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शब्द · निवेश✓ स्रोत से जाँचा · 17 Oct 2026

Equity Share

Equity Share · कंपनी में हिस्सेदारी

एक लाइन में

Equity share ख़रीदने वाला कंपनी का आंशिक मालिक (part owner) बनता है; उसे voting का हक़ और मुनाफ़े में हिस्सा (dividend) मिल सकता है। इसके उलट bond ख़रीदने वाला कंपनी को उधार देने वाला (lender) होता है। SEBI के मुताबिक आम तौर पर equity share निवेश का सबसे जोखिम भरा रूप माना जाता है।

रिश्ताआंशिक मालिकbond वाला = lender
कमाईDividendमुनाफ़े में हिस्सा
वोटVoting का हक़ हो सकता हैbond में नहीं
दिवालिया होने परBond वालों के बादSEBI FAQ

मतलब

SEBI की Corporate Bonds booklet के मुताबिक किसी कंपनी का equity share रखने वाला उस कंपनी का आंशिक मालिक होता है और उसे voting का हक़ मिल सकता है। उसी कंपनी का bond रखने वाला कंपनी को उधार देने वाला (lender) होता है।[1]

कंपनी पैसा कैसे जुटाती है

SEBI की FAQ के मुताबिक कंपनी के दिवालिया होने पर debt वाले निवेशक (lender) का कंपनी की संपत्ति पर shareholder से पहले दावा होता है।

रोज़ की ज़िंदगी का उदाहरण

उदाहरण (समझाने के लिए): दोस्त की दुकान में आपने ₹10,000 लगाकर 10% हिस्सा लिया — अब आप दुकान के छोटे मालिक हैं; मुनाफ़ा हुआ तो हिस्सा मिलेगा, घाटा हुआ तो नुक़सान भी (यह share जैसा)। अगर आपने वही ₹10,000 दोस्त को ब्याज पर उधार दिए — तो आप lender हैं (यह bond जैसा)। दुकान बंद हुई, तो पहले उधार वाले का पैसा चुकाया जाएगा, मालिकों का नंबर बाद में आएगा।

आम ग़लतफ़हमी

✕ ग़लतफ़हमी"Share और bond, दोनों में जोखिम बराबर है।"
✓ सचनहीं। SEBI की booklet के मुताबिक आम नियम से equity shares सबसे जोखिम भरा निवेश माने जाते हैं और corporate bonds उनसे कम जोखिम वाले।[1]

परीक्षा के लिए

याद रखने लायक़: Shareholder = मालिक, bondholder = lender; पैसा लौटाने में bondholder पहले; इसलिए bond आम तौर पर कम जोखिम वाला। UPSC Prelims 2025 का सवाल 7 इसी पर था। इस तरह के बाक़ी शब्द परीक्षा के लिए पन्ने पर हैं।[1][2]

सवाल-जवाब

Shareholder और bondholder में असली फ़र्क़ क्या है?SEBI की FAQ के मुताबिक equity में पैसा लगाने वाला कंपनी का मालिक बनता है; debt में पैसा लगाने वाला कंपनी को उधार देने वाला।[2]
पैसा वापस मिलने में पहले किसका नंबर?Bond वाले का। SEBI की booklet के मुताबिक bondholder को अपना पैसा वापस पाने में shareholders पर तरजीह (preference) मिलती है।[1][2]

जुड़े शब्द

स्रोत

  1. SEBI Investor Education — Corporate Bonds (booklet), पन्ना 4 (17 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पन्ना 4Share वाला part owner, bond वाला lender; bondholder को shareholders पर preference; equity सबसे जोखिम भरा, corporate bonds कम जोखिम वाले
  2. SEBI — FAQs on Corporate Bond Market, सवाल 6 (17 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • सवाल 6Equity = owner, voting rights; debt = lender; दिवालिया होने पर lender का shareholder से ज़्यादा दावा

सुधार का इतिहास

  • 'रोज़ की ज़िंदगी का उदाहरण' जोड़ा।
  • पन्ना बना। SEBI की Corporate Bonds booklet और Corporate Bond Market FAQ से जाँचा।

पन्ना बना: 17 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 17 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।

यह पन्ना: https://seedhamatlab.com/shabdkosh/equity-share/ · आख़िरी जाँच: 17 अक्तू 2026
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