1मतलब
Form 60, Income-tax Rules, 1962 का वह declaration है, जो कोई व्यक्ति (company या firm को छोड़कर) देता है, जिसके पास PAN नहीं है और जो rule 114B में बताया कोई लेन-देन करता है। Income-tax Rules, 2026 में यही form, rule 159 के तहत Form No. 97 है।[3]
Income-tax Rules, 2026, Income-tax Act, 2025 की धारा 533 के तहत बने हैं और 1 अप्रैल 2026 से लागू हैं।[1]
2कहाँ Form No. 97 चलता है
Bank में RBI के KYC निर्देशों के पाठ में अभी यही declaration 'Form No. 60' के नाम से है। Income Tax Department के मुताबिक 1962 के Rules का Form No. 60, 2026 के Rules में Form No. 97 है।
नियम 159 के मुताबिक PAN न रखने वाला व्यक्ति (company या firm को छोड़कर) इन छह तरह के लेन-देन में Form No. 97 में लेन-देन के ब्योरे के साथ declaration देता है:[1]
- अचल संपत्ति: ₹20 लाख से ऊपर की ख़रीद, बिक्री, gift या joint development agreement (या stamp value ₹20 लाख से ऊपर)
- Bank खाता खोलना: bank या co-operative bank में; time deposit और Basic Savings Bank Deposit Account इस श्रेणी में नहीं
- Time deposit: bank, post office, Nidhi या जमा लेने वाली NBFC में ₹50,000 से ऊपर, या साल में कुल ₹5 लाख से ऊपर
- बीमा: बीमा company से ऐसा रिश्ता, जिसमें साल का premium ₹50,000 से ज़्यादा हो
- बड़ा cash bill: hotel, restaurant, convention centre, banquet hall या event management को एक बार में ₹1 लाख से ज़्यादा का cash भुगतान
- बाक़ी ख़रीद-बिक्री: किसी भी दूसरे सामान या सेवा की ₹2 लाख से ऊपर की ख़रीद-बिक्री
3कहाँ PAN ही चाहिए
नियम 159 के मुताबिक इन लेन-देन में PAN न रखने वाले व्यक्ति (company या firm को छोड़कर) को PAN के लिए आवेदन करना होता है; यहाँ Form No. 97 से काम नहीं चलता:[1]
- credit card का आवेदन, और demat या depository खाता खोलना
- RBI के ₹50,000 से ऊपर के bond, mutual fund के ₹50,000 से ऊपर के units, और ₹50,000 से ऊपर के debenture या bond
- ₹1 लाख से ऊपर की securities, और ₹1 लाख से ऊपर के unlisted shares
- साल में ₹10 लाख या ज़्यादा cash जमा, या ₹10 लाख या ज़्यादा cash निकासी (bank, co-operative bank या post office में)
- ₹5 लाख से ऊपर की गाड़ी या motor cycle (tractor नहीं)
- ₹45 लाख से ऊपर की अचल संपत्ति
4नाबालिग के लेन-देन
जिस नाबालिग की कोई taxable आमदनी नहीं है, वह लेन-देन के काग़ज़ में अपने पिता, माता या guardian का PAN लिखता है।[1]
5Form लेने वाली संस्था
- पूरा ब्योरा: संस्था को देखना होता है कि Form No. 97 पूरे ब्योरे के साथ दिया गया है, और यह बात लेन-देन के रिकॉर्ड और Income Tax को दी जाने वाली जानकारी में दर्ज हो।[1]
- Form No. 98: अचल संपत्ति, खाता, time deposit और बीमा वाली संस्थाएँ, और hotel या ख़रीद-बिक्री वाली वे संस्थाएँ जिनका audit ज़रूरी है, Form No. 97 का ब्योरा Form No. 98 में Income Tax Department के Intelligence and Criminal Investigation wing को online भेजती हैं।[1]
- कब तक: 30 सितंबर तक मिले declarations का ब्योरा 31 अक्टूबर तक; 31 मार्च तक मिले declarations का ब्योरा अगले वित्त वर्ष की 30 अप्रैल तक।[1]
- छह साल: संस्था Form No. 97 को लेन-देन वाले वित्त वर्ष के अंत से छह साल तक रखती है।[1]
6Bank में Form 60
- खाता खोलते समय: RBI के KYC निर्देशों के मुताबिक bank पहचान के दस्तावेज़ के साथ PAN या उसका e-document, या 'Form No. 60 as defined in Income-tax Rules, 1962' लेता है।[2]
- जिनके पास PAN नहीं: निर्देशों में लिखा है कि जिनके पास PAN नहीं है, उनसे Form No. 60 लिया जाए।[2]
- पुराने खाते: bank मौजूदा ग्राहकों से PAN या Form No. 60 उस तारीख़ तक लेता है, जो केंद्र सरकार notify करे; न मिलने पर वह notice और सुनवाई का मौक़ा देकर लेन-देन अस्थायी रूप से रोक देता है। Loan खाते में तब सिर्फ़ credit हो सकता है।[2]
- राहत: जो ग्राहक चोट, बीमारी या बुढ़ापे की कमज़ोरी जैसी वजहों से PAN या Form No. 60 नहीं दे पा रहा, उसके लिए bank की नीति में राहत होती है।[2]
- लिखकर मना: ग्राहक लिखकर बता दे कि वह PAN या Form No. 60 नहीं देना चाहता, तो bank खाता बंद कर देता है।[2]
7आम ग़लतफ़हमी
8आपका अधिकार
- PAN न हो तब भी खाता: bank खाता खोलने के लिए PAN न हो, तो declaration दिया जा सकता है।[1][2]
- बीमारी या बुढ़ापा: ऐसी मजबूरी में bank की नीति में राहत होती है।[2]
9अभी क्या करें
- PAN नहीं है, तो पहले देखिए कि आपका लेन-देन Form No. 97 वाली छह श्रेणियों में है या उन लेन-देन में, जिनके लिए PAN का आवेदन करना होता है।[1]
- Bank में PAN की जगह form दे रहे हों, तो लेन-देन का पूरा ब्योरा सही भरिए; संस्था उसे Income Tax Department को भेजती है।[1]
- पुराने खाते में PAN या Form No. 60 नहीं दिया है, तो bank से पूछ लीजिए, ताकि खाता रुके नहीं।[2]
10सवाल-जवाब
11जुड़े शब्द
12स्रोत
- Income Tax Department — Income-tax Rules, 2026 (Notification No. 22/2026, G.S.R. 198(E)) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- नियम 1Income-tax Act, 2025 की धारा 533; 1 अप्रैल 2026 से लागू
- नियम 159(1), (2)लेन-देन की table; नाबालिग; Sl. 11 से 16 में Form No. 97
- नियम 159(3)Sl. 1 से 10 और ₹45 लाख से ऊपर की संपत्ति में PAN का आवेदन
- नियम 159(5)संस्था: पूरा ब्योरा, रिकॉर्ड, जानकारी में दर्ज करना
- नियम 160Form No. 98; कौन भेजता है; 31 अक्टूबर / 30 अप्रैल; छह साल
- RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Know Your Customer) Directions, 2025, RBI/DOR/2025-26/169 (1 अक्टूबर 2026 तक updated; सिर्फ़ commercial banks पर लागू) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 23(5)PAN या उसका e-document, या Form No. 60 (Income-tax Rules, 1962)
- पैरा 43मौजूदा ग्राहक: notify तारीख़; notice; लेन-देन रोकना; राहत; खाता बंद
- पैरा 76जिनके पास PAN नहीं, उनसे Form No. 60
- Income Tax Department — Utility to check Forms under Income-tax Rules, 1962 vis-à-vis Income-tax Rules, 2026 ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- Form 601962 का Form No. 60 (rule 114B) = 2026 का Form No. 97 (rule 159)
13सुधार का इतिहास
- पन्ना बना। Income-tax Rules, 2026 के नियम 1, 159 और 160, Income Tax Department की forms मिलाने वाली utility, और RBI के KYC Directions, 2025 से जाँचा।
पन्ना बना: 08 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 08 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।