केएफ़एस · loan लेने से पहले मिलने वाला सार-पत्र: ब्याज, सारे charges, APR और किस्तों की सूची
एक लाइन में
KFS (Key Facts Statement) वह मानक पत्र है, जो bank को retail और MSME term loan देने से पहले आपको देना है। इसमें ब्याज दर, सारे charges, APR (कुल सालाना ख़र्च) और किस्तों की पूरी सूची होती है। जो charge KFS में नहीं लिखा, वह आपकी साफ़ सहमति के बिना loan की पूरी अवधि में कभी नहीं लिया जा सकता।
किन loans परRetail और MSME term loan1 अक्टूबर 2024 से नए; credit card नहीं
सोचने का समयकम-से-कम 3 working दिन7 दिन या ज़्यादा के loan पर
KFS में नहींतो charge नहींआपकी साफ़ सहमति के बिना
भाषाजो आप समझेंसमझाकर पावती लेनी है
1मतलब
KFS (Key Facts Statement) loan की शर्तों का मानक सार-पत्र है। RBI के मुताबिक 1 अक्टूबर 2024 या उसके बाद sanction हुए हर नए retail और MSMEterm loan से पहले bank को यह आपको देना है; credit card इससे बाहर हैं।[1]
2इसका मतलब आपके लिए क्या है
असली ख़र्च एक नज़र में:APR में सारे charges शामिल।[1]
छुपा charge नहीं: KFS में न लिखा charge बिना आपकी साफ़ सहमति के नहीं।[1]
सोचने का समय: कम-से-कम 3 working दिन (7 दिन या ज़्यादा के loan पर)।[1]
3KFS कैसे काम करता है
Loan का प्रस्तावअलग proposal नंबर
समझाया गया→आपकी पावती
KFS मिलाब्याज, charges, APR, किस्तें
Validity में→3 working दिन तक
आपने हाँ कहाbank KFS की शर्तों से बँधा
RBI के मुताबिक validity वह समय है, जो KFS मिलने के बाद आपको शर्तें मानने के लिए मिलता है। उस समय के भीतर आप मान लें, तो bank KFS में लिखी शर्तों से बँधा है।
4आम ग़लतफ़हमी
✕ ग़लतफ़हमी"KFS बस एक औपचारिकता है, बाद में bank कोई भी fee जोड़ सकता है।"
✓ सचनहीं। RBI के मुताबिक जो fees या charges KFS में नहीं लिखे, वे loan की अवधि में किसी भी समय आपकी साफ़ सहमति के बिना नहीं लिए जा सकते।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"ब्याज दर ही असली ख़र्च है।"
✓ सचनहीं। RBI के मुताबिक KFS में APR दिया जाता है, जिसमें bank के सारे charges शामिल होते हैं; insurance, legal जैसे third-party charges भी, जो bank के ज़रिए लिए जाते हैं। RBI के उदाहरण में 15% ब्याज वाले ₹20,000 के loan का APR 17.07% बनता है।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"KFS मिलते ही तुरंत sign करना पड़ता है।"
✓ सचनहीं। RBI के मुताबिक 7 दिन या ज़्यादा अवधि के loan के KFS की validity कम-से-कम 3 working दिन है; 7 दिन से कम के loan में 1 working दिन।[1]
5आपका अधिकार
Retail या MSME term loan से पहले आपको अपनी समझ की भाषा में KFS मिले और समझाया जाए। Validity के भीतर आप हाँ कहें, तो bank KFS की शर्तों से बँधा है, और KFS में न लिखी कोई fee या charge आपकी साफ़ सहमति के बिना नहीं ले सकता।[1]
6अभी क्या करें
Loan के लिए sign करने से पहले KFS माँगिए और APR देखिए, सिर्फ़ ब्याज दर नहीं।[1]
KFS के charges को loan agreement के summary box से मिलाइए।[1]
Insurance जैसे third-party charges की रसीद लीजिए।[1]
7सवाल-जवाब
KFS में क्या-क्या होता है?RBI के मानक format (Annex XIII) और उसके APR उदाहरण के मुताबिक KFS में loan की रक़म, अवधि, किस्तें, ब्याज का प्रकार और दर, पूरी अवधि का कुल ब्याज, bank और third-party को जाने वाले charges, हाथ में आने वाली रक़म, कुल चुकाने वाली रक़म, APR का हिसाब और किस्तों की पूरी सूची (amortisation schedule)।[1]
Third-party charges, जैसे insurance, का क्या?RBI के मुताबिक bank के ज़रिए वसूले जाने वाले insurance, legal जैसे charges भी APR में जुड़ते हैं और अलग से बताए जाते हैं; हर भुगतान की रसीद और काग़ज़ उचित समय में आपको मिलने चाहिए।[1]
Loan agreement में KFS कहाँ होगा?RBI के मुताबिक KFS loan agreement का हिस्सा बनकर 'summary box' के रूप में भी लगेगा।[1]
ये नियम किन banks पर लागू हैं?यहाँ लिखे RBI के Responsible Business Conduct Directions commercial banks के लिए हैं।[1]
पैरा 348 (शुरुआत), 348(1)1.10.2024 से नए retail और MSME term loans; credit card receivables छूट; मानक format (Annex XIII); समझ आने वाली भाषा; समझाकर पावती
पैरा 348(2) और Explanationunique proposal number; validity 7 दिन+ के loan पर कम-से-कम 3 working दिन, कम पर 1; validity में मानने पर bank शर्तों से बँधा
पैरा 348(3) और IllustrationAPR का हिसाब और amortisation schedule; APR में सारे charges; ₹20,000, 15%, 24 EMI ₹970 → APR 17.07%
पैरा 348(4), (5), (6)third-party charges APR में, अलग से बताए, रसीद; KFS में न लिखा charge बिना साफ़ सहमति नहीं; agreement में summary box
10सुधार का इतिहास
पन्ना बना। RBI के Responsible Business Conduct Directions (170MD, 1 अक्टूबर 2026 तक updated), पैरा 348 से जाँचा।