1मतलब
Lien का मतलब है किसी चीज़ या रक़म को तब तक रोककर रखने का हक़, जब तक कोई बकाया या शर्त पूरी न हो। Bank के मामले में यह दो अलग संदर्भों में सुनाई देता है।
- Bank का general lien: Indian Contract Act की धारा 171 के मुताबिक bankers, किसी उलटे contract के न होने पर, अपने पास bail किए गए सामान को खाते के general balance की security के तौर पर रोक सकते हैं।[1]
- Particular lien: धारा 170 के मुताबिक जिसने bail किए सामान पर मेहनत या हुनर से कोई सेवा दी हो, वह मेहनताना मिलने तक वह सामान रोक सकता है।[1]
- साइबर शिकायत वाला 'lien': गृह मंत्रालय की release में ठगी की रक़म को 'marked as Lien' कहा गया है।[3] SOP में इसे 'amount put on hold' कहा गया है।[2]
2साइबर शिकायत में hold
गृह मंत्रालय के SOP में इसे 'amount put on hold' कहा गया है: NCRP पर किसी विवादित लेनदेन की शिकायत के बाद जाँच अधिकारी, पुलिस अधिकारी या court के निर्देश पर bank या financial intermediary जो रक़म रोकता है।
- कितनी रक़म: पैसा पाने वाला bank शिकायत में दर्ज रक़म तक hold लगाता है और उसे CFCFRMS पर update करता है।[2]
- किसके कहने पर: जाँच अधिकारी, पुलिस अधिकारी या court के निर्देश पर; पुलिस BNSS की धारा 168 और 94 के तहत bank को notice भेजती है।[2]
- पूरा खाता कब: खाते की बार-बार शिकायत हो, तो पुलिस के कानूनी निर्देश (BNSS की धारा 106) पर bank digital banking सेवाएँ बंद कर सकता है या खाता seize कर सकता है।[2]
- कौन-सी पुलिस इकाई: खाताधारक के पूछने पर bank उस पुलिस इकाई का पता और संपर्क बता सकता है; शिकायत करने वाले का ब्योरा नहीं।[2]
3Hold हटवाने की शिकायत
- कहाँ: अपनी bank शाखा या bank की तय शाखा में।[2]
- Bank का काम: CDD और EDD करके, बात सही लगने पर, ज़्यादा से ज़्यादा 7 calendar दिन में शिकायत NCRP के Grievance Redressal Module पर भेजना।[2]
- जाँच अधिकारी: खाताधारक को notice देकर जाँच, हो सके तो video conference से; 15 calendar दिन में hold हटाने का निर्देश, या कारण दर्ज।[2]
- Review: फ़ैसले से संतुष्ट न हों, तो 15 calendar दिन में तय bank शाखा के ज़रिए District Grievance Officer के पास।[2]
- Module कब से: गृह मंत्रालय के मुताबिक Grievance Redressal Module अप्रैल 2026 से चालू है।[3]
4आम ग़लतफ़हमी
5आपका अधिकार
- ब्योरा जानना: bank से पूछ सकते हैं कि किस पुलिस इकाई ने कार्रवाई का आदेश दिया।[2]
- Video conference: जाँच के लिए हो सके तो video conference; ख़ुद हाज़िर होने को तभी कहा जाए, जब टाला न जा सके और FIR या e-FIR दर्ज हो।[2]
6अभी क्या करें
- खाते पर hold या lien दिखे, तो bank से पूछिए कि किस पुलिस इकाई के कहने पर लगा।[2]
- अपने पक्ष के काग़ज़ लेकर bank शाखा में hold के ख़िलाफ़ शिकायत दीजिए।[2]
- 7 दिन बाद bank से पूछिए कि शिकायत NCRP module पर गई या नहीं, और 15 दिन बाद फ़ैसले की जानकारी लीजिए।[2]
- फ़ैसले से संतुष्ट न हों, तो 15 दिन के अंदर review माँगिए।[2]
7सवाल-जवाब
8जुड़े शब्द
9स्रोत
- India Code — The Indian Contract Act, 1872 (Act No. 9 of 1872) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- धारा 170bailee का particular lien
- धारा 171bankers वग़ैरह का general lien; उलटा contract न हो, तो
- उत्तराखंड हाईकोर्ट — परिपत्र C.L. No. 21/I.T./XXXIV/NCL/2025-26 (18 जून 2026), साथ में गृह मंत्रालय का SOP for NCRP-CFCFRMS, Custody, Restoration of money and Grievance Redressal (2 जनवरी 2026) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 6.1(g), (j)BNSS 168 / 94 का notice; शिकायत में दर्ज रक़म तक hold
- पैरा 9.1(i), (ii)बार-बार शिकायत पर digital banking बंद या seize, पुलिस के निर्देश पर; पुलिस इकाई का संपर्क; पीड़ित का ब्योरा नहीं
- पैरा 10.1bank शाखा; CDD / EDD; 7 दिन; video conference; 15 दिन; District Grievance Officer; 90 दिन
- पैरा 12(i)'Amount put on hold' की परिभाषा
- गृह मंत्रालय (PIB) — National Cybercrime Response Mechanism, 22 जुलाई 2026 (Release ID 2287674) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- SOP वाला पैरा'marked as Lien'; SOP जारी; Grievance Redressal Module अप्रैल 2026 से
10सुधार का इतिहास
- पन्ना बना। India Code पर The Indian Contract Act, 1872 के पाठ, गृह मंत्रालय के NCRP-CFCFRMS SOP (2 जनवरी 2026; उत्तराखंड हाईकोर्ट के 18 जून 2026 के परिपत्र के साथ) और PIB की 22 जुलाई 2026 की release से जाँचा।
पन्ना बना: 08 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 08 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।