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शब्द · क़र्ज़✓ स्रोत से जाँचा · 11 Oct 2026

Prepayment

समय से पहले चुकाना · loan का कुछ हिस्सा या पूरा loan तय समय से पहले लौटाना

एक लाइन में

Prepayment यानी loan का कुछ हिस्सा या पूरा loan तय समय से पहले चुका देना। RBI के निर्देशों के मुताबिक व्यक्ति के non-business floating rate loan पर bank और NBFC pre-payment charge नहीं ले सकते; बाक़ी loans पर charge lender की policy से लग सकता है, पर वही जो sanction letter, loan agreement और KFS में पहले से लिखा हो।

व्यक्ति का non-business floating loanCharge नहींbank और NBFC, दोनों
Business floating loan, bank मेंCharge नहींव्यक्ति और MSE; 1 जनवरी 2026 से मंज़ूर
Lock-in अवधिनहीं1 जनवरी 2026 से मंज़ूर ऐसे loans में; पैसा कहीं से भी
Fixed rate loanLender की policycharge हो तो चुकाई रक़म पर ही

मतलब

Prepayment का मतलब है loan का कुछ हिस्सा (part) या पूरा loan तय समय से पहले चुका देना। RBI के निर्देशों में इस पर लगने वाले charge को pre-payment charge कहा गया है।[1][2]

  • किस पर: term loan और demand loan दोनों पर; cash credit / overdraft को समय से पहले बंद करने पर भी।[1][2]
  • कौन-से lender: ये नियम commercial banks और NBFCs (HFC समेत) के हैं।[1][2]

इसका मतलब आपके लिए क्या है

  • Floating loan में आज़ादी: व्यक्ति के तौर पर लिया non-business floating rate loan आप बिना pre-payment charge के चुका सकते हैं।[1][2]
  • Fixed loan में पढ़कर: fixed rate loan में charge लग सकता है, इसलिए sanction letter और KFS पहले पढ़िए।[1][2]

Prepayment कैसे चलता है

Lender ख़ुद आपसे loan जल्दी चुकवाए, तो कोई charge नहीं लगता।

  • पैसा कहीं से भी: 1 जनवरी 2026 या उसके बाद मंज़ूर या renew हुए जिन loans पर charge मना है, उनमें यह नियम पैसे के स्रोत से अलग है, और कोई न्यूनतम lock-in अवधि नहीं।[1][2]
  • Dual rate: आधे fixed, आधे floating loan में देखा जाता है कि prepayment के समय loan floating पर है या नहीं।[1][2]
  • Lender के कहने पर: lender ख़ुद जल्दी चुकवाए, तो कोई charge नहीं।[1][2]
  • Benchmark बदलना: commercial bank में जो borrower floating rate term loan बिना pre-payment charge चुका सकते हैं, वे बाहरी benchmark पर बिना charge या fee जा सकते हैं (सिर्फ़ उचित administrative / legal ख़र्च); इसे loan बंद करना नहीं माना जाता।[3]

कहाँ charge नहीं लग सकता

  • पुराने loan: commercial bank में 31 दिसंबर 2025 से पहले, और NBFC में 31 दिसंबर 2025 तक मंज़ूर, व्यक्ति के non-business floating rate term loan।[1][2]
  • 1 जनवरी 2026 से मंज़ूर या renew: व्यक्ति के non-business floating rate loan, co-obligant हो या न हो।[1][2]
  • Business floating loan, bank में: व्यक्ति और MSE, दोनों के; 1 जनवरी 2026 से मंज़ूर या renew हुए loan।[1]
  • Business floating loan, NBFC में: व्यक्ति और MSE के, 1 जनवरी 2026 से मंज़ूर या renew हुए loan: Upper Layer वाली NBFC में; Middle Layer वाली में ₹50 लाख तक के मंज़ूर loan या limit पर।[2]

जहाँ charge लग सकता है

  • Policy से: ऊपर के अलावा बाक़ी loans में, lender की मंज़ूर policy के हिसाब से।[1][2]
  • किस रक़म पर: term loan में सिर्फ़ चुकाई जा रही रक़म पर; cash credit / overdraft में sanctioned limit से ज़्यादा पर नहीं।[1][2]
  • CC / OD बंद करना: agreement में तय समय से पहले renew न कराने की सूचना दें और facility तय तारीख़ पर बंद हो, तो charge नहीं।[1][2]

आम ग़लतफ़हमी

✕ ग़लतफ़हमी"Loan लेने के कुछ साल तक part-payment नहीं कर सकते।"
✓ सच1 जनवरी 2026 या उसके बाद मंज़ूर या renew हुए जिन floating rate loans पर charge मना है, उन पर कोई न्यूनतम lock-in अवधि नहीं है; आप आंशिक या पूरा कभी भी चुका सकते हैं।[1][2]
✕ ग़लतफ़हमी"दूसरे bank से loan लेकर पुराना चुकाया, तो charge लगेगा।"
✓ सच1 जनवरी 2026 या उसके बाद मंज़ूर या renew हुए उन floating rate loans पर नहीं, जिन पर charge मना है: वहाँ नियम पैसे के स्रोत से अलग, हर हाल में लागू है। उससे पहले के, व्यक्ति के non-business floating rate term loan पर भी pre-payment charge मना है।[1][2]
✕ ग़लतफ़हमी"Fixed rate loan पर भी कभी charge नहीं लगता।"
✓ सचFixed rate loan पर charge lender की policy से लग सकता है। लगे, तो term loan में सिर्फ़ चुकाई जा रही रक़म पर, और वही जो पहले से लिखा हो।[1][2]
✕ ग़लतफ़हमी"जो fee bank ने पहले माफ़ की थी, वह अब loan बंद करते समय वसूलेगा।"
✓ सचनहीं। Pre-payment के समय पहले माफ़ किया गया कोई charge या fee पीछे से नहीं लिया जा सकता।[1][2]

आपका अधिकार

Pre-payment charge लगेगा या नहीं, यह sanction letter और loan agreement में, और KFS वाले loans में KFS में भी, साफ़ लिखा होना चाहिए। जो charge इनमें नहीं बताया गया, वह नहीं लिया जा सकता; और पहले माफ़ किया गया charge या fee prepayment के समय पीछे से नहीं वसूला जा सकता।[1][2]

अभी क्या करें

  • अपने loan का sanction letter और KFS देखिए: ब्याज दर fixed है या floating, और pre-payment charge के बारे में क्या लिखा है।[1][2]
  • आपका non-business floating rate loan है और फिर भी charge माँगा जाए, तो sanction letter और KFS के साथ lender की शिकायत व्यवस्था में बात उठाइए।[1][2]
  • Business loan NBFC से है, तो NBFC से पूछिए कि वह किस layer में है और आपके loan पर charge का नियम क्या है।[2]

सवाल-जवाब

पुराने loan पर क्या नियम है?Commercial bank: 31 दिसंबर 2025 से पहले मंज़ूर, व्यक्ति के non-business floating rate term loan पर pre-payment charge नहीं। NBFC: 31 दिसंबर 2025 तक मंज़ूर या renew हुए ऐसे loan पर भी नहीं।
1 जनवरी 2026 से मंज़ूर loans पर?व्यक्ति के non-business floating rate loan पर, co-obligant हो या न हो, bank और NBFC दोनों charge नहीं ले सकते। यह term loan और demand loan दोनों पर है, और renew हुए loans पर भी।
Business के लिए लिया floating loan जल्दी चुकाऊँ, तो?1 जनवरी 2026 या उसके बाद मंज़ूर या renew हुए loan पर ये नियम हैं। Commercial bank: व्यक्ति और Micro व Small Enterprises (MSE) के business floating loan पर charge नहीं। NBFC, व्यक्ति और MSE के ऐसे loan पर: Upper Layer वाली NBFC charge नहीं ले सकती; Middle Layer वाली ₹50 लाख तक के मंज़ूर loan या limit पर नहीं ले सकती। बाक़ी मामलों में lender की policy चलेगी।
आधा fixed, आधा floating loan हो तो?Dual या special rate loan में देखा जाता है कि prepayment के समय loan floating rate पर है या नहीं; floating पर हो, तो ऊपर के नियम लागू।
Charge लगे, तो किस रक़म पर?Term loan में सिर्फ़ उस रक़म पर, जो आप पहले चुका रहे हैं। Cash credit / overdraft समय से पहले बंद करने पर, sanctioned limit से ज़्यादा रक़म पर नहीं।
Cash credit या overdraft renew नहीं कराना, तो?Loan agreement में तय समय से पहले lender को बता दें कि आप renew नहीं कराएँगे, और facility तय तारीख़ पर बंद हो जाए, तो कोई pre-payment charge नहीं।
Charge लगेगा या नहीं, यह कहाँ लिखा होगा?Sanction letter और loan agreement में, और जिन loans में KFS मिलता है उसमें भी। जो pre-payment charge इनमें नहीं बताया गया, वह नहीं लिया जा सकता।
पुराना MCLR वाला loan नए benchmark पर ले जाऊँ, तो?Commercial bank में, जो borrower floating loan बिना pre-payment charge चुका सकते हैं, वे बाहरी benchmark पर बिना charge या fee जा सकते हैं; सिर्फ़ उचित administrative / legal ख़र्च लग सकता है। इसे loan बंद करना (foreclosure) नहीं माना जाता।

जुड़े शब्द

स्रोत

  1. RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Responsible Business Conduct) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/170; DOR.MCS.REC.No.89/01-01-032/2025-26; Updated as on October 1, 2026; small finance, payments और local area banks पर लागू नहीं), PDF ↗जारी: 28 नव 2025 · लागू: 28 नव 2025किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 3लागू किस पर: commercial banks
    • पैरा 35231 दिसंबर 2025 से पहले मंज़ूर व्यक्ति के non-business floating term loan पर charge नहीं
    • पैरा 353(1), (2)1 जनवरी 2026 से: non-business floating; व्यक्ति और MSE के business floating loan पर charge नहीं
    • पैरा 353(3)–(5)पैसा कहीं से, lock-in नहीं; dual rate; बाक़ी में policy, चुकाई रक़म / sanctioned limit पर
    • पैरा 353(6)–(9)CC / OD renew न कराने पर नहीं; lender के कहने पर नहीं; पहले से लिखा हो; माफ़ fee पीछे से नहीं
  2. RBI — Reserve Bank of India (Non-Banking Financial Companies – Responsible Business Conduct) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/362; DOR.MCS.REC.No.281/01-01-039/2025-26; Updated as on July 1, 2026; HFC पर भी लागू), PDF ↗जारी: 28 नव 2025 · लागू: 28 नव 2025किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 3लागू किस पर: NBFCs, HFC समेत
    • पैरा 3331 दिसंबर 2025 तक मंज़ूर / renew व्यक्ति के non-business floating term loan पर charge नहीं
    • पैरा 34(1), (2)non-business floating पर नहीं; business: Upper Layer नहीं, Middle Layer ₹50 लाख तक नहीं
    • पैरा 34(3)–(9)बाक़ी नियम bank जैसे: lock-in नहीं, policy, CC / OD, लिखा हो, माफ़ fee नहीं
  3. RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Interest Rates on Advances) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/161; DOR.CRE.REC.80./13.03.000/2025-26), PDF ↗जारी: 28 नव 2025 · लागू: 28 नव 2025किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 41बाहरी benchmark पर जाना बिना charge; उचित admin / legal ख़र्च; foreclosure नहीं माना जाता

सुधार का इतिहास

  • पन्ना बना। RBI के Commercial Banks – Responsible Business Conduct Directions, 2025 (1 अक्टूबर 2026 तक updated), NBFC – Responsible Business Conduct Directions, 2025 (1 जुलाई 2026 तक updated) और Commercial Banks – Interest Rates on Advances Directions, 2025 से जाँचा।

पन्ना बना: 11 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 11 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।

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