1मतलब
RBI के निर्देशों के मुताबिक Payment Aggregator (PA) वह संस्था है, जो सामान, सेवा या निवेश के लिए ग्राहकों से दुकानदारों (merchants) को होने वाले भुगतान, दुकानदार के physical या virtual interface के ज़रिए, एक या ज़्यादा payment channels से इकट्ठा करती है, और फिर वह रक़म दुकानदारों को settle करती है।[1]
RBI ने इसके लिए 15 सितंबर 2025 को Master Direction जारी किया, जो Payment and Settlement Systems Act, 2007 और FEMA, 1999 के तहत है। यह उसी दिन से लागू है, सिवाय उन प्रावधानों के जिनकी अलग तारीख़ दी गई है।[1]
2इसका मतलब आपके लिए क्या है
- ग्राहक हैं: कीमत के अलावा दुकानदार कोई charge ले रहा हो, तो PA को वह भुगतान से पहले आपको अलग से साफ़ दिखाना होता है। Refund उसी तरीक़े में आता है जिससे आपने भुगतान किया था।[1]
- दुकानदार हैं: PA आपको रक़म कब देगा, यह आपके और PA के समझौते में साफ़ लिखा होना चाहिए।[1]
3कैसे काम करता है
Non-bank PA दुकानदारों की ओर से इकट्ठा रक़म किसी Scheduled Commercial Bank में अलग escrow खाते में रखता है।
- PA सिर्फ़ उन्हीं दुकानदारों के लिए रक़म इकट्ठा कर सकता है, जिनसे उसका अनुबंध है। वह ख़ुद marketplace का कारोबार नहीं कर सकता।[1]
- Bank को PA का काम करने के लिए अलग authorisation नहीं चाहिए; non-bank संस्था को RBI से authorisation लेना होता है।[1]
4PA के प्रकार
- PA – Physical (PA-P): भुगतान के समय acceptance device और payment instrument पास-पास मौजूद होते हैं।[1]
- PA – Online (PA-O): device और payment instrument पास-पास मौजूद नहीं होते।[1]
- PA – Cross Border (PA-CB): FEMA के तहत मना न किए गए current account transactions (लेनदेन) के सीमा-पार भुगतान e-commerce के ज़रिए इकट्ठा करता है।[1]
5Payment Gateway से फ़र्क़
- Payment Gateway (PG): सिर्फ़ तकनीकी ढाँचा देता है, जिससे भुगतान route और process होता है। पैसे सँभालने में इसकी कोई भूमिका नहीं होती, और यह RBI के इन PA निर्देशों के दायरे में नहीं आता।[1]
- Payment Aggregator: भुगतान की रक़म इकट्ठा करके दुकानदार को देता है। PA, किसी PG की सेवा ले सकता है।[1]
6आम ग़लतफ़हमी
7आपका अधिकार
- हर refund उसी तरीक़े में आता है जिससे भुगतान हुआ था, जब तक आप ख़ुद अपने किसी दूसरे तरीक़े में refund न माँगें।[1]
- PA को भुगतान से जुड़े विवाद सुलझाने का तंत्र रखना होता है, जिसमें refund की समय-सीमा भी हो।[1]
8अभी क्या करें
- भुगतान से पहले page पर कुल रक़म और अलग से दिखाए गए charge देख लीजिए।[1]
- Online card भुगतान में ATM PIN माँगा जाए, तो सावधान रहिए: नियम के मुताबिक PA ऐसे लेनदेन में ATM PIN का विकल्प नहीं दे सकता।[1]
- दुकानदार हैं, तो PA के समझौते में settlement का समय, refund और शिकायत का तरीक़ा पढ़िए, और PA की website पर शिकायत अधिकारी व escalation matrix देखिए।[1]
9सवाल-जवाब
10जुड़े शब्द
11स्रोत
- RBI — Master Direction on Regulation of Payment Aggregator (PA): Reserve Bank of India (Regulation of Payment Aggregators) Directions, 2025 (RBI/DPSS/2025-26/141; CO.DPSS.POLC.No.S-633/02-14-008/2025-26), PDF ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 3(a)bank और non-bank दोनों तरह की PA संस्थाओं पर लागू
- पैरा 4(i)PA की परिभाषा; तीन प्रकार: PA-P, PA-CB, PA-O
- पैरा 4(j), 10(g), 10(h)Payment Gateway सिर्फ़ तकनीकी ढाँचा, पैसे नहीं सँभालता; इन निर्देशों के दायरे से बाहर; PA, PG की सेवा ले सकता है
- पैरा 5(a), (b), (c)bank को authorisation नहीं चाहिए; non-bank को RBI से authorisation; Companies Act, 2013 के तहत company
- पैरा 8(a), (d)भुगतान के विवाद सुलझाने का तंत्र; दुकानदारों के लिए अधिकारी और escalation matrix website पर
- पैरा 10(a), (b), (c)सिर्फ़ अनुबंध वाले दुकानदार; marketplace का कारोबार नहीं; MDR निर्देश; कीमत के अलावा charge भुगतान से पहले अलग से दिखे
- पैरा 10(d), (e), (f)रक़म की सीमा PA नहीं लगाता; card-not-present में ATM PIN का विकल्प नहीं; refund उसी तरीक़े में
- पैरा 16(a), Table 1non-bank PA की रक़म Scheduled Commercial Bank में escrow खाते में; दुकानदार को settlement समझौते के मुताबिक, समय साफ़ लिखा हो
12सुधार का इतिहास
- पन्ना बना। RBI के Master Direction on Regulation of Payment Aggregator (15 सितंबर 2025) से जाँचा। RBI की Master Directions सूची में आज तक इसका कोई नया version नहीं दिखा।
पन्ना बना: 10 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 10 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।

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