1मतलब
V-CIP, यानी Video based Customer Identification Process, पहचान का एक वैकल्पिक तरीक़ा है। इसमें bank का authorised अधिकारी facial recognition के साथ ग्राहक की पहचान और customer due diligence करता है। यह एक सुरक्षित, live और सहमति पर आधारित audio-visual बातचीत होती है, जिसका audit trail रखा जाता है।[1]
RBI के निर्देशों के मुताबिक तय मानकों और प्रक्रिया पर हुआ V-CIP bank को आमने-सामने की पहचान के बराबर मानना है।[1]
2इसका मतलब आपके लिए क्या है
- किन कामों में: KYC update या periodic update के लिए; नए ग्राहक का खाता खोलते समय; और Aadhaar OTP वाले e-KYC से खुले खाते को पूरे KYC में बदलने के लिए।[1]
- हर bank में ज़रूरी नहीं: निर्देशों के मुताबिक bank V-CIP "कर सकता है"। पर जिस bank ने इसे शुरू किया है, उसे दूर से खाता खोलने वाले ग्राहक को यही पहला विकल्प देना है।[1]
- Aadhaar OTP से खुला खाता: ऐसे खातों में सभी deposit खातों का कुल balance ₹1 लाख से, और एक वित्त वर्ष का कुल credit ₹2 लाख से ज़्यादा नहीं हो सकता। ऐसा खाता एक साल से ज़्यादा तभी चल सकता है, जब bank पूरी पहचान-प्रक्रिया (निर्देशों का पैरा 23) से या V-CIP से आपकी पहचान पूरी कर ले; वरना उसे deposit खाता तुरंत बंद करना है।[1]
- निष्क्रिय पड़ा खाता: bank को Inoperative Account और unclaimed deposit का KYC update V-CIP से कराने की सुविधा देने की कोशिश करनी है।[2]
- हाव-भाव ज़रूरी नहीं: liveness जाँच के लिए पलक झपकाने, मुस्कुराने या भौंहें सिकोड़ने जैसे ख़ास हाव-भाव ज़रूरी नहीं हैं।[1]
3V-CIP में क्या होता है
Call कट जाए या disconnect हो जाए, तो bank को नया session शुरू करना है।
- कौन करता है: सिर्फ़ bank के वे अधिकारी, जिन्हें इस काम के लिए ख़ास training मिली हो।[1]
- सवाल: bank को सवालों का क्रम या क़िस्म बदलते रहना है, ताकि साबित हो कि बातचीत उसी समय हो रही है, पहले से record की हुई नहीं है।[1]
- Recording और photo: अधिकारी audio और video record करता है, और ग्राहक की photo लेता है।[1]
- पहचान की जानकारी: इनमें से किसी एक से ली जाती है: Aadhaar OTP वाला e-KYC; Aadhaar का offline verification; CKYCR से लिया गया KYC record, ग्राहक के दिए KYC identifier से; या Officially Valid Document का equivalent e-document, DigiLocker से जारी दस्तावेज़ समेत।[1]
- 3 working दिन: Aadhaar की XML file या Aadhaar Secure QR Code से offline verification हो, तो वह file या code V-CIP की तारीख़ से तीन working दिन से ज़्यादा पुराना नहीं होना चाहिए।[1]
- PAN: bank ग्राहक के दिखाए PAN card की साफ़ तस्वीर लेता है, और PAN का ब्योरा जारी करने वाली संस्था के database से जाँचता है। e-PAN दिया हो, तो तस्वीर ज़रूरी नहीं।[1]
- छपी हुई copy नहीं: equivalent e-document की छपी हुई copy, e-PAN समेत, V-CIP में मान्य नहीं है।[1]
- चेहरा मिलाना: अधिकारी को देखना है कि Aadhaar या OVD और PAN की photo video पर मौजूद ग्राहक से मिलती है, और ब्योरा ग्राहक के दिए ब्योरे से मिलता है।[1]
- पता अलग हो: मौजूदा पता OVD के पते से अलग हो, तो bank मौजूदा पते का record लेता है।[1]
- Prompting हो, तो रद्द: bank को ग्राहक की तरफ़ से कोई prompting दिखे, तो उसे खाता खोलने की प्रक्रिया रद्द करनी है।[1]
- Call कट जाए: call drop या disconnection होने पर नया session शुरू किया जाता है।[1]
- Business Correspondent की मदद: bank चाहे, तो Business Correspondent की मदद ले सकता है, पर सिर्फ़ ग्राहक की तरफ़ प्रक्रिया आसान करने के लिए। पहचान की पूरी ज़िम्मेदारी bank की ही रहती है।[1]
- Audit के बाद चालू: V-CIP से खुला खाता concurrent audit के बाद ही चालू किया जाता है।[1]
4आपकी जानकारी की सुरक्षा
- Bank का अपना network: V-CIP का connection और बातचीत bank के अपने secured network domain से ही शुरू होनी चाहिए।[1]
- Encryption और सहमति: ग्राहक के device और V-CIP application के बीच data end-to-end encrypted होना चाहिए। Bank को ग्राहक की सहमति ऐसे record करनी है कि उसका audit हो सके और उसमें बदलाव न हो सके।[1]
- भारत के बाहर से नहीं: application ऐसा होना चाहिए, जो भारत के बाहर के IP address से, या spoofed IP address से, connection रोक सके।[1]
- जगह और समय: video recording में ग्राहक के live GPS co-ordinates और तारीख़-समय की मुहर होनी चाहिए।[1]
- Aadhaar number: bank को Aadhaar number redact या blackout करना है।[1]
- Data भारत में: V-CIP का पूरा data और recordings भारत में स्थित system में रखनी हैं। Cloud या तीसरे पक्ष की technology company अपने पास कोई data नहीं रख सकती।[1]
5आम ग़लतफ़हमी
6आपका अधिकार
- Special needs: liveness जाँच की वजह से special needs वाला व्यक्ति बाहर नहीं रहना चाहिए।[1]
- सहमति: V-CIP ग्राहक की जानकारी-भरी सहमति पर आधारित बातचीत है।[1]
- पहला विकल्प: जिस bank ने V-CIP शुरू किया है, उसे दूर से खाता खोलने वाले ग्राहक को यही पहला विकल्प देना है।[1]
7अभी क्या करें
- V-CIP से पहले PAN card (या e-PAN) पास रखिए; DigiLocker के दस्तावेज़ का printout न दिखाइए, वह मान्य नहीं है।[1]
- Video के दौरान अकेले बैठिए और जवाब ख़ुद दीजिए; prompting दिखने पर bank को प्रक्रिया रद्द करनी है।[1]
- खाता सिर्फ़ Aadhaar OTP से खुला हो, तो एक साल के भीतर पूरा KYC करा लीजिए: V-CIP से, या bank के बताए दूसरे तरीक़े से।[1]
- खाता inoperative हो गया हो, तो bank से पूछिए कि KYC update V-CIP से हो सकता है या नहीं।[2]
8सवाल-जवाब
9जुड़े शब्द
10स्रोत
- RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Know Your Customer) Directions, 2025, RBI/DOR/2025-26/169 (1 अक्टूबर 2026 तक updated; सिर्फ़ commercial banks पर लागू) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 3ये निर्देश किन banks पर लागू हैं
- पैरा 5V-CIP की परिभाषा; आमने-सामने की पहचान के बराबर
- पैरा 25Aadhaar OTP वाले e-KYC से खुले खातों की सीमाएँ; एक साल
- पैरा 26V-CIP किन कामों में हो सकता है
- पैरा 27(1)infrastructure: bank का अपना network; encryption; सहमति का record; भारत के बाहर के IP; GPS और समय; liveness; हाव-भाव ज़रूरी नहीं
- पैरा 27(2)प्रक्रिया: trained अधिकारी; सवाल; prompting; पहचान की जानकारी के चार रास्ते; 3 working दिन; PAN; छपी copy; BC की मदद; concurrent audit
- पैरा 27(3)data और recordings भारत में
- पैरा 44दूर से खाता खोलने में V-CIP पहला विकल्प
- RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Responsible Business Conduct) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/170; Updated as on October 1, 2026) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 204inoperative खातों का KYC update V-CIP से; Business Correspondent की मदद
11सुधार का इतिहास
- पन्ना बना। RBI के Commercial Banks – Know Your Customer Directions, 2025 और Commercial Banks – Responsible Business Conduct Directions, 2025 (दोनों 1 अक्टूबर 2026 तक update) से जाँचा।
पन्ना बना: 07 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 07 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।