1मतलब
SEBI (Mutual Funds) Regulations, 2026 के मुताबिक mutual fund trust के रूप में बना fund है, जिसे SEBI से registration मिला हो। यह एक या ज़्यादा schemes के तहत जनता को units बेचकर पैसा जुटाता है, और उसे securities, money market instruments, gold या silver से जुड़े instruments और SEBI के तय किए दूसरे assets में लगाता है।[1]
- Unit: scheme की संपत्ति में निवेशक का एक अविभाजित हिस्सा।[1]
- AMC: SEBI से मंज़ूर company, जो fund का पैसा सँभालती है।[1]
- नए नियम: ये regulations 1 अप्रैल 2026 से लागू हैं।[1]
2इसका मतलब आपके लिए क्या है
- आपको units मिलती हैं, और उनकी कीमत scheme के NAV से तय होती है। NAV ऊपर-नीचे होता है, क्योंकि mutual fund का निवेश market के जोखिम के अधीन है।[1]
- निवेश एक साथ भी किया जा सकता है, और SIP से थोड़ा-थोड़ा भी।[3]
3कैसे काम करता है
हर unit, scheme की संपत्ति में एक अविभाजित हिस्सा है। Scheme का NAV = net assets ÷ बाक़ी units, जो हर दिन निकाला जाता है।
- NAV: AMC हर scheme का NAV हर दिन निकालती है।[1]
- Redemption: units बेचने पर पैसा 3 working days में आना चाहिए; जिन schemes का कम से कम 80% निवेश विदेश में है, उनमें 5 working days।[2]
- Exit load: open-ended scheme में NAV के 3% से ज़्यादा नहीं, और यह scheme में ही जमा होता है।[1]
- Direct plan: बिना distributor वाला plan; इसका expense ratio कम और NAV अलग होता है।[2]
4आम ग़लतफ़हमी
5आपका अधिकार
- AMC को आपकी शिकायत 21 calendar days के अंदर सुलझानी होती है।[1]
- जिस महीने आपके folio में लेनदेन हो, उस महीने का consolidated account statement आपको मिलना चाहिए।[1]
6अभी क्या करें
- निवेश से पहले scheme के सारे दस्तावेज़ ध्यान से पढ़िए; SEBI की मानक चेतावनी भी यही कहती है।[1]
- हर महीने का consolidated account statement देखिए और अपने लेनदेन मिलाइए।[1]
- शिकायत हो, तो पहले AMC से कीजिए; 21 दिन में न सुलझे, तो SEBI के SCORES पर।[1][3]
7सवाल-जवाब
8जुड़े शब्द
9स्रोत
- SEBI — Securities and Exchange Board of India (Mutual Funds) Regulations, 2026 (Amended upto July 7, 2026), PDF ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- विनियम 1(2)1 अप्रैल 2026 से लागू
- विनियम 2(1)(gg)mutual fund: trust, SEBI registration, units बेचकर पैसा, securities आदि में निवेश
- विनियम 2(1)(e), (ccc)AMC: SEBI से मंज़ूर company; unit: scheme की संपत्ति में अविभाजित हिस्सा
- विनियम 18; तीसरी अनुसूची (2)(a)sponsor या trustee, SEBI से मंज़ूर AMC नियुक्त करते हैं; AMC schemes में जुटाया पैसा सँभालती है
- विनियम 34लेनदेन वाले महीने का consolidated account statement; नहीं तो छमाही; PAN से पहचान
- विनियम 43NAV रोज़: net assets ÷ बाक़ी units
- विनियम 44(3), (4)exit load scheme में जमा; open-ended में NAV का अधिकतम 3%
- विनियम 46(2)redemption में देरी पर 15% सालाना ब्याज
- विनियम 71(1)AMC शिकायत 21 calendar days में सुलझाए
- पाँचवीं अनुसूची (i)विज्ञापन में मानक चेतावनी: market risks
- SEBI — Master Circular for Mutual Funds (HO/24/13/11(1)2026-IMD-POD-1/I/7602/2026), PDF ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 3.4.1, 3.4.2direct plan: बिना distributor; कम expense ratio; अलग NAV
- पैरा 15.3.1, 15.3.2redemption का पैसा 3 working days में; 80% विदेशी निवेश वाली schemes में 5
- SEBI — FAQs for Mutual Fund Investors (31 अगस्त 2024 तक updated; SEBI के मुताबिक यह क़ानूनी दस्तावेज़ नहीं है), PDF ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- सवाल 1निवेश scheme के offer document में बताए उद्देश्य के मुताबिक
- सवाल 24, 25निवेश एक साथ या SIP से
- सवाल 43शिकायत पहले mutual fund से; न सुलझे तो SEBI के SCORES पर
10सुधार का इतिहास
- पन्ना बना। SEBI (Mutual Funds) Regulations, 2026 (7 जुलाई 2026 तक संशोधित), SEBI के Master Circular for Mutual Funds (20 मार्च 2026) और SEBI के निवेशक FAQ से जाँचा। 20 मार्च 2026 के बाद के SEBI circulars में इन बातों को बदलने वाला कोई नहीं मिला।
पन्ना बना: 10 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 10 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।

एक लाइन में