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शब्द · क़र्ज़✓ स्रोत से जाँचा · 8 Oct 2026

NBFC

वह company, जो क़र्ज़ और निवेश का कारोबार करती है, पर bank नहीं है

एक लाइन में

NBFC (Non-Banking Financial Company) वह company है, जिसका मुख्य कारोबार क़र्ज़ देना, securities में निवेश, leasing या hire-purchase जैसा वित्तीय काम है, और जिसे RBI से registration लेना होता है। NBFC bank नहीं है: वह demand deposit नहीं ले सकती, अपने नाम के cheque जारी नहीं कर सकती, और उसकी जमा पर DICGC का deposit insurance नहीं मिलता।

RegistrationRBI सेRBI Act की धारा 45-IA; certificate के बिना कारोबार नहीं
जमा पर deposit insuranceनहींDICGC का बीमा NBFC की जमा पर नहीं मिलता
जमा पर अधिकतम ब्याज12.5%जमा 12 से 60 महीने की; माँगते ही लौटाने वाली जमा नहीं
शिकायत हल न होRBI Ombudsman30 दिन बाद, अगर NBFC scheme में आती हो

मतलब

NBFC यानी Non-Banking Financial Company। यह Companies Act के तहत registered वह company है, जिसका मुख्य कारोबार क़र्ज़ और advances देना, shares, bonds, debentures या securities ख़रीदना, leasing, hire-purchase वग़ैरह है।[1]

जिस संस्था का मुख्य कारोबार खेती, उद्योग, सामान की ख़रीद-बिक्री, कोई सेवा देना, या अचल संपत्ति की ख़रीद-बिक्री या निर्माण है, वह NBFC नहीं है।[1]

कौन NBFC है

  • 50-50 कसौटी: company की financial assets उसकी कुल assets के 50 प्रतिशत से ज़्यादा हों, और financial assets से आमदनी उसकी कुल आमदनी के 50 प्रतिशत से ज़्यादा हो।[1]
  • दोनों शर्तें: जो company दोनों शर्तें पूरी करती है, उसे RBI में NBFC के तौर पर registration कराना होता है।[1]
  • Registration ज़रूरी: कोई company RBI से Certificate of Registration लिए बिना यह कारोबार शुरू नहीं कर सकती और चला नहीं सकती।[1]
  • सब RBI के पास नहीं: RBI हर वित्तीय company को regulate नहीं करता; कुछ SEBI, IRDAI या सरकार के दायरे में आती हैं।[1]
  • सूची: registered NBFC की सूची RBI की website पर 'Regulation → Non-Banking' में है।[1]

Bank से फ़र्क़

  • Demand deposit नहीं: NBFC ऐसी जमा नहीं ले सकती, जो माँगते ही लौटानी हो।[1]
  • Cheque नहीं: NBFC payment and settlement system का हिस्सा नहीं है, और अपने नाम के cheque जारी नहीं कर सकती।[1]
  • बीमा नहीं: जमा लेने वाली NBFC के जमाकर्ताओं को DICGC के deposit insurance की सुविधा नहीं मिलती।[1]

NBFC में जमा

हर NBFC जमा नहीं ले सकती। सिर्फ़ वे ले सकती हैं, जिनके Certificate of Registration में RBI ने जमा लेने की अनुमति दी है।

  • कौन ले सकती है: सिर्फ़ वे NBFC, जिनके पास जमा लेने वाला Certificate of Registration है और जिनकी credit rating कम से कम investment grade 'BBB–' है।[1]
  • कितनी: अपने Net Owned Funds के 1.5 गुना तक।[1]
  • ब्याज: अभी ज़्यादा से ज़्यादा 12.5%।[1]
  • अवधि: जमा 12 महीने के बाद और 60 महीने से पहले लौटानी हो; माँगते ही लौटाने वाली जमा नहीं।[1]
  • नई अनुमति नहीं: RBI ने 1997 के बाद किसी नई NBFC को जमा लेने का certificate नहीं दिया है।[1]
  • Unsecured: NBFC की public deposits unsecured होती हैं, और RBI जमा लौटाने की कोई guarantee नहीं लेता।[1]

NBFC से क़र्ज़

  • ब्याज की सीमा नहीं: RBI ने NBFC के क़र्ज़ की ब्याज दरें deregulate की हैं; दर loan agreement की शर्तों से तय होती है।[1]
  • पर बताना ज़रूरी: NBFC को ब्याज की दर और उसे तय करने का तरीक़ा application form में बताना, और sanction letter, अपनी website और Key Facts Statement में साफ़ लिखना होता है।[1]

शिकायत कहाँ करें

  • पहले NBFC से: हर NBFC के Board को शिकायत निवारण की व्यवस्था बनानी होती है, जिसमें शिकायत कम से कम अगले ऊपर के स्तर पर सुनी जाए।[1]
  • फिर RBI Ombudsman: NBFC को शिकायत मिलने के 30 दिन के अंदर जवाब न मिले, या जवाब से आप संतुष्ट न हों, तो CMS portal पर शिकायत की जा सकती है।[2]
  • कौन-सी NBFC: RBI में registered वे NBFC, जो जमा लेने के लिए अधिकृत हैं, या जिनका ग्राहकों से सीधा व्यवहार है और asset size ₹100 crore या उससे ज़्यादा है। Housing Finance Companies और कुछ दूसरी श्रेणियाँ scheme में नहीं आतीं।[2]
  • जमा न लौटे: जमाकर्ता National Company Law Tribunal (NCLT) या Consumer Forum के पास जा सकता है, या अदालत में civil suit कर सकता है।[1]
  • झूठा दावा: कोई जमा इकट्ठा करने के लिए RBI से regulated होने का झूठा दावा करे, तो इसकी जानकारी RBI के नज़दीकी दफ़्तर और पुलिस को दी जा सकती है।[1]

आम ग़लतफ़हमी

✕ ग़लतफ़हमी"NBFC भी एक तरह का bank ही है।"
✓ सचनहीं। RBI के मुताबिक bank और NBFC अलग संस्थाएँ हैं, जिन पर अलग नियम लागू होते हैं। NBFC demand deposit नहीं ले सकती, payment and settlement system का हिस्सा नहीं है, और अपने नाम के cheque जारी नहीं कर सकती।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"RBI में registered है, तो वह जमा भी ले सकती है।"
✓ सचनहीं। RBI में registered हर NBFC जमा नहीं ले सकती; सिर्फ़ वे, जिनके पास जमा लेने वाला Certificate of Registration है। RBI ने 1997 के बाद किसी नई NBFC को जमा लेने का certificate नहीं दिया है।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"NBFC की जमा पर भी bank जैसा deposit insurance है।"
✓ सचनहीं। RBI के मुताबिक NBFC की public deposits unsecured होती हैं, और उन पर deposit insurance की सुविधा नहीं है।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"RBI में registered है, तो RBI जमा की guarantee लेता है।"
✓ सचनहीं। RBI साफ़ कहता है कि वह company की आर्थिक मज़बूती, उसके बयानों के सही होने, या जमा लौटाने की कोई ज़िम्मेदारी या guarantee नहीं लेता।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"NBFC जमा पर जितना चाहे उतना ब्याज दे सकती है।"
✓ सचनहीं। NBFC जमा पर अभी ज़्यादा से ज़्यादा 12.5% ब्याज दे सकती है। RBI यह भी कहता है कि जो योजना बहुत ऊँचा ब्याज देने की बात करे, उसमें पैसा डूबने की संभावना ज़्यादा होती है।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"NBFC के क़र्ज़ के ब्याज पर RBI ने सीमा तय की है।"
✓ सचनहीं। RBI ने NBFC के क़र्ज़ की ब्याज दरें deregulate की हैं; दर loan agreement की शर्तों से तय होती है। पर NBFC को दर और उसे तय करने का तरीक़ा application form, sanction letter, अपनी website और Key Facts Statement में साफ़ बताना होता है।[1]

आपका अधिकार

NBFC को क़र्ज़ की ब्याज दर और उसे तय करने का तरीक़ा application form, sanction letter, अपनी website और Key Facts Statement में साफ़ बताना होता है।[1]
  • पक्की रसीद: हर जमा की रसीद, जिस पर अधिकृत officer के दस्तख़त, जमा की तारीख़, आपका नाम, रक़म (शब्दों और अंकों में), ब्याज की दर, maturity की तारीख़ और रक़म हो।[1]
  • Ombudsman: scheme में आने वाली NBFC के ख़िलाफ़ RBI Ombudsman के पास शिकायत की जा सकती है।[2]

अभी क्या करें

  • NBFC में जमा रखने से पहले RBI की website की सूची में देखिए कि उसे जमा लेने की अनुमति है या नहीं।[1]
  • उसके दफ़्तर में लगा Certificate of Registration देखिए; उस पर जमा लेने की अनुमति लिखी होनी चाहिए।[1]
  • 12.5% से ऊपर ब्याज का वादा हो, तो रुक जाइए; NBFC जमा पर इससे ज़्यादा ब्याज नहीं दे सकती।[1]
  • हर जमा की पक्की रसीद लीजिए; agent के ज़रिए दे रहे हों, तो देखिए कि NBFC ने उसे अधिकृत किया है।[1]
  • याद रखिए: NBFC की जमा पर deposit insurance नहीं है।[1]

सवाल-जवाब

NBFC का मतलब क्या है?RBI के मुताबिक NBFC (Non-Banking Financial Company) Companies Act के तहत registered वह company है, जिसका मुख्य कारोबार क़र्ज़ और advances देना, shares, bonds, debentures या securities ख़रीदना, leasing, hire-purchase वग़ैरह है। इसमें वह संस्था नहीं आती, जिसका मुख्य कारोबार खेती, उद्योग, सामान की ख़रीद-बिक्री, कोई सेवा देना, या अचल संपत्ति की ख़रीद-बिक्री या निर्माण है।
मुख्य कारोबार कैसे तय होता है?RBI की 50-50 कसौटी से: company की financial assets उसकी कुल assets के 50 प्रतिशत से ज़्यादा हों, और financial assets से आमदनी उसकी कुल आमदनी के 50 प्रतिशत से ज़्यादा हो। जो company दोनों शर्तें पूरी करती है, उसे RBI में NBFC के तौर पर registration कराना होता है।
Bank और NBFC में क्या फ़र्क़ है?RBI तीन बड़े फ़र्क़ बताता है: NBFC demand deposit नहीं ले सकती; NBFC payment and settlement system का हिस्सा नहीं है और अपने नाम के cheque जारी नहीं कर सकती; और जमा लेने वाली NBFC के जमाकर्ताओं को DICGC के deposit insurance की सुविधा नहीं मिलती।
क्या हर NBFC को RBI में registration कराना होता है?RBI Act, 1934 की धारा 45-IA के मुताबिक कोई company RBI से Certificate of Registration लिए बिना non-banking financial institution का कारोबार शुरू नहीं कर सकती और चला नहीं सकती। पर RBI हर वित्तीय company को regulate नहीं करता; कुछ SEBI, IRDAI या सरकार के दायरे में आती हैं।
कोई NBFC registered है या नहीं, कैसे पता करें?RBI के मुताबिक registered NBFC की सूची RBI की website पर 'Regulation → Non-Banking' में है। जो NBFC जमा ले सकती हैं, उनकी सूची भी वहीं है; RBI जमा रखने से पहले यह सूची देखने की सलाह देता है।
क्या हर NBFC जमा ले सकती है?नहीं। सिर्फ़ वे NBFC, जिनके पास जमा लेने वाला Certificate of Registration है और जिनकी credit rating कम से कम investment grade 'BBB–' है। वे अपने Net Owned Funds के 1.5 गुना तक ही public deposits ले सकती हैं।
NBFC की जमा पर ब्याज और अवधि की क्या सीमा है?RBI के मुताबिक NBFC अभी ज़्यादा से ज़्यादा 12.5% ब्याज दे सकती है। वह ऐसी जमा ले सकती है, जो 12 महीने के बाद और 60 महीने से पहले लौटानी हो। वह माँगते ही लौटाने वाली (repayable on demand) जमा नहीं ले सकती।
NBFC में जमा रखने से पहले क्या देखें?RBI की सलाह: NBFC, RBI में registered हो और उसे जमा लेने की ख़ास अनुमति हो; उसके दफ़्तर में लगे Certificate of Registration पर जमा की अनुमति लिखी हो; ब्याज 12.5% से ऊपर न हो; हर जमा की पक्की रसीद लें; और agent के ज़रिए जमा दे रहे हों, तो देखें कि NBFC ने उसे अधिकृत किया है।
जमा की रसीद में क्या होना चाहिए?RBI के मुताबिक रसीद पर NBFC के अधिकृत officer के दस्तख़त हों, और उसमें जमा की तारीख़, जमाकर्ता का नाम, रक़म (शब्दों और अंकों में), ब्याज की दर, maturity की तारीख़ और maturity की रक़म लिखी हो।
NBFC जमा न लौटाए, तो क्या करें?RBI के मुताबिक जमाकर्ता National Company Law Tribunal (NCLT) या Consumer Forum के पास जा सकता है, या जमा वसूलने के लिए अदालत में civil suit कर सकता है। राज्यों के Protection of Interest of Depositors क़ानून राज्य सरकार को कार्रवाई की ताक़त देते हैं।
NBFC के ख़िलाफ़ शिकायत कहाँ करें?पहले उसी NBFC से; RBI के मुताबिक हर NBFC के Board को शिकायत निवारण की व्यवस्था बनानी होती है। 30 दिन में जवाब न मिले या जवाब से संतुष्ट न हों, और NBFC, RBI की Ombudsman scheme में आती हो, तो CMS portal पर RBI Ombudsman को शिकायत की जा सकती है।
कौन-सी NBFC, RBI की Ombudsman scheme में आती हैं?Reserve Bank - Integrated Ombudsman Scheme, 2026 के FAQ के मुताबिक RBI में registered वे NBFC, जो जमा लेने के लिए अधिकृत हैं, या जिनका ग्राहकों से सीधा व्यवहार है और asset size ₹100 crore या उससे ज़्यादा है। Housing Finance Companies और कुछ दूसरी श्रेणियाँ इसमें नहीं आतीं।
कोई ख़ुद को झूठ-मूठ 'RBI से regulated' बताए, तो?RBI के मुताबिक जमा इकट्ठा करने के लिए लोगों को गुमराह करते हुए RBI से regulated होने का झूठा दावा करना ग़ैर-क़ानूनी है। इसकी जानकारी RBI के नज़दीकी दफ़्तर और पुलिस को दी जा सकती है।
NBFC के क़र्ज़ पर ब्याज की कोई ऊपरी सीमा है?RBI के FAQ के मुताबिक RBI ने NBFC के क़र्ज़ की ब्याज दरें deregulate की हैं; दर loan agreement की शर्तों से तय होती है। पर NBFC को दर और उसे तय करने का तरीक़ा application form में बताना और sanction letter, अपनी website और Key Facts Statement में साफ़ लिखना होता है।

जुड़े शब्द

स्रोत

  1. RBI — Frequently Asked Questions: All you wanted to know about NBFCs (Updated as on September 15, 2026) ↗जारी: 15 सित 2026किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • Q1 और Q2NBFC की परिभाषा; principal business की 50-50 कसौटी
    • Q3bank और NBFC के तीन फ़र्क़
    • Q4, Q8, Q10registration ज़रूरी; झूठा दावा ग़ैर-क़ानूनी; registered NBFC की सूची
    • Q13क़र्ज़ की ब्याज दर deregulated; दर बताना ज़रूरी
    • Q20 और Q21कौन जमा ले सकता है; rating; 1.5 गुना; 12.5%; 12 से 60 महीने; 1997 के बाद नया certificate नहीं
    • Q28जमा रखने से पहले की सावधानियाँ; रसीद; बीमा नहीं; RBI की guarantee नहीं
    • Q29 और Q31जमा न लौटे तो कहाँ जाएँ; NBFC की अपनी शिकायत व्यवस्था
    • Q44ऊँचे ब्याज वाली योजनाओं में जोखिम
  2. RBI — Frequently Asked Questions: Reserve Bank - Integrated Ombudsman Scheme, 2026 (37 सवाल) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • Q13कौन-सी NBFC scheme में आती हैं
    • Q9 और Q17पहले संस्था से शिकायत; 30 दिन; CMS portal

सुधार का इतिहास

  • पन्ना बना। RBI के FAQ 'All you wanted to know about NBFCs' (15 सितंबर 2026 तक update) और Reserve Bank - Integrated Ombudsman Scheme, 2026 के FAQ से जाँचा।

पन्ना बना: 08 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 08 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।