सूचना डेस्क · भारत

सीधा मतलब | Seedha Matlab

Contact
शब्द · बैंकिंग✓ स्रोत से जाँचा · 8 Oct 2026

Form 60

PAN न होने पर दिया जाने वाला declaration · Income-tax Rules, 2026 में Form No. 97

एक लाइन में

Form 60 वह declaration है, जो PAN न रखने वाला व्यक्ति कुछ तय लेन-देन में PAN की जगह देता है। 1 अप्रैल 2026 से लागू Income-tax Rules, 2026 में यही form, Form No. 97 है; RBI के KYC निर्देशों के पाठ में bank के लिए अभी 'Form No. 60' लिखा है। हर लेन-देन में यह नहीं चलता: credit card, demat खाता या mutual fund जैसे लेन-देन में PAN के लिए आवेदन करना होता है।

नया नामForm No. 97Income-tax Rules, 2026 में; 1 अप्रैल 2026 से
कौन देता हैबिना PAN वालाजो company या firm नहीं है
कहाँ चलता है6 तरह के लेन-देनखाता, time deposit, अचल संपत्ति, बीमा, बड़े cash bill, बड़ी ख़रीद
कहाँ नहीं चलताPAN लेना होगाcredit card, demat, mutual fund, ₹10 लाख cash जैसे लेन-देन

मतलब

Form 60, Income-tax Rules, 1962 का वह declaration है, जो कोई व्यक्ति (company या firm को छोड़कर) देता है, जिसके पास PAN नहीं है और जो rule 114B में बताया कोई लेन-देन करता है। Income-tax Rules, 2026 में यही form, rule 159 के तहत Form No. 97 है।[3]

Income-tax Rules, 2026, Income-tax Act, 2025 की धारा 533 के तहत बने हैं और 1 अप्रैल 2026 से लागू हैं।[1]

कहाँ Form No. 97 चलता है

Bank में RBI के KYC निर्देशों के पाठ में अभी यही declaration 'Form No. 60' के नाम से है। Income Tax Department के मुताबिक 1962 के Rules का Form No. 60, 2026 के Rules में Form No. 97 है।

नियम 159 के मुताबिक PAN न रखने वाला व्यक्ति (company या firm को छोड़कर) इन छह तरह के लेन-देन में Form No. 97 में लेन-देन के ब्योरे के साथ declaration देता है:[1]

  • अचल संपत्ति: ₹20 लाख से ऊपर की ख़रीद, बिक्री, gift या joint development agreement (या stamp value ₹20 लाख से ऊपर)
  • Bank खाता खोलना: bank या co-operative bank में; time deposit और Basic Savings Bank Deposit Account इस श्रेणी में नहीं
  • Time deposit: bank, post office, Nidhi या जमा लेने वाली NBFC में ₹50,000 से ऊपर, या साल में कुल ₹5 लाख से ऊपर
  • बीमा: बीमा company से ऐसा रिश्ता, जिसमें साल का premium ₹50,000 से ज़्यादा हो
  • बड़ा cash bill: hotel, restaurant, convention centre, banquet hall या event management को एक बार में ₹1 लाख से ज़्यादा का cash भुगतान
  • बाक़ी ख़रीद-बिक्री: किसी भी दूसरे सामान या सेवा की ₹2 लाख से ऊपर की ख़रीद-बिक्री

कहाँ PAN ही चाहिए

नियम 159 के मुताबिक इन लेन-देन में PAN न रखने वाले व्यक्ति (company या firm को छोड़कर) को PAN के लिए आवेदन करना होता है; यहाँ Form No. 97 से काम नहीं चलता:[1]

  • credit card का आवेदन, और demat या depository खाता खोलना
  • RBI के ₹50,000 से ऊपर के bond, mutual fund के ₹50,000 से ऊपर के units, और ₹50,000 से ऊपर के debenture या bond
  • ₹1 लाख से ऊपर की securities, और ₹1 लाख से ऊपर के unlisted shares
  • साल में ₹10 लाख या ज़्यादा cash जमा, या ₹10 लाख या ज़्यादा cash निकासी (bank, co-operative bank या post office में)
  • ₹5 लाख से ऊपर की गाड़ी या motor cycle (tractor नहीं)
  • ₹45 लाख से ऊपर की अचल संपत्ति

नाबालिग के लेन-देन

जिस नाबालिग की कोई taxable आमदनी नहीं है, वह लेन-देन के काग़ज़ में अपने पिता, माता या guardian का PAN लिखता है।[1]

Form लेने वाली संस्था

  • पूरा ब्योरा: संस्था को देखना होता है कि Form No. 97 पूरे ब्योरे के साथ दिया गया है, और यह बात लेन-देन के रिकॉर्ड और Income Tax को दी जाने वाली जानकारी में दर्ज हो।[1]
  • Form No. 98: अचल संपत्ति, खाता, time deposit और बीमा वाली संस्थाएँ, और hotel या ख़रीद-बिक्री वाली वे संस्थाएँ जिनका audit ज़रूरी है, Form No. 97 का ब्योरा Form No. 98 में Income Tax Department के Intelligence and Criminal Investigation wing को online भेजती हैं।[1]
  • कब तक: 30 सितंबर तक मिले declarations का ब्योरा 31 अक्टूबर तक; 31 मार्च तक मिले declarations का ब्योरा अगले वित्त वर्ष की 30 अप्रैल तक।[1]
  • छह साल: संस्था Form No. 97 को लेन-देन वाले वित्त वर्ष के अंत से छह साल तक रखती है।[1]

Bank में Form 60

  • खाता खोलते समय: RBI के KYC निर्देशों के मुताबिक bank पहचान के दस्तावेज़ के साथ PAN या उसका e-document, या 'Form No. 60 as defined in Income-tax Rules, 1962' लेता है।[2]
  • जिनके पास PAN नहीं: निर्देशों में लिखा है कि जिनके पास PAN नहीं है, उनसे Form No. 60 लिया जाए।[2]
  • पुराने खाते: bank मौजूदा ग्राहकों से PAN या Form No. 60 उस तारीख़ तक लेता है, जो केंद्र सरकार notify करे; न मिलने पर वह notice और सुनवाई का मौक़ा देकर लेन-देन अस्थायी रूप से रोक देता है। Loan खाते में तब सिर्फ़ credit हो सकता है।[2]
  • राहत: जो ग्राहक चोट, बीमारी या बुढ़ापे की कमज़ोरी जैसी वजहों से PAN या Form No. 60 नहीं दे पा रहा, उसके लिए bank की नीति में राहत होती है।[2]
  • लिखकर मना: ग्राहक लिखकर बता दे कि वह PAN या Form No. 60 नहीं देना चाहता, तो bank खाता बंद कर देता है।[2]

आम ग़लतफ़हमी

✕ ग़लतफ़हमी"PAN नहीं है, तो bank खाता नहीं खुल सकता।"
✓ सचखुल सकता है। नियम 159 के मुताबिक PAN न रखने वाला व्यक्ति (company या firm नहीं) bank खाता खोलते समय Form No. 97 में declaration देता है।[1] RBI के KYC निर्देशों में भी bank PAN या उसकी जगह Form No. 60 लेता है।[2]
✕ ग़लतफ़हमी"Form 60 देकर कोई भी लेन-देन कर सकते हैं।"
✓ सचनहीं। नियम 159 के मुताबिक credit card, demat खाता, mutual fund के ₹50,000 से ऊपर के units, साल में ₹10 लाख या ज़्यादा cash जमा या निकासी, और ₹5 लाख से ऊपर की गाड़ी जैसे लेन-देन में PAN के लिए आवेदन करना होता है।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"Form 60 और Form 97 अलग-अलग चीज़ें हैं।"
✓ सचनहीं। Income Tax Department की utility के मुताबिक Income-tax Rules, 1962 का Form No. 60 अब Income-tax Rules, 2026 में Form No. 97 है।[3]
✕ ग़लतफ़हमी"बच्चे के नाम के लेन-देन में बच्चे का PAN ज़रूरी है।"
✓ सचज़रूरी नहीं। नियम 159 के मुताबिक जिस नाबालिग की कोई taxable आमदनी नहीं है, वह अपने पिता, माता या guardian का PAN लिखता है।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"Form भरकर दे दिया, तो बात वहीं ख़त्म।"
✓ सचनहीं। नियम 160 के मुताबिक bank, post office जैसी संस्थाओं को Form No. 97 का ब्योरा Form No. 98 में Income Tax Department को online भेजना होता है, और Form No. 97 को छह साल तक रखना होता है।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"पुराने खाते में PAN या Form 60 न दें, तो कुछ नहीं होता।"
✓ सचहोता है। RBI के निर्देशों के मुताबिक केंद्र सरकार की notify की हुई तारीख़ तक PAN या Form No. 60 न मिले, तो bank खाते का लेन-देन अस्थायी रूप से रोक देता है; उससे पहले ग्राहक को notice और अपनी बात रखने का मौक़ा देना होता है।[2]

आपका अधिकार

PAN या Form No. 60 न मिलने पर खाते का लेन-देन रोकने से पहले bank को आपको notice और अपनी बात रखने का मौक़ा देना होता है।[2]
  • PAN न हो तब भी खाता: bank खाता खोलने के लिए PAN न हो, तो declaration दिया जा सकता है।[1][2]
  • बीमारी या बुढ़ापा: ऐसी मजबूरी में bank की नीति में राहत होती है।[2]

अभी क्या करें

  • PAN नहीं है, तो पहले देखिए कि आपका लेन-देन Form No. 97 वाली छह श्रेणियों में है या उन लेन-देन में, जिनके लिए PAN का आवेदन करना होता है।[1]
  • Bank में PAN की जगह form दे रहे हों, तो लेन-देन का पूरा ब्योरा सही भरिए; संस्था उसे Income Tax Department को भेजती है।[1]
  • पुराने खाते में PAN या Form No. 60 नहीं दिया है, तो bank से पूछ लीजिए, ताकि खाता रुके नहीं।[2]

सवाल-जवाब

Form 60 क्या है?Income Tax Department की utility के मुताबिक Income-tax Rules, 1962 का Form No. 60 उस व्यक्ति (company या firm को छोड़कर) का declaration है, जिसके पास PAN नहीं है और जो rule 114B में बताया कोई लेन-देन करता है। Income-tax Rules, 2026 में यही form, rule 159 के तहत Form No. 97 है।
Income-tax Rules, 2026 कब से लागू हैं?नियम 1 के मुताबिक 1 अप्रैल 2026 से। ये Income-tax Act, 2025 की धारा 533 के तहत बने हैं।
Form No. 97 किन लेन-देन में दिया जा सकता है?नियम 159 के मुताबिक इन छह में: ₹20 लाख से ऊपर की अचल संपत्ति की ख़रीद, बिक्री, gift या joint development agreement; bank में खाता खोलना (time deposit और Basic Savings Bank Deposit Account को छोड़कर); ₹50,000 से ऊपर या साल में कुल ₹5 लाख से ऊपर का time deposit; साल में ₹50,000 से ज़्यादा premium वाला बीमा; hotel, restaurant, banquet hall या event management को एक बार में ₹1 लाख से ज़्यादा का cash भुगतान; और दूसरे सामान या सेवा की ₹2 लाख से ऊपर की ख़रीद-बिक्री।
किन लेन-देन में PAN ही चाहिए?नियम 159 के मुताबिक PAN न रखने वाले व्यक्ति (company या firm को छोड़कर) को इनके लिए PAN का आवेदन करना होता है: credit card का आवेदन; demat या depository खाता; RBI के ₹50,000 से ऊपर के bond; mutual fund के ₹50,000 से ऊपर के units; ₹1 लाख से ऊपर की securities; साल में ₹10 लाख या ज़्यादा cash जमा; साल में ₹10 लाख या ज़्यादा cash निकासी; ₹5 लाख से ऊपर की गाड़ी (tractor नहीं); ₹1 लाख से ऊपर के unlisted shares; ₹50,000 से ऊपर के debenture या bond; और ₹45 लाख से ऊपर की अचल संपत्ति।
Bank में PAN की जगह क्या दे सकते हैं?RBI के KYC निर्देशों के मुताबिक bank पहचान के दस्तावेज़ के साथ PAN या उसका e-document, या Form No. 60 लेता है। निर्देशों में लिखा है कि जिनके पास PAN नहीं है, उनसे Form No. 60 लिया जाए।
RBI के निर्देशों में अभी Form 60 और Income Tax के नियमों में Form 97 क्यों लिखा है?RBI के KYC निर्देशों के पाठ में 'Form No. 60 as defined in Income-tax Rules, 1962' लिखा है। Income Tax Department के मुताबिक 2026 के नियमों में वही form, Form No. 97 है।
नाबालिग के लेन-देन में क्या होता है?नियम 159 के मुताबिक जिस नाबालिग की कोई taxable आमदनी नहीं है, वह लेन-देन के काग़ज़ में अपने पिता, माता या guardian का PAN लिखता है।
Form लेने वाली संस्था उसका क्या करती है?नियम 159 के मुताबिक संस्था को देखना होता है कि Form No. 97 पूरे ब्योरे के साथ दिया गया है, और यह बात रिकॉर्ड और Income Tax को दी जाने वाली जानकारी में दर्ज हो। नियम 160 के मुताबिक अचल संपत्ति, खाता, time deposit और बीमा वाली संस्थाएँ (और audit वाली hotel या दुकान जैसी संस्थाएँ) इसका ब्योरा Form No. 98 में online भेजती हैं, और Form No. 97 को छह साल तक रखती हैं।
Form No. 98 कब भेजा जाता है?नियम 160 के मुताबिक 30 सितंबर तक मिले declarations का ब्योरा 31 अक्टूबर तक, और 31 मार्च तक मिले declarations का ब्योरा अगले वित्त वर्ष की 30 अप्रैल तक।
पुराने bank खाते में PAN या Form 60 न दें, तो?RBI के निर्देशों के मुताबिक bank मौजूदा ग्राहकों से PAN या Form No. 60 उस तारीख़ तक लेता है, जो केंद्र सरकार notify करे। न मिलने पर वह notice और सुनवाई का मौक़ा देकर लेन-देन अस्थायी रूप से रोक देता है; loan खाते में तब सिर्फ़ credit हो सकता है। चोट, बीमारी या बुढ़ापे की वजह से न दे पाने वाले ग्राहक के लिए bank की नीति में राहत होती है। ग्राहक लिखकर मना करे, तो खाता बंद होता है।

जुड़े शब्द

स्रोत

  1. Income Tax Department — Income-tax Rules, 2026 (Notification No. 22/2026, G.S.R. 198(E)) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • नियम 1Income-tax Act, 2025 की धारा 533; 1 अप्रैल 2026 से लागू
    • नियम 159(1), (2)लेन-देन की table; नाबालिग; Sl. 11 से 16 में Form No. 97
    • नियम 159(3)Sl. 1 से 10 और ₹45 लाख से ऊपर की संपत्ति में PAN का आवेदन
    • नियम 159(5)संस्था: पूरा ब्योरा, रिकॉर्ड, जानकारी में दर्ज करना
    • नियम 160Form No. 98; कौन भेजता है; 31 अक्टूबर / 30 अप्रैल; छह साल
  2. RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Know Your Customer) Directions, 2025, RBI/DOR/2025-26/169 (1 अक्टूबर 2026 तक updated; सिर्फ़ commercial banks पर लागू) ↗जारी: 28 नव 2025किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 23(5)PAN या उसका e-document, या Form No. 60 (Income-tax Rules, 1962)
    • पैरा 43मौजूदा ग्राहक: notify तारीख़; notice; लेन-देन रोकना; राहत; खाता बंद
    • पैरा 76जिनके पास PAN नहीं, उनसे Form No. 60
  3. Income Tax Department — Utility to check Forms under Income-tax Rules, 1962 vis-à-vis Income-tax Rules, 2026 ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • Form 601962 का Form No. 60 (rule 114B) = 2026 का Form No. 97 (rule 159)

सुधार का इतिहास

  • पन्ना बना। Income-tax Rules, 2026 के नियम 1, 159 और 160, Income Tax Department की forms मिलाने वाली utility, और RBI के KYC Directions, 2025 से जाँचा।

पन्ना बना: 08 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 08 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।