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शब्द · भुगतान✓ स्रोत से जाँचा · 7 Oct 2026

Acquiring bank

Acquirer · दुकानदार की तरफ़ का bank

एक लाइन में

Acquiring bank दुकानदार की तरफ़ का bank है, जो उसे card या UPI जैसे digital भुगतान लेने की सुविधा देता है। दुकानदार MDR इसी को देता है।

किसकी तरफ़ का bankदुकानदार कीcard या wallet जारी करने वाला 'issuer' कहलाता है
MDR किसे मिलता हैAcquiring bankदुकानदार से लिया जाता है
₹3,000 के UPI भुगतान पर₹12MDR, जो दुकानदार अपने acquiring bank को देता है
ग्राहक से MDRनहींUPI में दुकानदार इसे ग्राहक से नहीं वसूल सकता

मतलब

Acquiring bank वह bank है, जो दुकानदार को digital भुगतान लेने की सुविधा देता है। RBI के एक चर्चा-पत्र के मुताबिक payment acquirer वे bank या non-bank संस्थाएँ हैं, जो payment instrument से भुगतान लेना संभव बनाती हैं और दुकानदार तक रक़म का settlement कराती हैं।[1]

दुकानदार को होने वाले भुगतान में तीन मुख्य सेवा देने वाले होते हैं: payment instrument जारी करने वाला (issuer), acquirer, और payment system चलाने वाला, जैसे card network या NPCI।[1]

इसका मतलब आपके लिए क्या है

  • दुकानदार हैं: जो bank आपको digital भुगतान लेने की सुविधा देता है, वही आपका acquiring bank है। MDR आप इसी को देते हैं।[2]
  • ग्राहक हैं: UPI में दुकानदार MDR आपसे नहीं वसूल सकता। आप सिर्फ़ लिखी हुई कीमत देते हैं।[3]

Acquiring bank क्या करता है

  • दुकानदार के लिए payment instrument से भुगतान लेना संभव बनाता है।[1]
  • रक़म का settlement कराता है: सीधे दुकानदार को, या किसी intermediary (payment aggregator या payment gateway) को, जब दुकानदार उसके ज़रिए जुड़ा हो।[1]
  • दुकानदार से MDR लेता है। यह रक़म भुगतान में सेवा देने वालों और intermediaries में बँटती है।[1]
  • UPI में P2PM श्रेणी के दुकानदारों पर नज़र रखता है कि महीने में ₹1 लाख से ज़्यादा तो नहीं आ रहा। लगातार 3 महीने ₹1 लाख से ऊपर आए, तो दुकानदार की श्रेणी P2M हो जाती है।[3]

MDR और acquiring bank

MDR आम तौर पर settlement के समय, दुकानदार को मिलने वाली रक़म में से घटाकर लिया जाता है।

  • RBI की glossary के मुताबिक MDR वह fees है, जो merchant अपने acquiring bank को digital भुगतान लेने के लिए देता है।[2]
  • UPI में 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से ऊपर के P2M भुगतान पर 0.4% MDR है। NPCI का उदाहरण: ₹3,000 के भुगतान पर ₹12, जो दुकानदार अपने acquiring bank को देता है।[3]
  • छोटे दुकानदारों को UPI से जोड़ने के लिए acquiring banks और payment aggregators को एक प्रस्तावित fund से मदद देने की बात है। इसका ढाँचा RBI से सलाह करके तय होना है।[3]

आम ग़लतफ़हमी

✕ ग़लतफ़हमी"Acquiring bank ग्राहक का bank होता है।"
✓ सचनहीं। यह दुकानदार की तरफ़ का bank है। RBI की glossary के मुताबिक MDR वह fees है, जो merchant अपने acquiring bank को digital भुगतान लेने के लिए देता है।[2]
✕ ग़लतफ़हमी"MDR ग्राहक को देना पड़ता है।"
✓ सचनहीं। MDR दुकानदार अपने acquiring bank को देता है।[2] UPI में दुकानदार इसे ग्राहक से नहीं वसूल सकता।[3]
✕ ग़लतफ़हमी"Acquirer हमेशा bank ही होता है।"
✓ सचज़रूरी नहीं। RBI के चर्चा-पत्र के मुताबिक payment acquirer bank भी हो सकता है और non-bank संस्था भी।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"पूरा MDR acquiring bank अपने पास रख लेता है।"
✓ सचनहीं। RBI के चर्चा-पत्र के मुताबिक acquirer का लिया हुआ MDR भुगतान में सेवा देने वालों (acquirer समेत) और intermediaries में बँटता है।[1]

आपका अधिकार

UPI में दुकानदार MDR ग्राहक से नहीं वसूल सकता। ग्राहक सिर्फ़ लिखी हुई कीमत देता है।[3]
  • P2PM श्रेणी के छोटे दुकानदार पर ₹2,000 से ऊपर का भुगतान आने पर भी MDR नहीं लगता।[3]

अभी क्या करें

  • दुकानदार हैं, तो अपने acquiring bank से पूछ लीजिए कि आपका खाता P2PM श्रेणी में है या P2M में। यह श्रेणी वही देखता है।[3]
  • ग्राहक हैं और बिल में UPI का charge अलग से जोड़ा जाए, तो याद रखिए: दुकानदार MDR आपसे नहीं वसूल सकता।[3]
  • UPI भुगतान की शिकायत हो, तो अपने bank से कीजिए। NPCI भी शिकायत उसी bank को देता है, जहाँ शिकायत करने वाले का खाता है, और उसे सुलझाने की ज़िम्मेदारी उसी bank की है।[4]

सवाल-जवाब

Issuer और acquirer में क्या फ़र्क़ है?Issuer वह bank या non-bank संस्था है जो card या wallet जैसा payment instrument जारी करती है। Acquirer वह है जो दुकानदार के लिए उस instrument से भुगतान लेना संभव बनाता है। तीन पक्षों वाली card व्यवस्था में issuer और acquirer एक ही होते हैं।
क्या payment aggregator ही acquiring bank है?RBI के चर्चा-पत्र के मुताबिक payment aggregator और payment gateway 'intermediaries' हैं, जो दुकानदारों को जोड़ने के ढाँचे का हिस्सा हैं। Acquirer रक़म सीधे दुकानदार को देता है, या ऐसे intermediary को, जब दुकानदार उसके ज़रिए जुड़ा हो।
UPI में दुकानदार को MDR कब से और कितना देना है?NPCI के मुताबिक 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से ऊपर के P2M भुगतान पर 0.4% MDR लगेगा। ₹75,000 और उससे ऊपर के भुगतान पर यह अधिकतम ₹300 है। ₹2,000 तक के भुगतान पर MDR नहीं है।
क्या दुकानदार को QR या soundbox बदलना होगा?नहीं। NPCI के मुताबिक मौजूदा QR और soundbox पहले की तरह चलते रहेंगे। इसके लिए bank की शाखा जाने या software बदलने की ज़रूरत नहीं।

जुड़े शब्द

MDRP2MP2PMUPINPCIRBIPayment Aggregator · जल्द

पूरा लेख: 15 अक्टूबर से UPI महँगा हो जाएगा? नहीं

स्रोत

  1. RBI — Discussion Paper on Charges in Payment Systems (चर्चा-पत्र है, नियम नहीं; राय देने की आख़िरी तारीख़ 3 अक्टूबर 2022 थी) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 5.3merchant payment में तीन मुख्य सेवा देने वाले: issuer, acquirer और payment system चलाने वाला; card और UPI में; तीन पक्षों वाली card व्यवस्था में issuer और acquirer एक
    • पैरा 5.4 (ii), (iii)issuer और acquirer कौन हैं; bank या non-bank; acquirer भुगतान लेना संभव बनाता है और settlement कराता है
    • पैरा 5.4 (iv)payment aggregator और payment gateway intermediaries हैं
    • पैरा 6.3 (i)MDR acquirer दुकानदार से लेता है; आम तौर पर settlement के समय घटता है; कई पक्षों में बँटता है
  2. RBI — Glossary of Common Terms related to Payment Systems ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • MDRMDR वह fees है जो merchant अपने acquiring bank को digital भुगतान लेने के लिए देता है
  3. NPCI — Merchant Discount Rate (MDR) on Select UPI (P2M) Transactions, FAQs, 15 September 2026 ↗जारी: 15 सित 2026 · लागू: 15 अक्तू 2026किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • Q35₹3,000 के भुगतान पर ₹12 MDR, जो दुकानदार अपने acquiring bank को देता है
    • Q34दुकानदार MDR ग्राहक से नहीं वसूल सकता; ग्राहक लिखी हुई कीमत देता है
    • Q29acquiring bank P2PM दुकानदारों की ₹1 लाख महीने की सीमा पर नज़र रखते हैं; लगातार 3 महीने ऊपर हो तो श्रेणी P2M
    • Q26P2PM दुकानदार पर ₹2,000 से ऊपर के भुगतान पर भी MDR नहीं
    • Q5, Q31, Q3215 अक्टूबर 2026 से; ₹2,000 से ऊपर 0.4%; ₹75,000 और ऊपर अधिकतम ₹300
    • Q25मौजूदा QR और soundbox बदलने की ज़रूरत नहीं
    • Q9छोटे दुकानदारों को जोड़ने के लिए acquiring banks और payment aggregators को प्रस्तावित fund से मदद
  4. NPCI — UPI Dispute Redressal Mechanism (पन्ने पर तारीख़ नहीं है) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • DisclaimerNPCI शिकायत उस bank को देता है जहाँ शिकायत करने वाले का खाता है; सुलझाने की ज़िम्मेदारी उसी की

सुधार का इतिहास

  • पन्ना बना। RBI के चर्चा-पत्र (Charges in Payment Systems), RBI की glossary, NPCI के MDR FAQ (15 सितंबर 2026) और NPCI के शिकायत वाले पन्ने से जाँचा।

पन्ना बना: 07 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 07 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।