1मतलब
जब आपके खाते, card या wallet से आपकी मर्ज़ी के बिना electronic लेनदेन हो जाए, तो RBI के नियम तय करते हैं कि नुक़सान किसका होगा। Bank की लापरवाही से हुआ, तो आपकी देनदारी शून्य (zero liability) है; तीसरे पक्ष की गड़बड़ी में समय पर बताने पर भी शून्य।[1][2]
2इसका मतलब आपके लिए क्या है
- जल्दी बताइए: अभी 3 working दिन, 1 जनवरी 2027 से 5 calendar दिन, तीसरे पक्ष की गड़बड़ी में zero के लिए।[1][2]
- साबित bank करे: ग़लती आपकी थी, यह साबित करने का भार bank पर।[1][2]
- नया मुआवज़ा: 1 जनवरी 2027 से ₹50,000 तक की ठगी में एक बार 85% (अधिकतम ₹25,000)।[2][3]
3ठगी हो, तो क्या होता है
RBI के मुताबिक bank को SMS alerts भेजने हैं, 24x7 शिकायत के रास्ते देने हैं, और alert SMS में ही ऐसा नंबर देना है जिस पर आप तुरंत आपत्ति भेज सकें। आपके बताने के बाद होने वाला हर नुक़सान bank उठाता है।
4आम ग़लतफ़हमी
5आपका अधिकार
6अभी क्या करें
- Bank में अपना mobile नंबर और email update रखिए; SMS alerts पर नज़र रखिए।[1][2]
- अनजान लेनदेन दिखे, तो तुरंत bank को बताइए और complaint नंबर लीजिए।[1][2]
- साथ ही cyber crime portal या 1930 पर भी शिकायत कीजिए; 1 जनवरी 2027 से मुआवज़े के लिए यह ज़रूरी है।[2]
7सवाल-जवाब
8जुड़े शब्द
9स्रोत
- RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Responsible Business Conduct) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/170; Updated as on October 1, 2026; 16 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) — 31 दिसंबर 2026 तक के लेनदेन के लिए ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 66SMS alerts; 24x7 रिपोर्टिंग; alert SMS में reply नंबर; बताने में देर = ज़्यादा जोखिम
- पैरा 67, 68, Table 1bank की ग़लती: zero; तीसरा पक्ष + 3 working दिन: zero; लापरवाही: बताने तक ग्राहक; 4–7 दिन: ₹5,000 / ₹10,000 / ₹25,000 तक
- पैरा 69, 70, 717 working दिन बाद bank की नीति; सार; दिन home branch के हिसाब से, सूचना वाला दिन छोड़कर
- पैरा 72, 73, 7510 working दिन में shadow reversal, value date; 90 दिन; ब्याज का नुक़सान नहीं; साबित करने का भार bank पर
- RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Responsible Business Conduct) Third Amendment Directions, 2026 (RBI/2026-27/167; DOR.MCS.REC.No.130/01-01-032/2026-27; 24 जून 2026; 1 जनवरी 2027 या उसके बाद के लेनदेन पर लागू; 16 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 3(2); 4(1)–(7)1.1.2027 से; fraudulent EBT, bank / ग्राहक की लापरवाही, shadow reversal, third-party breach (TPAP, PA, PG, TSP) की परिभाषाएँ
- नए पैरा 76C–76Jmobile / email verify; ₹500 से ऊपर हर EBT पर SMS; email alerts; 1930 / NCRP की सलाह; 24x7 रास्ते; app / website पर link; तुरंत complaint नंबर
- नए पैरा 76K–76Sसाबित करने का भार bank पर; bank की लापरवाही: zero; तीसरा पक्ष + 5 calendar दिन: zero; लापरवाही: बताने तक ग्राहक; 45 / 60 दिन; value date; credit card 5 दिन में shadow reversal; अस्वीकार पर वजह
- नए पैरा 76T, 76U₹50,000 तक की bona fide ठगी (लापरवाही वाले मामले): 85% या ₹25,000, जो कम; जीवन में एक बार; 5 दिन में NCRP / 1930 और bank; आवेदन के 5 दिन में भुगतान; 1.1.2027 से एक साल तक के लेनदेन
- RBI — Press Release 2026-2027/533, RBI Issues Amendment Directions on 'Review of Framework of Limiting Customer Liability in Digital Transactions', 24 जून 2026 ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 1, 26 मार्च 2026 का draft, feedback के बाद final; 1 जनवरी 2027 से; सभी तरह के banks के लिए अलग amendment directions
10सुधार का इतिहास
- पन्ना बना। RBI के Responsible Business Conduct Directions (170MD, 1 अक्टूबर 2026 तक updated), पैरा 64–76, और 24 जून 2026 के Third Amendment Directions (1 जनवरी 2027 से) से जाँचा।
पन्ना बना: 16 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 16 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।
यह पन्ना: https://seedhamatlab.com/shabdkosh/zero-liability/ · आख़िरी जाँच: 16 अक्तू 2026
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