सूचना डेस्क · भारत

सीधा मतलब | Seedha Matlab

Contact
शब्द · बैंकिंग✓ स्रोत से जाँचा · 8 Oct 2026

BNSS

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023

एक लाइन में

BNSS, यानी Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023 (Act No. 46 of 2023), फ़ौजदारी प्रक्रिया (criminal procedure) का क़ानून है। India Code के मुताबिक यह 1 जुलाई 2024 से लागू है, और इसकी धारा 531 ने पुराने Code of Criminal Procedure, 1973 (CrPC) को रद्द किया। FIR दर्ज होना, पुलिस का दस्तावेज़ माँगना और संपत्ति ज़ब्त करना, ये सब इसी क़ानून में हैं।

पूरा नामभारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023Act No. 46 of 2023
लागू1 जुलाई 2024धारा 1(3) का notification
किसकी जगहCrPC, 1973धारा 531(1)
FIRधारा 173किसी भी थाने में, ज़ुबानी या electronic

मतलब

BNSS, यानी Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023, फ़ौजदारी प्रक्रिया का क़ानून है।[1] इसकी धारा 531 ने Code of Criminal Procedure, 1973 (CrPC) को रद्द किया, और India Code के मुताबिक यह 1 जुलाई 2024 से लागू है।[1]

  • FIR: धारा 173।[1]
  • दस्तावेज़ माँगना: धारा 94।[1]
  • ज़ब्ती: धारा 106।[1]

पुलिस के अहम अधिकार

BNSS के मुताबिक संज्ञेय अपराध की सूचना थाने के प्रभारी को दी जाती है; जाँच के लिए पुलिस का प्रभारी अधिकारी लिखित आदेश से किसी से दस्तावेज़ या चीज़ पेश करने को कह सकता है; और पुलिस अधिकारी शक वाली संपत्ति ज़ब्त कर सकता है, जिसकी सूचना उसे तुरंत Magistrate को देनी होती है।

आम ग़लतफ़हमी

✕ ग़लतफ़हमी"FIR सिर्फ़ उसी थाने में होगी, जिसके इलाक़े में अपराध हुआ।"
✓ सचनहीं। BNSS की धारा 173(1) के मुताबिक संज्ञेय अपराध की सूचना, अपराध चाहे किसी भी इलाक़े में हुआ हो, थाने के प्रभारी अधिकारी को ज़ुबानी या electronic communication से दी जा सकती है।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"अब भी CrPC ही लागू है।"
✓ सचनहीं। BNSS की धारा 531(1) के मुताबिक Code of Criminal Procedure, 1973 रद्द कर दिया गया है। धारा 531(2) के मुताबिक BNSS लागू होने से पहले से चल रही appeal, trial, जाँच वग़ैरह पुराने Code के हिसाब से ही चलती रहेंगी।[1]

अभी क्या करें

  • संज्ञेय अपराध की सूचना देनी हो, तो किसी भी थाने के प्रभारी को दी जा सकती है, और दर्ज सूचना की मुफ़्त copy माँगिए।[1]

सवाल-जवाब

BNSS का पूरा नाम क्या है?BNSS का पूरा नाम Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) है; यह Act No. 46 of 2023 है।[1]
BNSS कब से लागू है?India Code के पाठ में धारा 1(3) के फ़ुटनोट के मुताबिक 1 जुलाई 2024 से (notification S.O. 848(E), 23 फ़रवरी 2024), पहली अनुसूची में धारा 106(2) से जुड़ी entry को छोड़कर।[1]
Electronic तरीक़े से दी गई सूचना का क्या होता है?धारा 173(1)(ii) के मुताबिक electronic communication से दी गई सूचना तब record पर ली जाती है, जब देने वाला तीन दिन के अंदर उस पर हस्ताक्षर कर दे।[1]
FIR की copy मिलती है?हाँ। धारा 173(2) के मुताबिक दर्ज सूचना की copy सूचना देने वाले या पीड़ित को तुरंत और मुफ़्त दी जाती है।[1]
पुलिस bank से दस्तावेज़ कैसे माँगती है?धारा 94(1) के मुताबिक जाँच के लिए ज़रूरी लगे, तो थाने का प्रभारी अधिकारी लिखित आदेश से, काग़ज़ पर या electronic रूप में, किसी व्यक्ति से कोई दस्तावेज़, electronic communication या चीज़ पेश करने को कह सकता है।[1]
पुलिस संपत्ति कब ज़ब्त कर सकती है?धारा 106(1) के मुताबिक कोई पुलिस अधिकारी ऐसी संपत्ति ज़ब्त कर सकता है, जिसके चोरी होने का आरोप या शक हो, या जो ऐसे हालात में मिले जिनसे किसी अपराध का शक हो। धारा 106(3) के मुताबिक ज़ब्ती की सूचना तुरंत अधिकार-क्षेत्र वाले Magistrate को देनी होती है।[1]

जुड़े शब्द

स्रोत

  1. India Code — The Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023 (Act No. 46 of 2023), पाठ "As on the 6th October, 2025" ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • धारा 1(3) और फ़ुटनोटलागू होने की तारीख़ 1 जुलाई 2024 (S.O. 848(E))
    • धारा 94(1)दस्तावेज़ या चीज़ पेश करने का summons / लिखित आदेश
    • धारा 106(1), (3)पुलिस की ज़ब्ती; Magistrate को सूचना
    • धारा 173(1), (2)संज्ञेय अपराध की सूचना किसी भी इलाक़े की; electronic; मुफ़्त copy
    • धारा 531CrPC, 1973 रद्द; पहले से चल रहे मामले पुराने Code से

सुधार का इतिहास

  • पन्ना बना। India Code पर Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023 के पाठ ("As on the 6th October, 2025") की धारा 1, 94, 106, 173 और 531 से जाँचा।

पन्ना बना: 08 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 08 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।