आधार एक्ट, 2016 · Aadhaar number और UIDAI का क़ानून
एक लाइन में
Aadhaar Act, 2016 (Act No. 18 of 2016) वह क़ानून है, जिसके तहत Aadhaar number जारी होता है और केंद्र सरकार UIDAI की स्थापना करती है। इसमें enrolment, authentication, offline verification, लोगों की जानकारी की सुरक्षा और Aadhaar से जुड़े अपराधों की सज़ा के नियम हैं। इसका पूरा नाम The Aadhaar (Targeted Delivery of Financial and Other Subsidies, Benefits and Services) Act, 2016 है।
Act No.18 of 2016India Code
Act की तारीख़25 मार्च 2016Act का शीर्षक
Aadhaar number12 अंकधारा 3(4)
मंत्रालयMeitYMinistry of Electronics and Information Technology
1मतलब
Aadhaar Act, 2016 वह क़ानून है, जिसके तहत Aadhaar number जारी होता है।[1] इसकी धारा 11(1) के मुताबिक केंद्र सरकार notification से UIDAI की स्थापना करती है, और धारा 3(4) के मुताबिक Aadhaar number 12 अंकों का पहचान नंबर है।[1]
Enrolment: हर resident जानकारी देकर Aadhaar number ले सकता है (धारा 3)।[1]
इस्तेमाल: authentication और offline verification, व्यक्ति की सहमति से (धारा 8, 8A)।[1]
सुरक्षा: core biometric information किसी के साथ साझा नहीं (धारा 29)।[1]
सज़ा: Aadhaar से जुड़े अपराधों के नियम धारा 34 से 47 में।[1]
2Aadhaar Act कैसे काम करता है
Residentजानकारी और biometric देकर enrolment
Enrolment→धारा 3(1)
UIDAIजाँच के बाद Aadhaar number देता है
सहमति से जाँच→धारा 8(2), 8A(2)
Bank जैसी संस्थासहमति से authentication या offline verification
धारा 3 के मुताबिक हर resident अपनी जनसांख्यिकीय और biometric जानकारी देकर enrolment से Aadhaar number ले सकता है, और UIDAI जानकारी जाँचकर Aadhaar number देता है। धारा 8 और 8A के मुताबिक कोई संस्था authentication या offline verification से पहले व्यक्ति की सहमति (बच्चे के मामले में माता-पिता या अभिभावक की) लेती है।
3आम ग़लतफ़हमी
✕ ग़लतफ़हमी"Aadhaar नागरिकता का सबूत है।"
✓ सचनहीं। धारा 9 के मुताबिक Aadhaar number या उसका authentication अपने आप में न नागरिकता (citizenship) या अधिवास (domicile) का कोई अधिकार देता है, न उसका सबूत है।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"मेरी उँगलियों के निशान और आँख का scan कोई भी संस्था माँगकर ले सकती है।"
✓ सचनहीं। धारा 2(j) के मुताबिक उँगलियों के निशान और iris scan 'core biometric information' हैं। धारा 29(1) के मुताबिक इसे किसी के साथ किसी भी कारण से साझा नहीं किया जा सकता, और इसका इस्तेमाल सिर्फ़ Aadhaar number बनाने और authentication के लिए होता है। धारा 8(4) के मुताबिक authentication के जवाब में भी UIDAI core biometric information नहीं देता।[1]
4सवाल-जवाब
Aadhaar Act का पूरा नाम क्या है?The Aadhaar (Targeted Delivery of Financial and Other Subsidies, Benefits and Services) Act, 2016 (धारा 1(1))।[1]
यह क़ानून कब से लागू है?India Code के पाठ में धारा 1(3) के फ़ुटनोट के मुताबिक धारा 11 से 20, 22, 23 और 48 से 59, 12 जुलाई 2016 से, और धारा 1 से 10 और 24 से 47, 12 सितंबर 2016 से लागू हुईं।[1]
Aadhaar number कौन ले सकता है?धारा 3(1) के मुताबिक हर resident enrolment से Aadhaar number ले सकता है। धारा 2(v) के मुताबिक resident वह व्यक्ति है, जो enrolment की अर्ज़ी से ठीक पहले के 12 महीनों में कुल 182 दिन या उससे ज़्यादा भारत में रहा हो।[1]
क्या कोई संस्था Aadhaar authentication न कराने पर सेवा मना कर सकती है?धारा 4(3) के मुताबिक Aadhaar number holder पहचान के लिए अपनी मर्ज़ी से Aadhaar का इस्तेमाल कर सकता है। ऐसी request पर धारा 4(6) के मुताबिक requesting entity को पहचान के दूसरे उपाय बताने होते हैं, और authentication से इनकार करने या न करा पाने पर वह कोई सेवा मना नहीं कर सकती। धारा 4(7) के मुताबिक किसी सेवा के लिए authentication तभी ज़रूरी होता है, जब Parliament का बनाया कोई क़ानून ऐसा कहे।[1]
क्या मैं देख सकता हूँ कि मेरा Aadhaar authentication कब हुआ?हाँ। धारा 32(2) के मुताबिक हर Aadhaar number holder अपना authentication record ले सकता है। धारा 32(3) के मुताबिक UIDAI authentication का मक़सद (purpose) दर्ज नहीं रखता।[1]
Aadhaar से जुड़ी धोखाधड़ी पर क्या सज़ा है?जैसे, धारा 34 के मुताबिक enrolment के समय ग़लत जानकारी देकर किसी और का रूप धरने पर तीन साल तक की जेल या ₹10,000 तक जुर्माना या दोनों; धारा 37 के मुताबिक enrolment या authentication में मिली पहचान की जानकारी बिना अधिकार किसी को देने पर भी यही सज़ा (company पर ₹1 लाख तक जुर्माना); और धारा 38 के मुताबिक बिना अधिकार CIDR (Central Identities Data Repository) में घुसने या उसका data निकालने पर दस साल तक की जेल और कम से कम ₹10 लाख जुर्माना।[1]
इन अपराधों की शिकायत कौन कर सकता है?धारा 47(1) के मुताबिक court UIDAI या उसके अधिकृत अधिकारी की शिकायत पर ही कार्रवाई करता है; पर धारा 34, 35, 36, 37, 40 या 41 वाले मामलों में Aadhaar number holder या कोई व्यक्ति भी शिकायत कर सकता है। धारा 47(2) के मुताबिक ये मामले Chief Metropolitan Magistrate या Chief Judicial Magistrate से नीचे की court में नहीं चलते।[1]
बच्चे का Aadhaar 18 साल के बाद रद्द कराया जा सकता है?हाँ। धारा 3A(2) के मुताबिक Aadhaar वाला बच्चा 18 साल का होने के छह महीने के अंदर अपना Aadhaar number रद्द कराने की अर्ज़ी UIDAI को दे सकता है, और UIDAI उसे रद्द करेगा।[1]
शीर्षक, धारा 1नाम; Act No. 18 of 2016; 25 मार्च 2016
धारा 1(3), फ़ुटनोट12 जुलाई 2016 और 12 सितंबर 2016 से लागू धाराएँ
धारा 2(j), 2(v)core biometric information; resident
धारा 3, 3A(2)enrolment; 12 अंक; 18 के बाद रद्द कराना
धारा 4(3), (6), (7)मर्ज़ी से इस्तेमाल; सेवा मना नहीं; ज़रूरी authentication
धारा 8, 8Aauthentication; offline verification; सहमति
धारा 9नागरिकता का सबूत नहीं
धारा 11(1)UIDAI की स्थापना
धारा 29(1), 32core biometric साझा नहीं; authentication record
धारा 34, 37, 38, 47सज़ा; शिकायत; court
India Code पन्नाAdministered Ministry: MeitY
7सुधार का इतिहास
पन्ना बना। India Code पर Aadhaar Act, 2016 के पाठ ("As on the 1st July, 2026") की धारा 1, 1(3) का फ़ुटनोट, 2(j), 2(v), 3, 3A(2), 4, 8, 8A, 9, 11(1), 29, 32, 34, 37, 38 और 47 से जाँचा।