1मतलब
F&O यानी Futures and Options, equity derivatives के सौदे, जिनकी क़ीमत किसी share या index के भाव पर टिकी होती है। SEBI ने 23 सितंबर 2024 की press release में बताया कि FY22 से FY24 के बीच 1 करोड़ से ज़्यादा individual F&O traders में से 93% को नुक़सान हुआ, और कुल नुक़सान ₹1.8 लाख करोड़ से ज़्यादा रहा।[1]
2F&O कैसे काम करता है
SEBI ने जुलाई 2025 के अध्ययन में World Federation of Exchanges के मार्च 2025 के data के हवाले से लिखा कि traded contracts की संख्या में भारतीय exchange दुनिया में सबसे ऊपर है, दूसरे नंबर से 4.3 गुना से ज़्यादा।
3रोज़ की ज़िंदगी का उदाहरण
4आम ग़लतफ़हमी
5परीक्षा के लिए
6सवाल-जवाब
7जुड़े शब्द
8स्रोत
- SEBI — PR No. 22/2024: Equity F&O में individual traders के नुक़सान पर अध्ययन (17 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पन्ना 1FY22–FY24 में 1 करोड़ से ज़्यादा individual F&O traders में 93% को औसतन लगभग ₹2 लाख नुक़सान; कुल नुक़सान ₹1.8 लाख करोड़ से ज़्यादा
- SEBI — Comparative study of growth in Equity Derivatives Segment vis-à-vis Cash Market (जुलाई 2025), पैरा 16 (17 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पन्ना 6, पैरा 16WFE, मार्च 2025: traded contracts की संख्या में भारतीय exchange शीर्ष पर, दूसरे से 4.3 गुना से ज़्यादा
- SEBI — Profitability and Losses of Individual Traders in Equity Derivatives (अगस्त 2026), पन्ना 5 (17 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पन्ना 5नुक़सान वाले individuals FY25 में 90.9% से FY26 में 87.7%; कुल शुद्ध नुक़सान ₹91,685 करोड़ (18% कम)
9सुधार का इतिहास
- 'रोज़ की ज़िंदगी का उदाहरण' जोड़ा।
- पन्ना बना। SEBI की 23.09.2024 की press release, जुलाई 2025 और अगस्त 2026 के अध्ययनों से जाँचा।
पन्ना बना: 17 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 17 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।
यह पन्ना: https://seedhamatlab.com/shabdkosh/fno/ · आख़िरी जाँच: 17 अक्तू 2026
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