1खेल कैसे चलता है
- कॉल आती है — "कूरियर कंपनी" या "TRAI" से — कि आपके नाम के पार्सल में ड्रग्स/फ़र्ज़ी पासपोर्ट मिला है।
- कॉल "पुलिस/CBI/ED" को ट्रांसफ़र होती है। वीडियो कॉल पर वर्दी और नकली दफ़्तर दिखता है।
- कहा जाता है कि आप डिजिटल अरेस्ट में हैं — कैमरा बंद मत कीजिए, किसी को बताइए मत।
- फिर "वेरिफ़िकेशन के लिए" पैसा एक खाते में डलवाया जाता है, और लौटाने का वादा किया जाता है।
2सीधा मतलब
- कोई भी जाँच एजेंसी वीडियो कॉल पर गिरफ़्तारी नहीं करती, न जुर्माना वसूलती है।
- कोई सरकारी एजेंसी आपसे "वेरिफ़िकेशन" के नाम पर पैसा ट्रांसफ़र नहीं कराती।
- असली नोटिस कागज़ पर आता है, और आप उसे थाने जाकर जाँच सकते हैं।
3अभी क्या करें
- कॉल काट दीजिए। घबराइए मत, और परिवार को तुरंत बताइए — अकेले रखना ही इनका हथियार है।
- पैसा जा चुका है तो 1930 पर कॉल कीजिए और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कीजिए।
- स्क्रीनशॉट, कॉल लॉग, UTR नंबर — सब सँभालकर रखिए।
4स्रोत — खुद जाँचिए
5सुधार का इतिहास
- स्रोत से आख़िरी जाँच
- प्रकाशित
प्रकाशित: 20 सित 2026 · आख़िरी जाँच: 23 सित 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।
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