1मतलब
QR का पूरा नाम Quick Response है। RBI की पुस्तिका के मुताबिक QR code एक तरह का दो-आयामी bar code है: सफ़ेद पृष्ठभूमि पर चौकोर जाली में बने काले चौकोर। Smartphone के camera जैसे imaging device इसे पढ़ सकते हैं।[1]
QR code में पैसा पाने वाले की जानकारी होती है। इसका इस्तेमाल दुकान पर mobile से भुगतान कराने के लिए होता है, जिसमें रकम ग्राहक के खाते से कटती है।[1]
2इसका मतलब आपके लिए क्या है
- Scan भुगतान के लिए है: NPCI के मुताबिक QR code scan करना और UPI PIN डालना सिर्फ़ भुगतान करने के लिए है, पैसा पाने के लिए नहीं।[3]
- पैसा पाने के लिए scan नहीं: RBI के मुताबिक पैसा पाने वाले लेनदेन में barcode या QR code scan करने या MPIN डालने की ज़रूरत नहीं होती। कोई ऐसा करने को कहे, तो सावधान हो जाइए।[4]
- ग्राहक के लिए मुफ़्त: बाज़ार, ठेले या छोटी दुकान पर QR code scan करने का ग्राहक से कोई शुल्क नहीं लगता, रकम चाहे जो हो।[6]
- Beneficiary जोड़ना ज़रूरी नहीं: UPI में किसी QR code पर सीधे पैसा भेजा जा सकता है; पहले से beneficiary जोड़ना नहीं पड़ता।[2]
3QR code से भुगतान कैसे होता है
QR code scan करना और UPI PIN डालना सिर्फ़ भुगतान करने के लिए है, पैसा पाने के लिए नहीं।
- Static QR: हमेशा एक जैसा रहता है, और आम इस्तेमाल के लिए है।[2]
- Dynamic QR: हर लेनदेन के लिए अलग बनता है।[2]
- Scan का फ़ायदा: NPCI के मुताबिक QR code scan करने से भुगतान जल्दी और बिना ग़लती के होता है, क्योंकि ब्योरा हाथ से नहीं भरना पड़ता।[2]
- किसके खाते में: RBI के मुताबिक QR code में खाते की जानकारी होती है, ताकि पैसा एक तय खाते में जाए।[1]
4UPI QR और Bharat QR
- RBI ने QR code की व्यवस्था की समीक्षा के लिए Prof Deepak Phatak की अध्यक्षता में एक Committee बनाई थी।[5]
- उसकी सिफ़ारिशों और उन पर आई राय को देखने के बाद, 22 अक्टूबर 2020 को RBI ने तय किया कि दो interoperable QR code, UPI QR और Bharat QR, पहले की तरह चलते रहेंगे।[5]
- जो Payment System Operator अपने अलग (proprietary) QR code चलाते थे, उन्हें 31 मार्च 2022 तक interoperable QR code पर आना था।[5]
- RBI ने यह भी तय किया कि कोई Payment System Operator भुगतान के लिए नया proprietary QR code शुरू नहीं करेगा।[5]
5QR code से ठगी कैसे होती है
- बहाने से scan करवाना: RBI के मुताबिक ठग अलग-अलग बहानों से ग्राहकों से संपर्क करते हैं और उनके phone के app से QR code scan करवाते हैं। ऐसा QR code scan करके ग्राहक अनजाने में ठग को अपने खाते से पैसा निकालने की मंज़ूरी दे सकता है।[1]
- इनाम या cashback का लालच: NPCI के मुताबिक अनजान लोग link या QR code भेजकर UPI PIN डालने पर इनाम का वादा करते हैं।[3]
- सामान बेचने वालों से ठगी: ठग बिना मोलभाव के सामान ख़रीदने को तैयार हो जाता है और QR code भेजकर छोटी रकम के लिए UPI PIN डलवाता है। फिर वह रकम लौटा देता है, ताकि लेनदेन असली लगे।[3]
- फिर बड़ी रकम: इसके बाद वह दोबारा scan करवाकर बड़ी रकम निकलवाता है। पैसा कटने की बात कहने पर 'system error' बताकर कटी रकम की दुगनी रकम के लिए फिर scan करवाता है।[3]
- PIN माँगा जाए, तो पैसा जा रहा है: RBI के मुताबिक UPI या कोई और app लेनदेन पूरा करने के लिए PIN माँगे, तो इसका मतलब है कि आप पैसा भेज रहे हैं, पा नहीं रहे।[1]
- RBI की चेतावनी: RBI ने लोगों को unauthorized QR codes से सावधान रहने को कहा है।[4]
6आम ग़लतफ़हमी
7आपका अधिकार
- छोटे दुकानदार: जो छोटे दुकानदार UPI QR से महीने में ₹1 लाख तक सीधे अपने खाते में लेते हैं (P2PM श्रेणी), उन पर MDR शून्य है।[6]
- QR बदलना ज़रूरी नहीं: दुकानों पर लगे मौजूदा UPI QR code पहले की तरह चलते रहेंगे। दुकानदार को QR stand या soundbox बदलने, दोबारा register कराने या bank की शाखा जाने की ज़रूरत नहीं है।[6]
8अभी क्या करें
- पैसा पाने के लिए कभी कोई QR code scan मत कीजिए।[1]
- किसी भी payment app से QR code scan करते समय सावधान रहिए।[1]
- कोई अनजान व्यक्ति link या QR code भेजकर इनाम के लिए UPI PIN डालने को कहे, तो मत डालिए।[3]
- सामान बेचते समय ख़रीदार QR code भेजकर scan करने और PIN डालने को कहे, तो रुक जाइए।[3]
- ठगी हो जाए, तो 1930 पर call कीजिए या cybercrime.gov.in पर report कीजिए।[1]
9सवाल-जवाब
10जुड़े शब्द
पूरा लेख: “Refund के लिए UPI PIN डालें” — सच क्या है?
11स्रोत
- RBI — BE(A)WARE: A Booklet on Modus Operandi of Financial Fraudsters (पुस्तिका पर तारीख़ नहीं है; पन्ना संख्या पुस्तिका की है) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- Glossary: Quick Response (QR) code (पन्ना 34)QR code का मतलब: दो-आयामी bar code; camera से पढ़ा जाता है; पाने वाले की जानकारी; ग्राहक के खाते से रकम कटती है
- Part A, 9 (पन्ना 11)ठग बहाने से QR code scan करवाते हैं; scan करके ग्राहक अनजाने में पैसा निकालने की मंज़ूरी दे सकता है
- Part A, 9: PrecautionsQR code में खाते की जानकारी; पैसा पाने के लिए कभी scan नहीं
- Part A, 3: Precautions (पन्ना 5)app PIN माँगे, तो आप पैसा भेज रहे हैं, पा नहीं रहे
- Part C (पन्ना 27)ठगी के बाद: 1930 या cybercrime.gov.in
- NPCI — UPI का पन्ना, Overview (7 खूबियाँ, ऊपर से गिनी गई हैं; पन्ने पर तारीख़ नहीं है) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- खूबी 3UPI ID, mobile number या QR code पर सीधे पैसा भेजा जा सकता है; beneficiary जोड़ने की ज़रूरत नहीं
- खूबी 6static और dynamic QR; scan से ब्योरा हाथ से नहीं भरना पड़ता
- NPCI — Fraud Awareness (पन्ने पर तारीख़ नहीं है) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- Fake Cash back linksQR scan करना और UPI PIN डालना सिर्फ़ भुगतान के लिए है, पैसा पाने के लिए नहीं
- QR Codesसामान बेचने वालों से ठगी: QR भेजकर बार-बार PIN डलवाना; 'system error' का बहाना
- RBI — Consumer Awareness: Cyber Threats and Frauds, press release 2021-2022/1630, 28 जनवरी 2022 (साथ की सूची: Safe Digital Banking Practices) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 1unauthorized QR codes से सावधान रहने की चेतावनी
- सूचीपैसा पाने के लिए barcode / QR code scan करने या MPIN डालने की ज़रूरत नहीं होती
- RBI — circular RBI/2020-21/59, Digital Payment Transactions – Streamlining QR Code infrastructure ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 1Phatak Committee ने QR code की व्यवस्था की समीक्षा की
- पैरा 2UPI QR और Bharat QR चलते रहेंगे; proprietary QR वाले 31 मार्च 2022 तक interoperable पर; नया proprietary QR नहीं
- NPCI — Merchant Discount Rate (MDR) on Select UPI (P2M) Transactions, FAQs, 15 September 2026 ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- Q19QR code scan करना ग्राहक के लिए मुफ़्त, रकम चाहे जो हो
- Q23 और Q24P2PM: UPI QR से महीने में ₹1 लाख तक लेने वाले छोटे दुकानदार; MDR शून्य
- Q25मौजूदा QR code और soundbox बदलने की ज़रूरत नहीं
12सुधार का इतिहास
- पन्ना बना। RBI की BE(A)WARE पुस्तिका, NPCI के UPI और Fraud Awareness पन्नों, RBI की 28 जनवरी 2022 की press release, RBI के 22 अक्टूबर 2020 के circular और NPCI के 15 सितंबर 2026 के MDR FAQ से जाँचा।
पन्ना बना: 07 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 07 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।