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सीधा मतलब | Seedha Matlab

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शब्द · साइबर सुरक्षा✓ स्रोत से जाँचा · 7 Oct 2026

Screen Sharing

दूर बैठे किसी को अपने phone या computer की screen दिखाना या चलाने देना

एक लाइन में

Screen sharing app से दूर बैठा कोई व्यक्ति आपके phone या laptop को देख सकता है और चला भी सकता है। ठग यही app आपसे डलवाकर आपकी गोपनीय जानकारी तक पहुँच जाते हैं और खाते से पैसा निकाल लेते हैं।

यह app क्या करने देता हैदेखना और चलानाआपका mobile या laptop, दूर बैठे
ठग कौन बनकर आता हैकंपनी का आदमीआपकी दिक़्क़त सुलझाने के बहाने
ऐसा app कब डालेंOfficial toll-free से कहा जाए, तभीnumber कंपनी की official website का हो
पैसा कट जाए तो1930या cybercrime.gov.in; card भी block कराइए

मतलब

Screen sharing app ऐसा software है, जिससे दूर बैठा कोई व्यक्ति आपके phone तक पहुँच सकता है। CERT-In के मुताबिक लोग इसे दूर से किसी की दिक़्क़त ठीक करने के लिए इस्तेमाल करते रहे हैं, और ये apps user के phone की पूरी access और control दे देते हैं।[2]

RBI की जागरूकता पुस्तिका BE(A)WARE के मुताबिक ठग ग्राहक को बहकाकर यही app उससे download करवा लेते हैं। फिर वे ग्राहक का mobile या laptop देख सकते हैं और चला भी सकते हैं।[1]

इसका मतलब आपके लिए क्या है

  • App डलते ही आपका device ठग की पहुँच में: ठग दूर बैठे आपकी जानकारी तक पहुँच जाता है और device पर पूरा control पा लेता है।[2]
  • OTP बताए बिना भी दिख सकता है: ठग screen sharing app के ज़रिए आपके device पर OTP देख लेता है।[2]
  • ऐसा app किसके कहने पर डालें: तभी, जब कंपनी की official website पर लिखे toll-free number से ऐसा कहा जाए। कंपनी का कोई कर्मचारी अपने निजी number से कहे, तो मत डालिए।[1]

ठगी कैसे होती है

CERT-In के मुताबिक ठग screen sharing app के ज़रिए आपके device पर OTP भी देख लेता है।

  • ठग किसी कंपनी का प्रतिनिधि बनकर आता है और आपकी दिक़्क़त सुलझाने का नाटक करता है।[2]
  • वह आपसे एक screen sharing app download करने को कहता है।[2]
  • App डलते ही ठग दूर बैठे आपकी जानकारी तक पहुँच जाता है और device पर पूरा control पा लेता है।[2]
  • फिर वह आपसे card का प्रकार, bank की जानकारी, UPI PIN या OTP जैसी चीज़ें type करवाता है, और उन्हें record कर लेता है।[2]
  • इसी जानकारी से वह आपके Internet banking या payment app के ज़रिए पैसा transfer कर लेता है या भुगतान कर देता है।[1]

मिलते-जुलते तरीक़े

RBI की पुस्तिका में ये तरीक़े अलग से दर्ज हैं:[1]

  • Link से आया नक़ली app: ठग SMS, email, social media या Instant Messenger से ऐसे app के link भेजते हैं, जो किसी असली संस्था के app जैसे दिखते हैं। ऐसा app डलते ही ठग को device की पूरी access मिल जाती है; इसमें device में रखी गोपनीय जानकारी, और app डलने से पहले या बाद में आए message और OTP भी शामिल हैं।
  • Search से मिला नक़ली customer care number: ग्राहक search engine पर customer care का number ढूँढता है। वहाँ दिखा number अक्सर उस संस्था का नहीं होता; ठग उसे ऐसा दिखाते हैं।

आम ग़लतफ़हमी

✕ ग़लतफ़हमी"मैंने OTP किसी को बताया ही नहीं, तो पैसा कैसे जा सकता है।"
✓ सचCERT-In के मुताबिक ठग screen sharing app के ज़रिए आपके device पर OTP ख़ुद देख लेता है।[2]
✕ ग़लतफ़हमी"Customer care वाले ने कहा है, तो app डालना ही पड़ेगा।"
✓ सचRBI की पुस्तिका के मुताबिक ऐसा app तभी डालिए, जब कंपनी की official website पर लिखे toll-free number से ऐसा कहा जाए। कंपनी का कोई कर्मचारी अपने निजी number से संपर्क करके कहे, तो मत डालिए।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"Search में जो customer care number दिखा, वह कंपनी का ही होगा।"
✓ सचज़रूरी नहीं। RBI के मुताबिक search engine पर दिखे number अक्सर उस संस्था के नहीं होते; ठग उन्हें ऐसा दिखाते हैं।[1] CERT-In भी कहता है कि search engine पर मिले customer support number पर call मत कीजिए; कंपनी की website पर दिया number इस्तेमाल कीजिए।[2]
✕ ग़लतफ़हमी"काम हो गया; अब app phone में पड़ा रहे, तो क्या हर्ज है।"
✓ सचRBI की पुस्तिका कहती है कि काम पूरा होते ही screen sharing app को अपने device से हटा दीजिए।[1]

आपका अधिकार

ठगी की कोशिश वाली call की report आप Chakshu पर कर सकते हैं। Report करने वाले नागरिक की जानकारी गोपनीय रखी जाती है।[3]
  • Chakshu पैसे की ठगी की शिकायत की जगह नहीं है। पैसा जा चुका हो, तो शिकायत 1930 या cybercrime.gov.in पर होती है।[3]

अभी क्या करें

  • किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई app मत डालिए।[1]
  • Customer care का number कंपनी की official website से ही लीजिए।[1]
  • किसी technical दिक़्क़त के लिए screen sharing app डालना ही पड़े, तो पहले अपने सारे payment apps से log out कर लीजिए या उन्हें deactivate कर दीजिए।[1]
  • काम पूरा होते ही वह app अपने device से हटा दीजिए।[1]
  • ठगी की कोशिश हुई, पर पैसा नहीं गया: Chakshu पर report कीजिए।[3]
  • पैसा कट गया: card block कराइए और उससे जुड़े खाते से debit भी रुकवाइए; Net banking और Mobile banking जैसे बाक़ी रास्ते भी जाँचिए। फिर 1930 पर call कीजिए या cybercrime.gov.in पर report कीजिए।[1]

सवाल-जवाब

Screen sharing और remote access में क्या फ़र्क़ है?RBI की पुस्तिका दोनों को एक ही शीर्षक में रखती है: "Frauds using screen sharing app / Remote access"। पुस्तिका में Remote Access का मतलब है ग्राहक को बहकाकर उसके mobile या computer में ऐसा app डलवाना, जो उस device पर मौजूद ग्राहक का सारा data देख सके।
क्या screen sharing app डालना हमेशा ग़लत है?नहीं। CERT-In के मुताबिक लोग इन्हें निजी और पेशेवर, दोनों तरह के काम में दूर से दिक़्क़त ठीक करने के लिए इस्तेमाल करते रहे हैं। RBI की पुस्तिका कहती है कि ऐसा app तभी डालिए, जब कंपनी की official website पर लिखे toll-free number से ऐसा कहा जाए।
ठग मेरा OTP कैसे देख लेता है?CERT-In के मुताबिक ठग पैसा अपने खाते में transfer करने के लिए SMS से OTP भिजवाता है, या screen sharing app के ज़रिए आपके device पर OTP देख लेता है।
कोई नया app डालते समय क्या देखें?RBI की पुस्तिका के मुताबिक app किसने बनाया है और उसकी user rating क्या है, यह देखिए। App आपके data की कौन-कौन सी permission माँग रहा है, जैसे contacts या photos, यह भी देखिए; सिर्फ़ वही permission दीजिए, जो app चलाने के लिए बिलकुल ज़रूरी हो।
App डाल दिया और पैसा कट गया, अब क्या करूँ?RBI की पुस्तिका के मुताबिक card block कराइए और उससे जुड़े खाते से debit भी रुकवाइए। Net banking और Mobile banking जैसे बाक़ी रास्ते भी जाँचिए। फिर 1930 पर call कीजिए या cybercrime.gov.in पर report कीजिए।
ऐसी call की report कहाँ करें?ठगी की कोशिश वाली call की report Sanchar Saathi के Chakshu पर होती है। पैसा जा चुका हो, तो 1930 पर call कीजिए या cybercrime.gov.in पर report कीजिए।

जुड़े शब्द

पूरा लेख: Screen-sharing access दे दी? अभी क्या बंद करें, किसे बताएं

स्रोत

  1. RBI — BE(A)WARE: A Booklet on Modus Operandi of Financial Fraudsters (पुस्तिका पर तारीख़ नहीं है; पन्ना संख्या पुस्तिका की है) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • Part A, 6 (पन्ना 8)ठग screen sharing app डलवाता है; mobile / laptop देख और चला सकता है; Internet banking / payment app से पैसा निकालता है
    • Part A, 6: Precautionsपहले payment apps से log out; official toll-free number से कहा जाए, तभी app; निजी number से कहे तो नहीं; काम के बाद app हटाना
    • Glossary: Remote Access (पन्ना 34)Remote Access का मतलब
    • Part A, 4 (पन्ना 6)link से आया नक़ली app और device की पूरी access; अनजान व्यक्ति के कहने पर app नहीं; बनाने वाला, rating और permission देखना
    • Part A, 8 (पन्ना 10)search engine पर दिखे नक़ली customer care number; number official website से लेना
    • Part C (पन्ना 27)ठगी के बाद: card block, खाते से debit रुकवाना, बाक़ी banking रास्ते जाँचना; 1930 या cybercrime.gov.in
  2. CERT-In — Advisory CIAD-2020-0003: Fraudulent Activity Using Screen Sharing Apps ↗जारी: 30 जन 2020किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • Descriptionscreen sharing app किस काम आते हैं; phone की पूरी access और control
    • How it worksकंपनी का प्रतिनिधि बनना; app download करवाना; card, bank, UPI PIN, OTP type करवाकर record करना; OTP देखना
    • Best practicessearch engine पर मिले customer support number पर call नहीं; कंपनी की website का number
  3. दूरसंचार विभाग (DoT) — Sanchar Saathi portal: पहला पन्ना, About और Frequently Asked Questions (Website Last Updated: 05-10-2026) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • About और FAQ: Chakshuठगी की कोशिश वाली call की report; पैसा जा चुका हो तो 1930 या cybercrime.gov.in; report करने वाले की जानकारी गोपनीय

सुधार का इतिहास

  • पन्ना बना। RBI की जागरूकता पुस्तिका BE(A)WARE, CERT-In की advisory CIAD-2020-0003 (30 जनवरी 2020) और Sanchar Saathi portal (5 अक्टूबर 2026 को update) से जाँचा।

पन्ना बना: 07 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 07 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।