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शब्द · साइबर सुरक्षा✓ स्रोत से जाँचा · 16 Oct 2026

Zero Liability

ज़ीरो लायबिलिटी · धोखाधड़ी वाले digital लेनदेन में ग्राहक पर कोई देनदारी नहीं, कब और कैसे

एक लाइन में

Bank खाते, card या wallet से आपकी मर्ज़ी के बिना electronic लेनदेन हो जाए, तो RBI के नियम तय करते हैं कि नुक़सान कौन उठाएगा। Bank की ग़लती हो, तो आपकी देनदारी शून्य (zero) है। ग़लती न bank की हो न आपकी, तो जल्दी बताने पर भी zero। 1 जनवरी 2027 से नए नियम आएँगे: तीसरे पक्ष की गड़बड़ी में 5 calendar दिन में बताने पर zero liability, और छोटी रक़म की ठगी में एक बार 85% (अधिकतम ₹25,000) मुआवज़ा।

Bank की ग़लतीZero liabilityबताएँ या न बताएँ
अभी: तीसरे पक्ष की गड़बड़ी3 working दिन में बताएँतो zero; 31.12.2026 तक के लेनदेन
1.1.2027 से5 calendar दिनतीसरे पक्ष की गड़बड़ी में zero
1.1.2027 से मुआवज़ा85%, अधिकतम ₹25,000₹50,000 तक की ठगी; जीवन में एक बार

मतलब

जब आपके खाते, card या wallet से आपकी मर्ज़ी के बिना electronic लेनदेन हो जाए, तो RBI के नियम तय करते हैं कि नुक़सान किसका होगा। Bank की लापरवाही से हुआ, तो आपकी देनदारी शून्य (zero liability) है; तीसरे पक्ष की गड़बड़ी में समय पर बताने पर भी शून्य।[1][2]

इसका मतलब आपके लिए क्या है

  • जल्दी बताइए: अभी 3 working दिन, 1 जनवरी 2027 से 5 calendar दिन, तीसरे पक्ष की गड़बड़ी में zero के लिए।[1][2]
  • साबित bank करे: ग़लती आपकी थी, यह साबित करने का भार bank पर।[1][2]
  • नया मुआवज़ा: 1 जनवरी 2027 से ₹50,000 तक की ठगी में एक बार 85% (अधिकतम ₹25,000)।[2][3]

ठगी हो, तो क्या होता है

RBI के मुताबिक bank को SMS alerts भेजने हैं, 24x7 शिकायत के रास्ते देने हैं, और alert SMS में ही ऐसा नंबर देना है जिस पर आप तुरंत आपत्ति भेज सकें। आपके बताने के बाद होने वाला हर नुक़सान bank उठाता है।

आम ग़लतफ़हमी

✕ ग़लतफ़हमी"Online ठगी हो गई, तो पैसा गया; bank कुछ नहीं करेगा।"
✓ सचनहीं। RBI के मुताबिक bank की लापरवाही या कमी से हुए अनधिकृत लेनदेन में आपकी देनदारी शून्य है; और जहाँ ग़लती न bank की हो न आपकी, वहाँ भी समय पर बताने पर शून्य।[1][2] यह साबित करने का भार bank पर है कि ग़लती आपकी थी।[1][2]
✕ ग़लतफ़हमी"OTP दे दिया, तो कोई राहत नहीं।"
✓ सचअभी के नियमों में credentials साझा करने जैसी लापरवाही में bank को बताने तक का नुक़सान आपका है, बताने के बाद का bank का।[1] 1 जनवरी 2027 से, लापरवाही वाले मामलों में भी ₹50,000 तक की ठगी पर, सही (bona fide) शिकायत होने पर, जीवन में एक बार 85% या ₹25,000, जो कम हो, मुआवज़ा मिल सकता है; शर्त है कि 5 calendar दिन में cyber crime portal / 1930 और bank को बताया हो।[2]
✕ ग़लतफ़हमी"बताने में देर से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता।"
✓ सचपड़ता है। RBI के मुताबिक जितनी देर, उतना ज़्यादा जोखिम। अभी के नियमों में तीसरे पक्ष की गड़बड़ी में 3 working दिन में बताने पर zero, 4–7 working दिन में सीमित देनदारी, उसके बाद bank की नीति।[1]

आपका अधिकार

Bank की लापरवाही से हुए अनधिकृत electronic लेनदेन में आपकी देनदारी शून्य है, चाहे आप बताएँ या न बताएँ। आपके बताने के बाद होने वाला नुक़सान bank उठाता है। ग़लती आपकी थी, यह साबित करने का भार bank पर है।[1][2]

अभी क्या करें

  • Bank में अपना mobile नंबर और email update रखिए; SMS alerts पर नज़र रखिए।[1][2]
  • अनजान लेनदेन दिखे, तो तुरंत bank को बताइए और complaint नंबर लीजिए।[1][2]
  • साथ ही cyber crime portal या 1930 पर भी शिकायत कीजिए; 1 जनवरी 2027 से मुआवज़े के लिए यह ज़रूरी है।[2]

सवाल-जवाब

अभी (31 दिसंबर 2026 तक के लेनदेन) सीमित देनदारी कितनी है?RBI के मुताबिक, ग़लती न bank की हो न आपकी, और आप 4 से 7 working दिन में बताएँ, तो हर लेनदेन पर देनदारी लेनदेन की रक़म या इस सीमा तक, जो कम हो: BSBD खाते ₹5,000; बाक़ी savings खाते, PPI / gift card, MSME के current / CC / OD, ₹25 लाख तक वाले व्यक्तियों के current / CC / OD, और ₹5 लाख तक limit वाले credit card ₹10,000; बाक़ी current / CC / OD और ₹5 लाख से ऊपर limit वाले credit card ₹25,000।[1]
पैसा कब लौटेगा?अभी के नियमों में बताने के 10 working दिन में bank रक़म (shadow reversal) खाते में डाले, लेनदेन की तारीख़ से; शिकायत 90 दिन में निपटे, न निपटे तो भी मुआवज़ा देना है।[1] 1 जनवरी 2027 से: शिकायत की जाँच घरेलू मामले में 45 calendar दिन, विदेशी में 60 दिन में; credit card में 5 calendar दिन में shadow reversal; reversal मूल तारीख़ से, ब्याज का नुक़सान नहीं।[2]
1 जनवरी 2027 से 'लापरवाही' किसे माना जाएगा?RBI के मुताबिक, जैसे: PIN, password, OTP किसी को देना या PIN card के साथ लिखकर रखना; ठगी पता चलने पर तुरंत न बताना; bank की साफ़ चेतावनी को अनदेखा करना कि लेनदेन ठगी हो सकता है; malicious app डाउनलोड करना; या mobile नंबर / email बदलने पर bank में update न कराना।[2]
1 जनवरी 2027 से bank और क्या करेगा?RBI के मुताबिक ₹500 से ज़्यादा के हर electronic लेनदेन पर तुरंत SMS; email दिया हो तो हर लेनदेन पर email; website और app के home page पर ठगी बताने का सीधा link; शिकायत पर तुरंत complaint नंबर; और ठगी को cyber crime portal या 1930 पर भी बताने की सलाह। शिकायत ठुकराई जाए, तो वजह और ब्यौरा बताना होगा।[2]
मुआवज़ा कब तक के लेनदेन पर?RBI के मुताबिक छोटी रक़म वाली ठगी का यह मुआवज़ा 1 जनवरी 2027 से एक साल तक हुए लेनदेन पर है।[2]

जुड़े शब्द

स्रोत

  1. RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Responsible Business Conduct) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/170; Updated as on October 1, 2026; 16 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) — 31 दिसंबर 2026 तक के लेनदेन के लिए ↗जारी: 28 नव 2025किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 66SMS alerts; 24x7 रिपोर्टिंग; alert SMS में reply नंबर; बताने में देर = ज़्यादा जोखिम
    • पैरा 67, 68, Table 1bank की ग़लती: zero; तीसरा पक्ष + 3 working दिन: zero; लापरवाही: बताने तक ग्राहक; 4–7 दिन: ₹5,000 / ₹10,000 / ₹25,000 तक
    • पैरा 69, 70, 717 working दिन बाद bank की नीति; सार; दिन home branch के हिसाब से, सूचना वाला दिन छोड़कर
    • पैरा 72, 73, 7510 working दिन में shadow reversal, value date; 90 दिन; ब्याज का नुक़सान नहीं; साबित करने का भार bank पर
  2. RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Responsible Business Conduct) Third Amendment Directions, 2026 (RBI/2026-27/167; DOR.MCS.REC.No.130/01-01-032/2026-27; 24 जून 2026; 1 जनवरी 2027 या उसके बाद के लेनदेन पर लागू; 16 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗जारी: 24 जून 2026 · लागू: 01 जन 2027किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 3(2); 4(1)–(7)1.1.2027 से; fraudulent EBT, bank / ग्राहक की लापरवाही, shadow reversal, third-party breach (TPAP, PA, PG, TSP) की परिभाषाएँ
    • नए पैरा 76C–76Jmobile / email verify; ₹500 से ऊपर हर EBT पर SMS; email alerts; 1930 / NCRP की सलाह; 24x7 रास्ते; app / website पर link; तुरंत complaint नंबर
    • नए पैरा 76K–76Sसाबित करने का भार bank पर; bank की लापरवाही: zero; तीसरा पक्ष + 5 calendar दिन: zero; लापरवाही: बताने तक ग्राहक; 45 / 60 दिन; value date; credit card 5 दिन में shadow reversal; अस्वीकार पर वजह
    • नए पैरा 76T, 76U₹50,000 तक की bona fide ठगी (लापरवाही वाले मामले): 85% या ₹25,000, जो कम; जीवन में एक बार; 5 दिन में NCRP / 1930 और bank; आवेदन के 5 दिन में भुगतान; 1.1.2027 से एक साल तक के लेनदेन
  3. RBI — Press Release 2026-2027/533, RBI Issues Amendment Directions on 'Review of Framework of Limiting Customer Liability in Digital Transactions', 24 जून 2026 ↗जारी: 24 जून 2026 · लागू: 01 जन 2027किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 1, 26 मार्च 2026 का draft, feedback के बाद final; 1 जनवरी 2027 से; सभी तरह के banks के लिए अलग amendment directions

सुधार का इतिहास

  • पन्ना बना। RBI के Responsible Business Conduct Directions (170MD, 1 अक्टूबर 2026 तक updated), पैरा 64–76, और 24 जून 2026 के Third Amendment Directions (1 जनवरी 2027 से) से जाँचा।

पन्ना बना: 16 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 16 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।

यह पन्ना: https://seedhamatlab.com/shabdkosh/zero-liability/ · आख़िरी जाँच: 16 अक्तू 2026
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