1नियम क्या कहता है
- एक साल या उससे लंबी जीवन बीमा पॉलिसी के दस्तावेज़ मिलने की तारीख़ से 30 दिन का फ्री-लुक समय मिलता है। शर्तें मंज़ूर न हों तो पॉलिसी रद्द करने का अनुरोध कर सकते हैं।
- प्रीमियम से कवर की अवधि का आनुपातिक जोखिम प्रीमियम, मेडिकल जाँच का खर्च और स्टांप ड्यूटी काटी जा सकती है।
- यूलिप में यूनिट के मूल्य का समायोजन भी लागू होता है।
2सीधा मतलब
बिक्री के समय जो बताया गया था, उसकी तुलना पॉलिसी के दस्तावेज़ और बेनिफ़िट इलस्ट्रेशन से कीजिए। शर्तें मंज़ूर न हों तो समय रहते लिखित अनुरोध दीजिए।
3अभी क्या करें
- पॉलिसी मिलते ही दस्तावेज़ मिलने की तारीख़ नोट कीजिए।
- बेनिफ़िट इलस्ट्रेशन में गारंटीड और नॉन-गारंटीड रकम अलग पढ़िए।
- रद्द करनी हो तो बीमा कंपनी को लिखित में फ्री-लुक अनुरोध देकर acknowledgement लीजिए।
- कंपनी समाधान न दे तो Bima Bharosa पर शिकायत कीजिए।
4सुधार · 23 सितम्बर 2026
पहले यहाँ 30 दिन का फ्री-लुक समय सभी पॉलिसियों पर लागू बताया गया था। अब लेख में एक साल या उससे लंबी जीवन बीमा पॉलिसी की शर्त साफ़ की गई है।
5स्रोत — खुद जाँचिए
- IRDAI — Master Circular on Protection of Policyholders' Interests, 2024 (Ref: IRDAI/PP&GR/CIR/MISC/117/9/2024; Circulars सूची में खोजें) ↗
- Bima Bharosa — शिकायत पोर्टल ↗
6सुधार का इतिहास
- स्रोत से आख़िरी जाँच
- प्रकाशित
प्रकाशित: 08 सित 2026 · आख़िरी जाँच: 23 सित 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।
यह पन्ना: https://seedhamatlab.com/p/free-look-30-din/ · आख़िरी जाँच: 23 सित 2026
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