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शब्द · क़र्ज़✓ स्रोत से जाँचा · 16 Oct 2026

Cash Credit

कैश क्रेडिट · तय सीमा तक चलने वाला क़र्ज़ खाता

एक लाइन में

Cash Credit (CC) bank की क़र्ज़ सुविधा है, जिसमें एक तय सीमा (sanctioned limit / drawing power) तक पैसा निकाला और जमा किया जाता है। RBI के नियमों में CC और Overdraft खातों के लिए 'out of order' और NPA के नियम एक जैसे हैं, और working capital खातों में drawing power ताज़ा stock statement से तय होती है।

'Out of order'90 दिनसीमा से ऊपर, या जमा नहीं, या ब्याज जितनी जमा नहीं
Stock statement3 महीने तकइससे पुराने पर बकाया 'irregular'
सीमा का review180 दिनतय तारीख़ से इतने में न हुआ तो NPA
ठगी में देनदारी₹10,000 तक31.12.2026 तक; 4–7 working day में बताने पर; MSME / ₹25 लाख तक वाले व्यक्ति

मतलब

Cash Credit (CC) bank की क़र्ज़ सुविधा (credit facility) है। इसमें bank एक सीमा, यानी sanctioned limit / drawing power, तय करता है, और उसके भीतर पैसा निकाला और जमा किया जाता है।[1][2]

RBI के नियमों में CC और Overdraft (OD) खातों के लिए 'out of order', NPA, penal charges और पहले बंद करने के charge के नियम एक जैसे हैं।[1][2] MUDRA के FAQ में Mudra Card को working capital के लिए CC / OD की सुविधा बताया गया है।[3]

इसका मतलब आपके लिए क्या है

  • Stock statement समय पर दीजिए: drawing power ताज़ा stock statement से तय होती है; 3 महीने से पुराने statement पर बकाया 'irregular' माना जाता है।[1]
  • सीमा में रहिए और जमा करते रहिए: 90 दिन वाली शर्तें टूटीं, तो खाता 'out of order' और फिर NPA हो जाता है।[1]
  • Renewal पर नज़र: सीमा तय तारीख़ से 180 दिन में review / renew न हुई, तो खाता NPA माना जाता है।[1]

CC कैसे चलता है

RBI के नियमों के मुताबिक working capital खातों में निकासी current assets से ढकी होनी चाहिए, और drawing power ताज़ा stock statement से तय होती है। बड़े borrowers की दिक़्क़तों को देखते हुए भी stock statement 3 महीने से पुराना नहीं होना चाहिए; उससे पुराने statement पर निकली drawing power वाला बकाया 'irregular' माना जाता है।

  • Penal charges: चूक पर penal charge लग सकता है, penal interest नहीं, और उस पर ब्याज नहीं जुड़ता।[2]
  • पहले बंद करना: 1 जनवरी 2026 से मंज़ूर या renew हुई CC पर charge sanctioned limit से ज़्यादा रक़म पर नहीं।[2]

आम ग़लतफ़हमी

✕ ग़लतफ़हमी"CC की limit मंज़ूर है, तो पूरी रक़म कभी भी निकाल सकते हैं।"
✓ सचनहीं। RBI के नियमों के मुताबिक working capital खाते में निकासी current assets से ढकी होनी चाहिए, और drawing power ताज़ा stock statement से तय होती है। 3 महीने से पुराने stock statement पर आधारित बकाया 'irregular' माना जाता है।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"Limit renew न कराई, तो भी खाता वैसे ही चलता रहेगा।"
✓ सचनहीं। RBI के नियमों के मुताबिक regular और ad hoc सीमाएँ तय तारीख़ से 3 महीने के भीतर review होनी चाहिए, और तय तारीख़ से 180 दिन में review / renew न हुई, तो खाता NPA माना जाता है।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"CC में चूक पर ब्याज दर बढ़ाकर penal interest लगेगा।"
✓ सचनहीं। RBI के निर्देशों के मुताबिक cash credit पर भी penal charges लगते हैं, penal interest नहीं, और उन पर आगे ब्याज नहीं जोड़ा जाता।[2]
✕ ग़लतफ़हमी"CC पहले बंद किया तो पूरी limit पर charge लगेगा।"
✓ सचनहीं। 1 जनवरी 2026 या उसके बाद मंज़ूर या renew हुई cash credit / overdraft सुविधा को पहले बंद करने पर charge sanctioned limit से ज़्यादा रक़म पर नहीं लग सकता। Agreement में तय समय से पहले non-renewal बता दें और सुविधा तय तारीख़ पर बंद हो, तो कोई charge नहीं।[2]

आपका अधिकार

Penal charge की रक़म और कारण loan agreement और KFS में पहले से लिखे होने चाहिए, और हर बार लगने पर कारण बताया जाना चाहिए।[2] 31 दिसंबर 2026 तक के लेनदेन में, CC खाते से online ठगी हो, ग़लती न bank की हो न आपकी बल्कि system में कहीं और की हो, और आप 4 से 7 working day में bank को बता दें, तो आपकी देनदारी हर लेन-देन पर ₹10,000 या ₹25,000 तक सीमित है, खाते के प्रकार के हिसाब से।[2] 1 जनवरी 2027 या उसके बाद के लेनदेन पर यह सीमा-तालिका नहीं रहेगी: bank की चूक पर देनदारी शून्य, और तीसरे पक्ष की चूक में लेनदेन की तारीख़ से 5 calendar दिन में बताने पर भी शून्य।[4]

अभी क्या करें

  • अपनी CC की sanctioned limit, renewal की तारीख़ और penal charges, sanction letter और KFS में देखिए।[1][2]
  • Stock statement हर बार समय पर दीजिए, ताकि drawing power ताज़ा रहे।[1]
  • CC आगे नहीं चाहिए, तो agreement में तय समय से पहले bank को लिखकर बता दीजिए।[2]

सवाल-जवाब

CC खाता 'out of order' कब होता है?RBI के नियमों के मुताबिक तीन में से कोई एक बात हो तो: बकाया लगातार 90 दिन sanctioned limit / drawing power से ऊपर रहे; या बकाया सीमा से कम हो पर 90 दिन लगातार कोई जमा न आए; या बकाया सीमा से कम हो पर पिछले 90 दिन की जमा उस दौरान लगे ब्याज को भी पूरा न करे।[1]
CC खाता NPA कब बनता है?RBI के नियमों के मुताबिक जब खाता 'out of order' रहे; जब working capital खाते में लगातार 90 दिन irregular निकासी होने दी जाए, भले कारोबार चल रहा हो; या जब सीमा तय तारीख़ से 180 दिन में review / renew न हो।[1]
Stock statement इतना ज़रूरी क्यों है?क्योंकि RBI के नियमों के मुताबिक working capital खाते की drawing power ताज़ा stock statement से तय होती है। 3 महीने से पुराने statement पर आधारित बकाया 'irregular' माना जाता है।[1]
CC खाते से online ठगी हो जाए तो?31 दिसंबर 2026 तक के लेनदेन पर, RBI के निर्देशों के मुताबिक अगर ग़लती न bank की हो, न आपकी, बल्कि system में कहीं और की हो, और आप 4 से 7 working day के भीतर bank को बता दें, तो हर लेन-देन पर आपकी देनदारी लेन-देन की रक़म या इस सीमा तक, जो कम हो: MSME के, या ₹25 लाख तक के औसत balance / limit वाले व्यक्तियों के CC खाते में ₹10,000, और बाक़ी CC खातों में ₹25,000।[2] 1 जनवरी 2027 या उसके बाद के लेनदेन पर यह सीमा-तालिका नहीं रहेगी: चूक bank की हो, तो देनदारी शून्य; चूक तीसरे पक्ष की हो और आप लेनदेन की तारीख़ से 5 calendar दिन में बताएँ, तो शून्य, उसके बाद bank की नीति से; लापरवाही आपकी हो, तो सूचना देने तक का नुक़सान आपका। ₹50,000 तक की लापरवाही वाली ठगी में व्यक्ति (sole proprietor समेत) को, 5 calendar दिन में bank और 1930 / cybercrime.gov.in पर बताने पर, जीवन में एक बार 85% या ₹25,000 (जो कम हो) तक मुआवज़ा मिल सकता है।[4]
Mudra Card में CC का क्या रोल है?MUDRA के FAQ के मुताबिक Mudra Card, working capital के लिए CC / OD के रूप में सुविधा देता है। पैसा बचे तो जब चाहें लौटाया जा सकता है, जिससे ब्याज का ख़र्च घटता है।[3]
ये नियम किन banks पर लागू हैं?यहाँ लिखे RBI के दोनों निर्देश Commercial Banks के लिए हैं; इनकी परिभाषा में Small Finance Banks, Payments Banks और Local Area Banks शामिल नहीं हैं।[1][2]

जुड़े शब्द

स्रोत

  1. RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Income Recognition, Asset Classification and Provisioning) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/164; DOR.STR.REC.83./21.04.048/2025-26; Updated as on October 01, 2026; 15 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗जारी: 28 नव 2025किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 3Commercial Banks पर लागू; SFB, Payment Banks, LAB इस परिभाषा में नहीं
    • पैरा 5(7)CC / OD 'out of order' की तीन शर्तें (90 दिन)
    • पैरा 15, 16working capital: निकासी current assets से ढकी; drawing power ताज़ा stock statement से; 3 महीने से पुराना statement तो बकाया irregular; सीमा 3 महीने में review
    • पैरा 42(2), 42(3), 42(5)NPA: 'out of order' CC / OD; 90 दिन लगातार irregular निकासी; सीमा 180 दिन में review / renew नहीं
  2. RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Responsible Business Conduct) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/170; DOR.MCS.REC.No.89/01-01-032/2025-26; Updated as on October 1, 2026; 15 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗जारी: 28 नव 2025किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 3Commercial Banks पर लागू
    • पैरा 68(2), Table 14–7 working day में बताने पर देनदारी: MSME और ₹25 लाख तक वाले व्यक्तियों के CC खाते ₹10,000; बाक़ी CC खाते ₹25,000 (31.12.2026 तक के लेनदेन)
    • पैरा 351penal charges cash credit पर भी; penal interest नहीं; उन पर ब्याज नहीं
    • पैरा 353(5), 353(6)1 जनवरी 2026 से: CC / OD पहले बंद करने पर charge sanctioned limit से ज़्यादा पर नहीं; समय पर non-renewal बताने पर charge नहीं
  3. MUDRA (Micro Units Development & Refinance Agency Ltd.) — FAQ पन्ना (पन्ने पर तारीख़ नहीं; सवाल अंग्रेज़ी सवालों के नंबर से; 15 अक्टूबर 2026 को फिर पढ़ा) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • सवाल 21Mudra Card: working capital के लिए CC / OD; पैसा बचने पर लौटाकर ब्याज घटाना
  4. RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Responsible Business Conduct) Third Amendment Directions, 2026 (RBI/2026-27/167; DOR.MCS.REC.No.130/01-01-032/2026-27; 24 जून 2026; 1 जनवरी 2027 या उसके बाद के लेनदेन पर लागू; 16 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗जारी: 24 जून 2026किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 3(2); 4(8)1.1.2027 या बाद के लेनदेन पर लागू; पुराने पैरा 64–76 (Table 1 समेत) हटाकर नए पैरा 76A–76V
    • नए पैरा 76L, 76M, 76Nbank की चूक: शून्य; तीसरा पक्ष + 5 calendar दिन: शून्य, बाद में bank की नीति; लापरवाही: बताने तक ग्राहक
    • नए पैरा 76T(1); 76U₹50,000 तक की bona fide ठगी (लापरवाही वाले मामले): व्यक्ति, sole proprietor समेत; 85% या ₹25,000, जो कम; जीवन में एक बार; 5 calendar दिन में NCRP / 1930 और bank; 1.1.2027 से एक साल

सुधार का इतिहास

  • ठगी में देनदारी वाली बातों में 1 जनवरी 2027 से लागू RBI के Responsible Business Conduct Third Amendment Directions, 2026 (24 जून 2026) के नियम जोड़े; पुरानी सीमा 31 दिसंबर 2026 तक के लेनदेन के लिए चिह्नित की।
  • पन्ना बना। RBI की Commercial Banks के लिए Income Recognition, Asset Classification and Provisioning Directions, 2025 और Responsible Business Conduct Directions, 2025 (दोनों 1 अक्टूबर 2026 तक updated), और MUDRA के FAQ से जाँचा।

पन्ना बना: 15 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 16 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।

यह पन्ना: https://seedhamatlab.com/shabdkosh/cash-credit/ · आख़िरी जाँच: 16 अक्तू 2026
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