1मतलब
RBI की परिभाषा में personal loans वे सारे loans हैं, जो व्यक्तियों को दिए जाते हैं: consumer credit, education loan, घर बनाने या सुधारने का loan, और shares / debentures जैसे financial assets में निवेश के लिए loan।[1] RBI के आचरण-संबंधी निर्देश इसी परिभाषा को अपनाते हैं।[2]
2इसका मतलब आपके लिए क्या है
- Floating दर पर विकल्प: दर बढ़े तो EMI, अवधि या prepayment में से चुनने का हक़।[2]
- हर तिमाही हिसाब: EMI, बचे EMI और APR के साथ statement।[2]
- काग़ज़ 30 दिन में: देरी bank की वजह से हो, तो ₹5,000 रोज़।[2]
3Personal loan में आपके हक़
RBI के मुताबिक EMI वाले personal loans में floating ब्याज दर बदलने पर bank को EMI या अवधि में बदलाव तुरंत बताना है, और आपको EMI बढ़ाने, अवधि बढ़ाने, दोनों, या पूरा / आंशिक prepay करने का विकल्प देना है।
4आम ग़लतफ़हमी
5आपका अधिकार
6अभी क्या करें
- Sanction letter में दर बदलने का असर, switch के charges, और काग़ज़ लौटाने की समय-सीमा और जगह देखिए।[2]
- हर तिमाही का statement माँगिए और EMI / बचे EMI मिलाइए।[2]
- Loan बंद होने के बाद 30 दिन तक काग़ज़ न मिलें, तो bank से लिखित में कारण माँगिए।[2]
7सवाल-जवाब
8जुड़े शब्द
9स्रोत
- RBI — XBRL Returns – Harmonization of Banking Statistics, RBI/2017-18/117, DBR.No.BP.BC.99/08.13.100/2017-18, 4 जनवरी 2018 (16 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- Annex, क्रम 1 Consumer Creditconsumer durable, credit card बकाया, निजी auto loan, gold / जायदाद / FD / shares पर निजी loan, professionals के निजी loan, शादी जैसे उपभोग के loan
- Annex, क्रम 2 Personal loansव्यक्तियों को: consumer credit, education loan, घर बनाने / सुधारने का loan, financial assets में निवेश के लिए loan
- RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Responsible Business Conduct) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/170; DOR.MCS.REC.No.89/01-01-032/2025-26; Updated as on October 1, 2026; 16 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 4(24)Personal Loans की परिभाषा 4 जनवरी 2018 के harmonised statistics circular से
- पैरा 349(1)–(6), 350sanction पर दर बदलने का असर; EMI / अवधि बदलने की तुरंत सूचना; fixed पर जाने का विकल्प (नीति हो तो); EMI / अवधि / prepay के विकल्प; charges sanction letter और website पर; negative amortisation नहीं; हर तिमाही statement
- पैरा 354–360पूरा चुकाने / settlement के 30 दिन में काग़ज़ वापस और charge हटाना; शाखा या दफ़्तर चुनने का हक़; sanction letter में समय और जगह; वारिसों के लिए प्रक्रिया; देरी पर ₹5,000 रोज़; काग़ज़ खोने पर ख़र्च bank का, 30 दिन और
10सुधार का इतिहास
- पन्ना बना। RBI के 4 जनवरी 2018 के circular (Harmonization of Banking Statistics) और Responsible Business Conduct Directions (170MD, 1 अक्टूबर 2026 तक updated) से जाँचा।
पन्ना बना: 16 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 16 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।
यह पन्ना: https://seedhamatlab.com/shabdkosh/personal-loan/ · आख़िरी जाँच: 16 अक्तू 2026
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