शब्द · सरकारी योजनाएँ✓ स्रोत से जाँचा · 17 Oct 2026
PMFBY
प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना · प्राकृतिक आपदा से फ़सल के नुक़सान पर किसानों का बीमा
एक लाइन में
PMFBY (प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना) 18 फ़रवरी 2016 को शुरू हुई फ़सल बीमा योजना है। इसमें किसान बहुत कम premium देता है: ख़रीफ़ की खाद्य और तिलहन फ़सलों पर अधिकतम 2%, रबी पर 1.5%, और सालाना commercial / बाग़वानी फ़सलों पर 5%; बाक़ी premium केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर भरती हैं।
शुरुआत18 फ़रवरी 2016
ख़रीफ़ premiumअधिकतम 2%खाद्य और तिलहन
रबी premiumअधिकतम 1.5%खाद्य और तिलहन
Commercial / बाग़वानीअधिकतम 5%सालाना फ़सलें
1मतलब
PMFBY यानी प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना। PIB के मुताबिक 18 फ़रवरी 2016 को शुरू हुई यह भारत सरकार की प्रमुख योजना है, जिसका मक़सद किसानों को सरल, किफ़ायती और व्यापक फ़सल बीमा देना है।[1]
2बीमा कैसे काम करता है
किसान थोड़ा premium देता है2% / 1.5% / 5%
→
बाक़ी premiumकेंद्र + राज्य (50:50)
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नुक़सान पर दावाबीमा भुगतान
PIB के मुताबिक बाक़ी (95% से 98.5%) actuarial premium केंद्र और राज्य 50:50 भरते हैं; पूर्वोत्तर राज्यों (ख़रीफ़ 2020 से) और हिमालयी राज्यों (ख़रीफ़ 2023 से) के लिए अलग अनुपात है।
3आम ग़लतफ़हमी
✕ ग़लतफ़हमी"फ़सल बीमा का पूरा premium किसान को भरना पड़ता है।"
✓ सचनहीं। PIB के मुताबिक किसान का हिस्सा अधिकतम 2% / 1.5% / 5% है; बाक़ी केंद्र और राज्य मिलकर भरते हैं।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"PMFBY सिर्फ़ loan लेने वाले किसानों के लिए है।"
✓ सचनहीं। PIB के मुताबिक non-loanee किसानों के आवेदन 2014-15 के 20 लाख से बढ़कर 2024-25 में 522 लाख हो गए।[1]
4परीक्षा के लिए
याद रखने लायक़: 18.2.2016; किसान premium: ख़रीफ़ 2%, रबी 1.5%, commercial / बाग़वानी 5%; बाक़ी केंद्र + राज्य; 2025-26 तक जारी (जनवरी 2025 की मंज़ूरी)।[1] इस तरह के बाक़ी शब्द परीक्षा के लिए पन्ने पर हैं।
5सवाल-जवाब
आसान भाषा में?सूखा, बाढ़, कीट जैसी आपदा से फ़सल बर्बाद हो, तो बीमा का पैसा मिले — और premium का ज़्यादातर हिस्सा सरकार भरे।[1]
अब तक कितने दावे?PIB के मुताबिक 2016 से 78.41 करोड़ आवेदन बीमित हुए और ₹1.83 लाख करोड़ के दावे दिए गए (अगस्त 2025 तक)।[1]
योजना कब तक है?PIB के मुताबिक केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जनवरी 2025 में PMFBY और RWBCIS को 2025-26 तक जारी रखने की मंज़ूरी दी। उसके बाद की स्थिति हमने अभी official स्रोत से नहीं जाँची।[1]