1मतलब
Survivorship clause joint खाते का वह निर्देश है, जो बताता है कि खाता कौन चलाएगा और एक खाताधारक के न रहने पर रकम किसे मिलेगी। RBI के निर्देशों में "accounts with survivorship clause" वे joint deposit खाते हैं, जो 'either or survivor', 'anyone or survivor', 'former or survivor', 'latter or survivor' या ऐसे ही किसी और clause के साथ खोले गए हों।[1]
"Survivor" यानी वह खाताधारक, जो दूसरे खाताधारक की मृत्यु के बाद बचा हो। ऐसे खाते में खाताधारक की मृत्यु पर बकाया रकम survivor को देने से bank की देनदारी पूरी मानी जाती है।[1]
2इसका मतलब आपके लिए क्या है
- सिर्फ़ तीन काग़ज़: survivor से bank को ये लेने हैं: claim form, मृतक का death certificate, और survivor का Officially Valid Document।[1]
- अदालती काग़ज़ नहीं: survivor को भुगतान करते समय bank Succession Certificate, Letter of Administration, Probate of Will जैसे काग़ज़ नहीं माँग सकता, रकम चाहे जितनी हो।[1]
- Bond या surety नहीं: bank survivor से या किसी तीसरे व्यक्ति से Indemnity Bond या surety भी नहीं माँग सकता।[1]
- 15 दिन: खाताधारक की मृत्यु के बाद deposit खाते का दावा bank को सारे ज़रूरी काग़ज़ मिलने के 15 calendar दिन के भीतर निपटाना है। देरी bank की वजह से हो, तो उसे देरी के समय का ब्याज देना है, कम से कम Bank Rate + 4 प्रतिशत सालाना की दर से।[1]
- किसी भी शाखा में: दावा bank की किसी भी शाखा में दिया जा सकता है, और bank को उसकी पावती देनी है।[1]
- Nominee का हक़ बाद में: joint deposit खाते में, survivorship clause हो या न हो, Nominee का हक़ सभी खाताधारकों की मृत्यु के बाद ही बनता है।[1]
3Survivor को भुगतान कैसे होता है
यह क्रम savings जैसे deposit खातों का है। Joint FD समय से पहले तोड़नी हो, तो नियम अलग हैं; नीचे देखिए।
Survivor को किया गया भुगतान bank की देनदारी का पूरा और वैध निपटारा तब माना जाता है, जब ये तीन शर्तें पूरी हों:[1]
- पहचान और मृत्यु का सबूत: bank ने survivor की पहचान और खाताधारक की मृत्यु, दोनों की पुष्टि सही काग़ज़ी सबूत से की हो।[1]
- अदालत की रोक न हो: भुगतान की तारीख़ पर bank की जानकारी में कोई ऐसा court order न हो, जो survivor को रकम लेने से या bank को रकम देने से रोकता हो।[1]
- Trustee के तौर पर: bank ने survivor को लिखकर साफ़ बताया हो कि वह यह भुगतान मृतक के क़ानूनी वारिसों के trustee के तौर पर पा रहा है; यानी इस भुगतान से उस हक़ या दावे पर असर नहीं पड़ेगा, जो किसी व्यक्ति का survivor के ख़िलाफ़ हो।[1]
4Joint FD में survivorship clause
- 'Either or Survivor', पकने पर: भुगतान के लिए दोनों खाताधारकों के दस्तख़त ज़रूरी नहीं।[1]
- 'Either or Survivor', पकने से पहले: दोनों के दस्तख़त लग सकते हैं। एक खाताधारक की मृत्यु पकने से पहले हो जाए, तो मृतक के क़ानूनी वारिसों की सहमति के बिना FD समय से पहले नहीं तोड़ी जा सकती। पकने पर survivor को भुगतान में इससे रुकावट नहीं आती।[1]
- 'Former or Survivor': दोनों जीवित हों, तो पकी हुई रकम सिर्फ़ 'Former' निकाल सकता है। 'Former' की मृत्यु पकने से पहले हो जाए, तो 'Survivor' पकने पर रकम निकाल सकता है।[1]
- Joint mandate: सभी खाताधारकों ने मिलकर bank को इसका ख़ास mandate दे रखा हो, तो एक की मृत्यु पर survivor वारिसों की सहमति के बिना FD समय से पहले तोड़ सकता है। यह mandate FD रखते समय या बाद में कभी भी दिया जा सकता है।[1]
- पकी FD की रकम: FD और savings खाता, दोनों उन्हीं दो लोगों के नाम 'Either or Survivor' पर हों, तो पकी हुई FD की रकम उसी joint savings खाते में डाली जा सकती है; पहले खाताधारक के नाम अलग खाता खोलना ज़रूरी नहीं।[1]
5Locker और survivorship clause
- Mandate के मुताबिक: Locker survivorship clause के साथ joint किराये पर लिया गया हो, तो एक या ज़्यादा hirers की मृत्यु पर bank को उसी mandate के मुताबिक चलना है।[1]
- Joint दस्तख़त वाला locker: locker joint दस्तख़त से चलता हो और hirers ने nominee रखा हो, तो एक hirer की मृत्यु पर bank nominee और survivor को साथ में पहुँच देता है।[1]
- Trustee के तौर पर: survivor को locker तक पहुँच और सामान निकालने की छूट भी मृतक के क़ानूनी वारिसों के trustee के तौर पर ही मिलती है।[1]
- अदालती काग़ज़ या bond: survivor से नहीं लगते, जब तक nomination में कोई discrepancy न हो।[1]
6Survivorship clause न हो, तो
- दावा वारिसों का: joint खाता survivorship clause के बिना हो और nominee भी न हो, तो दावा Legal Heir करते हैं, और काग़ज़ ज़्यादा लगते हैं।[1]
- Bank की ज़िम्मेदारी: bank को अपने ग्राहकों को nomination और survivorship clause के फ़ायदे बताते रहना है।[1]
7आम ग़लतफ़हमी
8आपका अधिकार
- 15 calendar दिन: सारे ज़रूरी काग़ज़ मिलने के बाद bank को दावा इतने दिन में निपटाना है।[1]
- पावती: दावा किसी भी शाखा में दिया जा सकता है, और bank को पावती देनी है।[1]
9अभी क्या करें
- अपने joint खाते के काग़ज़ में देखिए कि खाता किस निर्देश पर चल रहा है: 'Either or Survivor', 'Former or Survivor', या joint दस्तख़त।[1]
- Joint FD हो, तो तय कर लीजिए कि survivor को समय से पहले तोड़ने का अधिकार देना है या नहीं; देना हो, तो सभी खाताधारक मिलकर bank को joint mandate दीजिए।[1]
- Joint खाते में nominee भी दर्ज कराइए; उसका हक़ सभी खाताधारकों के न रहने पर बनता है।[1]
- दावा देते समय claim form, death certificate और अपना OVD साथ रखिए, और पावती लीजिए।[1]
10सवाल-जवाब
11जुड़े शब्द
12स्रोत
- RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Responsible Business Conduct) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/170; Updated as on October 1, 2026) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 3ये निर्देश किन banks पर लागू हैं
- पैरा 4(1)'accounts with survivorship clause' की परिभाषा
- पैरा 178 और 179'Either or Survivor' और 'Former or Survivor' FD: पकने पर और पकने से पहले
- पैरा 180 और 181समय से पहले निकासी का joint mandate; पकी FD की रकम joint savings खाते में
- पैरा 2821 अप्रैल 2026 से लागू; SCSS, PPF जैसी योजनाओं पर नहीं
- पैरा 284survivor को भुगतान से bank की देनदारी पूरी; तीन शर्तें; trustee
- पैरा 285joint खाते में nominee का हक़ सभी की मृत्यु के बाद
- पैरा 286तीन काग़ज़; Succession Certificate, bond या surety नहीं
- पैरा 287 और 288survivorship clause के बिना: दावा क़ानूनी वारिसों का
- पैरा 297joint FD समय से पहले: सहमति; joint mandate कब दिया जा सकता है
- पैरा 300 और 301joint locker: nominee और survivor; survivorship clause का mandate
- पैरा 304 और 306locker: survivor trustee के तौर पर; bond कब नहीं
- पैरा 317किसी भी शाखा में दावा; पावती
- पैरा 319 और 32115 calendar दिन; देरी का ब्याज
- पैरा 325bank को survivorship clause के फ़ायदे बताने हैं
- Annex Vnominee / survivor का claim form
13सुधार का इतिहास
- पन्ना बना। RBI के Commercial Banks – Responsible Business Conduct Directions, 2025 (1 अक्टूबर 2026 तक update) से जाँचा।
पन्ना बना: 07 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 07 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।