सिर्फ़ उतनी term deposit ले सकता है, जो तीन साल के किराये और locker तोड़कर खोलने के ख़र्च जितनी हो। मौजूदा locker धारकों से, या जिनका खाता ठीक चल रहा है, उनसे bank यह माँग नहीं कर सकता।[1]
- हर बार alert: locker खोला जाए, तो bank को दिन ख़त्म होने से पहले ग्राहक के दर्ज email और mobile पर email और SMS भेजना है, जिसमें तारीख़ और समय हो, और यह भी कि बिना इजाज़त locker खोला गया हो, तो शिकायत कहाँ करनी है।[1]
- Charges website पर: bank को locker के सभी charges की ताज़ा जानकारी अपनी website पर रखनी है।[1]
3Locker कैसे मिलता है
Bank को हर शाखा के ख़ाली lockers की सूची और waitlist computerised system में रखनी है, ताकि allotment पारदर्शी रहे।
- KYC: bank के मौजूदा ग्राहक को, और उसे भी, जिसका bank से कोई और रिश्ता नहीं है, customer due diligence पूरा होने पर locker दिया जा सकता है।[1]
- पावती और waitlist: bank को locker की हर अर्ज़ी की पावती देनी है; locker ख़ाली न हो, तो waitlist number देना है।[1]
- Agreement: locker देते समय bank ग्राहक के साथ stamp paper पर agreement करता है। दोनों के दस्तख़त वाली एक copy locker-hirer को दी जाती है, ताकि वह अपने अधिकार और ज़िम्मेदारियाँ जान सके।[1]
- Unfair शर्तें नहीं: bank को पक्का करना है कि agreement में कोई unfair शर्त न हो, और शर्तें उससे ज़्यादा कड़ी न हों, जितनी bank के हित बचाने के लिए आम कारोबार में ज़रूरी हैं।[1]
- क्या नहीं रखा जा सकता: agreement में यह शर्त होती है कि locker-hirer locker में कोई ग़ैरक़ानूनी चीज़ या ख़तरनाक पदार्थ नहीं रखेगा।[1]
- Locker छोड़ने पर: किराया पहले से लिया गया हो, तो बचे हुए समय का किराया ग्राहक को लौटाया जाता है।[1]
- शाखा बदले या बंद हो: lockers दूसरी जगह ले जाने हों, तो bank को दो अख़बारों में public notice देना है, और ग्राहकों को कम से कम दो महीने पहले बताना है, साथ में locker बदलने या बंद करने का विकल्प देना है।[1]
4Locker चलाना
- कौन खोल सकता है: सिर्फ़ locker-hirer, या उसका authorised व्यक्ति; पहचान की जाँच के बाद। Bank हर बार आने और जाने का समय दर्ज करता है और दस्तख़त लेता है।[1]
- Privacy: bank का अधिकारी अपनी चाबी या password से पहला ताला खोलने के बाद, locker खुलते समय वहाँ मौजूद नहीं रहता।[1]
- चाबी: locker bank की दी हुई चाबी से ही चलाया जा सकता है। Locker में इसकी व्यवस्था हो, तो ग्राहक अपना एक और ताला भी लगा सकता है।[1]
- चाबी खो जाए: bank को तुरंत बताना है। Locker खोलने, ताला बदलने और नई चाबी के charges hirer से लिए जा सकते हैं। Locker ग्राहक और bank के authorised अधिकारी की मौजूदगी में खोला जाता है।[1]
- Locker ठीक से बंद न हुआ हो: custodian उसे तुरंत बंद करता है, और locker-hirer को email, SMS या पत्र से सूचना देता है, ताकि वह सामान जाँच सके।[1]
- CCTV: bank अपनी security policy के मुताबिक strong room के आने-जाने के रास्ते CCTV में रख सकता है, और recording कम से कम 180 दिन रखता है। ग्राहक शिकायत करे कि locker उसकी जानकारी के बिना खोला गया, तो recording पुलिस जाँच पूरी होने और विवाद निपटने तक रखनी है।[1]
5Bank locker कब तोड़कर खोल सकता है
- तीन हालात: hirer की चाबी खो जाए और वह अपने ख़र्च पर खुलवाना चाहे; सरकारी एजेंसी अदालत या सक्षम authority के आदेश के साथ आए; या bank को locker वापस लेना ज़रूरी लगे, क्योंकि hirer सहयोग नहीं कर रहा या agreement की शर्तें नहीं मान रहा।[1]
- किराया तीन साल न दिया हो: किराया लगातार तीन साल न दिया गया हो, तो bank तय प्रक्रिया के बाद locker तोड़कर खोल सकता है।[1]
- पहले notice: bank को पत्र, email और SMS से notice देना है। पत्र लौट आए या hirer न मिले, तो दो अख़बारों में public notice देना है: एक English में, एक स्थानीय भाषा में।[1]
- कैसे खोला जाता है: bank के अधिकारी और दो स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में; और bank इसकी video बनाकर रखता है।[1]
- सामान: पूरी सूची के साथ sealed envelope में, fireproof safe में तब तक रखा जाता है, जब तक ग्राहक उसका दावा न करे।[1]
- सात साल तक न चला हो: locker सात साल तक चला ही न हो और locker-hirer का पता न चल रहा हो, तो किराया आते रहने पर भी bank उसका सामान nominee या क़ानूनी वारिसों को दे सकता है, या पारदर्शी तरीके से निपटा सकता है।[1]
- सरकारी आदेश पर: bank locker-hirer को पत्र और email या SMS से बताता है। सामान की सूची सरकारी अधिकारियों, दो स्वतंत्र गवाहों और bank के अधिकारी की मौजूदगी में बनती है।[1]
6Locker-hirer के न रहने पर
- Nominee हो: bank nominee को locker खोलने और सामान निकालने देता है। काग़ज़ तीन हैं: claim form, death certificate, और nominee की पहचान और पते का Officially Valid Document।[1]
- Nominee trustee है: bank को nominee को साफ़ बताना है कि उसे सामान क़ानूनी वारिसों के trustee के तौर पर दिया जा रहा है।[1]
- Nominee न हो: वारिसों में कोई विवाद न हो, तो bank सरल प्रक्रिया अपनाता है, और Succession Certificate, Letter of Administration या अदालत के आदेश जैसे काग़ज़ नहीं लेता।[1]
- 15 calendar दिन: सारे काग़ज़ मिलने के 15 calendar दिन के भीतर bank को दावा process करके सामान की सूची बनाने की तारीख़ तय करने के लिए संपर्क करना है। ऐसा न हो, तो उसे देरी के हर दिन के ₹5,000 देने हैं।[1]
- प्रक्रिया website पर: nominee, survivor या वारिसों को locker तक पहुँच देने की प्रक्रिया bank को अपनी website पर रखनी है, और उसकी छपी हुई copy उन्हें देनी है।[1]
7आम ग़लतफ़हमी
8आपका अधिकार
- Agreement की copy: दोनों के दस्तख़त वाली agreement की copy locker-hirer को दी जाती है।[1]
- Alert: locker खुलने पर उसी दिन email और SMS।[1]
- किराये की वापसी: locker छोड़ने पर पहले से लिए किराये का बचा हुआ हिस्सा।[1]
9अभी क्या करें
- Locker agreement की अपनी copy सँभालकर रखिए।[1]
- Bank में अपना mobile number और email दर्ज रखिए, ताकि locker खुलने का alert आप तक पहुँचे।[1]
- Locker में nominee दर्ज कराइए; nominee से bank सिर्फ़ तीन काग़ज़ लेता है।[1]
- किराया समय पर दीजिए, और locker बीच-बीच में चलाते रहिए।[1]
- Bank locker के सामान का बीमा नहीं करता, और ऐसा बीमा बेच भी नहीं सकता; बीमा चाहिए, तो उसका इंतज़ाम आपको अलग से करना होगा।[1]
10सवाल-जवाब
11जुड़े शब्द
12स्रोत
- RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Responsible Business Conduct) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/170; Updated as on October 1, 2026) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 3 और 216ये निर्देश किन banks और किन lockers पर लागू हैं
- पैरा 217, 218 और 219locker के लिए KYC; locker में क्या नहीं रखा जा सकता
- पैरा 221, 222 और 223ख़ाली lockers की सूची और waitlist; locker agreement
- पैरा 226, 227 और 228term deposit की शर्त; पहले लिए किराये की वापसी; शाखा बदलने पर
- पैरा 230, 234, 235, 236 और 237CCTV; चाबी; कौन खोल सकता है; privacy; email और SMS alert
- पैरा 240, 243, 244 और 245locker ठीक से बंद न हो; चाबी खो जाए
- पैरा 241, 249, 250, 251 और 252bank कब और कैसे locker तोड़कर खोल सकता है; सामान कैसे रखा जाता है
- पैरा 246 और 247अदालत या सक्षम authority के आदेश पर ज़ब्ती
- पैरा 254सात साल तक न चला locker
- पैरा 256, 257 और 258bank की ज़िम्मेदारी: किन घटनाओं में, कितनी
- पैरा 260, 261, 262 और 263बीमा; agreement, charges और दावे की प्रक्रिया website पर
- पैरा 299, 303, 304 और 306locker-hirer के न रहने पर nominee
- पैरा 308, 309, 320 और 322nominee न हो, तो सरल प्रक्रिया; 15 दिन; ₹5,000 रोज़
13सुधार का इतिहास
- पन्ना बना। RBI के Commercial Banks – Responsible Business Conduct Directions, 2025 (1 अक्टूबर 2026 तक update) से जाँचा।
पन्ना बना: 07 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 07 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।