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शब्द · बैंकिंग✓ स्रोत से जाँचा · 8 Oct 2026

Aadhaar

12 अंकों का पहचान number, जो UIDAI जारी करता है

एक लाइन में

Aadhaar 12 अंकों का पहचान number है, जो UIDAI (Unique Identification Authority of India) Aadhaar Act, 2016 के तहत जारी करता है। यह अपने आप में नागरिकता या domicile का प्रमाण नहीं है। Bank के KYC के लिए Aadhaar number देना ज़रूरी नहीं है; वह तब देना होता है, जब आप कोई सरकारी लाभ या subsidy लेना चाहें।

कितने अंक12random number; दोबारा किसी और को नहीं मिलता
Bank के KYC मेंज़रूरी नहींसरकारी लाभ या subsidy लेनी हो, तब देना होता है
नागरिकता का प्रमाणनहींAadhaar Act की धारा 9
कौन ले सकता हैहर residentजो पिछले 12 महीनों में 182 दिन भारत में रहा हो

मतलब

Aadhaar number वह पहचान number है, जो UIDAI (Unique Identification Authority of India) किसी व्यक्ति को उसकी जानकारी जाँचकर जारी करता है। यह 12 अंकों का होता है।[1]

यह number random होता है, यानी उसका व्यक्ति की पहचान या ख़ूबियों से कोई रिश्ता नहीं होता, और एक बार जारी होने के बाद दोबारा किसी और को नहीं दिया जाता।[1]

कौन ले सकता है

पहचान के लिए Aadhaar का इस्तेमाल दो तरह से होता है: authentication (जानकारी UIDAI के database से मिलाई जाती है) या offline verification (authentication के बिना)।

  • हर resident: Act के मुताबिक हर resident Aadhaar number पाने का हक़दार है। Resident वह है, जो enrolment के आवेदन से ठीक पहले के 12 महीनों में कुल 182 दिन या उससे ज़्यादा भारत में रहा हो।[1]
  • क्या लिया जाता है: demographic जानकारी (नाम, जन्म की तारीख़, पता वग़ैरह) और biometric जानकारी (photograph, finger print, iris scan)।[1]
  • क्या नहीं लिया जाता: demographic जानकारी में race, धर्म, जाति, tribe, ethnicity, भाषा, entitlement के records, आय या medical history शामिल नहीं होगी।[1]
  • Enrolment के समय बताना होता है: जानकारी किस तरह इस्तेमाल होगी, authentication के दौरान किससे साझा हो सकती है, और अपनी जानकारी देखने का हक़ कैसे इस्तेमाल होता है।[1]
  • बच्चे: 18 साल से कम उम्र के बच्चे के enrolment में माता-पिता या guardian की सहमति ली जाती है। 18 साल का होने के छह महीने के अंदर वह अपना Aadhaar number रद्द कराने का आवेदन दे सकता है।[1]

Aadhaar क्या साबित नहीं करता

  • नागरिकता नहीं: Aadhaar number या उसका authentication अपने आप में नागरिकता या domicile का कोई हक़ नहीं देता, और न उसका प्रमाण है।[1]

इस्तेमाल आपकी मर्ज़ी से

  • सहमति: Aadhaar number holder अपनी पहचान साबित करने के लिए Aadhaar का इस्तेमाल अपनी मर्ज़ी से करता है; authentication के लिए जानकारी के साथ दी गई सहमति (informed consent) ज़रूरी है।[1]
  • दो तरीक़े: authentication, जिसमें Aadhaar number और जानकारी UIDAI के Central Identities Data Repository को भेजकर मिलाई जाती है; और offline verification, जिसमें authentication के बिना पहचान जाँची जाती है।[1]
  • सेवा से इनकार नहीं: जिस संस्था से authentication का अनुरोध हो, उसे पहचान के दूसरे व्यावहारिक तरीक़े बताने होते हैं, और वह authentication से मना करने या न कर पाने पर सेवा से इनकार नहीं कर सकती।[1]
  • अपवाद: जहाँ संसद का बनाया कोई क़ानून authentication ज़रूरी करता हो, वहाँ वह ज़रूरी होगा।[1]
  • सरकारी लाभ: जिस subsidy, लाभ या सेवा का ख़र्च Consolidated Fund से होता है, उसके लिए सरकार authentication या Aadhaar number होने का प्रमाण माँग सकती है। जिसे number नहीं मिला है, उसे पहचान के दूसरे तरीक़े दिए जाने हैं।[1]
  • Authentication न हो पाए तो: बीमारी, चोट, बुढ़ापे की कमज़ोरी या तकनीकी वजह से authentication न हो पाए, तो संस्था को पहचान के दूसरे व्यावहारिक तरीक़े देने होते हैं।[1]

Bank के KYC में Aadhaar

  • ज़रूरी नहीं: RBI के निर्देशों के मुताबिक KYC के लिए Aadhaar number ज़रूरी नहीं है।[2]
  • कब देना होता है: जब ग्राहक Aadhaar Act की धारा 7 में notified किसी योजना का लाभ या subsidy लेना चाहे। बाक़ी मामलों में ग्राहक चाहे तो दे सकता है।[2]
  • Aadhaar number दें तो: bank UIDAI की e-KYC authentication सुविधा से उसे जाँचता है। मौजूदा पता Aadhaar वाले पते से अलग हो, तो ग्राहक self-declaration दे सकता है।[2]
  • सिर्फ़ प्रमाण दें तो: Aadhaar number होने का प्रमाण एक Officially Valid Document है। Bank उसकी offline verification करता है; वह न हो सके, तो digital KYC से जाँच करता है।[2]
  • Number छिपाना: जहाँ authentication ज़रूरी नहीं है, वहाँ bank को यह देखना है कि ग्राहक उस प्रमाण पर अपना Aadhaar number redact या black out कर दे।[2]
  • Aadhaar OTP से खुला खाता: बिना आमने-सामने आए खुले ऐसे खातों में कुल balance ₹1 लाख और एक वित्तीय वर्ष की कुल जमा ₹2 लाख से ऊपर नहीं जा सकती; क़र्ज़ में सिर्फ़ term loan, साल में ₹60,000 तक।[2]
  • एक साल की सीमा: ऐसा खाता एक साल से ज़्यादा तभी चलता है, जब bank पूरी पहचान कर ले; वरना जमा खाता बंद कर दिया जाता है।[2]

जानकारी की हिफ़ाज़त

  • Core biometric: finger print और iris scan किसी से, किसी भी वजह से साझा नहीं किए जा सकते।[1]
  • सिर्फ़ बताया गया काम: जिस संस्था के पास आपकी पहचान की जानकारी है, वह उसे सिर्फ़ उसी काम में ला सकती है, जो आपको लिखकर बताया गया हो।[1]
  • सार्वजनिक नहीं: Aadhaar number, demographic जानकारी या photograph सार्वजनिक तौर पर छापी, दिखाई या post नहीं की जा सकती; अपवाद सिर्फ़ वे काम हैं, जो regulations में तय हों।[1]

आम ग़लतफ़हमी

✕ ग़लतफ़हमी"Aadhaar नागरिकता का प्रमाण है।"
✓ सचनहीं। Aadhaar Act की धारा 9 के मुताबिक Aadhaar number या उसका authentication अपने आप में नागरिकता या domicile का कोई हक़ नहीं देता, और न उसका प्रमाण है।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"Bank में खाता खोलने के लिए Aadhaar number देना ज़रूरी है।"
✓ सचनहीं। RBI के निर्देशों में साफ़ लिखा है कि KYC के लिए Aadhaar number ज़रूरी नहीं है। वह तब देना होता है, जब ग्राहक धारा 7 की किसी योजना का लाभ या subsidy लेना चाहे; बाक़ी मामलों में ग्राहक चाहे तो दे सकता है।[2]
✕ ग़लतफ़हमी"Aadhaar में जाति, धर्म और आय की जानकारी दर्ज होती है।"
✓ सचनहीं। Act के मुताबिक demographic जानकारी में race, धर्म, जाति, tribe, ethnicity, भाषा, entitlement के records, आय या medical history शामिल नहीं होगी।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"किसी का Aadhaar number बाद में किसी और को मिल सकता है।"
✓ सचनहीं। धारा 4 के मुताबिक किसी व्यक्ति को जारी Aadhaar number दोबारा किसी और को नहीं दिया जाता।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"Aadhaar OTP से घर बैठे खुला खाता हमेशा वैसे ही चलता रहता है।"
✓ सचनहीं। RBI के निर्देशों के मुताबिक ऐसा खाता एक साल से ज़्यादा तभी चल सकता है, जब bank पूरी पहचान (पैरा 23 या V-CIP) कर ले। तब तक उसमें कुल balance ₹1 लाख और साल भर की कुल जमा ₹2 लाख से ऊपर नहीं जा सकती।[2]

आपका अधिकार

Bank के KYC के लिए Aadhaar number ज़रूरी नहीं है; वह तब देना होता है, जब आप कोई सरकारी लाभ या subsidy लेना चाहें।[2]
  • दूसरा तरीक़ा: authentication से मना करने या न कर पाने पर संस्था सेवा से इनकार नहीं कर सकती, जब तक संसद का कोई क़ानून उसे ज़रूरी न करता हो।[1]
  • अपना record: हर Aadhaar number holder अपना authentication record पाने का हक़दार है।[1]
  • सुधार: जानकारी ग़लत हो या बदल जाए, तो UIDAI से record में बदलाव का अनुरोध किया जा सकता है।[1]

अभी क्या करें

  • Bank में Aadhaar number देना न चाहें और कोई सरकारी लाभ या subsidy न ले रहे हों, तो कोई और Officially Valid Document दीजिए।[2]
  • Aadhaar की copy वहाँ दे रहे हों, जहाँ authentication नहीं होना है, तो उस पर Aadhaar number black out कर दीजिए।[2]
  • Aadhaar OTP से घर बैठे खाता खोला हो, तो एक साल के अंदर पूरी पहचान करा लीजिए; वरना जमा खाता बंद हो जाता है।[2]
  • Aadhaar में नाम, पता या जन्म की तारीख़ ग़लत हो, तो UIDAI से सुधार का अनुरोध कीजिए।[1]

सवाल-जवाब

Aadhaar का मतलब क्या है?Aadhaar Act, 2016 के मुताबिक Aadhaar number वह पहचान number है, जो UIDAI किसी व्यक्ति को उसकी demographic और biometric जानकारी जाँचकर जारी करता है। यह 12 अंकों का होता है। इसके विकल्प के तौर पर UIDAI एक virtual identity भी बनाता है।
Aadhaar कौन ले सकता है?Act की धारा 3 के मुताबिक हर resident। Resident वह व्यक्ति है, जो enrolment के आवेदन की तारीख़ से ठीक पहले के 12 महीनों में कुल 182 दिन या उससे ज़्यादा भारत में रहा हो। केंद्र सरकार दूसरी श्रेणियों के लोगों को भी इसका हक़दार घोषित कर सकती है।
Enrolment में कौन-सी जानकारी ली जाती है?Demographic जानकारी (नाम, जन्म की तारीख़, पता वग़ैरह) और biometric जानकारी (photograph, finger print, iris scan)। Act के मुताबिक demographic जानकारी में race, धर्म, जाति, tribe, ethnicity, भाषा, entitlement के records, आय या medical history शामिल नहीं होगी।
क्या Aadhaar नागरिकता का प्रमाण है?नहीं। धारा 9 के मुताबिक Aadhaar number या उसका authentication अपने आप में नागरिकता या domicile का कोई हक़ नहीं देता, और न उसका प्रमाण है।
क्या bank खाते के लिए Aadhaar number देना ज़रूरी है?RBI के निर्देशों के पैरा 23 के मुताबिक KYC के लिए Aadhaar number ज़रूरी नहीं है। अगर ग्राहक Aadhaar Act की धारा 7 में notified किसी योजना का लाभ या subsidy लेना चाहता है, तब उसे bank को Aadhaar number देना होता है। बाक़ी मामलों में ग्राहक चाहे तो दे सकता है।
Bank में Aadhaar किन तरीक़ों से दिया जा सकता है?पैरा 23 में तीन रास्ते हैं। एक: Aadhaar number देना; तब bank UIDAI की e-KYC authentication सुविधा से उसे जाँचता है। दो: Aadhaar number होने का प्रमाण देना, जहाँ bank offline verification कर सके। तीन: Aadhaar number होने का प्रमाण देना, जहाँ offline verification न हो सके; तब bank digital KYC से जाँच करता है। इनके अलावा कोई और Officially Valid Document या KYC Identifier भी दिया जा सकता है।
Aadhaar की copy पर number छिपाना क्यों कहा जाता है?RBI के निर्देशों के मुताबिक जहाँ Aadhaar number का authentication ज़रूरी नहीं है, वहाँ bank को यह देखना है कि ग्राहक Aadhaar number होने के प्रमाण पर अपना Aadhaar number redact या black out कर दे।
Aadhaar OTP से खुले खाते पर क्या सीमाएँ हैं?पैरा 25 के मुताबिक, बिना आमने-सामने आए Aadhaar OTP वाले e-KYC से खुले खातों में: ग्राहक के सभी जमा खातों का कुल balance ₹1 लाख से ज़्यादा नहीं हो सकता; एक वित्तीय वर्ष में सभी जमा खातों की कुल जमा ₹2 लाख से ज़्यादा नहीं हो सकती; क़र्ज़ में सिर्फ़ term loan मिलता है, साल में कुल ₹60,000 तक। ऐसा खाता एक साल से ज़्यादा तभी चलता है, जब bank पूरी पहचान कर ले; वरना जमा खाता बंद कर दिया जाता है।
क्या कोई संस्था authentication से मना करने पर सेवा रोक सकती है?Act की धारा 4 के मुताबिक Aadhaar का इस्तेमाल पहचान के लिए अपनी मर्ज़ी से, जानकारी के साथ दी गई सहमति से होता है। जिस संस्था से authentication का अनुरोध हो, उसे पहचान के दूसरे व्यावहारिक तरीक़े बताने होते हैं, और वह authentication से मना करने या न कर पाने पर सेवा से इनकार नहीं कर सकती। अपवाद: जहाँ संसद का बनाया कोई क़ानून authentication ज़रूरी करता हो।
सरकारी लाभ के लिए Aadhaar कब माँगा जा सकता है?धारा 7 के मुताबिक केंद्र या राज्य सरकार, उस subsidy, लाभ या सेवा के लिए जिसका ख़र्च Consolidated Fund of India या राज्य के Consolidated Fund से होता है, authentication या Aadhaar number होने का प्रमाण माँग सकती है। जिसे Aadhaar number नहीं मिला है, उसे पहचान के दूसरे व्यावहारिक तरीक़े दिए जाने हैं।
बीमारी या बुढ़ापे की वजह से authentication न हो पाए तो?धारा 8 के मुताबिक बीमारी, चोट, बुढ़ापे की कमज़ोरी, या तकनीकी या किसी और वजह से authentication न हो पाए, तो संस्था को पहचान के दूसरे व्यावहारिक तरीक़े देने होते हैं। RBI के निर्देशों में भी ऐसे ग्राहक के लिए offline verification या किसी और OVD से पहचान करने को कहा गया है।
बच्चों के Aadhaar के लिए क्या नियम है?धारा 3A के मुताबिक बच्चे (18 साल से कम) के enrolment के समय माता-पिता या guardian की सहमति ली जाती है। ऐसा बच्चा 18 साल का होने के छह महीने के अंदर अपना Aadhaar number रद्द कराने का आवेदन दे सकता है।
मेरी Aadhaar जानकारी कौन देख या बाँट सकता है?धारा 29 के मुताबिक core biometric जानकारी (finger print, iris scan) किसी से, किसी भी वजह से साझा नहीं की जा सकती। जिस संस्था के पास आपकी पहचान की जानकारी है, वह उसे सिर्फ़ उसी काम में ला सकती है, जो आपको लिखकर बताया गया हो। Aadhaar number, demographic जानकारी या photograph सार्वजनिक तौर पर छापी, दिखाई या post नहीं की जा सकती; अपवाद सिर्फ़ वे काम हैं, जो regulations में तय हों।
Aadhaar में ग़लती हो या जानकारी बदल जाए तो?धारा 31 के मुताबिक demographic जानकारी ग़लत हो या बाद में बदल जाए, या biometric जानकारी बदल जाए, तो Aadhaar number holder UIDAI से अपने record में बदलाव का अनुरोध करता है। धारा 32 के मुताबिक हर Aadhaar number holder अपना authentication record पाने का हक़दार है।

जुड़े शब्द

स्रोत

  1. India Code — The Aadhaar (Targeted Delivery of Financial and Other Subsidies, Benefits and Services) Act, 2016 (Act 18 of 2016; As on the 1st July, 2026) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • धारा 2Aadhaar number, authentication, biometric और demographic जानकारी, offline verification, resident की परिभाषाएँ
    • धारा 3हर resident हक़दार; enrolment; 12 अंकों का number और virtual identity
    • धारा 3Aबच्चों का enrolment; 18 साल का होने पर रद्द कराने का विकल्प
    • धारा 4number दोबारा नहीं दिया जाता; random; अपनी मर्ज़ी से इस्तेमाल; सेवा से इनकार नहीं; क़ानून से ज़रूरी हो तो
    • धारा 7 और 8सरकारी subsidy और लाभ के लिए Aadhaar; authentication न हो पाए तो दूसरे तरीक़े
    • धारा 9नागरिकता या domicile का प्रमाण नहीं
    • धारा 11Unique Identification Authority of India (UIDAI)
    • धारा 29core biometric साझा नहीं; सिर्फ़ बताए गए काम के लिए; सार्वजनिक नहीं
    • धारा 31 और 32जानकारी में बदलाव का अनुरोध; अपना authentication record
  2. RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Know Your Customer) Directions, 2025, RBI/DOR/2025-26/169 (1 अक्टूबर 2026 तक updated; सिर्फ़ commercial banks पर लागू) ↗जारी: 28 नव 2025किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 5Aadhaar number की परिभाषा; 'proof of possession of Aadhaar number' एक OVD
    • पैरा 23KYC के लिए ज़रूरी नहीं; कब देना होता है; तीन रास्ते; number redact करना; authentication न हो पाए तो
    • पैरा 25Aadhaar OTP e-KYC से खुले खाते: ₹1 लाख, ₹2 लाख, ₹60,000 और एक साल की सीमा

सुधार का इतिहास

  • पन्ना बना। Aadhaar Act, 2016 (India Code पर 1 जुलाई 2026 तक का पाठ) और RBI के Commercial Banks – Know Your Customer Directions, 2025 (1 अक्टूबर 2026 तक update) से जाँचा।

पन्ना बना: 08 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 08 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।