इस श्रेणी पर MDR₹0रक़म चाहे ₹2,000 से ऊपर हो
महीने की सीमा₹1 लाखUPI QR से आने वाली रक़म
GST registrationज़रूरी नहींइस श्रेणी में रहने के लिए
श्रेणी कब बदलेगी3 महीनेलगातार ₹1 लाख से ऊपर आने पर
1मतलब
P2PM यानी Person-to-Person-Merchant। यह NPCI की बनाई एक श्रेणी है, उन छोटे दुकानदारों के लिए जो UPI QR से भुगतान सीधे अपने निजी bank खाते में लेते हैं। इस श्रेणी पर MDR शून्य है।[1]
2इसका मतलब आपके लिए क्या है
- छोटे दुकानदार हैं: UPI QR से महीने में ₹1 लाख तक आता है, तो UPI भुगतान लेने पर आपसे MDR नहीं कटेगा। भुगतान ₹2,000 से ऊपर का हो, तब भी नहीं।[1]
- ग्राहक हैं: छोटी दुकान या ठेले पर QR से भुगतान करने पर आपसे कुछ नहीं लगता।
3कैसे काम करता है
ग्राहकUPI QR से भुगतान
₹3,000पूरा बिल
छोटा दुकानदारP2PM श्रेणी
₹0MDR
दुकानदार का bankacquiring bank
उदाहरण के लिए ₹3,000 का बिल लिया है। P2PM दुकानदार पर इस भुगतान का MDR ₹0 है।
- UPI QR से महीने में ₹1 लाख तक आता है, तो दुकानदार P2PM श्रेणी में रहता है।[1]
- ₹2,000 से ऊपर का भुगतान आने पर भी P2PM दुकानदार पर MDR नहीं लगता।
- इसके लिए GST registration ज़रूरी नहीं।
- UPI से आने वाली रक़म लगातार 3 महीने ₹1 लाख से ऊपर रही, तो दुकानदार P2M श्रेणी में गिना जाएगा।
4आम ग़लतफ़हमी
✕ ग़लतफ़हमी"₹2,000 से ऊपर का भुगतान लिया तो छोटे दुकानदार पर भी MDR लगेगा।"
✓ सचनहीं। MDR दुकानदार की श्रेणी से तय होता है। P2PM दुकानदार पर ₹2,000 से ऊपर के भुगतान पर भी MDR नहीं लगता।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"शून्य MDR के लिए GST registration कराना होगा।"
✓ सचनहीं। P2PM श्रेणी के लिए GST registration ज़रूरी नहीं है।[1]
5आपका अधिकार
P2PM श्रेणी के दुकानदार पर MDR शून्य रखना अनिवार्य है। NPCI के FAQ के शब्द हैं "mandatory zero-MDR"।[1]
6अभी क्या करें
- अपने bank या payment app से लिखित में पूछ लीजिए कि आपका खाता P2PM श्रेणी में है या P2M में।
- UPI से हर महीने कितना आ रहा है, इस पर नज़र रखिए। रक़म लगातार 3 महीने ₹1 लाख से ऊपर रही, तो श्रेणी P2M हो जाएगी।
- कोई कहे कि QR या soundbox बदलना ज़रूरी है और पैसे माँगे, तो पहले अपने bank से पूछिए। FAQ के मुताबिक मौजूदा QR बदलने की ज़रूरत नहीं है।
7सवाल-जवाब
गाँव या छोटे क़स्बे की दुकान पर भी यही नियम है?हाँ। P2PM दुकानदार पर MDR शून्य है, दुकान गाँव में हो या शहर में।
bank को कैसे पता चलेगा कि दुकानदार P2PM में है?bank हर महीने UPI से आने वाली रक़म देखता है। ₹1 लाख की सीमा इसी से जाँची जाती है।
दुकानदार को अपना QR बदलना होगा?नहीं। मौजूदा QR और soundbox वैसे ही चलते रहेंगे।
8जुड़े शब्द
पूरा लेख: 15 अक्टूबर से UPI महँगा हो जाएगा? नहीं
9स्रोत
- NPCI — Merchant Discount Rate (MDR) on Select UPI (P2M) Transactions, FAQs, 15 September 2026 ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- Q24NPCI की बनाई श्रेणी; भुगतान सीधे दुकानदार के निजी bank खाते में; शून्य MDR अनिवार्य
- Q23, Q24UPI QR से महीने में ₹1 लाख तक आने पर MDR शून्य
- Q26₹2,000 से ऊपर का भुगतान आने पर भी P2PM दुकानदार पर MDR नहीं; MDR श्रेणी से तय होता है
- Q28GST registration ज़रूरी नहीं
- Q29bank महीने की रक़म देखता है; लगातार 3 महीने ₹1 लाख से ऊपर आने पर श्रेणी P2M
- Q25मौजूदा QR और soundbox बदलने की ज़रूरत नहीं
- Q30गाँव और क़स्बों में भी P2PM दुकानदार पर MDR शून्य
- Q19QR scan करना ग्राहक के लिए मुफ़्त
10सुधार का इतिहास
- स्रोत के साथ FAQ के सवाल-नंबर जोड़े। "इसका मतलब आपके लिए क्या है" और "अभी क्या करें" हिस्से जोड़े।
- पन्ना बना। NPCI के FAQ (15 सितंबर 2026) से जाँचा।
पन्ना बना: 06 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 06 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।