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शब्द · क़र्ज़✓ स्रोत से जाँचा · 11 Oct 2026

Digital Lending

डिजिटल क़र्ज़ · app या website से, ज़्यादातर अपने-आप होने वाला loan

एक लाइन में

Digital lending यानी app या website के ज़रिये, ज़्यादातर अपने-आप होने वाला loan: ग्राहक जोड़ने से लेकर मंज़ूरी, पैसा देने और वसूली तक। RBI के निर्देशों के मुताबिक bank या NBFC का digital loan सीधे आपके bank खाते में आता है, और आप कम से कम एक दिन की cooling-off अवधि में बिना penalty के loan से निकल सकते हैं।

Loan से बिना penalty निकलनाकम से कम 1 दिनcooling-off अवधि; मूलधन और उतने दिन का APR चुकाकर
Credit limit अपने-आप बढ़ानानहींआपकी साफ़ माँग के बिना नहीं
शिकायत का जवाब 30 दिन में नहींRBI का CMSया जवाब से संतुष्ट न हों, तब भी
App असली lender से जुड़ा है?RBI की DLA सूचीrbi.org.in पर; यह RBI की मंज़ूरी नहीं

मतलब

RBI के निर्देशों के मुताबिक digital lending loan देने का ऐसा तरीक़ा है, जो दूर से और ज़्यादातर अपने-आप होता है: ग्राहक जोड़ना, साख की जाँच, मंज़ूरी, पैसा देना, वसूली और ग्राहक सेवा, सब ज़्यादातर digital तकनीक से।[1]

  • DLA: Digital Lending App / Platform, यानी वह mobile या web app जिससे digital loan मिलता है; bank का अपना भी, और उसके LSP का भी।[1]
  • LSP: Lending Service Provider, यानी bank या NBFC का agent, जो उसकी तरफ़ से ग्राहक जोड़ने, loan की देखरेख या वसूली जैसा काम करता है।[1]
  • किन पर: ये नियम commercial banks और NBFCs, दोनों के digital loan पर हैं।[1][2]

इसका मतलब आपके लिए क्या है

  • पैसा सीधे: loan सीधे आपके bank खाते में आता है, और आप सीधे lender के खाते में चुकाते हैं; बीच में किसी तीसरे का, LSP का भी, खाता नहीं। कुछ ख़ास मामलों में छूट है।[1][2]
  • पहले पूरी जानकारी: loan का contract करने से पहले KFS मिलता है, जिसमें APR का हिसाब होता है;[1][5] contract होते ही ज़रूरी दस्तावेज़ आपके email / SMS पर आने चाहिए।[1][2]
  • ज़िम्मेदार कौन: app किसी का भी हो, ज़िम्मेदारी loan देने वाले bank या NBFC की है।[1][2]

Digital loan कैसे चलता है

RBI के निर्देशों के मुताबिक LSP से समझौता करके भी bank या NBFC अपनी ज़िम्मेदारी से नहीं बचता; LSP के हर काम के लिए वही पूरी तरह ज़िम्मेदार है।

  • Offers की तुलना: कई lenders वाले app में आपके लायक़ सभी offers, APR और किस्त के साथ दिखने चाहिए, बिना धोखे वाले design (dark patterns) के।[1][2]
  • Limit अपने-आप नहीं: आपकी साफ़ माँग के बिना credit limit नहीं बढ़ाई जा सकती।[1][2]
  • LSP की fee: LSP का ख़र्च bank या NBFC देता है; LSP आपसे अलग से नहीं ले सकता।[1][2]
  • Credit report: हर digital loan की जानकारी credit information companies को जाती है।[1][2]

Cooling-off: loan से बिना penalty निकलना

शुरुआत की एक अवधि में आप मूलधन और उतने समय का APR चुकाकर, बिना penalty के loan से निकल सकते हैं। इसे cooling-off अवधि कहते हैं।[1][2]

  • कितने दिन: bank या NBFC अपनी credit policy से तय करता है, पर एक दिन से कम नहीं।[1][2]
  • Processing fee: इस अवधि में loan छोड़ें, तो lender एक बार की उचित processing fee रख सकता है, बशर्ते वह KFS में पहले से बताई गई हो।[1][2]

आपका data

  • क्या नहीं खुल सकता: bank या NBFC का app, या उसके LSP का app, आपकी file और media, contact list, call logs और telephony functions नहीं खोल सकता।[1][2]
  • एक बार की पहुँच: camera, microphone या location सिर्फ़ onboarding या KYC के लिए, आपकी साफ़ मंज़ूरी से।[1][2]
  • आपका नियंत्रण: मंज़ूरी देना या मना करना, वापस लेना, और data मिटवाना आपका विकल्प है।[1][2]
  • कहाँ रखा जाता है: सारा data सिर्फ़ भारत के servers पर।[1][2]

आम ग़लतफ़हमी

✕ ग़लतफ़हमी"App पर loan लिया, तो शिकायत app वाले से ही होगी; bank का कोई लेना-देना नहीं।"
✓ सचनहीं। App किसी LSP का हो, तब भी शिकायत सुलझाने की ज़िम्मेदारी loan देने वाले bank या NBFC की है।[1][2]
✕ ग़लतफ़हमी"Loan चालू हो गया, तो अब वापस नहीं कर सकते।"
✓ सचशुरुआती cooling-off अवधि में आप मूलधन और उतने समय का APR चुकाकर, बिना penalty के loan से निकल सकते हैं। यह अवधि bank या NBFC तय करता है, पर एक दिन से कम नहीं हो सकती। Bank एक बार की उचित processing fee रख सकता है, अगर वह पहले KFS में बताई गई हो।[1][2]
✕ ग़लतफ़हमी"RBI की DLA सूची में नाम है, तो app RBI से मंज़ूर है।"
✓ सचनहीं। यह सूची सिर्फ़ यह जाँचने के लिए है कि app किसी bank या NBFC से जुड़ा है या नहीं। सूची संस्थाओं के अपने भेजे data से बनती है; RBI उसे जाँचता नहीं, और सूची में होना RBI का registration या मंज़ूरी नहीं है।[1][3]
✕ ग़लतफ़हमी"Loan app को contacts और photos देना ज़रूरी है।"
✓ सचनहीं। Bank या NBFC का app आपकी file और media, contact list और call logs नहीं खोल सकता। Camera, microphone या location की एक बार की पहुँच सिर्फ़ onboarding या KYC के लिए, आपकी साफ़ मंज़ूरी से ली जा सकती है।[1][2]

आपका अधिकार

शिकायत पूरी या आंशिक रूप से ठुकरा दी जाए, जवाब से आप संतुष्ट न हों, या 30 दिन में जवाब न मिले, तो आप RBI के CMS portal पर शिकायत कर सकते हैं। Bank या NBFC को यह बात आपको बतानी है।[1][2]
  • Recovery agent की पहले सूचना: default पर agent तय हो या बदले, तो उसका ब्योरा संपर्क से पहले email / SMS से आना है।[1][2]

अभी क्या करें

  • Loan app का नाम RBI की website पर 'DLA's deployed by Regulated Entities' सूची में, और lender की अपनी website पर जाँचिए।[1][3][4]
  • Loan लेने से पहले KFS में APR, कुल charges और cooling-off की शर्तें पढ़िए।[1][5]
  • App contacts, photos या call logs माँगे, तो रुक जाइए; bank या NBFC का app ये नहीं माँग सकता।[1][2]
  • शिकायत पहले bank या NBFC के nodal grievance redressal officer से कीजिए; 30 दिन में हल न हो, तो cms.rbi.org.in पर जाइए।[1]

सवाल-जवाब

Digital lending किसे कहते हैं?RBI के निर्देशों के मुताबिक यह ऐसा loan देने का तरीक़ा है, जो दूर से और ज़्यादातर अपने-आप होता है: ग्राहक जोड़ना, साख की जाँच, मंज़ूरी, पैसा देना, वसूली और उससे जुड़ी ग्राहक सेवा, सब ज़्यादातर digital तकनीक से।
DLA और LSP क्या हैं?DLA (Digital Lending App / Platform) वह mobile या web app है, जिससे digital loan की सेवा मिलती है; इसमें bank के अपने app भी आते हैं और उसके LSP के भी। LSP (Lending Service Provider) bank का agent है, जो उसकी तरफ़ से ग्राहक जोड़ने, loan की देखरेख या वसूली जैसा कोई काम करता है।
Loan लेते समय कौन-से काग़ज़ मिलने चाहिए?Loan का contract करने से पहले KFS (Key Fact Statement), जिसमें APR का हिसाब भी होता है; bank के retail और MSME term loan में KFS में न लिखी fee या charge आपकी साफ़ मंज़ूरी के बिना कभी नहीं लिया जा सकता। Contract होते ही KFS, loan product का सार, sanction letter, शर्तें, खाते के statement और data की privacy policy जैसे digital sign किए दस्तावेज़ आपके registered email / SMS पर अपने-आप आने चाहिए।
कई lenders के offer एक app पर दिखें, तो?LSP को आपकी ज़रूरत से मेल खाने वाले सभी offers दिखाने हैं, और जिन lenders का offer मेल नहीं खाया उनके नाम भी। हर offer में lender का नाम, रक़म, अवधि, APR, महीने की किस्त और penal charges (अगर हों) होने चाहिए, और KFS का link भी। किसी lender को आगे बढ़ाने के लिए धोखे वाले design (dark patterns) इस्तेमाल नहीं हो सकते।
क्या LSP मुझसे अलग से fee ले सकता है?नहीं। LSP को मिलने वाली fees और charges bank या NBFC ख़ुद सीधे देता है; ये ग्राहक से अलग से नहीं लिए जा सकते, न LSP इन्हें आपसे वसूल सकता है।
मेरा data कहाँ रखा जाता है?RBI के निर्देशों के मुताबिक सारा data सिर्फ़ भारत के servers पर रखा जाना है। LSP आपका सिर्फ़ ज़रूरी बुनियादी data, जैसे नाम, पता और संपर्क, रख सकता है। आप data के इस्तेमाल की मंज़ूरी दे या मना कर सकते हैं, पहले दी मंज़ूरी वापस ले सकते हैं, और ज़रूरत हो तो data मिटवा सकते हैं।
क्या digital loan credit report में दिखता है?हाँ। Bank या NBFC को अपने और अपने LSP के apps से दिए हर loan की जानकारी credit information companies को देनी है, loan किसी भी तरह या अवधि का हो।
शिकायत कहाँ करें?पहले bank या NBFC से; उनके और LSP के nodal grievance redressal officer का संपर्क website, app और KFS में होना चाहिए, और शिकायत app और website पर भी दर्ज हो सकती है। शिकायत पूरी या आंशिक रूप से ठुकरा दी जाए, जवाब से संतुष्ट न हों, या 30 दिन में जवाब न मिले, तो RBI के CMS portal (cms.rbi.org.in) पर शिकायत कर सकते हैं।
App असली है या नहीं, कैसे जाँचें?RBI की website (rbi.org.in) के पहले पन्ने पर 'DLA's deployed by Regulated Entities' नाम का link है, जो यह सूची खोलता है। Bank या NBFC की अपनी website पर भी उसके digital loan products, apps और LSPs की जानकारी होनी चाहिए।

जुड़े शब्द

स्रोत

  1. RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Credit Facilities) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/154; DOR.CRE.REC.73/07-01-001/2025-26; Updated as on October 1, 2026; small finance, payments और local area banks पर लागू नहीं), PDF ↗जारी: 28 नव 2025 · लागू: 28 नव 2025किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 3लागू किस पर: commercial banks
    • पैरा 4(1)(xi), (xii), (xxii)Digital Lending, DLA और LSP की परिभाषा
    • पैरा 6(7)LSP के हर काम के लिए bank पूरी तरह ज़िम्मेदार
    • पैरा 7कई lenders: सभी offers, APR, KFS link; dark patterns नहीं
    • पैरा 8(2)credit limit अपने-आप नहीं बढ़ेगी
    • पैरा 9(1), (3), (4)KFS; digital sign किए दस्तावेज़ email / SMS पर; website पर apps, LSPs, CMS और Sachet का link
    • पैरा 9(6)default पर recovery agent का ब्योरा, संपर्क से पहले email / SMS से
    • पैरा 10(1)–(4)loan सीधे borrower के खाते में; चुकाना सीधे bank के खाते में; LSP की fee ग्राहक से नहीं
    • पैरा 11cooling-off कम से कम एक दिन; मूलधन और आनुपातिक APR; processing fee KFS में बताई हो तो
    • पैरा 12nodal grievance redressal officer; ज़िम्मेदारी bank की; 30 दिन में जवाब नहीं तो CMS
    • पैरा 13(1), (2)file, media, contacts, call logs नहीं; एक बार camera, mic, location सिर्फ़ onboarding / KYC; मंज़ूरी वापस, data मिटवाना
    • पैरा 14(1), (4)LSP सिर्फ़ बुनियादी data; data भारत के servers पर
    • पैरा 17(1)हर digital loan की जानकारी CICs को
    • पैरा 18(5), (6)DLA सूची RBI की website पर, बिना जाँच; सूची में होना मंज़ूरी नहीं
  2. RBI — Reserve Bank of India (Non-Banking Financial Companies – Credit Facilities) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/347; DOR.CRE.REC.No.266/07-01-008/2025-26; updated as on July 15, 2026), PDF ↗जारी: 28 नव 2025 · लागू: 28 नव 2025किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • Chapter III, पैरा 6–18NBFC के digital loan पर भी यही नियम: cooling-off, शिकायत, data, सीधा पैसा
  3. RBI — press release 2025-2026/288: RBI issues Reserve Bank of India (Digital Lending) Directions, 2025 (8 मई 2025; अब digital lending के नियम ऊपर के Credit Facilities Directions के Chapter III में हैं) ↗जारी: 08 मई 2025किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 2, दूसरा बिंदु और नोटDLA सूची: Citizen's Corner में; सिर्फ़ जुड़ाव जाँचने के लिए; RBI की जाँच के बिना
  4. RBI — www.rbi.org.in का पहला पन्ना, 'DLA's deployed by Regulated Entities' link (पन्ने पर इस link की तारीख़ नहीं है; 11 अक्टूबर 2026 को देखा) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • नीचे की linksDLA सूची का link
  5. RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Responsible Business Conduct) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/170; DOR.MCS.REC.No.89/01-01-032/2025-26; Updated as on October 1, 2026), PDF ↗जारी: 28 नव 2025 · लागू: 28 नव 2025किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 348(1), (3), (5)contract से पहले KFS; APR का हिसाब; KFS में न लिखी fee साफ़ मंज़ूरी के बिना नहीं; 1 अक्टूबर 2024 या बाद में मंज़ूर retail और MSME term loans पर, credit card पर नहीं

सुधार का इतिहास

  • पन्ना बना। RBI के Commercial Banks – Credit Facilities Directions, 2025 (1 अक्टूबर 2026 तक updated), NBFC – Credit Facilities Directions, 2025 (15 जुलाई 2026 तक updated), RBI की 8 मई 2025 की press release और RBI की website के पहले पन्ने से जाँचा।

पन्ना बना: 11 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 11 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।

यह पन्ना: https://seedhamatlab.com/shabdkosh/digital-lending/ · आख़िरी जाँच: 11 अक्तू 2026
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