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शब्द · भुगतान✓ स्रोत से जाँचा · 10 Oct 2026

Payment Aggregator

पेमेंट एग्रीगेटर · दुकानदार के लिए भुगतान इकट्ठा करके उसे देने वाली संस्था

एक लाइन में

Payment Aggregator (PA) वह संस्था है, जो ग्राहकों से दुकानदारों को होने वाले भुगतान इकट्ठा करती है और फिर वह रक़म दुकानदार को देती है। RBI के नियमों के मुताबिक bank के अलावा किसी संस्था को यह काम करने के लिए RBI से authorisation लेना होता है।

कामभुगतान इकट्ठा करके settleग्राहक से दुकानदार तक
Non-bank PA कोRBI authorisationbank को अलग authorisation नहीं चाहिए
Refundउसी तरीक़े मेंजिससे भुगतान हुआ था, जब तक आप ख़ुद कुछ और न कहें
कीमत के अलावा chargeभुगतान से पहले दिखेअलग से, साफ़-साफ़

मतलब

RBI के निर्देशों के मुताबिक Payment Aggregator (PA) वह संस्था है, जो सामान, सेवा या निवेश के लिए ग्राहकों से दुकानदारों (merchants) को होने वाले भुगतान, दुकानदार के physical या virtual interface के ज़रिए, एक या ज़्यादा payment channels से इकट्ठा करती है, और फिर वह रक़म दुकानदारों को settle करती है।[1]

RBI ने इसके लिए 15 सितंबर 2025 को Master Direction जारी किया, जो Payment and Settlement Systems Act, 2007 और FEMA, 1999 के तहत है। यह उसी दिन से लागू है, सिवाय उन प्रावधानों के जिनकी अलग तारीख़ दी गई है।[1]

इसका मतलब आपके लिए क्या है

  • ग्राहक हैं: कीमत के अलावा दुकानदार कोई charge ले रहा हो, तो PA को वह भुगतान से पहले आपको अलग से साफ़ दिखाना होता है। Refund उसी तरीक़े में आता है जिससे आपने भुगतान किया था।[1]
  • दुकानदार हैं: PA आपको रक़म कब देगा, यह आपके और PA के समझौते में साफ़ लिखा होना चाहिए।[1]

कैसे काम करता है

Non-bank PA दुकानदारों की ओर से इकट्ठा रक़म किसी Scheduled Commercial Bank में अलग escrow खाते में रखता है।

  • PA सिर्फ़ उन्हीं दुकानदारों के लिए रक़म इकट्ठा कर सकता है, जिनसे उसका अनुबंध है। वह ख़ुद marketplace का कारोबार नहीं कर सकता।[1]
  • Bank को PA का काम करने के लिए अलग authorisation नहीं चाहिए; non-bank संस्था को RBI से authorisation लेना होता है।[1]

PA के प्रकार

  • PA – Physical (PA-P): भुगतान के समय acceptance device और payment instrument पास-पास मौजूद होते हैं।[1]
  • PA – Online (PA-O): device और payment instrument पास-पास मौजूद नहीं होते।[1]
  • PA – Cross Border (PA-CB): FEMA के तहत मना न किए गए current account transactions (लेनदेन) के सीमा-पार भुगतान e-commerce के ज़रिए इकट्ठा करता है।[1]

Payment Gateway से फ़र्क़

  • Payment Gateway (PG): सिर्फ़ तकनीकी ढाँचा देता है, जिससे भुगतान route और process होता है। पैसे सँभालने में इसकी कोई भूमिका नहीं होती, और यह RBI के इन PA निर्देशों के दायरे में नहीं आता।[1]
  • Payment Aggregator: भुगतान की रक़म इकट्ठा करके दुकानदार को देता है। PA, किसी PG की सेवा ले सकता है।[1]

आम ग़लतफ़हमी

✕ ग़लतफ़हमी"Payment Aggregator और Payment Gateway एक ही चीज़ हैं।"
✓ सचनहीं। RBI के मुताबिक Payment Gateway सिर्फ़ तकनीकी ढाँचा देता है, जिससे भुगतान route और process होता है; पैसे सँभालने में उसकी कोई भूमिका नहीं होती। PA भुगतान इकट्ठा करके दुकानदार को settle करता है।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"PA किसी भी payment तरीक़े पर अपनी तरफ़ से रक़म की सीमा लगा देता है।"
✓ सचनहीं। RBI के मुताबिक PA किसी payment तरीक़े पर लेनदेन की रक़म की सीमा नहीं लगा सकता। यह ज़िम्मेदारी card या दूसरा payment instrument जारी करने वाले bank या संस्था की है।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"Refund किसी भी तरीक़े से भेजा जा सकता है।"
✓ सचनहीं। RBI के मुताबिक हर refund उसी तरीक़े में जाता है जिससे भुगतान हुआ था, जब तक भुगतान करने वाला ख़ुद अपने किसी दूसरे तरीक़े में refund न माँगे।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"Online card भुगतान के page पर ATM PIN माँगा जाए, तो कोई बात नहीं।"
✓ सचसावधान रहिए। RBI के मुताबिक PA, card-not-present लेनदेन (जिसमें card सामने मौजूद नहीं होता, जैसे online भुगतान) में ATM PIN को authentication का विकल्प नहीं दे सकता।[1]

आपका अधिकार

कीमत के अलावा दुकानदार जो भी charge ले रहा है, वह PA को भुगतान से पहले आपको अलग से साफ़ दिखाना होता है।[1]
  • हर refund उसी तरीक़े में आता है जिससे भुगतान हुआ था, जब तक आप ख़ुद अपने किसी दूसरे तरीक़े में refund न माँगें।[1]
  • PA को भुगतान से जुड़े विवाद सुलझाने का तंत्र रखना होता है, जिसमें refund की समय-सीमा भी हो।[1]

अभी क्या करें

  • भुगतान से पहले page पर कुल रक़म और अलग से दिखाए गए charge देख लीजिए।[1]
  • Online card भुगतान में ATM PIN माँगा जाए, तो सावधान रहिए: नियम के मुताबिक PA ऐसे लेनदेन में ATM PIN का विकल्प नहीं दे सकता।[1]
  • दुकानदार हैं, तो PA के समझौते में settlement का समय, refund और शिकायत का तरीक़ा पढ़िए, और PA की website पर शिकायत अधिकारी व escalation matrix देखिए।[1]

सवाल-जवाब

Payment Aggregator के कितने प्रकार हैं?RBI के 2025 के निर्देशों में तीन: PA – Physical (PA-P), जहाँ भुगतान के समय acceptance device और payment instrument पास-पास मौजूद हों; PA – Online (PA-O), जहाँ वे पास-पास न हों; और PA – Cross Border (PA-CB), जो FEMA के तहत मना न किए गए current account transactions (लेनदेन) के सीमा-पार भुगतान e-commerce के ज़रिए इकट्ठा करता है।
क्या bank भी Payment Aggregator हो सकता है?हाँ। RBI के निर्देश bank और non-bank दोनों तरह की संस्थाओं पर लागू होते हैं। Bank को PA का काम करने के लिए अलग authorisation नहीं चाहिए। Non-bank को RBI से authorisation लेना होता है, और उसे भारत में Companies Act, 2013 के तहत बनी company होना चाहिए।
दुकानदार को पैसा कब मिलता है?RBI के मुताबिक escrow खाते से दुकानदार के खाते में रक़म PA और दुकानदार के बीच हुए समझौते के मुताबिक जाती है। यह समझौता उचित और बराबरी वाला होना चाहिए, और उसमें settlement का समय साफ़ लिखा होना चाहिए।
दुकानदार को PA से शिकायत हो, तो क्या करे?RBI के मुताबिक PA को दुकानदारों की बात सुनने के लिए एक अधिकारी और शिकायत आगे ले जाने का escalation matrix रखना होता है, और इनकी जानकारी अपनी website पर साफ़ दिखानी होती है।
क्या PA दुकानदार का MDR तय करता है?RBI के निर्देशों में PA से कहा गया है कि MDR से जुड़े मौजूदा निर्देशों का पालन हो। MDR क्या है और UPI में कितना है, यह MDR वाले पन्ने पर है।

जुड़े शब्द

स्रोत

  1. RBI — Master Direction on Regulation of Payment Aggregator (PA): Reserve Bank of India (Regulation of Payment Aggregators) Directions, 2025 (RBI/DPSS/2025-26/141; CO.DPSS.POLC.No.S-633/02-14-008/2025-26), PDF ↗जारी: 15 सित 2025 · लागू: 15 सित 2025किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 3(a)bank और non-bank दोनों तरह की PA संस्थाओं पर लागू
    • पैरा 4(i)PA की परिभाषा; तीन प्रकार: PA-P, PA-CB, PA-O
    • पैरा 4(j), 10(g), 10(h)Payment Gateway सिर्फ़ तकनीकी ढाँचा, पैसे नहीं सँभालता; इन निर्देशों के दायरे से बाहर; PA, PG की सेवा ले सकता है
    • पैरा 5(a), (b), (c)bank को authorisation नहीं चाहिए; non-bank को RBI से authorisation; Companies Act, 2013 के तहत company
    • पैरा 8(a), (d)भुगतान के विवाद सुलझाने का तंत्र; दुकानदारों के लिए अधिकारी और escalation matrix website पर
    • पैरा 10(a), (b), (c)सिर्फ़ अनुबंध वाले दुकानदार; marketplace का कारोबार नहीं; MDR निर्देश; कीमत के अलावा charge भुगतान से पहले अलग से दिखे
    • पैरा 10(d), (e), (f)रक़म की सीमा PA नहीं लगाता; card-not-present में ATM PIN का विकल्प नहीं; refund उसी तरीक़े में
    • पैरा 16(a), Table 1non-bank PA की रक़म Scheduled Commercial Bank में escrow खाते में; दुकानदार को settlement समझौते के मुताबिक, समय साफ़ लिखा हो

सुधार का इतिहास

  • पन्ना बना। RBI के Master Direction on Regulation of Payment Aggregator (15 सितंबर 2025) से जाँचा। RBI की Master Directions सूची में आज तक इसका कोई नया version नहीं दिखा।

पन्ना बना: 10 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 10 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।