1मतलब
SEBI (LODR) Regulations, 2015 के नियम 2(1)(p) के मुताबिक 'listed entity' वह है, जिसने अपनी designated securities किसी recognised stock exchange पर, exchange के साथ listing agreement के मुताबिक list कराई हैं।[1]
2कैसे
SEBI के LODR नियम listed कंपनियों पर जानकारी देने (disclosure) से जुड़ी ज़िम्मेदारियाँ डालते हैं; जैसे top 1000 listed कंपनियों के लिए BRSR।
3रोज़ की ज़िंदगी का उदाहरण
4आम ग़लतफ़हमी
5परीक्षा के लिए
6सवाल-जवाब
7जुड़े शब्द
8स्रोत
- SEBI (Listing Obligations and Disclosure Requirements) Regulations, 2015 — 22 जनवरी 2026 तक संशोधित पाठ (17 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- नियम 2(1)(p)'listed entity' = जिसने recognised stock exchange पर अपनी designated securities listing agreement के मुताबिक list कराई हैं
- SEBI — Master Circular SEBI/HO/CFD/PoD2/CIR/P/2023/120, अध्याय IV-B (17 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 2Top 1000 listed entities (market cap के हिसाब से) के लिए BRSR
9सुधार का इतिहास
- पन्ना बना। SEBI LODR Regulations, 2015 के 22.01.2026 तक संशोधित पाठ और SEBI Master Circular (BRSR) से जाँचा।
पन्ना बना: 17 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 17 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।
यह पन्ना: https://seedhamatlab.com/shabdkosh/listed-company/ · आख़िरी जाँच: 17 अक्तू 2026
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