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शब्द · बैंकिंग✓ स्रोत से जाँचा · 8 Oct 2026

PAN

10 अक्षरों और अंकों का number, जो आयकर में पहचान का काम करता है

एक लाइन में

PAN (Permanent Account Number) दस अक्षरों और अंकों का अनोखा number है, जो Income-tax Act, 2025 के तहत किसी व्यक्ति या संस्था को आयकर में पहचान के लिए दिया जाता है। एक व्यक्ति के पास एक ही PAN हो सकता है। RBI के निर्देशों के मुताबिक bank खाता खोलते समय PAN, या उसकी जगह एक declaration form लेता है।

कितने अक्षर-अंक10Income-tax Act, 2025 की धारा 2(76)
एक व्यक्ति के पासएक ही PANदूसरा PAN लेना या रखना मना है
PAN न हो तोForm No. 97खाता, time deposit, property जैसे लेन-देन में declaration
जानबूझकर ग़लत number₹10,000हर ग़लती पर penalty लग सकती है (धारा 467)

मतलब

PAN यानी Permanent Account Number दस अक्षरों और अंकों (alphanumeric characters) का अनोखा number है, जो Assessing Officer किसी person को Income-tax Act के तहत पहचान के लिए allot करता है।[1]

Act में person का मतलब सिर्फ़ व्यक्ति नहीं है; इसमें Hindu undivided family, company, firm और दूसरी संस्थाएँ भी आती हैं।[1]

कैसे मिलता है

भारतीय नागरिक (व्यक्ति) Form No. 93 में आवेदन करता है। जिसके पास Aadhaar number है, वह Aadhaar number बताकर भी PAN के लिए आवेदन कर सकता है।

  • Form: भारतीय नागरिक (व्यक्ति) Form No. 93 में आवेदन करता है। भारत में बने HUF, company, LLP, firm और trust के लिए Form No. 94 है; जो व्यक्ति भारत का नागरिक नहीं है, उसके लिए Form No. 95।[2]
  • Aadhaar से: जिसके पास PAN नहीं है पर Aadhaar number है, वह Aadhaar number बताकर भी PAN के लिए आवेदन कर सकता है।[2]
  • दस्तावेज़: आवेदन के साथ पहचान, पते और जन्म की तारीख़ के प्रमाण लगते हैं। नियमों की सूची के मुताबिक AADHAAR card पहचान और पते का प्रमाण है, जन्म की तारीख़ का नहीं; Indian Passport, Driving licence और Elector's Photo Identity Card तीनों के प्रमाण हैं।[2]
  • कब तक: जिस लेन-देन के लिए PAN लेना ज़रूरी है, उसकी तारीख़ से कम से कम सात दिन पहले आवेदन करना होता है।[2]

किसे लेना ज़रूरी है

  • आमदनी: जिसकी कुल आमदनी उस सीमा से ऊपर हो, जिस तक आयकर नहीं लगता।[1]
  • कारोबार या पेशा: जिसकी बिक्री, turnover या gross receipts किसी tax year में ₹5 लाख से ऊपर हों, या होने की संभावना हो।[1]
  • Return: जिसे income का return भरना ज़रूरी है।[1]
  • संस्था: वह resident संस्था (व्यक्ति नहीं), जिसके financial transactions किसी tax year में ₹2.5 लाख या उससे ज़्यादा हों, और उसके director, partner, trustee, karta जैसे लोग।[1]
  • तय लेन-देन: वह, जो नीचे की सूची जैसा कोई तय लेन-देन करना चाहता है।[1]
  • बाक़ी सब: जिस पर ऊपर की कोई शर्त लागू नहीं होती, वह भी आवेदन कर सकता है, और उसे PAN allot किया जाता है।[1]

कहाँ लिखना होता है

  • आयकर के काम में: हर return, आयकर विभाग से हर पत्राचार, और tax भरने के हर challan में।[1]
  • खाता और card: credit card का आवेदन; bank में खाता खोलना (time deposit और Basic Savings Bank Deposit Account को छोड़कर); demat खाता खोलना।[2]
  • Time deposit: ₹50,000 से ऊपर की, या एक वित्तीय वर्ष में कुल ₹5 लाख से ऊपर की time deposit; bank, Post Office, Nidhi या NBFC में।[2]
  • Cash: एक वित्तीय वर्ष में bank या Post Office के खातों में कुल ₹10 लाख या उससे ज़्यादा cash जमा करना या निकालना।[2]
  • ₹20 लाख का cash: कुल ₹20 लाख या उससे ज़्यादा cash जमा या निकासी पर, और current account या cash credit account खोलने पर, bank या Post Office को यह भी देखना होता है कि number authenticate हुआ है।[2]
  • निवेश: mutual fund की units, या किसी company या संस्था के debentures या bonds के लिए ₹50,000 से ऊपर का भुगतान।[2]
  • संपत्ति और गाड़ी: ₹20 लाख से ऊपर की अचल संपत्ति की ख़रीद, बिक्री या gift; ₹5 लाख से ऊपर की motor vehicle या motor cycle की ख़रीद-बिक्री (tractor को छोड़कर)।[2]
  • बीमा: बीमा company के साथ रिश्ता शुरू करना, जहाँ एक वित्तीय वर्ष का premium ₹50,000 से ऊपर हो।[2]
  • बड़े भुगतान: hotel, restaurant, banquet hall या event management को एक बार में ₹1 लाख से ऊपर का cash भुगतान; किसी भी और सामान या सेवा की ₹2 लाख से ऊपर की ख़रीद-बिक्री।[2]
  • TDS: जिसे ऐसी रक़म मिलनी है जिस पर TDS कटता है, उसे काटने वाले को अपना valid PAN देना होता है।[1]

PAN न हो तो

  • Form No. 97: जो person company या firm नहीं है और जिसके पास PAN नहीं है, वह अचल संपत्ति, खाता खोलने, time deposit, बीमा premium, hotel वग़ैरह के cash भुगतान और दूसरे सामान या सेवा के लेन-देन में Form No. 97 में declaration देता है।[2]
  • आवेदन ज़रूरी: credit card, demat खाता, mutual fund, cash जमा या निकासी और गाड़ी जैसे लेन-देन में, और ₹45 लाख से ऊपर की अचल संपत्ति में, उसे PAN के लिए आवेदन करना होता है।[2]
  • Form No. 60 वही है: Income-tax Rules, 1962 का Form No. 60 अब Income-tax Rules, 2026 में Form No. 97 है।[4]
  • नाबालिग: जिस नाबालिग की कोई taxable आमदनी नहीं है, वह अपने पिता, माता या guardian का PAN लिखता है।[2]
  • TDS ऊँची दर से: काटने वाले को PAN न देने पर TDS इन तीन में से सबसे ऊँची दर से कटता है: उस भुगतान के लिए Act में लिखी दर, लागू दर, या 20% (दो ख़ास मामलों में 5%)।[1]

PAN और Aadhaar

  • आवेदन और return में: जो Aadhaar number पाने का पात्र है, उसे PAN के आवेदन और income के return में Aadhaar number लिखना होता है।[1]
  • बताना ज़रूरी: जिसे PAN मिल चुका है और जो Aadhaar number पाने का पात्र है, उसे अपना Aadhaar number आयकर विभाग को बताना होता है।[1]
  • न बताने पर: PAN inoperative (निष्क्रिय) कर दिया जाता है। तब तक tax का refund नहीं मिलता, उस अवधि का refund पर ब्याज नहीं मिलता, और TDS या TCS ऊँची दर से कटता है।[1][2]
  • फिर चालू: जिसने 30 जून 2023 तक Aadhaar number नहीं बताया, उसे बाद में बताते समय ₹1,000 की fee देनी होती है; fee देकर बताने की तारीख़ से 30 दिन के अंदर PAN फिर operative हो जाता है।[2]
  • PAN की जगह Aadhaar: Income-tax Act के तहत जहाँ PAN देना या लिखना ज़रूरी है, वहाँ जिसके पास PAN नहीं पर Aadhaar number है, वह Aadhaar number दे सकता है, और उसे PAN allot कर दिया जाता है।[1]
  • छूट: Aadhaar number लिखने और बताने की ये शर्तें उन लोगों या राज्यों पर लागू नहीं होतीं, जिन्हें केंद्र सरकार notify करे।[1]

Bank के KYC में PAN

  • खाता खोलते समय: RBI के निर्देशों के मुताबिक bank व्यक्ति से पहचान के दस्तावेज़ के साथ PAN, या उसकी जगह Form No. 60 लेता है।[3]
  • जाँच: bank PAN को जारी करने वाली authority की verification सुविधा से जाँचता है; KYC के periodic updation के समय भी।[3]
  • V-CIP में: bank ग्राहक के दिखाए PAN card की साफ़ तस्वीर लेता है। e-PAN देने पर यह ज़रूरी नहीं है, पर e-PAN की छपी हुई copy V-CIP में मान्य नहीं है।[3]
  • ₹50,000 और ऊपर: bank के अपने या third party products की बिक्री, credit card के dues का भुगतान, और prepaid या travel card की बिक्री या reload ₹50,000 या उससे ऊपर हो, तो वह खाते से debit या cheque से ही होता है, और bank PAN लेकर जाँचता है।[3]
  • पुराने खाते: bank मौजूदा ग्राहकों से PAN या Form No. 60 उस तारीख़ तक लेता है, जो केंद्र सरकार notify करे; न मिलने पर वह खाते का लेन-देन अस्थायी रूप से रोक देता है। Loan खाते में तब सिर्फ़ credit हो सकता है।[3]

आम ग़लतफ़हमी

✕ ग़लतफ़हमी"PAN सिर्फ़ उन्हें चाहिए, जो income tax भरते हैं।"
✓ सचनहीं। Bank में खाता खोलने, ₹50,000 से ऊपर की time deposit, credit card के आवेदन और demat खाते जैसे कई लेन-देन में PAN लिखना होता है। जिस पर PAN लेना ज़रूरी नहीं है, वह भी आवेदन कर सकता है।[1][2]
✕ ग़लतफ़हमी"PAN नहीं है, तो bank में खाता नहीं खुल सकता।"
✓ सचनहीं। RBI के निर्देशों के मुताबिक bank PAN, या उसकी जगह Form No. 60 लेता है। Income-tax Rules, 2026 में यही declaration Form No. 97 है।[3][2][4]
✕ ग़लतफ़हमी"एक से ज़्यादा PAN रखे जा सकते हैं।"
✓ सचनहीं। धारा 262 के मुताबिक जिसे PAN मिल चुका है, वह दूसरे PAN के लिए आवेदन नहीं कर सकता, उसे ले नहीं सकता और रख नहीं सकता।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"PAN की जगह Aadhaar number नहीं चल सकता।"
✓ सचचल सकता है। Income-tax Act के तहत जहाँ PAN देना या लिखना ज़रूरी है, वहाँ जिसके पास PAN नहीं पर Aadhaar number है, वह Aadhaar number दे सकता है, और उसे PAN allot कर दिया जाता है। जिसके पास PAN है और जिसने Aadhaar number बता दिया है, वह भी PAN की जगह Aadhaar number दे सकता है।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"Aadhaar number न बताने से PAN पर कोई असर नहीं पड़ता।"
✓ सचपड़ता है। जिसे Aadhaar number बताना ज़रूरी है और वह न बताए, उसका PAN inoperative हो जाता है। तब तक tax का refund नहीं मिलता और TDS ऊँची दर से कटता है।[1][2]
✕ ग़लतफ़हमी"e-PAN का printout video KYC में चल जाता है।"
✓ सचनहीं। RBI के निर्देशों के मुताबिक V-CIP में e-PAN की छपी हुई copy मान्य नहीं है।[3]

आपका अधिकार

PAN या Form No. 60 न मिलने पर खाते का लेन-देन रोकने से पहले bank को आपको notice और अपनी बात रखने का मौक़ा देना होता है।[3]
  • बीमारी या बुढ़ापा: जो ग्राहक चोट, बीमारी या बुढ़ापे की कमज़ोरी जैसी वजहों से PAN या Form No. 60 नहीं दे पा रहा, उसके खाते को चलते रहने देने की राहत bank को अपनी नीति में रखनी होती है।[3]
  • कोई भी ले सकता है: जिस पर PAN लेना ज़रूरी नहीं है, वह भी आवेदन कर सकता है, और उसे PAN allot किया जाता है।[1]
  • PAN न हो तो declaration: खाता खोलने और time deposit जैसे लेन-देन में PAN की जगह Form No. 97 का declaration दिया जा सकता है।[2]

अभी क्या करें

  • PAN नहीं है और credit card, demat खाता या mutual fund जैसा कोई लेन-देन करना है, जिसके लिए PAN लेना ज़रूरी है, तो उससे कम से कम सात दिन पहले आवेदन कर दीजिए।[2]
  • PAN है और Aadhaar number अब तक नहीं बताया है, तो बता दीजिए; वरना PAN inoperative रहता है और refund रुकता है।[1][2]
  • जिससे आपको ऐसी रक़म मिलती है जिस पर TDS कटता है, उसे अपना valid PAN दीजिए; वरना TDS ऊँची दर से कटता है।[1]
  • पता बदल जाए, तो आयकर विभाग को बताइए।[1]
  • दूसरा PAN मत लीजिए और मत रखिए; एक person के पास एक ही PAN हो सकता है।[1]

सवाल-जवाब

PAN का मतलब क्या है?Income-tax Act, 2025 की धारा 2(76) के मुताबिक Permanent Account Number (PAN) दस alphanumeric characters का अनोखा number है, जो Assessing Officer किसी person को इस Act के तहत पहचान के लिए allot करता है।
PAN लेना किसके लिए ज़रूरी है?धारा 262(1) के मुताबिक: जिसकी कुल आमदनी उस सीमा से ऊपर हो, जिस तक आयकर नहीं लगता; जिसके कारोबार या पेशे की बिक्री, turnover या gross receipts किसी tax year में ₹5 लाख से ऊपर हों या होने की संभावना हो; जिसे income का return भरना ज़रूरी है; वह resident संस्था (व्यक्ति नहीं), जिसके financial transactions किसी tax year में ₹2.5 लाख या उससे ज़्यादा हों, और उसके director, partner, trustee, karta जैसे लोग; और वह, जो Board के तय किए लेन-देन करना चाहता है।
जिस पर PAN लेना ज़रूरी नहीं, क्या वह भी ले सकता है?हाँ। धारा 262(2) के मुताबिक ऐसा कोई भी person Assessing Officer को आवेदन कर सकता है, और Assessing Officer उसे PAN allot करेगा।
PAN के लिए आवेदन किस form में होता है?Income-tax Rules, 2026 के नियम 158 के मुताबिक: भारतीय नागरिक (व्यक्ति) के लिए Form No. 93; भारत में बने HUF, company, LLP, firm, trust वग़ैरह के लिए Form No. 94; जो व्यक्ति भारत का नागरिक नहीं है, उसके लिए Form No. 95; और भारत के बाहर बनी company, LLP या firm के लिए Form No. 96। जिसके पास Aadhaar number है, वह Aadhaar number बताकर भी आवेदन कर सकता है।
आवेदन के साथ कौन-से दस्तावेज़ लगते हैं?नियम 158 में भारतीय नागरिक के लिए पहचान, पते और जन्म की तारीख़ के प्रमाणों की सूची है। उसके मुताबिक AADHAAR card पहचान और पते का प्रमाण है, जन्म की तारीख़ का नहीं। Indian Passport, Driving licence और Elector's Photo Identity Card तीनों के प्रमाण हैं। नाबालिग के मामले में, उसके Aadhaar के साथ, माता-पिता या guardian के दस्तावेज़ पहचान के प्रमाण माने जाते हैं; पते के लिए भी उन्हीं के दस्तावेज़ माने जाते हैं।
आवेदन कब तक करना होता है?नियम 158 के मुताबिक, जो व्यक्ति ऐसा लेन-देन करना चाहता है जिसके लिए PAN लेना ज़रूरी है, उसे लेन-देन की तारीख़ से कम से कम सात दिन पहले आवेदन करना होता है। जिसकी आमदनी आयकर की सीमा से ऊपर है, उसे उस tax year के ठीक बाद वाले tax year की 31 मई तक आवेदन करना होता है।
Bank से जुड़े किन लेन-देन में PAN लिखना ज़रूरी है?नियम 159 के मुताबिक: credit card का आवेदन; bank में खाता खोलना (time deposit और Basic Savings Bank Deposit Account को छोड़कर); ₹50,000 से ऊपर की, या एक वित्तीय वर्ष में कुल ₹5 लाख से ऊपर की time deposit (bank, Post Office, Nidhi या NBFC में); और एक वित्तीय वर्ष में bank या Post Office के खातों में कुल ₹10 लाख या उससे ज़्यादा cash जमा करना या निकालना।
Bank के बाहर किन लेन-देन में PAN लिखना ज़रूरी है?नियम 159 की सूची में ये भी हैं: demat खाता खोलना; mutual fund की units, या किसी company या संस्था के debentures या bonds के लिए ₹50,000 से ऊपर का भुगतान; ₹5 लाख से ऊपर की motor vehicle या motor cycle की ख़रीद-बिक्री (tractor को छोड़कर); ₹20 लाख से ऊपर की अचल संपत्ति की ख़रीद, बिक्री या gift; बीमा company के साथ रिश्ता शुरू करना, जहाँ एक वित्तीय वर्ष का premium ₹50,000 से ऊपर हो; hotel, restaurant, banquet hall या event management को एक बार में ₹1 लाख से ऊपर का cash भुगतान; और किसी भी और सामान या सेवा की ₹2 लाख से ऊपर की ख़रीद-बिक्री।
₹20 लाख के cash पर क्या अलग नियम है?नियम 161 के मुताबिक एक वित्तीय वर्ष में bank या Post Office के खातों में कुल ₹20 लाख या उससे ज़्यादा cash जमा करने या निकालने पर, और current account या cash credit account खोलने पर, PAN लिखना होता है, और bank या Post Office को देखना होता है कि वह number लिखा गया है और authenticate हुआ है।
PAN न हो तो क्या करें?नियम 159 के मुताबिक, जो person company या firm नहीं है और जिसके पास PAN नहीं है: अचल संपत्ति, खाता खोलना, time deposit, बीमा premium, hotel वग़ैरह का cash भुगतान, और दूसरे सामान या सेवा के लेन-देन में वह Form No. 97 में declaration देता है। Credit card, demat खाता, mutual fund, cash जमा या निकासी और गाड़ी जैसे लेन-देन में, और ₹45 लाख से ऊपर की अचल संपत्ति में, उसे PAN के लिए आवेदन करना होता है।
Form No. 60 और Form No. 97 में क्या फ़र्क़ है?Income Tax Department की site के मुताबिक Income-tax Rules, 1962 का Form No. 60 अब Income-tax Rules, 2026 में Form No. 97 है। यह उस person का declaration है, जिसके पास PAN नहीं है। RBI के KYC निर्देशों के पाठ में अभी Form No. 60 ही लिखा है।
नाबालिग के लेन-देन में किसका PAN लिखा जाता है?नियम 159 के मुताबिक, जिस नाबालिग की कोई taxable आमदनी नहीं है, वह ऐसे लेन-देन के document में अपने पिता, माता या guardian का PAN लिखता है।
PAN निष्क्रिय कब होता है, और फिर कैसे चालू होता है?धारा 262(6) के मुताबिक, जिसे PAN मिला है और जो Aadhaar number पाने का पात्र है, उसे अपना Aadhaar number आयकर विभाग को बताना होता है; न बताने पर PAN निष्क्रिय कर दिया जाता है। नियम 158 के मुताबिक, जिसने 30 जून 2023 तक Aadhaar number नहीं बताया, उसे बाद में बताते समय ₹1,000 की fee देनी होती है। नियम 162 के मुताबिक fee देकर Aadhaar number बताने की तारीख़ से 30 दिन के अंदर PAN फिर चालू हो जाता है।
PAN निष्क्रिय रहने पर क्या नुक़सान है?नियम 162 के मुताबिक, जब तक PAN निष्क्रिय है: tax का refund नहीं मिलता; उस अवधि के लिए refund पर ब्याज नहीं मिलता; और जहाँ TDS या TCS कटना है, वहाँ वह धारा 397(2) की ऊँची दर से कटता है।
TDS काटने वाले को PAN न दें, तो कितना tax कटता है?धारा 397(2) के मुताबिक, जिसे ऐसी रक़म मिलनी है जिस पर TDS कटता है, उसे काटने वाले को अपना valid PAN देना होता है। न देने पर TDS इन तीन में से सबसे ऊँची दर से कटता है: उस भुगतान के लिए Act में लिखी दर, लागू दर, या 20% (दो ख़ास मामलों में 5%)।
ग़लत PAN देने पर क्या होता है?धारा 467 के मुताबिक, जो तय लेन-देन के document में जानबूझकर ग़लत PAN या Aadhaar number दे, या number न लिखे या authenticate न करे, उस पर Assessing Officer हर ऐसी ग़लती के लिए ₹10,000 की penalty लगा सकता है। धारा 262 का पालन न करने पर भी ₹10,000 की penalty लग सकती है।
Bank PAN की जाँच कैसे करता है?RBI के निर्देशों के मुताबिक bank PAN को जारी करने वाली authority की verification सुविधा से जाँचता है। V-CIP (video KYC) में bank ग्राहक के दिखाए PAN card की साफ़ तस्वीर लेता है; e-PAN देने पर यह ज़रूरी नहीं है, पर e-PAN की छपी हुई copy V-CIP में मान्य नहीं है। KYC के periodic updation के समय भी PAN जाँचा जाता है।
पुराने खाते में PAN या Form No. 60 न दें, तो क्या होता है?RBI के निर्देशों के पैरा 43 के मुताबिक bank मौजूदा ग्राहकों से PAN या Form No. 60 उस तारीख़ तक लेता है, जो केंद्र सरकार notify करे; न मिलने पर वह खाते का लेन-देन अस्थायी रूप से रोक देता है। रोकने से पहले bank को ग्राहक को notice और अपनी बात रखने का मौक़ा देना होता है। अगर ग्राहक लिखकर दे कि वह PAN या Form No. 60 नहीं देना चाहता, तो bank खाता बंद कर देता है।
पता या नाम बदल जाए तो?धारा 262(4) के मुताबिक अपने पते में, या जिस कारोबार के आधार पर PAN मिला था उसके नाम या प्रकृति में बदलाव हो, तो Assessing Officer को बताना होता है।

जुड़े शब्द

स्रोत

  1. Income Tax Department — Income-tax Act, 2025 (Act 30 of 2025; Finance Act, 2026 तक के बदलावों के साथ) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • धारा 2(76)Permanent Account Number (PAN) की परिभाषा
    • धारा 262किसे लेना ज़रूरी है; कोई भी ले सकता है; कहाँ लिखना है; बदलाव बताना; Aadhaar number बताना; एक ही PAN; PAN की जगह Aadhaar number
    • धारा 397(2)TDS काटने वाले को PAN देना; न देने पर ऊँची दर
    • धारा 467₹10,000 की penalty
  2. Income Tax Department — Income-tax Rules, 2026 (Notification No. 22/2026, G.S.R. 198(E)) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • नियम 158आवेदन के forms (93 से 96); Aadhaar number से आवेदन; समय-सीमा; दस्तावेज़; 30 जून 2023 के बाद Aadhaar बताने पर ₹1,000 की fee
    • नियम 159जिन लेन-देन में PAN लिखना है; नाबालिग; Form No. 97; कब आवेदन करना ज़रूरी है
    • नियम 161₹20 लाख का cash, current account और cash credit account: PAN और authentication
    • नियम 162inoperative PAN के नतीजे; 30 दिन में operative
  3. RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Know Your Customer) Directions, 2025, RBI/DOR/2025-26/169 (1 अक्टूबर 2026 तक updated; सिर्फ़ commercial banks पर लागू) ↗जारी: 28 नव 2025किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 17 और 23PAN या Form No. 60 लेना; PAN को issuing authority की सुविधा से जाँचना
    • पैरा 27V-CIP में PAN card की तस्वीर; e-PAN; छपी हुई copy मान्य नहीं
    • पैरा 42KYC के periodic updation के समय PAN की जाँच
    • पैरा 43मौजूदा ग्राहक: PAN या Form No. 60 न देने पर लेन-देन रोकना; notice; राहत; खाता बंद करना
    • पैरा 77₹50,000 और उससे ऊपर के products: खाते से debit या cheque, और PAN की जाँच
  4. Income Tax Department — Utility to check Forms under Income-tax Rules, 1962 vis-à-vis Income-tax Rules, 2026 ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • Form 60Income-tax Rules, 1962 का Form No. 60 = Income-tax Rules, 2026 का Form No. 97

सुधार का इतिहास

  • पन्ना बना। Income-tax Act, 2025 (Finance Act, 2026 तक के बदलावों के साथ), Income-tax Rules, 2026 और RBI के Commercial Banks – Know Your Customer Directions, 2025 (1 अक्टूबर 2026 तक update) से जाँचा।

पन्ना बना: 08 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 08 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।