1मतलब
I4C यानी Indian Cybercrime Coordination Centre (भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र)। यह गृह मंत्रालय की पहल है, जिसका काम देश में साइबर अपराध से तालमेल के साथ निपटना है।[1]
I4C की योजना 5 अक्टूबर 2018 को मंज़ूर हुई। 10 जनवरी 2020 को गृह मंत्री ने इसे देश को समर्पित किया। 1 जुलाई 2024 से यह गृह मंत्रालय का attached office है।[1]
2इसका मतलब आपके लिए क्या है
- शिकायत I4C के portal पर होती है। साइबर अपराध की शिकायत cybercrime.gov.in पर होती है। पैसों की ठगी की शिकायत 1930 पर call करके भी हो सकती है; बाद में उसे portal पर बाक़ी जानकारी के साथ पूरा करना होता है।[2]
- जाँच आपके राज्य की पुलिस करती है। I4C जाँच एजेंसी नहीं है।[3]
- I4C के नाम से भी ठगी होती है। Cybercrime portal ने चेतावनी दी है कि I4C के CEO और दूसरी एजेंसियों के अफ़सरों के नाम से नक़ली mail भेजे जा रहे हैं।[5]
3I4C क्या-क्या करता है
गृह मंत्रालय ने 28 जुलाई 2026 को लोकसभा में I4C से जुड़े ये कदम बताए:[4]
- NCRP (cybercrime.gov.in): हर तरह के साइबर अपराध की report के लिए portal। महिलाओं और बच्चों के ख़िलाफ़ साइबर अपराध पर ख़ास ध्यान।
- CFCFRMS और 1930: पैसों की ठगी की तुरंत report और पैसा ठगों तक पहुँचने से रोकने की व्यवस्था, जो 2021 में शुरू हुई। 30 जून 2026 तक 32.80 लाख से ज़्यादा शिकायतों में ₹11,158 करोड़ से ज़्यादा बचाए गए।
- Cyber Fraud Mitigation Centre: I4C में बना केंद्र, जहाँ बड़े bank, financial intermediaries, payment aggregator, telecom कंपनियाँ, IT intermediaries और राज्यों की पुलिस के प्रतिनिधि एक साथ काम करते हैं।
- Suspect Registry: साइबर अपराधियों से जुड़ी पहचानों का registry, जो 10 सितंबर 2024 को banks के साथ मिलकर शुरू हुआ। 30 जून 2026 तक इससे ₹25,698 करोड़ के लेनदेन रोके गए।
- Samanvaya और Pratibimb: पुलिस के लिए साइबर अपराध का data बाँटने और तालमेल का platform। Pratibimb अपराधियों की जगह नक्शे पर दिखाता है।
- CyTrain: पुलिस और न्यायिक अधिकारियों के लिए online training।
- खाता freeze की शिकायत: Bank खाता freeze होने और रक़म पर lien की शिकायतें समय पर सुनने के लिए Grievance Redressal Module, और ठगी का पैसा लौटाने के लिए Money Restoration Module, अप्रैल 2026 से चालू हैं।
4शिकायत का रास्ता
अपनी शिकायत का status आप cybercrime.gov.in पर देख सकते हैं।
- Portal पर आई शिकायतों की जाँच संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश (UT) की पुलिस करती है। I4C सिर्फ़ portal का तकनीकी ढाँचा सँभालता है।[3]
- जाँच का status पुलिस portal पर update करती है। हर शिकायतकर्ता अपनी शिकायत का status portal पर देख सकता है।[3]
- जाँच के बारे में जानकारी चाहिए, तो अर्ज़ी अपने राज्य या UT की संबंधित संस्था को दीजिए।[3]
- पुलिस राज्य का विषय है। अपराध रोकने और उसकी जाँच की पहली ज़िम्मेदारी राज्यों और UT की है।[3]
5आम ग़लतफ़हमी
6आपका अधिकार
- बच्चों के यौन शोषण या बलात्कार से जुड़ी online सामग्री की report गुमनाम रहकर की जा सकती है। इसमें अपनी निजी जानकारी देना ज़रूरी नहीं।[2]
- I4C के मुताबिक portal पर report की गई हानिकारक सामग्री social media platforms के साथ मिलकर हटवाई जाती है: बच्चों से जुड़ी सामग्री 6 घंटे में, और महिलाओं को निशाना बनाने वाली सामग्री 36 घंटे में।[6]
7अभी क्या करें
- साइबर अपराध की शिकायत cybercrime.gov.in पर कीजिए। पैसों की ठगी हो, तो 1930 पर call कीजिए।[2]
- शिकायत का status portal पर देखिए। जाँच के बारे में अपने राज्य की पुलिस से पूछिए, I4C से नहीं।[3]
- I4C या किसी एजेंसी के अफ़सर के नाम से आए mail पर तुरंत भरोसा मत कीजिए। Portal ने ऐसे नक़ली mail की चेतावनी दी है।[5]
- कोई संदिग्ध phone number, WhatsApp number, website या email दिखे, तो portal के 'Report Suspect' में उसकी report कीजिए।[5]
- किसी number, email या खाते पर शक हो, तो portal के 'Suspect Repository' में खोजकर देखिए कि वह साइबर अपराधियों से जुड़ा तो नहीं।[5]
8सवाल-जवाब
9जुड़े शब्द
पूरा लेख: पैसा नहीं गया, लेकिन link संदिग्ध है: कहाँ report करें?
10स्रोत
- I4C — About I4C (Last Updated: 11/03/2026) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पहला हिस्सागृह मंत्रालय की पहल; साइबर अपराध से तालमेल के साथ निपटना
- तीसरा पैरायोजना 5 अक्टूबर 2018 को मंज़ूर; 10 जनवरी 2020 को देश को समर्पित; 1 जुलाई 2024 से attached office
- I4C — FAQ (Frequently Asked Questions; सवाल ऊपर से गिने गए हैं) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- सवाल 6शिकायत cybercrime.gov.in पर; पैसों की ठगी में 1930, बाद में portal पर पूरी करनी होती है
- सवाल 7I4C के सात हिस्से (verticals)
- सवाल 9बच्चों के यौन शोषण और बलात्कार से जुड़ी सामग्री की गुमनाम report; निजी जानकारी ज़रूरी नहीं
- I4C — Public Notice No. 22003/208/CPGRAMS/2025-I4C, 22 जनवरी 2026 ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पत्र का पता5th floor, NDCC-II Building, Jai Singh Road, New Delhi
- पैरा 3(i)पुलिस राज्य का विषय है; अपराध की जाँच की पहली ज़िम्मेदारी राज्यों की
- पैरा 3(ii)I4C जाँच एजेंसी नहीं; जाँच राज्य/UT की पुलिस करती है; I4C सिर्फ़ portal का तकनीकी ढाँचा सँभालता है; status portal पर दिखता है
- पैरा 3(iii)खाते पर lien या freeze I4C नहीं करता; फ़ैसला जाँच अधिकारी या bank अधिकारी का
- पैरा 3(iv)mobile number और device block भी राज्यों की पुलिस करती है
- पैरा 4(i)जाँच की जानकारी के लिए अर्ज़ी राज्य/UT की संबंधित संस्था को दें
- गृह मंत्रालय (PIB) — Cyber Crime Mitigation Centre, लोकसभा में लिखित उत्तर, 28 जुलाई 2026 (Release ID 2290366; बिंदु ऊपर से गिने गए हैं) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- बिंदु 1, 2I4C गृह मंत्रालय का attached office; NCRP, I4C का हिस्सा
- बिंदु 3CFCFRMS 2021 से; 30 जून 2026 तक 32.80 लाख से ज़्यादा शिकायतों में ₹11,158 करोड़ से ज़्यादा बचे; 1930
- बिंदु 4Cyber Fraud Mitigation Centre: bank, financial intermediaries, payment aggregator, telecom कंपनियाँ, IT intermediaries और पुलिस एक साथ
- बिंदु 6Suspect Registry 10 सितंबर 2024 से; ₹25,698 करोड़ के लेनदेन रोके गए
- बिंदु 7, 9Samanvaya और Pratibimb; CyTrain से training
- SOP वाला पैराखाता freeze और lien की शिकायतों के लिए Grievance Redressal Module और पैसा लौटाने के लिए Money Restoration Module, अप्रैल 2026 से
- जागरूकता वाला पैराCyberDost: X, Facebook, Instagram, Telegram के account
- National Cyber Crime Reporting Portal — पहला पन्ना (Last Updated: 31/08/2026) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- Important AlertI4C के CEO, Intelligence Bureau और Delhi Police के अफ़सरों के नाम से नक़ली mail
- Report Suspectसंदिग्ध website, WhatsApp number, Telegram handle, phone number, email, SMS header और social media URL की report
- Suspect Repositorymobile number, email, खाता number, URL खोजकर देखना कि वह साइबर अपराधियों से जुड़ा तो नहीं
- I4C — Major Initiatives (पन्ने पर तारीख़ नहीं है) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- Women & Childrenहानिकारक सामग्री हटवाना: बच्चों से जुड़ी 6 घंटे में, महिलाओं को निशाना बनाने वाली 36 घंटे में
- Cyber Volunteersकोई भी भारतीय नागरिक; तीन श्रेणियाँ
11सुधार का इतिहास
- पन्ना बना। I4C की website (About, FAQ, Major Initiatives), I4C के Public Notice (22 जनवरी 2026), गृह मंत्रालय के लोकसभा उत्तर (28 जुलाई 2026) और cybercrime.gov.in से जाँचा।
पन्ना बना: 07 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 07 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।