सूचना डेस्क · भारत

सीधा मतलब | Seedha Matlab

Contact
शब्द · बैंकिंग✓ स्रोत से जाँचा · 7 Oct 2026

CKYCR

वह केंद्रीय registry, जिसमें ग्राहकों के KYC record digital रूप में रखे जाते हैं

एक लाइन में

CKYCR (Central KYC Records Registry) में ग्राहकों के KYC record digital रूप में रखे जाते हैं। Bank खाते का रिश्ता शुरू होने के 10 दिन के अंदर आपका record इसमें upload करता है, और CKYCR आपको एक KYC Identifier देता है। यह number और अपनी सहमति देने पर दूसरा bank आपका record यहीं से ले लेता है; चार हालात छोड़कर, वह वही दस्तावेज़ दोबारा नहीं माँग सकता।

Bank record upload करता है10 दिन मेंखाते का रिश्ता शुरू होने के बाद
CKYCR का काम करता हैCERSAI26 नवंबर 2015 की Gazette अधिसूचना से
जानकारी बदले, तो7 दिन मेंbank नई जानकारी CKYCR को भेजता है
वही दस्तावेज़ दोबारानहींKYC Identifier से record मिल जाए, तो; चार अपवाद

मतलब

RBI के निर्देशों के मुताबिक Central KYC Records Registry (CKYCR) ग्राहक के KYC record digital रूप में लेने, रखने, सुरक्षित रखने और निकालने का काम करने वाली entity है। इसकी परिभाषा Prevention of Money-Laundering (Maintenance of Records) Rules, 2005 के Rule 2(1) में है।[1]

भारत सरकार ने 26 नवंबर 2015 की Gazette अधिसूचना (S.O. 3183(E)) से CERSAI (Central Registry of Securitisation Asset Reconstruction and Security Interest of India) को CKYCR का काम करने का अधिकार दिया है। CKYCR का 'live run' 15 जुलाई 2016 से, चरणों में, नए individual खातों से शुरू हुआ।[1]

KYC Identifier वह अलग number या code है, जो CKYCR ग्राहक को देता है।[1]

CKYCR कैसे काम करता है

KYC Identifier बन जाए, तो bank को पक्का करना होता है कि वह ग्राहक को बता दिया जाए।

  • Upload: bank ग्राहक का KYC record लेकर, खाते का रिश्ता शुरू होने के 10 दिन के अंदर, CKYCR पर upload करता है। यह PML Rules के Rule 9(1A) के तहत है।[1]
  • KYC Identifier: CKYCR यह number बना दे, तो bank को पक्का करना होता है कि वह ग्राहक को बता दिया जाए।[1]
  • अगली बार: खाता खोलने, KYC update या पहचान की जाँच के लिए bank ग्राहक से KYC Identifier माँगता है, या CKYCR में हो तो वहीं से निकालता है, और उसी से KYC record online ले लेता है।[1]
  • Identifier के साथ क्या: खाता खोलते समय KYC Identifier, record download करने की साफ़ सहमति के साथ, Aadhaar या Officially Valid Document की जगह दिया जा सकता है। PAN या Form 60 फिर भी देना होता है।[1]
  • जानकारी बदले, तो: bank को ग्राहक से नई या बदली हुई जानकारी मिले, तो वह सात दिन के अंदर, या केंद्र सरकार की तय की हुई अवधि में, उसे CKYCR को भेजता है। CKYCR record update करके उन सभी संस्थाओं को electronic सूचना देता है, जिनका उस ग्राहक से वास्ता रहा है। सूचना मिलने पर bank नया record लेकर अपना record update करता है।[1]

किन खातों का record upload होता है

  • नए individual खाते: Scheduled Commercial Banks 1 जनवरी 2017 को या उसके बाद खुले सभी नए individual खातों का KYC data upload करते हैं। बाक़ी regulated entities के लिए यह तारीख़ 1 अप्रैल 2017 थी।[1]
  • Legal entities के खाते: bank 1 अप्रैल 2021 को या उसके बाद खुले खातों के KYC record upload करता है।[1]
  • इनसे पुराने खाते: bank इनका KYC data समय-समय के KYC update (periodic updation) के समय upload या update करता है, या उससे पहले, जब ग्राहक से updated KYC जानकारी मिले।[1]

दस्तावेज़ दोबारा कब माँगे जा सकते हैं

KYC Identifier से record मिल जाए, तो bank ग्राहक से वही KYC record या जानकारी, या पहचान का कोई और दस्तावेज़ या ब्योरा, नहीं माँग सकता। इसके चार अपवाद हैं:[1]

  • जानकारी बदल गई हो: ग्राहक की जानकारी CKYCR के record से बदल गई हो।[1]
  • Record अधूरा हो: मिला हुआ record या जानकारी अधूरी हो, या मौजूदा KYC नियमों के मुताबिक न हो।[1]
  • वैधता ख़त्म हो: download हुए दस्तावेज़ों की वैधता की अवधि ख़त्म हो चुकी हो।[1]
  • Bank को ज़रूरी लगे: ग्राहक की पहचान या पता (मौजूदा पता समेत) जाँचने, enhanced due diligence करने, या ग्राहक का risk profile बनाने के लिए।[1]

29 दिसंबर 2025 से निर्देशों में यह भी जुड़ा है: पहचान और पते की जाँच की ज़िम्मेदारी उस संस्था की है, जिसने ग्राहक का record CKYCR में आख़िरी बार upload या update किया। Record download करके उस पर भरोसा करने वाले bank को पहचान या पते की सच्चाई दोबारा जाँचनी नहीं होती, बशर्ते record current हो और PML Act, 2002 और PML Rules, 2005 के मुताबिक हो। बाक़ी customer due diligence की ज़िम्मेदारी उसी bank की रहती है।[1]

CKYCR और कहाँ काम आता है

  • V-CIP में: पहचान की जानकारी CKYCR से लिए गए KYC record से ली जा सकती है, ग्राहक के दिए KYC Identifier से। पूरी प्रक्रिया एक बार में पूरी न हो पाए, तो video वाला हिस्सा record लेने के तीन working दिन के अंदर होना चाहिए।[1]
  • दूर से खाता खोलने में: bank के अधिकारी से मिले बिना, और V-CIP के बिना, CKYCR जैसे digital channel से खाता खुले, तो वह non-face-to-face गिना जाता है। ऐसे ग्राहक को bank high-risk श्रेणी में रखता है और खाते पर ज़्यादा निगरानी रखता है, जब तक पहचान आमने-सामने या V-CIP से न जाँच ली जाए।[1]
  • Aadhaar OTP वाले e-KYC के खाते: ऐसे खाते की KYC जानकारी upload करते समय bank साफ़ बताता है कि खाता OTP वाले e-KYC से खुला है। दूसरी संस्थाएँ इस जानकारी के आधार पर खाता नहीं खोल सकतीं।[1]

आम ग़लतफ़हमी

✕ ग़लतफ़हमी"CKYCR में record है, तो bank अब कभी कोई दस्तावेज़ नहीं माँग सकता।"
✓ सचग़लत। चार हालात में माँग सकता है: आपकी जानकारी बदल गई हो; record अधूरा हो या मौजूदा KYC नियमों के मुताबिक न हो; download हुए दस्तावेज़ों की वैधता ख़त्म हो चुकी हो; या bank को पहचान या पता जाँचने, enhanced due diligence करने या risk profile बनाने के लिए यह ज़रूरी लगे।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"KYC Identifier bank के काम की चीज़ है; ग्राहक को नहीं मिलता।"
✓ सचग़लत। CKYCR यह number बना दे, तो bank को पक्का करना होता है कि वह ग्राहक को बता दिया जाए। RBI के निर्देशों के मुताबिक ग्राहक इसे CKYCR Portal (www.ckycindia.in) पर भी देख सकता है।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"कोई भी संस्था मेरी मर्ज़ी के बिना CKYCR से मेरा record निकाल सकती है।"
✓ सचनहीं। RBI के FAQs के मुताबिक KYC Identifier से CKYCR का record download करने के लिए संस्था को ग्राहक की साफ़ सहमति (explicit consent) लेनी होती है।[2]
✕ ग़लतफ़हमी"KYC Identifier दे दिया, तो PAN भी नहीं देना पड़ेगा।"
✓ सचग़लत। खाता खोलते समय KYC Identifier, Aadhaar या Officially Valid Document की जगह दिया जा सकता है; PAN या Form 60 फिर भी देना होता है।[1]

आपका अधिकार

KYC Identifier से record मिल जाए, तो bank वही KYC दस्तावेज़ दोबारा नहीं माँग सकता; इसके सिर्फ़ चार अपवाद हैं।[1]
  • अपना KYC Identifier जानना: CKYCR यह number बना दे, तो bank को पक्का करना होता है कि वह आपको बता दिया जाए।[1]
  • आपकी सहमति: KYC Identifier से आपका record download करने के लिए संस्था को आपकी साफ़ सहमति (explicit consent) लेनी होती है।[2]

अभी क्या करें

  • अपने bank से अपना KYC Identifier पूछिए; यह बन जाए, तो bank को पक्का करना होता है कि वह ग्राहक को बता दिया जाए।[1]
  • RBI के निर्देशों के मुताबिक ग्राहक अपना KYC Identifier CKYCR Portal (www.ckycindia.in) पर भी देख सकता है।[1]
  • किसी दूसरे bank में खाता खोलते समय KYC Identifier और record download करने की सहमति दीजिए; इससे KYC दस्तावेज़ दोबारा देने की ज़रूरत टल सकती है।[2]
  • PAN या Form 60 साथ रखिए; KYC Identifier देने पर भी यह देना होता है।[1]
  • पता या कोई और जानकारी बदल गई हो, तो नए दस्तावेज़ साथ रखिए; ऐसे में bank इन्हें माँग सकता है।[1]

सवाल-जवाब

CKYCR का मतलब क्या है?CKYCR यानी Central KYC Records Registry। RBI के निर्देशों के पैरा 5 के मुताबिक यह ग्राहक के KYC record digital रूप में लेने, रखने, सुरक्षित रखने और निकालने का काम करने वाली entity है। इसकी परिभाषा Prevention of Money-Laundering (Maintenance of Records) Rules, 2005 के Rule 2(1) में है।
CKYCR कौन चलाता है?निर्देशों के पैरा 65 के मुताबिक भारत सरकार ने 26 नवंबर 2015 की Gazette अधिसूचना (S.O. 3183(E)) से CERSAI (Central Registry of Securitisation Asset Reconstruction and Security Interest of India) को CKYCR का काम करने का अधिकार दिया है। CKYCR का 'live run' 15 जुलाई 2016 से, चरणों में, शुरू हुआ।
KYC Identifier क्या है?पैरा 5 के मुताबिक यह वह अलग number या code है, जो CKYCR ग्राहक को देता है।
अपना KYC Identifier कैसे मिलेगा?पैरा 5 के मुताबिक दो तरीक़े हैं। खाता खोलने की प्रक्रिया में CKYCR जब KYC Identifier बनाकर bank को देता है, तो bank उसे ग्राहक को बताता है। ग्राहक इसे CKYCR Portal (www.ckycindia.in) पर भी देख सकता है।
Bank मेरा KYC record CKYCR पर कब upload करता है?पैरा 65 के मुताबिक खाते का रिश्ता (account-based relationship) शुरू होने के 10 दिन के अंदर। यह PML Rules के Rule 9(1A) के तहत है।
KYC Identifier देने से क्या फ़ायदा है?RBI के FAQs के मुताबिक किसी संस्था में खाता खोलते समय ग्राहक अपना KYC Identifier और record download करने की सहमति दे सकता है। इससे दूसरी संस्था में खाता खोलते समय KYC दस्तावेज़ दोबारा देने की ज़रूरत टल सकती है।
KYC Identifier और किस काम आता है?RBI के FAQs के मुताबिक खाता खोलने के अलावा यह KYC update में, और ग्राहक की पहचान की जाँच में भी इस्तेमाल हो सकता है।
क्या KYC Identifier देने के बाद भी bank दस्तावेज़ माँग सकता है?पैरा 65 के मुताबिक चार हालात में: ग्राहक की जानकारी CKYCR के record से बदल गई हो; मिला हुआ record अधूरा हो या मौजूदा KYC नियमों के मुताबिक न हो; download हुए दस्तावेज़ों की वैधता की अवधि ख़त्म हो चुकी हो; या bank को पहचान या पता (मौजूदा पता समेत) जाँचने, enhanced due diligence करने या risk profile बनाने के लिए यह ज़रूरी लगे। इनके अलावा bank वही KYC record, जानकारी या पहचान का कोई और दस्तावेज़ नहीं माँग सकता।
क्या KYC Identifier के साथ PAN भी देना होता है?हाँ। पैरा 23 के मुताबिक खाता खोलते समय KYC Identifier (record download करने की साफ़ सहमति के साथ), Aadhaar या Officially Valid Document की जगह दिया जा सकता है; इसके साथ PAN या Form 60 देना होता है।
मेरी जानकारी बदल जाए, तो CKYCR में कैसे update होगी?पैरा 65 के मुताबिक bank को ग्राहक से नई या बदली हुई जानकारी मिले, तो वह सात दिन के अंदर, या केंद्र सरकार की तय की हुई अवधि में, उसे CKYCR को भेजता है। CKYCR record update करके उन सभी संस्थाओं को electronic सूचना देता है, जिनका उस ग्राहक से वास्ता रहा है।
पुराने खातों का record भी CKYCR में जाता है?पैरा 65 के मुताबिक Scheduled Commercial Banks 1 जनवरी 2017 को या उसके बाद खुले सभी नए individual खातों का KYC data upload करते हैं। इससे पुराने खातों का data bank समय-समय के KYC update (periodic updation) के समय upload या update करता है, या उससे पहले, जब ग्राहक से updated KYC जानकारी मिले।
CKYCR के record में पहचान और पते की जाँच की ज़िम्मेदारी किसकी है?पैरा 65 में 29 दिसंबर 2025 से जुड़े Explanation के मुताबिक उस संस्था की, जिसने ग्राहक का record CKYCR में आख़िरी बार upload या update किया। Record download करके उस पर भरोसा करने वाले bank को पहचान या पते की सच्चाई दोबारा जाँचनी नहीं होती, बशर्ते record current हो और PML Act, 2002 और PML Rules, 2005 के मुताबिक हो।
ये नियम किन banks पर लागू हैं?ये RBI के commercial banks के लिए बने निर्देश हैं। इनके पैरा 3 में Small Finance Banks, Payment Banks और Local Area Banks 'commercial banks' में नहीं गिने गए हैं। RBI के FAQs 2016 के Master Direction on KYC पर लिखे गए हैं।

जुड़े शब्द

स्रोत

  1. RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Know Your Customer) Directions, 2025, RBI/DOR/2025-26/169 (1 अक्टूबर 2026 तक updated; सिर्फ़ commercial banks पर लागू) ↗जारी: 28 नव 2025किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 3ये निर्देश किन banks पर लागू हैं
    • पैरा 5CKYCR और KYC Identifier की परिभाषा; Identifier पाने के दो तरीक़े
    • पैरा 23KYC Identifier के साथ साफ़ सहमति; PAN या Form 60; record online लेना
    • पैरा 25(8)Aadhaar OTP वाले e-KYC से खुले खातों की जानकारी
    • पैरा 27(2)V-CIP में CKYCR का record; तीन working दिन
    • पैरा 44CKYCR से खुला खाता non-face-to-face; high-risk श्रेणी और ज़्यादा निगरानी
    • पैरा 65(1)CERSAI को CKYCR का काम; Gazette अधिसूचना
    • पैरा 65(2)10 दिन के अंदर upload; Rule 9(1A)
    • पैरा 65(5)live run; 1 जनवरी 2017 और 1 अप्रैल 2017
    • पैरा 65(6)legal entities के खाते: 1 अप्रैल 2021
    • पैरा 65(7)KYC Identifier ग्राहक को बताना
    • पैरा 65(8)पुराने खाते; सात दिन; CKYCR की electronic सूचना
    • पैरा 65(10)वही दस्तावेज़ दोबारा नहीं; चार अपवाद; जाँच की ज़िम्मेदारी (Explanation)
  2. RBI — FAQs on Master Direction on KYC, 9 जून 2025 (37 सवाल; 2016 के Master Direction पर लिखे गए हैं) ↗जारी: 09 जून 2025किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • Q14KYC Identifier का फ़ायदा: दस्तावेज़ दोबारा देने की ज़रूरत टल सकती है
    • Q15KYC update और पहचान की जाँच में भी इस्तेमाल
    • Q16record download करने के लिए ग्राहक की साफ़ सहमति

सुधार का इतिहास

  • पन्ना बना। RBI के Commercial Banks – Know Your Customer Directions, 2025 (1 अक्टूबर 2026 तक update) और RBI के KYC FAQs (9 जून 2025) से जाँचा।

पन्ना बना: 07 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 07 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।