1मतलब
Term Loan वह क़र्ज़ है, जो एक तय अवधि के बाद चुकाना होता है।[1] RBI के नियमों के मुताबिक loan चुकाने की सही तारीख़ें, कितनी बार किस्त होगी, और मूलधन व ब्याज का हिस्सा loan agreement में लिखा होना चाहिए।[2]
Cash credit या overdraft से फ़र्क़ यह है कि वहाँ सीमा के भीतर पैसा निकाला-जमा होता रहता है, जबकि term loan में RBI के NPA नियम किस्त या ब्याज के बकाया रहने के दिनों से चलते हैं।[2]
2इसका मतलब आपके लिए क्या है
- किस्त समय पर: लगातार 30 दिन बकाया पर SMA-1, 60 दिन पर SMA-2, और 90 दिन से ज़्यादा पर NPA।[2]
- NPA से वापसी: पूरा बकाया ब्याज और मूलधन चुकाने पर ही खाता 'standard' होता है।[2]
- पहले चुकाना: कई floating rate loans पर pre-payment charge नहीं; बाक़ी term loans में charge सिर्फ़ पहले चुकाई जा रही रक़म पर।[3]
3किस्त छूटे तो क्या होता है
RBI के उदाहरण में: किस्त 31 मार्च 2021 को थी और उस दिन के day-end तक पूरी रक़म नहीं आई, तो खाता उसी दिन overdue; लगातार बकाया रहने पर 30 अप्रैल को SMA-1, 30 मई को SMA-2, और 29 जून को NPA। वर्गीकरण उसी दिन के day-end process में होता है।
- तारीख़ कैसे गिनी जाती है: overdue, SMA और NPA उसी दिन के day-end process में तय होते हैं।[2]
- Penal charges: देरी पर penal charge लग सकता है, penal interest नहीं, और उस पर ब्याज नहीं जुड़ता।[3]
4आम ग़लतफ़हमी
5आपका अधिकार
6अभी क्या करें
- अपने loan agreement में किस्त की तारीख़ें और SMA / NPA के उदाहरण देखिए।[2]
- किस्त की तारीख़ से पहले खाते में पैसा रखिए; overdue उसी दिन के day-end से गिना जाता है।[2]
- Loan पहले चुकाना हो, तो sanction letter में pre-payment charge की शर्त देखिए।[3]
7सवाल-जवाब
8जुड़े शब्द
9स्रोत
- RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Interest Rates on Advances) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/161; DOR.CRE.REC.80./13.03.000/2025-26; 15 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 3Commercial Banks पर लागू; SFB, Payment Banks, LAB इस परिभाषा में नहीं
- पैरा 5(11)'Term loan' वह loan, जो तय अवधि के बाद चुकाना हो
- RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Income Recognition, Asset Classification and Provisioning) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/164; DOR.STR.REC.83./21.04.048/2025-26; Updated as on October 01, 2026; 15 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 3Commercial Banks पर लागू
- पैरा 1331.12.2021 से मंज़ूर loans: agreement में किस्त की तारीख़ें, SMA / NPA के उदाहरण; मंज़ूरी के समय बताना; moratorium में शुरू होने की तारीख़
- पैरा 30, 31 और Illustration Iday-end process में overdue / SMA / NPA; 30 दिन SMA-1, 60 दिन SMA-2, उसके बाद NPA का उदाहरण
- पैरा 42(1)term loan में ब्याज / किस्त 90 दिन से ज़्यादा overdue हो तो NPA
- पैरा 69NPA खाता 'standard' तभी, जब ब्याज और मूलधन का पूरा बकाया चुके
- RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Responsible Business Conduct) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/170; DOR.MCS.REC.No.89/01-01-032/2025-26; Updated as on October 1, 2026; 15 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 3Commercial Banks पर लागू
- पैरा 349EMI वाले personal loans: rate बदलने पर तुरंत सूचना; EMI / अवधि बढ़ाने या पहले चुकाने का विकल्प; fixed rate पर जाने का विकल्प bank की policy से
- पैरा 351(1)penal charges, penal interest नहीं; उन पर ब्याज नहीं; बकाया ब्याज / EMI पर तय दर से ब्याज
- पैरा 352, 353pre-payment charges: व्यक्तियों के निजी और व्यक्तियों / MSE के कारोबारी floating rate loan पर नहीं; term loan में सिर्फ़ पहले चुकाई रक़म पर; bank के कहने पर चुकाया तो नहीं
10सुधार का इतिहास
- पन्ना बना। RBI की Commercial Banks के लिए Interest Rates on Advances, Income Recognition, Asset Classification and Provisioning, और Responsible Business Conduct Directions, 2025 से जाँचा।
पन्ना बना: 15 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 15 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।
यह पन्ना: https://seedhamatlab.com/shabdkosh/term-loan/ · आख़िरी जाँच: 15 अक्तू 2026
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