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शब्द · क़र्ज़✓ स्रोत से जाँचा · 11 Oct 2026

Gold Loan

सोने के बदले क़र्ज़ · सोने या चाँदी के गहने, सिक्के गिरवी रखकर loan

एक लाइन में

Gold loan यानी सोने (या चाँदी) के गहने, ज़ेवर या सिक्के गिरवी रखकर लिया गया loan। RBI के निर्देशों के मुताबिक ₹2.5 लाख तक के उपभोग वाले loan पर गहनों की क़ीमत का ज़्यादा से ज़्यादा 85% मिलता है, जाँच आपके सामने होती है, और पूरा चुकाने पर गहने ज़्यादा से ज़्यादा 7 कार्य-दिवस में लौटाने होते हैं।

₹2.5 लाख तक का loan85% तकगहनों की क़ीमत का; ₹2.5–5 लाख पर 80%, ऊपर 75%
गहने वापस7 कार्य-दिवसपूरा चुकाने पर उसी दिन; ज़्यादा से ज़्यादा इतने
देरी lender की वजह से₹5,000 रोज़आपको मुआवज़ा
नीलामी का reserve price90% से कम नहींमौजूदा क़ीमत का; दो बार नाकाम हो तो 85%

मतलब

Gold loan वह loan है, जिसमें आप सोने या चाँदी के गहने, ornaments या सिक्के गिरवी रखते हैं। RBI के निर्देश इसे सोने और चाँदी की collateral पर loan कहते हैं।[1][2]

  • Jewellery: पहनने के लिए बने गहने।[1]
  • Ornaments: किसी चीज़ की सजावट के सामान, सजावटी चीज़ें या बर्तन, जो jewellery में नहीं आते।[1]
  • क्या नहीं: bullion जैसा कच्चा (primary) सोना-चाँदी, या उससे जुड़े financial assets।[1][2]
  • किन पर ये नियम: commercial banks और NBFCs (HFC समेत) पर।[1][2] Small finance, co-operative, regional rural और local area banks के अपने अलग निर्देश हैं।[5]

इसका मतलब आपके लिए क्या है

  • गहनों की पूरी क़ीमत नहीं: loan गहनों में मौजूद सोने-चाँदी की क़ीमत के एक हिस्से तक ही मिलता है।[1][2]
  • सब कुछ लिखित: जाँच आपके सामने होती है, और शुद्धता, वज़न और क़ीमत वाला certificate आपको मिलता है।[3][4]
  • वापसी तय समय में: पूरा चुकाने पर गहने 7 कार्य-दिवस के अंदर लौटाने हैं।[3][4]

Gold loan कैसे चलता है

पूरा चुकाने पर गहने उसी दिन, और किसी हाल में 7 कार्य-दिवस के अंदर लौटाने हैं। Lender की वजह से देरी हो, तो वह हर दिन ₹5,000 मुआवज़ा देता है।

  • भाव: उसी carat का भाव, पिछले 30 दिन का औसत या पिछले दिन का, जो कम हो; IBJA या SEBI से regulated commodity exchange से।[1][2]
  • सिर्फ़ धातु: पत्थर, रत्न या दूसरी चीज़ों की क़ीमत नहीं जुड़ती।[1][2]
  • बड़ा loan: कुल loan ₹2.5 लाख से ऊपर हो, तो lender आपकी चुकाने की क्षमता समेत पूरी साख-जाँच करता है।[1][2]
  • मालिकाना हक़: आपको लिखकर देना होता है कि गहने आपके हैं; हक़ पर शक हो तो loan नहीं मिलता।[1][2]

कितना loan, कितना सोना

उपभोग (consumption) वाले loan पर LTV की ऊपरी सीमा, एक borrower के कुल loan के हिसाब से:[1][2]

  • ₹2.5 लाख तक: 85%।[1][2]
  • ₹2.5 लाख से ऊपर, ₹5 लाख तक: 80%।[1][2]
  • ₹5 लाख से ऊपर: 75%।[1][2]

यह अनुपात loan की पूरी अवधि में बना रहना चाहिए।[1][2] एक borrower के सारे loans के लिए कुल मिलाकर सोने के ornaments 1 kg, चाँदी के ornaments 10 kg, सोने के सिक्के 50 gram और चाँदी के सिक्के 500 gram तक ही गिरवी रखे जा सकते हैं। निर्देश में यह सीमा ornaments और सिक्कों के लिए लिखी है।[1][2]

नीलामी के नियम

  • पहले notice: नीलामी से पहले बकाया चुकाने का notice; आप न मिलें तो public notice के एक महीने बाद ही।[3][4]
  • खुली नीलामी: कम से कम दो अख़बारों में विज्ञापन, एक क्षेत्रीय भाषा का और एक राष्ट्रीय।[3][4]
  • Reserve price: मौजूदा क़ीमत के 90% से कम नहीं; दो बार नाकाम हो तो 85% से कम नहीं।[3][4]
  • बची रक़म: नीलामी का पूरा हिसाब आपको मिलेगा, और बची रक़म पूरी नीलामी-राशि मिलने के 7 कार्य-दिवस में लौटेगी। कमी हो, तो lender loan agreement के हिसाब से वसूल सकता है।[3][4]

आम ग़लतफ़हमी

✕ ग़लतफ़हमी"गहनों में लगे हीरे-पत्थरों की क़ीमत भी जुड़ती है।"
✓ सचनहीं। क़ीमत सिर्फ़ गहनों में मौजूद सोने या चाँदी की गिनी जाती है; पत्थर या रत्न नहीं जोड़े जाते।[1][2]
✕ ग़लतफ़हमी"जितना सोना रखो, उतना loan; कोई सीमा नहीं।"
✓ सचउपभोग वाले loan पर LTV की सीमा है (85%, 80% या 75%)। एक borrower के सारे loans के लिए सोने के ornaments कुल 1 kg और सोने के सिक्के कुल 50 gram तक ही गिरवी रखे जा सकते हैं। RBI के निर्देश में यह वज़न-सीमा ornaments और सिक्कों के लिए लिखी है; उसकी परिभाषा में ornaments (सजावटी चीज़ें, बर्तन) पहनने वाले गहनों (jewellery) से अलग हैं।[1][2]
✕ ग़लतफ़हमी"किस्त चूकी, तो lender बिना बताए गहने नीलाम कर देगा।"
✓ सचनहीं। नीलामी से पहले आपको या क़ानूनी वारिसों को बकाया चुकाने का notice देना होता है। आप न मिलें, तो public notice के एक महीने बाद ही नीलामी हो सकती है, और उसका विज्ञापन कम से कम दो अख़बारों में आता है।[3][4]
✕ ग़लतफ़हमी"Gold loan से सोना या gold ETF ख़रीद सकते हैं।"
✓ सचनहीं। Bank या NBFC सोना ख़रीदने, या gold ETF / mutual fund जैसी सोने से जुड़ी चीज़ें ख़रीदने के लिए loan नहीं दे सकते।[1][2]

आपका अधिकार

पूरा चुकाने या settlement के बाद lender की वजह से गहने लौटाने में 7 कार्य-दिवस से ज़्यादा देरी हो, तो वह आपको या वारिसों को हर दिन की देरी के लिए ₹5,000 मुआवज़ा देगा। Lender की वजह से गहनों को नुक़सान हो तो मरम्मत का ख़र्च, और गहने खो जाएँ तो उचित मुआवज़ा भी lender का ज़िम्मा है।[3][4]
  • अपनी भाषा: शर्तें और ज़रूरी सूचना आपकी क्षेत्रीय या चुनी हुई भाषा में; अनपढ़ borrower को गवाह के सामने समझाई जाएँ, जो lender का कर्मचारी न हो।[3][4]

अभी क्या करें

  • गहने जाँचते समय वहीं मौजूद रहिए, और certificate में शुद्धता, शुद्ध वज़न और कटौतियाँ मिलाइए।[3][4]
  • Loan agreement और KFS में assaying, नीलामी जैसे सारे charges और notice की अवधि पढ़िए।[3][4]
  • गहने वापस लेते समय उन्हें certificate से मिलाइए।[3][4]

सवाल-जवाब

क्या गिरवी रखा जा सकता है?सोने या चाँदी के jewellery (पहनने वाले गहने), ornaments (सजावट की चीज़ें या बर्तन) और सिक्के। Bullion जैसा कच्चा सोना-चाँदी, या उससे जुड़े financial assets, गिरवी नहीं रखे जा सकते।
LTV की सीमा कितनी है?उपभोग वाले loan पर, एक borrower के कुल loan के हिसाब से: ₹2.5 लाख तक 85%, ₹2.5 लाख से ऊपर ₹5 लाख तक 80%, और ₹5 लाख से ऊपर 75%। यह अनुपात loan की पूरी अवधि में बना रहना चाहिए। Bullet repayment loan में अंत में चुकाने वाली पूरी रक़म गिनी जाती है।
सोने की क़ीमत किस भाव से लगती है?उसी शुद्धता (carat) के भाव से, इन दो में जो कम हो: पिछले 30 दिन का औसत closing भाव, या पिछले दिन का closing भाव। भाव India Bullion and Jewellers Association (IBJA) या SEBI से regulated commodity exchange का होना चाहिए।
Ornaments और सिक्के कितने रखे जा सकते हैं?एक borrower के सभी loans के लिए कुल मिलाकर: सोने के ornaments 1 kg, चाँदी के ornaments 10 kg, सोने के सिक्के 50 gram और चाँदी के सिक्के 500 gram तक। RBI के निर्देश में यह सीमा ornaments और सिक्कों के लिए लिखी है; उसकी परिभाषा में ornaments, पहनने वाले गहनों (jewellery) से अलग हैं।
एक साथ ब्याज और मूलधन चुकाने वाला loan कितने समय का हो सकता है?उपभोग वाला bullet repayment loan, जिसमें मूलधन और ब्याज दोनों अंत में चुकते हैं, ज़्यादा से ज़्यादा 12 महीने का हो सकता है। इसे renew तभी किया जा सकता है, जब बकाया ब्याज चुका दिया जाए।
जाँच के बाद मुझे क्या काग़ज़ मिलता है?Lender के letterhead पर certificate या e-certificate, जिसमें शुद्धता (carat), कुल वज़न, सोने-चाँदी का शुद्ध वज़न, पत्थर-धागे जैसी कटौतियाँ, कोई टूट-फूट, गहनों की तस्वीर और मंज़ूरी के समय की क़ीमत लिखी हो। इसकी एक copy आपको दी जाती है।
नीलामी कैसे होती है?Notice के बाद; पहली नीलामी उसी ज़िले में, आमने-सामने होती है जहाँ loan वाली शाखा है। Reserve price मौजूदा क़ीमत के 90% से कम नहीं, और दो बार नाकाम होने पर 85% से कम नहीं। Lender या उससे जुड़े लोग बोली नहीं लगा सकते। नीलामी से बची रक़म आपको, पूरी रक़म मिलने के 7 कार्य-दिवस में लौटानी होती है।
गहने खो जाएँ या ख़राब हो जाएँ, तो?Loan की अवधि में lender की वजह से गहनों को नुक़सान हो, तो मरम्मत का ख़र्च lender देगा। गहने खो जाएँ, या शुद्धता या वज़न में कमी मिले, तो lender को आपको उचित मुआवज़ा देना है।
Loan चुकाने के बाद गहने नहीं लिए, तो?Lender आपको चिट्ठी, email या SMS से समय-समय पर याद दिलाएगा। पूरा चुकाने के दो साल बाद भी पड़े गहने unclaimed माने जाते हैं, और lender आपको या वारिसों को ढूँढने के लिए अभियान चलाता है।
ये नियम किन पर लागू हैं?Commercial banks और NBFCs (HFC समेत) पर; दोनों के लिए RBI के अलग-अलग, पर मिलते-जुलते निर्देश हैं। Small finance, co-operative, regional rural और local area banks के अपने अलग निर्देश हैं, जो इस पन्ने में नहीं जाँचे गए।

जुड़े शब्द

स्रोत

  1. RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Credit Facilities) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/154; DOR.CRE.REC.73/07-01-001/2025-26; Updated as on October 1, 2026; small finance, payments और local area banks पर लागू नहीं), PDF ↗जारी: 28 नव 2025 · लागू: 28 नव 2025किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 4(1)(xxi), (xxvi), (xxx)jewellery, ornaments और primary gold / silver की परिभाषा
    • पैरा 34–35₹2.5 लाख से ऊपर पूरी साख-जाँच; renewal / top-up LTV के अंदर, bullet में बकाया ब्याज के बाद
    • पैरा 36–37सोना / gold ETF ख़रीदने के लिए loan नहीं; primary gold पर नहीं; मालिकाना हक़ की घोषणा
    • पैरा 39–40bullet loan 12 महीने तक; ornaments 1 kg / 10 kg, सिक्के 50 g / 500 g
    • पैरा 41, 43भाव: 30 दिन का औसत या पिछला दिन, जो कम; IBJA या SEBI वाला exchange; पत्थर नहीं जुड़ते
    • पैरा 44–45LTV 85% / 80% / 75%; पूरी अवधि में
    • पैरा 47–48loan आम तौर पर borrower के bank खाते में
  2. RBI — Reserve Bank of India (Non-Banking Financial Companies – Credit Facilities) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/347; DOR.CRE.REC.No.266/07-01-008/2025-26; updated as on July 15, 2026), PDF ↗जारी: 28 नव 2025 · लागू: 28 नव 2025किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 3लागू किस पर: NBFCs, HFC समेत
    • पैरा 33–47NBFC पर भी वही नियम: साख-जाँच, रोक, वज़न की सीमा, भाव, LTV, खाते में loan
  3. RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Responsible Business Conduct) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/170; DOR.MCS.REC.No.89/01-01-032/2025-26; Updated as on October 1, 2026; small finance, payments और local area banks पर लागू नहीं), PDF ↗जारी: 28 नव 2025 · लागू: 28 नव 2025किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 362ये आचरण-नियम 1 अप्रैल 2026 से
    • पैरा 366, 370जाँच borrower के सामने; certificate में शुद्धता, वज़न, कटौती, तस्वीर, क़ीमत
    • पैरा 371क्षेत्र की या चुनी भाषा; अनपढ़ borrower को गवाह के सामने
    • पैरा 377गहने उसी दिन, ज़्यादा से ज़्यादा 7 कार्य-दिवस में वापस
    • पैरा 379–385notice; public notice के एक महीने बाद; दो अख़बार; reserve price 90% / 85%; उसी ज़िले में; lender बोली नहीं; बची रक़म 7 कार्य-दिवस में
    • पैरा 386–388मरम्मत का ख़र्च lender का; खोने पर मुआवज़ा; देरी पर ₹5,000 रोज़; याद-दिहानी
    • पैरा 390दो साल बाद unclaimed; वारिसों को ढूँढने का अभियान
  4. RBI — Reserve Bank of India (Non-Banking Financial Companies – Responsible Business Conduct) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/362; DOR.MCS.REC.No.281/01-01-039/2025-26; Updated as on July 1, 2026; HFC पर भी लागू), PDF ↗जारी: 28 नव 2025 · लागू: 28 नव 2025किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 3लागू किस पर: NBFCs, HFC समेत
    • पैरा 46, 50–51NBFC में भी जाँच आपके सामने, certificate, भाषा
    • पैरा 58, 60–69NBFC में भी 7 कार्य-दिवस, नीलामी के नियम, ₹5,000 रोज़ मुआवज़ा
    • पैरा 71दो साल बाद unclaimed
  5. RBI — Master Directions की सूची, www.rbi.org.in ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • SFB, UCB, RRB, LAB के हिस्सेइन banks के अलग Credit Facilities और Responsible Business Conduct Directions (11 अक्टूबर 2026 को देखी)

सुधार का इतिहास

  • पन्ना बना। RBI के Commercial Banks – Credit Facilities Directions, 2025 (1 अक्टूबर 2026 तक updated), Commercial Banks – Responsible Business Conduct Directions, 2025 (1 अक्टूबर 2026 तक updated), NBFC – Credit Facilities Directions, 2025 (15 जुलाई 2026 तक updated) और NBFC – Responsible Business Conduct Directions, 2025 (1 जुलाई 2026 तक updated) से जाँचा।

पन्ना बना: 11 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 11 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।

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