1मतलब
Home loan वह loan है, जो घर ख़रीदने, बनाने या उसकी मरम्मत के लिए लिया जाता है। RBI के निर्देशों में इसे housing finance कहा गया है।[1]
- किन कामों के लिए: परिवार के रहने के लिए घर ख़रीदना या बनाना, ख़राब घर की मरम्मत, घर बनाने के इरादे से plot ख़रीदना, और पहले से लिए घर में बदलाव या मरम्मत।[1]
- दूसरा घर भी: एक घर होने पर भी अपने रहने के लिए दूसरा घर, और जिस घर में आप किराएदार हैं उसे ख़रीदने के लिए भी।[1]
- किस पर ये नियम: LTV, नक़्शे और चरणों वाले नियम commercial banks के हैं।[1] Housing Finance Company (HFC) और small finance, co-operative, regional rural व local area banks के अपने अलग निर्देश हैं।[5]
2इसका मतलब आपके लिए क्या है
- अपनी तरफ़ से पैसा: bank घर की पूरी क़ीमत का loan नहीं देता; बाक़ी हिस्सा आपको लगाना होता है।[1]
- काग़ज़ पक्के: नक़्शा मंज़ूर हो और घर उसी के मुताबिक बना हो, तभी loan आसानी से मिलता है।[1]
- दर बदल सकती है: floating rate loan की दर benchmark के साथ बदलती है, और इसके साथ आपकी EMI या अवधि भी।[2][3]
3Home loan कैसे मिलता है
ऊपर का LTV, नक़्शे और चरणों वाला हिस्सा commercial banks के RBI निर्देशों से है। Housing Finance Company (HFC) के अपने अलग निर्देश हैं, जो इस पन्ने में नहीं जाँचे गए।
- LTV: loan की बकाया रक़म और घर की क़ीमत का अनुपात। इसकी ऊपरी सीमा नीचे की तालिका में है।[1]
- चरणों में पैसा: बनते घर में पैसा निर्माण के चरणों के साथ जाता है; सरकारी या statutory authority के project में उनके तय चरणों से।[1]
- Builder की जानकारी: housing project को पैसा देते समय bank की शर्त होती है कि builder अपने brochure और विज्ञापन में बताए कि संपत्ति किस bank के पास गिरवी है।[1]
- शर्तें लिखित में: bank loan की शर्तें लिखकर देता है, और मंज़ूरी या पैसा देते समय loan agreement और उसके साथ के सारे काग़ज़ों की copy आपको देता है।[3]
4कितना loan मिल सकता है
Commercial bank के व्यक्तिगत housing loan पर LTV की ऊपरी सीमा:[1]
- ₹30 लाख तक का loan: घर की क़ीमत का 90% तक।[1]
- ₹30 लाख से ऊपर, ₹75 लाख तक: 80% तक।[1]
- ₹75 लाख से ऊपर: 75% तक।[1]
LTV के लिए घर की क़ीमत में stamp duty, registration और दूसरे दस्तावेज़ी charges नहीं जुड़ते। जिस घर की क़ीमत ₹10 लाख से ज़्यादा न हो, उसमें bank ये charges जोड़ सकता है।[1]
5नक़्शा और काग़ज़
- ख़ुद बनवाना: आपके नाम पर मंज़ूर नक़्शे की copy, और affidavit-cum-undertaking कि निर्माण उसी नक़्शे से होगा। निर्माण पूरा होने के 3 महीने में completion certificate लेना आपकी ज़िम्मेदारी है, वरना bank पूरा loan वापस माँग सकता है।[1]
- बना हुआ घर: affidavit-cum-undertaking कि घर मंज़ूर नक़्शे / building bye-laws से बना है; bank का architect भी पैसा देने से पहले इसे प्रमाणित करता है।[1]
- Loan नहीं: अनधिकृत colony की संपत्ति पर, जब तक वह regularize न हो; और रहने वाली उस संपत्ति पर, जिसे आप commercial इस्तेमाल के लिए बताएँ।[1]
6ब्याज दर और जल्दी चुकाना
- Floating दर: commercial bank का floating rate housing loan बाहरी benchmark से जुड़ा होता है, जैसे Repo Rate; दर कम से कम तीन महीने में एक बार reset होती है।[2]
- दर बढ़े तो: पूरे home loan वर्ग की दर बढ़ने पर आपको EMI बढ़वाने, किस्तें बढ़वाने, fixed rate (जहाँ मिले) या prepay का विकल्प मिलता है।[3][4]
- जल्दी चुकाना: व्यक्ति के non-business floating rate loan पर commercial bank, NBFC और HFC pre-payment charge नहीं ले सकते।[3][4]
7आम ग़लतफ़हमी
8आपका अधिकार
9अभी क्या करें
- Builder से flat ले रहे हैं, तो brochure में देखिए कि project किस bank के पास गिरवी है।[1]
- ख़ुद घर बनवा रहे हैं, तो मंज़ूर नक़्शा पहले लीजिए, और निर्माण पूरा होते ही 3 महीने में completion certificate लीजिए।[1]
- Floating rate loan की दर बढ़ने की सूचना आए, तो bank या HFC को अपना विकल्प बताइए: EMI, किस्तें, fixed rate या prepay।[3][4]
10सवाल-जवाब
11जुड़े शब्द
12स्रोत
- RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Credit Facilities) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/154; DOR.CRE.REC.73/07-01-001/2025-26; Updated as on October 1, 2026; small finance, payments और local area banks पर लागू नहीं), PDF ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 3लागू किस पर: commercial banks
- पैरा 89–91housing finance: घर, plot (घर बनाने की घोषणा), मरम्मत, दूसरा घर, किराए वाला घर
- पैरा 92मंज़ूर नक़्शा, affidavit-cum-undertaking, 3 महीने में completion certificate, architect, अनधिकृत colony और commercial इस्तेमाल पर loan नहीं
- पैरा 93–95पहले से लिए घर में बदलाव / मरम्मत के लिए loan
- पैरा 111LTV: ₹30 लाख तक 90%, ₹30–75 लाख 80%, ₹75 लाख से ऊपर 75%
- पैरा 113stamp duty, registration क़ीमत में नहीं; ₹10 लाख तक के घर में छूट
- पैरा 116–117पैसा निर्माण के चरणों से; बनते project में upfront नहीं; सरकारी project की छूट
- पैरा 119builder के brochure / विज्ञापन में गिरवी वाले bank का नाम
- RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Interest Rates on Advances) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/161; DOR.CRE.REC.80./13.03.000/2025-26), PDF ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 5(4)बाहरी benchmark: Repo Rate, FBIL के 3 और 6 महीने के T-Bill yield, या FBIL की दूसरी दर
- पैरा 25floating rate retail loan (housing, auto आदि) बाहरी benchmark से
- पैरा 38बाहरी benchmark वाली दर कम से कम तीन महीने में एक बार reset
- पैरा 41MCLR / Base Rate से बाहरी benchmark पर: बिना charge, सिर्फ़ उचित admin / legal ख़र्च; नए loan जैसी दर
- RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Responsible Business Conduct) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/170; DOR.MCS.REC.No.89/01-01-032/2025-26; Updated as on October 1, 2026; small finance, payments और local area banks पर लागू नहीं), PDF ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 333–334शर्तें लिखित में; loan agreement और enclosures की copy
- पैरा 349(3), नोटhome loan जैसे पूरे वर्ग की दर बढ़े: EMI / किस्तें बढ़ाना, fixed rate, prepay के विकल्प
- पैरा 352, 353(1), (3)व्यक्ति के non-business floating loan पर pre-payment charge नहीं: 31 दिसंबर 2025 से पहले मंज़ूर term loan पर भी; 1 जनवरी 2026 से मंज़ूर / renew loan पर पैसा कहीं से भी, lock-in नहीं
- RBI — Reserve Bank of India (Non-Banking Financial Companies – Responsible Business Conduct) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/362; DOR.MCS.REC.No.281/01-01-039/2025-26; Updated as on July 1, 2026; HFC पर भी लागू), PDF ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 3(7)HFC पर भी लागू
- पैरा 31(3), नोटNBFC / HFC में भी home loan वर्ग की दर बढ़ने पर वही विकल्प
- पैरा 33, 34(1), (3)NBFC / HFC: व्यक्ति के non-business floating loan पर pre-payment charge नहीं
- RBI — Master Directions की सूची, www.rbi.org.in ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- Commercial Banks के बाद के हिस्सेHousing Finance Companies Directions, 2025 और SFB, UCB, RRB, LAB के अलग Credit Facilities Directions (11 अक्टूबर 2026 को देखी)
13सुधार का इतिहास
- पन्ना बना। RBI के Commercial Banks – Credit Facilities Directions, 2025 (1 अक्टूबर 2026 तक updated), Commercial Banks – Interest Rates on Advances Directions, 2025, Commercial Banks – Responsible Business Conduct Directions, 2025 (1 अक्टूबर 2026 तक updated) और NBFC – Responsible Business Conduct Directions, 2025 (1 जुलाई 2026 तक updated) से जाँचा।
पन्ना बना: 11 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 11 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।
यह पन्ना: https://seedhamatlab.com/shabdkosh/home-loan/ · आख़िरी जाँच: 11 अक्तू 2026
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