1मतलब
Suspect Registry साइबर अपराधियों से जुड़ी पहचानों (identifiers) का registry है। इसे I4C ने 10 सितंबर 2024 को banks और financial institutions के साथ मिलकर शुरू किया।[2]
गृह मंत्रालय के मुताबिक यह registry NCRP के आधार पर, banks और financial intermediaries के साथ मिलकर बनाया जा रहा है, ताकि वित्तीय व्यवस्था की fraud risk सँभालने की क्षमता मज़बूत हो।[1]
2इसका मतलब आपके लिए क्या है
- आप ख़ुद भी खोज सकते हैं: cybercrime.gov.in की 'Suspect Repository' सुविधा से नागरिक I4C के पास मौजूद साइबर अपराधियों की पहचानों में खोज सकते हैं: mobile number, e-mail ID, खाता संख्या, URL और दूसरी पहचानें।[3]
- कुछ न मिले, तो भी सावधान रहिए: I4C ख़ुद कहता है कि यह database पूरा नहीं है।[4]
- संदिग्ध number या link मिला है: उसकी report cybercrime.gov.in की 'Report Suspect' सुविधा से हो सकती है।[3]
3Registry कैसे काम करता है
गृह मंत्रालय के मुताबिक 30 जून 2026 तक ₹25,698 करोड़ के लेनदेन रोके (decline किए) गए।
- 30 जून 2026 तक banks से मिली 30.48 लाख से ज़्यादा संदिग्ध पहचानों का data, और 32.08 लाख "Layer 1 mule accounts", registry में शामिल संस्थाओं के साथ साझा किए गए।[2]
- इसी तारीख़ तक ₹25,698 करोड़ के लेनदेन रोके (decline किए) गए।[2]
- शुरुआत के समय गृह मंत्री ने कहा था कि हर राज्य का अलग registry काम का नहीं होगा, क्योंकि राज्यों की सीमाएँ होती हैं, पर साइबर अपराधियों की नहीं। इसलिए राष्ट्रीय स्तर पर registry बनाकर राज्यों को उससे जोड़ना ज़रूरी था।[1]
4ख़ुद कैसे खोजें
cybercrime.gov.in के menu में "Report & Check Suspect" के नीचे दो खोज हैं:[3]
- Check Suspect (mobile, email, etc.): Mobile, E-mail, Bank Account Number, Social Media या UPI ID से खोज। Mobile number के साथ +91 मत लगाइए।[4]
- Check Suspect (Website/App): Website URL या Mobile App की खोज।[5]
खोज के पन्ने पर I4C ने यह भी लिखा है:[4]
- यह database लोगों से मिली साइबर अपराध की शिकायतों के आधार पर बना है।
- I4C इन शिकायतों के सही होने को प्रमाणित नहीं करता। वे स्थानीय पुलिस की जाँच का विषय हैं।
- Database पूरा नहीं है, क्योंकि साइबर अपराधी ऐसी पहचानें तेज़ी से बनाते, बदलते और छोड़ते रहते हैं।
- जिन reports से यह बना है, उनमें ग़लती की गुंजाइश है। इसलिए user को अपने विवेक से काम लेने की सलाह है।
5आम ग़लतफ़हमी
6आपका अधिकार
7अभी क्या करें
- किसी अनजान number, खाते या link पर शक हो, तो उसे cybercrime.gov.in की 'Suspect Repository' में खोजकर देख सकते हैं।[3]
- खोज में कुछ न मिले, तो भी उसे सुरक्षित मत मान लीजिए। Database पूरा नहीं है।[4]
- संदिग्ध website, WhatsApp number, Telegram handle, phone number, e-mail, SMS header या social media URL मिले, तो 'Report Suspect' में उसकी report कीजिए।[3]
- पैसा कट चुका है, तो 1930 पर call कीजिए। यह online साइबर शिकायत दर्ज कराने में मदद की toll-free helpline है।[2]
8सवाल-जवाब
9जुड़े शब्द
पूरा लेख: पैसा नहीं गया, लेकिन link संदिग्ध है: कहाँ report करें?
10स्रोत
- गृह मंत्रालय (PIB) — I4C का पहला स्थापना दिवस, press release, 10 सितंबर 2024 (Release ID 2053438) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 1गृह मंत्री ने I4C के पहले स्थापना दिवस के कार्यक्रम में Suspect Registry शुरू किया
- पैरा 5हर राज्य का अलग registry काम का नहीं; राष्ट्रीय स्तर पर registry बनाकर राज्यों को जोड़ना
- आख़िरी हिस्सा: Suspect Registryपहचानों का registry, NCRP के आधार पर, banks और financial intermediaries के साथ मिलकर; fraud risk सँभालने की क्षमता मज़बूत करने के लिए
- गृह मंत्रालय (PIB) — Cyber Crime Mitigation Centre, लोकसभा में लिखित उत्तर, 28 जुलाई 2026 (Release ID 2290366; बिंदु ऊपर से गिने गए हैं) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- बिंदु 6Suspect Registry I4C ने 10 सितंबर 2024 को banks और financial institutions के साथ मिलकर शुरू किया
- बिंदु 630 जून 2026 तक: banks से 30.48 लाख से ज़्यादा संदिग्ध पहचानों का data; 32.08 लाख Layer 1 mule accounts साझा; ₹25,698 करोड़ के लेनदेन decline
- बिंदु 31930 toll-free helpline है, online साइबर शिकायत दर्ज कराने में मदद के लिए
- National Cyber Crime Reporting Portal — पहला पन्ना (Last Updated: 31/08/2026) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- What's new: Suspect Repositoryनागरिक I4C के पास मौजूद साइबर अपराधियों की पहचानों में खोज सकते हैं: mobile number, e-mail ID, खाता संख्या, URL और दूसरी पहचानें
- Menu: Report & Check Suspectदो खोज: Check Suspect (mobile, email, etc.) और Check Suspect (Website/App)
- What's new: Report Suspectसंदिग्ध website URL, WhatsApp number, Telegram handle, phone number, e-mail ID, SMS header या number, social media URL की report
- National Cyber Crime Reporting Portal — Suspect Search: Check Suspect (mobile, email, etc.) (पन्ने पर तारीख़ नहीं है) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- ऊपर की पंक्तियह repository नागरिकों की साइबर अपराध की शिकायतों के आधार पर बना है
- खोज के विकल्पMobile, E-mail, Bank Account Number, Social Media, UPI ID; mobile number के साथ +91 नहीं
- DisclaimerI4C शिकायतों के सही होने को प्रमाणित नहीं करता; वे स्थानीय पुलिस की जाँच का विषय हैं
- Disclaimerdatabase पूरा नहीं; ग़लती की गुंजाइश; user अपने विवेक से काम ले
- Disclaimerअसहमत user cyberdost[at]mha[dot]gov[dot]in पर mail भेजकर अपना दावा समझा सकता है
- National Cyber Crime Reporting Portal — Suspect Search: Check Suspect (Website/App) (पन्ने पर तारीख़ नहीं है) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- Suspect Typeखोज के विकल्प: Website Url, Mobile App
11सुधार का इतिहास
- पन्ना बना। गृह मंत्रालय के press release (10 सितंबर 2024), लोकसभा उत्तर (28 जुलाई 2026) और cybercrime.gov.in के पहले पन्ने और 'Suspect Search' के दोनों पन्नों से जाँचा।
पन्ना बना: 07 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 07 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।