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सीधा मतलब | Seedha Matlab

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शब्द · बैंकिंग✓ स्रोत से जाँचा · 8 Oct 2026

Lien

लियन · किसी रक़म या सामान को रोककर रखने का हक़

एक लाइन में

Lien का मतलब है किसी चीज़ या रक़म को तब तक रोककर रखने का हक़, जब तक कोई बकाया या शर्त पूरी न हो। Bank के मामले में यह दो तरह से सुनाई देता है: Contract Act के तहत bank का general lien, और साइबर ठगी की शिकायत पर खाते की रक़म पर लगने वाला 'lien' यानी hold।

Bank का general lienधारा 171Indian Contract Act, 1872
साइबर शिकायत पररक़म पर holdशिकायत में दर्ज रक़म तक; SOP पैरा 6.1(j)
Hold हटाने की शिकायतbank शाखा मेंbank 7 दिन में NCRP पर भेजता है
जाँच अधिकारी का फ़ैसला15 दिन मेंhold हटाने का निर्देश या कारण दर्ज

मतलब

Lien का मतलब है किसी चीज़ या रक़म को तब तक रोककर रखने का हक़, जब तक कोई बकाया या शर्त पूरी न हो। Bank के मामले में यह दो अलग संदर्भों में सुनाई देता है।

  • Bank का general lien: Indian Contract Act की धारा 171 के मुताबिक bankers, किसी उलटे contract के न होने पर, अपने पास bail किए गए सामान को खाते के general balance की security के तौर पर रोक सकते हैं।[1]
  • Particular lien: धारा 170 के मुताबिक जिसने bail किए सामान पर मेहनत या हुनर से कोई सेवा दी हो, वह मेहनताना मिलने तक वह सामान रोक सकता है।[1]
  • साइबर शिकायत वाला 'lien': गृह मंत्रालय की release में ठगी की रक़म को 'marked as Lien' कहा गया है।[3] SOP में इसे 'amount put on hold' कहा गया है।[2]

साइबर शिकायत में hold

गृह मंत्रालय के SOP में इसे 'amount put on hold' कहा गया है: NCRP पर किसी विवादित लेनदेन की शिकायत के बाद जाँच अधिकारी, पुलिस अधिकारी या court के निर्देश पर bank या financial intermediary जो रक़म रोकता है।

  • कितनी रक़म: पैसा पाने वाला bank शिकायत में दर्ज रक़म तक hold लगाता है और उसे CFCFRMS पर update करता है।[2]
  • किसके कहने पर: जाँच अधिकारी, पुलिस अधिकारी या court के निर्देश पर; पुलिस BNSS की धारा 168 और 94 के तहत bank को notice भेजती है।[2]
  • पूरा खाता कब: खाते की बार-बार शिकायत हो, तो पुलिस के कानूनी निर्देश (BNSS की धारा 106) पर bank digital banking सेवाएँ बंद कर सकता है या खाता seize कर सकता है।[2]
  • कौन-सी पुलिस इकाई: खाताधारक के पूछने पर bank उस पुलिस इकाई का पता और संपर्क बता सकता है; शिकायत करने वाले का ब्योरा नहीं।[2]

Hold हटवाने की शिकायत

  • कहाँ: अपनी bank शाखा या bank की तय शाखा में।[2]
  • Bank का काम: CDD और EDD करके, बात सही लगने पर, ज़्यादा से ज़्यादा 7 calendar दिन में शिकायत NCRP के Grievance Redressal Module पर भेजना।[2]
  • जाँच अधिकारी: खाताधारक को notice देकर जाँच, हो सके तो video conference से; 15 calendar दिन में hold हटाने का निर्देश, या कारण दर्ज।[2]
  • Review: फ़ैसले से संतुष्ट न हों, तो 15 calendar दिन में तय bank शाखा के ज़रिए District Grievance Officer के पास।[2]
  • Module कब से: गृह मंत्रालय के मुताबिक Grievance Redressal Module अप्रैल 2026 से चालू है।[3]

आम ग़लतफ़हमी

✕ ग़लतफ़हमी"Lien लगा, तो पूरा खाता बंद हो गया।"
✓ सचज़रूरी नहीं। गृह मंत्रालय के SOP के पैरा 6.1(j) के मुताबिक पैसा पाने वाला bank शिकायत में दर्ज रक़म तक hold लगाता है। Digital banking बंद करने या खाता seize करने की बात पैरा 9.1 में तब है, जब खाते की बार-बार शिकायत हो, और वह भी पुलिस के कानूनी निर्देश पर।[2]
✕ ग़लतफ़हमी"Lien bank ने अपनी मर्ज़ी से लगाया है, तो bank ही हटा देगा।"
✓ सचनहीं। SOP के मुताबिक hold जाँच अधिकारी, पुलिस अधिकारी या court के निर्देश पर लगता है, और hold हटाने का निर्देश भी जाँच अधिकारी देता है। शिकायत bank शाखा में दी जाती है, और bank उसे NCRP के grievance module पर भेजता है।[2]
✕ ग़लतफ़हमी"Lien के ख़िलाफ़ शिकायत के लिए थाने जाना ही पड़ेगा।"
✓ सचज़रूरी नहीं। SOP के पैरा 10.1 के मुताबिक जाँच अधिकारी खाताधारक को जाँच के लिए notice देता है, हो सके तो video conference से; खाताधारक को ख़ुद हाज़िर होने के लिए तभी बुलाया जाना चाहिए, जब जाँच में यह टाला न जा सके और FIR या e-FIR दर्ज हो।[2]
✕ ग़लतफ़हमी"Bank का lien सिर्फ़ साइबर ठगी में लगता है।"
✓ सचनहीं। Indian Contract Act की धारा 171 के मुताबिक bankers, किसी उलटे contract के न होने पर, अपने पास bail किए गए सामान को खाते के general balance की security के तौर पर रोक सकते हैं। साइबर ठगी वाला hold एक अलग व्यवस्था है।[1][2]

आपका अधिकार

साइबर शिकायत में hold के ख़िलाफ़ आप अपनी bank शाखा में शिकायत दे सकते हैं; SOP के मुताबिक bank को 7 दिन में उसे NCRP पर भेजना होता है, और जाँच अधिकारी को 15 दिन में फ़ैसला करना होता है।[2]
  • ब्योरा जानना: bank से पूछ सकते हैं कि किस पुलिस इकाई ने कार्रवाई का आदेश दिया।[2]
  • Video conference: जाँच के लिए हो सके तो video conference; ख़ुद हाज़िर होने को तभी कहा जाए, जब टाला न जा सके और FIR या e-FIR दर्ज हो।[2]

अभी क्या करें

  • खाते पर hold या lien दिखे, तो bank से पूछिए कि किस पुलिस इकाई के कहने पर लगा।[2]
  • अपने पक्ष के काग़ज़ लेकर bank शाखा में hold के ख़िलाफ़ शिकायत दीजिए।[2]
  • 7 दिन बाद bank से पूछिए कि शिकायत NCRP module पर गई या नहीं, और 15 दिन बाद फ़ैसले की जानकारी लीजिए।[2]
  • फ़ैसले से संतुष्ट न हों, तो 15 दिन के अंदर review माँगिए।[2]

सवाल-जवाब

Lien का मतलब क्या है?किसी चीज़ या रक़म को तब तक रोककर रखने का हक़, जब तक कोई बकाया या शर्त पूरी न हो। Indian Contract Act में bailee का particular lien (धारा 170) और bankers वग़ैरह का general lien (धारा 171) बताया गया है।
Bank का general lien क्या है?धारा 171 के मुताबिक bankers, factors, wharfingers, High Court के attorneys और policy-brokers, किसी उलटे contract के न होने पर, अपने पास bail किए गए किसी भी सामान को खाते के general balance की security के तौर पर रोक सकते हैं। बाक़ी लोगों को यह हक़ तभी है, जब इसका साफ़ contract हो।
साइबर शिकायत में 'lien marking' का क्या मतलब है?गृह मंत्रालय के SOP में इसे 'amount put on hold' कहा गया है: NCRP पर किसी विवादित लेनदेन की शिकायत के बाद जाँच अधिकारी, पुलिस अधिकारी या court के निर्देश पर bank या financial intermediary जो रक़म रोकता है। PIB की release में ऐसी रक़म को 'marked as Lien' कहा गया है।
कितनी रक़म पर hold लगता है?SOP के पैरा 6.1(j) के मुताबिक पैसा पाने वाला bank या FI शिकायत में दर्ज रक़म तक hold लगाता है और उसे CFCFRMS पर update करता है।
क्या पूरा खाता भी रुक सकता है?SOP के पैरा 9.1 के मुताबिक किसी खाते की NCRP-CFCFRMS पर बार-बार शिकायत हो, तो पुलिस के कानूनी निर्देश (BNSS की धारा 106) पर bank उस खाते की digital banking सेवाएँ (शाखा में जाकर किए लेनदेन को छोड़कर) बंद कर सकता है, या खाता seize कर सकता है।
Lien या hold के ख़िलाफ़ शिकायत कहाँ करें?SOP के पैरा 10.1 के मुताबिक अपनी bank शाखा या bank की तय शाखा में। Bank CDD और EDD करके, बात सही लगने पर, ज़्यादा से ज़्यादा 7 calendar दिन में शिकायत NCRP के Grievance Redressal Module पर भेजता है।
शिकायत के बाद कितने दिन में फ़ैसला होता है?SOP के मुताबिक जाँच अधिकारी संतुष्ट हो, तो शिकायत मिलने के 15 calendar दिन में bank को hold हटाने का निर्देश देता है; संतुष्ट न हो, तो 15 दिन में कारण दर्ज करता है, जो खाताधारक को SMS या e-mail से बताया जाता है। 15 दिन में कुछ न हो, तो मामला अपने आप District Grievance Officer के पास चला जाता है।
जाँच अधिकारी के फ़ैसले से संतुष्ट न हों, तो?SOP के मुताबिक सूचना मिलने के 15 calendar दिन के अंदर तय bank शाखा जाकर review की माँग की जा सकती है, जिसे District Grievance Officer देखता है और 15 calendar दिन में अपना फ़ैसला portal पर दर्ज करता है।
क्या hold हमेशा के लिए रहता है?SOP के पैरा 10.1 के मुताबिक जहाँ hold को grievance module पर चुनौती दी गई हो और bank के शिकायत भेजने के 90 calendar दिन में hold जारी रखने या हटाने का कोई कानूनी निर्देश न आए, तो bank 90 दिन पूरे होने से पहले के 15 दिनों में पुलिस को hold हटाने के बारे में बताता है। रक़म किसी और मामले में ज़रूरी न हो, court में कोई याचिका न हो, और पुलिस ने hold बढ़ाने को न कहा हो, तो bank EDD के बाद, खाताधारक के कहने पर और पुलिस के निर्देश के मुताबिक hold हटा देता है।
क्या bank बता सकता है कि hold किसने लगवाया?SOP के पैरा 9.1 के मुताबिक खाताधारक के पूछने पर bank उस पुलिस इकाई का पता और संपर्क बता सकता है, जिसने कार्रवाई का आदेश दिया। पर शिकायत करने वाले या पीड़ित का ब्योरा खाताधारक को कभी नहीं दिया जाता।

जुड़े शब्द

स्रोत

  1. India Code — The Indian Contract Act, 1872 (Act No. 9 of 1872) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • धारा 170bailee का particular lien
    • धारा 171bankers वग़ैरह का general lien; उलटा contract न हो, तो
  2. उत्तराखंड हाईकोर्ट — परिपत्र C.L. No. 21/I.T./XXXIV/NCL/2025-26 (18 जून 2026), साथ में गृह मंत्रालय का SOP for NCRP-CFCFRMS, Custody, Restoration of money and Grievance Redressal (2 जनवरी 2026) ↗जारी: 02 जन 2026किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 6.1(g), (j)BNSS 168 / 94 का notice; शिकायत में दर्ज रक़म तक hold
    • पैरा 9.1(i), (ii)बार-बार शिकायत पर digital banking बंद या seize, पुलिस के निर्देश पर; पुलिस इकाई का संपर्क; पीड़ित का ब्योरा नहीं
    • पैरा 10.1bank शाखा; CDD / EDD; 7 दिन; video conference; 15 दिन; District Grievance Officer; 90 दिन
    • पैरा 12(i)'Amount put on hold' की परिभाषा
  3. गृह मंत्रालय (PIB) — National Cybercrime Response Mechanism, 22 जुलाई 2026 (Release ID 2287674) ↗जारी: 22 जुल 2026किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • SOP वाला पैरा'marked as Lien'; SOP जारी; Grievance Redressal Module अप्रैल 2026 से

सुधार का इतिहास

  • पन्ना बना। India Code पर The Indian Contract Act, 1872 के पाठ, गृह मंत्रालय के NCRP-CFCFRMS SOP (2 जनवरी 2026; उत्तराखंड हाईकोर्ट के 18 जून 2026 के परिपत्र के साथ) और PIB की 22 जुलाई 2026 की release से जाँचा।

पन्ना बना: 08 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 08 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।